पश्चिम चंपारण के मंगुराहा वन प्रक्षेत्र में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी वनकर्मियों ने अपने लंबित वेतन के भुगतान और कार्य अवधि को आठ घंटे निर्धारित करने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है। वनकर्मियों ने वनों के क्षेत्र पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपकर स्पष्ट किया है कि उन्हें जनवरी 2026 से अब तक उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वनकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उनसे लगभग 24 घंटे तक लगातार कार्य लिया जा रहा है, जबकि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद यदि वे मुख्यालय में मौजूद नहीं रहते, तो उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर दिया जाता है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह के दबाव झेल रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर, वनकर्मियों ने ऐलान किया है कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं हो जाता और आठ घंटे की ड्यूटी के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक सभी दैनिक वेतनभोगी वनकर्मी अपने एपीसी कैंप की सरकारी सामग्री—जैसे जीपीएस मोबाइल, वायरलेस हैंडसेट और अन्य उपकरण—संबंधित वनरक्षी या वनपाल को विधिवत प्राप्ति रसीद के साथ जमा कर देंगे। वे प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मंगुराहा वन प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना देंगे। वनकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका यह धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि धरना अवधि के दौरान वन और वन्यजीवों से संबंधित किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी, न कि धरनारत वनकर्मियों की। उनका कहना है कि वे पहले भी कई बार विभागीय अधिकारियों को आवेदन देकर अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
पश्चिम चंपारण के मंगुराहा वन प्रक्षेत्र में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी वनकर्मियों ने अपने लंबित वेतन के भुगतान और कार्य अवधि को आठ घंटे निर्धारित करने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है। वनकर्मियों ने वनों के क्षेत्र पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपकर स्पष्ट किया है कि उन्हें जनवरी 2026 से अब तक उनका वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वनकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उनसे लगभग 24 घंटे तक लगातार कार्य लिया जा रहा है, जबकि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद यदि वे मुख्यालय में मौजूद नहीं रहते, तो उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर दिया जाता है, जिससे वे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह के दबाव झेल रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर, वनकर्मियों ने ऐलान किया है कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं हो जाता और आठ घंटे की ड्यूटी के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी नहीं होता, तब तक सभी दैनिक वेतनभोगी वनकर्मी अपने एपीसी कैंप की सरकारी सामग्री—जैसे जीपीएस मोबाइल, वायरलेस हैंडसेट और अन्य उपकरण—संबंधित वनरक्षी या वनपाल को विधिवत प्राप्ति रसीद के साथ जमा कर देंगे। वे प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मंगुराहा वन प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना देंगे। वनकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका यह धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि धरना अवधि के दौरान वन और वन्यजीवों से संबंधित किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी, न कि धरनारत वनकर्मियों की। उनका कहना है कि वे पहले भी कई बार विभागीय अधिकारियों को आवेदन देकर अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
- पश्चिम चंपारण के शिक्षा विभाग को नया नेतृत्व मिल गया है, जहाँ कैमूर के जिला शिक्षा पदाधिकारी रहे राजन कुमार को जिले का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति से जिले के शिक्षा जगत में नई उम्मीदें जगी हैं। राजन कुमार इससे पहले वर्ष 2019 से 2022 तक पश्चिम चंपारण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं मध्याह्न भोजन योजना) के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। अपने इस पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण पहल की थीं, जिसके कारण उन्हें एक कर्मठ, अनुभवी और प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पहचान मिली थी। उनकी पुनः जिले में तैनाती पर टीईटी शिक्षक संघ, पश्चिम चंपारण ने हर्ष व्यक्त किया है। संघ के जिलाध्यक्ष राहुल राज, संयोजक उपेंद्र कुमार, प्रवक्ता सुनील तिवारी, कोषाध्यक्ष अविनाश कुमार, उपाध्यक्ष राजन कुमार यादव, रामप्रवेश गुप्ता और मीडिया प्रभारी राजन कुमार पटेल ने संयुक्त रूप से कहा है कि राजन कुमार के कुशल नेतृत्व में जिले का शिक्षा विभाग नए आयाम स्थापित करेगा। संघ ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव, कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता का सीधा लाभ जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों और समूची शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक और प्रभावी बदलाव देखने को मिलेंगे।1
- पश्चिमी चंपारण के नौतन प्रखंड मुख्यालय में दिव्यांगजनों को बैटरी से चलने वाली साइकिलें प्रदान की गईं। इस अवसर पर नौतन के प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने इन साइकिलों को हरी झंडी दिखाकर दिव्यांगजनों को रवाना किया। इस पहल से दिव्यांगजनों के लिए अब कहीं भी आना-जाना काफी आसान हो जाएगा, जिससे उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों में बड़ी सहूलियत मिलेगी।1
- मझौलिया थाना क्षेत्र के बखरिया-थवइया चौक स्थित राजघाट पेट्रोल पंप के पास बुधवार देर रात पुलिस ने एक पिकअप वाहन से करीब तीन हजार लीटर संदिग्ध पेट्रोल जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन के चालक पहलाद कुमार और उपचालक गौतम कुमार को मौके से गिरफ्तार किया, जो दोनों नालंदा जिले के निवासी हैं। यह कार्रवाई राजघाट पेट्रोल पंप के मालिक और पेट्रोलियम एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार द्वारा पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियों में पेट्रोल ले जाए जाने की सूचना दिए जाने के बाद की गई। सूचना मिलते ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी जयप्रकाश मौर्य और सब इंस्पेक्टर अनुज कुमार ओझा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और वाहन की जाँच की। जाँच के दौरान पिकअप वाहन से बड़ी मात्रा में संदिग्ध पेट्रोल बरामद हुआ, जिसके बाद वाहन को जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जाँच में बरामद तेल के संदिग्ध होने की आशंका जताई जा रही है। आपूर्ति पदाधिकारी ने तेल का नमूना सुरक्षित रख लिया है, जिसे जाँच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही तेल की गुणवत्ता और उसकी प्रकृति (पेट्रोल या कोई अन्य पदार्थ) स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस गिरफ्तार चालक और उपचालक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि पेट्रोल कहाँ से लाया गया था और इसकी आपूर्ति कहाँ की जानी थी। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि वाहन जब्त कर दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया गया है, और आपूर्ति पदाधिकारी का आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- बलिया जिले के सुखपुरा गांव में कानून व्यवस्था को धता बताते हुए रसूखदारों ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के दिवंगत कार्यकर्ता स्व. चिंतामन जी के परिवार पर अत्याचार किया है। दबंगों ने 'बाबू साहब' होने के घमंड में सुभावती देवी, जो राजेश राजभर की पत्नी हैं, का आशियाना जबरन ढहा दिया। इस घटना का विरोध करने पर महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और सुभावती देवी के बेटे को सरेआम गोली मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित परिवार ने बताया है कि उन्होंने इस वारदात से पहले ही स्थानीय थाने और SDM को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा मांगी थी, लेकिन प्रशासन कथित तौर पर निष्क्रिय रहा। सूचना दिए जाने के बावजूद दबंगों ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया, जिसमें गांव के कुछ तथाकथित बड़े लोग भी पीछे से अपराधियों का साथ दे रहे थे। इस घटना के बाद से पूरे राजभर समाज और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार अभी भी खौफ के साए में है और न्याय के लिए लगातार गुहार लगा रहा है।1
- पिपराकोठी में हुए साहबुद्दीन हत्याकांड से जुड़ी घटना की विस्तृत जानकारी परिजनों, विशेषकर मृतक की बहन द्वारा दिए गए बयानों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इस जानकारी में बहन ने घटना की पूरी आपबीती सुनाई है। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा लगातार जारी है। दर्शकों से यह अपील की गई है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले आधिकारिक जांच के परिणामों और पुलिस के बयानों का इंतजार करें।1
- पूर्वी चंपारण में अधिकारियों द्वारा जीविका समूह की महिलाओं के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए संचालित की जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में उन्हें विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।1
- पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रचंड गर्मी का मुख्य कारण पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को बताया जा रहा है, जिसने क्षेत्र के तापमान में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है।1
- पश्चिम चंपारण के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पूर्वी करगहिया वार्ड संख्या-31 में पैसों के लेन-देन का विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि बड़े भाई ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर छोटे भाई और उसकी पत्नी पर लोहे की रॉड तथा ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जीएमसीएच बेतिया में चल रहा है। घायल रोमित राम ने बताया कि घटना की शुरुआत तब हुई जब उनके बड़े भाई राजेश राम के पुत्र ने उनके घर पर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू किया। इसका कारण पूछने पर बड़े भाई, भाभी और उनके पुत्र समेत अन्य लोगों ने गाली-गलौज की। रोमित राम के विरोध करने पर उन सभी ने मिलकर लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पति को बचाने पहुंचीं उनकी पत्नी अंशु कुमारी पर भी हमला किया गया, जिससे वह भी घायल हो गईं। रोमित राम ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कुछ दिन पहले बड़े भाई से अपने बकाया रुपये की मांग की थी, जिससे वह नाराज चल रहा था और इसी रंजिश में इस सुनियोजित घटना को अंजाम दिया गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल जीएमसीएच बेतिया पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।1