अमेठी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ 10 लाभार्थियों ने ग्रामीण और शहरी, दोनों ही आवास योजनाओं का दोहरा लाभ उठाया है। यह गड़बड़ी, जिसमें लाभ की स्वीकृति से लेकर धनराशि जारी करने तक किसी भी स्तर पर इसे पकड़ा नहीं जा सका, केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थियों के एकीकृत डेटा के मिलान के दौरान उजागर हुई। जांच में पाया गया कि कुछ लाभार्थियों के नाम दोनों योजनाओं की सूची में दर्ज थे और उन्हें दोनों योजनाओं के तहत अनुदान भी मिल चुका था। इन दोहरा लाभ लेने वालों में मुसाफिरखाना के राज बहादुर, शाहगढ़ के शिवराम, टंडवा की आशा, दुलापुर खुर्द के लवकुश, लोहंगपुर के लाल बहादुर, तेंदुआ की रेशमा, गुवावां की मीना कुमारी, कड़ेरगांव की सुमन, दिक्खनगांव क्यांर के पल्टू और मोहब्बतपुर की संगीता शामिल हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। डीआरडीए ने संबंधित विकास खंडों को जांच सौंपते हुए लाभार्थियों की पात्रता, आवंटन तिथि और आवास की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और दूसरी योजना में लिया गया लाभ वापस कराया जाएगा। साथ ही, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी भी दर्ज होगी।
अमेठी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ 10 लाभार्थियों ने ग्रामीण और शहरी, दोनों ही आवास योजनाओं का दोहरा लाभ उठाया है। यह गड़बड़ी, जिसमें लाभ की स्वीकृति से लेकर धनराशि जारी करने तक किसी भी स्तर पर इसे पकड़ा नहीं जा सका, केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थियों के एकीकृत डेटा के मिलान के दौरान उजागर हुई। जांच में पाया गया कि कुछ लाभार्थियों के नाम दोनों योजनाओं की सूची में दर्ज थे और उन्हें दोनों योजनाओं के तहत अनुदान भी मिल चुका था। इन दोहरा लाभ लेने वालों में मुसाफिरखाना के राज बहादुर, शाहगढ़ के शिवराम, टंडवा की आशा, दुलापुर खुर्द के लवकुश, लोहंगपुर के लाल बहादुर, तेंदुआ की रेशमा, गुवावां की मीना कुमारी, कड़ेरगांव की सुमन, दिक्खनगांव क्यांर के पल्टू और मोहब्बतपुर की संगीता शामिल हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। डीआरडीए ने संबंधित विकास खंडों को जांच सौंपते हुए लाभार्थियों की पात्रता, आवंटन तिथि और आवास की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी है। परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव ने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और दूसरी योजना में लिया गया लाभ वापस कराया जाएगा। साथ ही, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी भी दर्ज होगी।
- लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विभूतिखंड स्थित पिकअप भवन पर हुआ, जहाँ ग्राम पंचायत अधिकारी और जूनियर असिस्टेंट भर्ती के साथ-साथ विभिन्न अन्य लंबित भर्तियों के अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर एकत्रित हुए। अलग-अलग जिलों से सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। उनकी मुख्य शिकायत यह थी कि तीन साल बीत जाने के बाद भी उनकी भर्तियों के परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की कि वे लंबित भर्तियों का परिणाम जल्द से जल्द घोषित करें और नियुक्ति प्रक्रिया को एक समयबद्ध तरीके से पूरा करें।1
- लम्भुआ, सुल्तानपुर में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 की भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। लम्भुआ कस्बे के दियरा रोड स्थित हाइवे किनारे झाड़ियों में बड़ी संख्या में भरे हुए फॉर्म-6, जिनमें आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की छायाप्रति भी लगी थी, फेंके हुए मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि ये बरामद फॉर्म लम्भुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा (गांधी नगर) क्षेत्र के मतदाताओं के आवेदन थे। सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम, जिसमें लेखपाल ब्रजेश उपाध्याय, बलराम सिंह और रिंकू पाल शामिल थे, मौके पर पहुँची और कागज़ातों को अपने कब्जे में लिया। इसी बीच मौके पर पहुँचे समाजवादी पार्टी के नेता वंशराज यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फेंके गए फॉर्म-6 में अधिकतर एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी समुदाय के मतदाताओं के आवेदन शामिल हैं। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इन फॉर्मों में नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर जैसे संवेदनशील डेटा होते हैं, और इस तरह खुले में इनके फेंके जाने से डेटा के दुरुपयोग का खतरा काफी बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के अनुसार, मतदाता संबंधी दस्तावेजों का निस्तारण एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए। खबर लिखे जाने तक तहसील या निर्वाचन कार्यालय से कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था। हालांकि, सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि क्या इस संवेदनशील मामले पर वाकई दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, या इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।2
- प्रतापगढ़ में एक हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की के बीच प्रेमविवाह हुआ है। इस विवाह के बाद मुस्लिम लड़की ने सनातन धर्म अपना लिया। इस घटनाक्रम पर वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सिंह बजरंगी ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- प्रतापगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) ने जिला अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय के नेतृत्व में एक अनोखा भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम भगवान श्री राम मंदिर के दान पात्र से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी के विरोध में था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने जिले प्रतापगढ़ में 420 रुपये का भिक्षाटन किया, जिसका उद्देश्य राम मंदिर के दान पत्र के पैसे को बचाना और कथित "चंदा चोरों को पैसा देना" था। यह भिक्षाटन कार्यक्रम आप के जिला कार्यालय सदर से शुरू हुआ। यह सदर चौराहा, भैरोपुर, कपूर चौराहा, भरत चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट होते हुए श्री राम चौराहे पर समाप्त हुआ। दिनेश उपाध्याय के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्री राम मंदिर के दान पत्र को बचाने के लिए आवाज़ उठाना था।1
- रायबरेली में अपनी जनता पार्टी की एक संगठनात्मक बैठक जिला अध्यक्ष प्रेमचंद्र मौर्य की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में पार्टी के संगठन विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या के निर्देश पर आयोजित इस सभा में, कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया गया। इसी क्रम में, युवा कार्यकर्ता आशीष कुमार मौर्य को रायबरेली सदर विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया गया है।2
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योगाभ्यास किया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में योग करते हुए दिखाई दिए।1
- लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस पार्टी के साथ आगामी चुनावों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बारे में अभी कुछ भी कहना शायद उन्हें पसंद न आए, लेकिन इसके बावजूद वे कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश यादव ने अपनी टिप्पणी में यह भी जोड़ा कि कांग्रेस की चुनावी तैयारी उस स्तर की नहीं है, जैसी होनी चाहिए।1
- लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र, सुलतानपुर के विकास खण्ड पी.पी. कमैचा अंतर्गत इशीपुर गांव में दिनांक 20.06.2026 को संजय मिश्रा के नेतृत्व में लम्भुआ विधानसभा के भावी विधायक शिक्षक श्यामलाल निषाद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरुजी" ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मौजूदा समय में देश के सभी जाति और धर्म के लोग बीजेपी से त्रस्त हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखने और महंगाई व बेरोजगारी से निजात पाने के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना हर भारतीय का कर्तव्य है। वहीं, वरिष्ठ सामाजिक चिंतक कृष्ण कमल मिश्रा ने मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लम्भुआ के दूषित राजनीतिक परिवेश को सुधारने के लिए भौकाली लोगों की नहीं बल्कि शिक्षक श्यामलाल निषाद जैसे साधारण और संघर्षशील व्यक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने वर्तमान राजनीति में श्यामलाल निषाद जैसे शिक्षकों की जरूरत बताई। इस बैठक में ज़ीशान अहमद, राम उजागिर यादव, संजय सिंह, बेचूराम मौर्य, सहदेव यादव, ज्ञानचंद मिश्रा, राजेश कुमार मौर्य, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, विजय मौर्य, अकबर अली, ताहिर अली, गुफरान अली, शेर अली, इस्लाम, रघुराज, त्रिभुवन मिश्र, दयाशंकर गुप्ता, निजामुद्दीन, अनीस अंसारी, अब्दुल जब्बार, तरुण मिश्रा, शुभम सिंह, तुषार मिश्र, मोनू सिंह, रमेश, अखिलेश यादव, हरिकेश यादव, आज़ाद अंसारी, मंगरु, राजा तिवारी, सालिक राम प्रजापति, इबरार, बदरुद्दीन अंसारी, राजमणि मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। ब्राह्मण समाज ने इस अवसर पर शिक्षक श्यामलाल को हर तरह से सहयोग देने का वचन दिया।2
- जनपद प्रतापगढ़ के ग्राम राजमतीपुर स्थित सांगीपुर थाने में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में थानाध्यक्ष गौरव त्रिवेदी ने उपस्थित लगभग 200 व्यक्तियों को साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे APK फाइल स्कैम, डिजिटल अरेस्ट, फेक लोन, ऑनलाइन लॉटरी और फर्जी शॉपिंग वेबसाइट आदि के बारे में बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस रात्रि चौपाल का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा के साथ-साथ मिशन शक्ति के प्रति भी समुदाय में जागरूकता बढ़ाना था।1