उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ज्वेलरी शॉप में खरीदारी करने गई महिला के साथ एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रिया नाम की एक महिला ने दुकान में रखी सीलबंद बिसलेरी की पानी की बोतल को सामान्य पानी समझकर पी लिया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। बोतल खोलकर पानी पीते ही महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि बोतल में पानी की जगह कथित तौर पर तेजाब भरा हुआ था। इस सनसनीखेज घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संबंधित बोतल को अपने कब्जे में ले लिया है और मिलावट के कारणों का पता लगाने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। बोतल के अंदर असल में क्या पदार्थ था, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना ने इंटरनेट पर पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की सुरक्षा और उसके रखरखाव को लेकर लोगों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ज्वेलरी शॉप में खरीदारी करने गई महिला के साथ एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रिया नाम की एक महिला ने दुकान में रखी सीलबंद बिसलेरी की पानी की बोतल को सामान्य पानी समझकर पी लिया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। बोतल खोलकर पानी पीते ही महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि बोतल में पानी की जगह कथित तौर पर तेजाब भरा हुआ था। इस सनसनीखेज घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संबंधित बोतल को अपने कब्जे में ले लिया है और मिलावट के कारणों का पता लगाने के लिए दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। बोतल के अंदर असल में क्या पदार्थ था, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना ने इंटरनेट पर पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की सुरक्षा और उसके रखरखाव को लेकर लोगों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
- उत्तराखंड के देहरादून में स्थित ग्राम पंचायत केदारवाला जिला स्तर पर स्वच्छता के मामले में नंबर वन होने के बावजूद अब पिछड़ती जा रही है। बरसात के मौसम में यहाँ की सड़कों के आसपास बहुत ज्यादा घास उग आई है। करीबन साल भर से सड़कों की सफाई नहीं होने के कारण सड़कों के किनारों पर उगी इस अधिक घास की वजह से अब नालियों का भी पता नहीं चल पा रहा है। सड़कों की इस बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने स्वच्छता विभाग से गुहार लगाई है कि इन सड़कों की जल्द से जल्द सफाई कराई जाए।2
- उत्तराखंड के विकास और प्राथमिकताओं को लेकर 'सिस्टम बनाम समाधान' की बहस के बीच राज्य की वास्तविक जरूरतों को रेखांकित किया गया है। सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इस गंभीर विषय पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की असल जरूरतें क्या हैं। इस चर्चा में यह अहम सवाल उठाया गया है कि राज्य को इस समय बेहतर प्लानिंग (योजना) की आवश्यकता है या फिर प्रदर्शन की, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाजें उठ रही हैं।1
- हल्द्वानी के मशहूर यूट्यूबर सौरव जोशी ने गाड़ी का माइलेज कम होने के लिए इथेनॉल पेट्रोल को जिम्मेदार बताया है। यूट्यूबर का कहना है कि गाड़ी पहले 19 किलोमीटर का माइलेज देती थी, जो कि अब घटकर सिर्फ 5 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज दे रही है।1
- देहरादून जिले के रायपुर-ऋषिकेश रोड पर सड़क चौड़ीकरण के एवज में हजारों पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है। विशेष रूप से सात मोड़ पर स्थित पेड़ों को काटे जाने को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब इस रोड पर कभी जाम भी नहीं लगता, तो फिर यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का विनाश क्यों किया जा रहा है। इस स्थिति को लेकर किसान मजदूर महासंग्राम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोबीन अहमद भी बेहद दुखी हैं और उन्हें इसका विरोध करने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे विभिन्न संगठनों को अपना समर्थन देते हुए उन्होंने भारत सरकार और प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि पेड़ों को न काटा जाए। उन्होंने मांग की है कि इसके लिए कोई दूसरा रास्ता निकाला जाए ताकि वन संपदा और जंगलों का मूल स्वरूप सुरक्षित रह सके।1
- देहरादून के परेड ग्राउंड में 11 से 15 जुलाई तक 6वां लोक संवर्धन पर्व 2026 आयोजित किया जा रहा है, जो देशभर की कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प का एक अनूठा संगम बना हुआ है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उद्घाटित इस राष्ट्रीय आयोजन में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें से लगभग 40 प्रतिशत स्टॉल विशेष रूप से उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को समर्पित हैं। इस भव्य महोत्सव में हस्तशिल्प, हथकरघा, लोक कला, क्षेत्रीय व्यंजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लाइव क्राफ्ट डेमो और उद्यमिता से जुड़े सत्र लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजकों के अनुसार, इस पर्व का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है। परेड ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से रात 9:00 बजे तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे लोगों को 15 जुलाई तक भारत की जीवित विरासत से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है।3
- देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में अवैध कॉलोनी को सील करने पहुंची एमडीडीए की टीम की कार्रवाई के दौरान जमीन मालिक और फ्लैट मालिकों के बीच का विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही यह पूरी घटना घटित हुई। इस झड़प के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे और डंडे चले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।1