*बड़ी राहत: त्योहारों से पहले चीनी हुई सस्ती, 71 से गिरकर 55 रुपये किलो पर आई - सरकार का तोहफा* *रिपोर्ट: प्रेम तिवारी, विशेष संवाददाता* त्योहारों से पहले आम जनता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो चीनी कुछ दिन पहले *71 रुपये किलो तक पहुंच गई थी, अब 55 रुपये किलो पर आ गई है।* सरकार के 2 बड़े फैसलों के बाद चीनी के दाम में भारी गिरावट हुई है। केंद्र सरकार ने इसे त्योहारी सीजन का तोहफा बताते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में घरों तक चीनी *50 से 55 रुपये किलो* में मिलने लगेगी। *1. पूरा मामला - 67 से 55 पर कैसे आई?* पिछले 15 दिनों में चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। देश के कई शहरों में एक्स-मिल भाव *67 रुपये किलो* तक चला गया था। गुवाहाटी में तो 10 दिन में दाम 54 से बढ़कर 71 रुपये किलो हो गया था। f078 जैसे ही दाम 67 रुपये पर पहुंचे, सरकार एक्शन में आई। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि मिलों द्वारा मनमाने ढंग से दाम बढ़ाए गए थे, जिसके बाद सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा। 7395 अब सरकारी कार्रवाई के बाद *एक्स-मिल कीमत 18% घटकर 55 रुपये प्रति किलो* पर आ गई है। 7395 *2. सरकार के 2 बड़े फैसले - जिससे मिली राहत* 1. *10 लाख टन चीनी आयात की मंजूरी:* बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए विदेश से कच्ची चीनी मंगाने की अनुमति दी गई। 2. *जमाखोरी और सट्टेबाजी पर नकेल:* थोक खरीदारों की स्टॉक लिमिट तय की गई और पूरे देश में *फ्लाइंग स्क्वाड* तैनात किए गए हैं। b790 नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के अनुसार अब देश के किसी भी राज्य में मिल भाव 55 रुपये से ज्यादा नहीं है। ed82 *3. आपके घर तक कब पहुंचेगी सस्ती चीनी?* अभी ये *मिल भाव* है। आम तौर पर मिल भाव और खुदरा भाव में 7-8 रुपये का अंतर होता है। - *वर्तमान मिल भाव:* 55 रुपये किलो - *वर्तमान थोक भाव:* 58.29 रुपये किलो - *वर्तमान खुदरा भाव:* 63.05 रुपये किलो b790 खाद्य सचिव ने कहा है कि आने वाले दिनों में दामों में *और गिरावट आएगी* और खुदरा बाजार में भी इसका असर जल्द दिखेगा। मतलब त्योहारों तक लोगों के घरों तक चीनी फिर से *50 से 55 रुपये* में मिलने लगेगी। 4e87 *4. सरकार का बयान* सरकार ने कहा - "देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है। कीमतों में उछाल बुनियादी कारणों से नहीं था। आयात और निगरानी से बाजार स्थिर रहेगा। त्योहारों से पहले मिठास वापस लौटेगी।" को बख्शा नहीं जाएगा।
*बड़ी राहत: त्योहारों से पहले चीनी हुई सस्ती, 71 से गिरकर 55 रुपये किलो पर आई - सरकार का तोहफा* *रिपोर्ट: प्रेम तिवारी, विशेष संवाददाता* त्योहारों से पहले आम जनता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जो चीनी कुछ दिन पहले *71 रुपये किलो तक पहुंच गई थी, अब 55 रुपये किलो पर आ गई है।* सरकार के 2 बड़े फैसलों के बाद चीनी के दाम में भारी गिरावट हुई है। केंद्र सरकार ने इसे त्योहारी सीजन का तोहफा बताते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में घरों तक चीनी *50 से 55 रुपये किलो* में मिलने लगेगी। *1. पूरा मामला - 67 से 55 पर कैसे आई?* पिछले 15 दिनों में चीनी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। देश के कई शहरों में एक्स-मिल भाव *67 रुपये किलो* तक चला गया था। गुवाहाटी में तो
10 दिन में दाम 54 से बढ़कर 71 रुपये किलो हो गया था। f078 जैसे ही दाम 67 रुपये पर पहुंचे, सरकार एक्शन में आई। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि मिलों द्वारा मनमाने ढंग से दाम बढ़ाए गए थे, जिसके बाद सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा। 7395 अब सरकारी कार्रवाई के बाद *एक्स-मिल कीमत 18% घटकर 55 रुपये प्रति किलो* पर आ गई है। 7395 *2. सरकार के 2 बड़े फैसले - जिससे मिली राहत* 1. *10 लाख टन चीनी आयात की मंजूरी:* बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए विदेश से कच्ची चीनी मंगाने की अनुमति दी गई। 2. *जमाखोरी और सट्टेबाजी पर नकेल:* थोक खरीदारों की स्टॉक लिमिट तय की गई और पूरे देश में *फ्लाइंग स्क्वाड* तैनात किए गए हैं। b790 नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के अनुसार अब देश के किसी भी राज्य
में मिल भाव 55 रुपये से ज्यादा नहीं है। ed82 *3. आपके घर तक कब पहुंचेगी सस्ती चीनी?* अभी ये *मिल भाव* है। आम तौर पर मिल भाव और खुदरा भाव में 7-8 रुपये का अंतर होता है। - *वर्तमान मिल भाव:* 55 रुपये किलो - *वर्तमान थोक भाव:* 58.29 रुपये किलो - *वर्तमान खुदरा भाव:* 63.05 रुपये किलो b790 खाद्य सचिव ने कहा है कि आने वाले दिनों में दामों में *और गिरावट आएगी* और खुदरा बाजार में भी इसका असर जल्द दिखेगा। मतलब त्योहारों तक लोगों के घरों तक चीनी फिर से *50 से 55 रुपये* में मिलने लगेगी। 4e87 *4. सरकार का बयान* सरकार ने कहा - "देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है। कीमतों में उछाल बुनियादी कारणों से नहीं था। आयात और निगरानी से बाजार स्थिर रहेगा। त्योहारों से पहले मिठास वापस लौटेगी।" को बख्शा नहीं जाएगा।
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- बारा का विकास मेरी प्राथमिकता रही है और जनता ने हमे बारा से विधायक बनाया है तो हमे उनके विस्वास पर खरे उतरना है--वाचस्पति स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए विधायक वाचस्पति ने कहा कि बारा विधानसभा के विकास के लिए उन्होंने अपनी ओर से कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। जब भी उन्हें क्षेत्र की किसी समस्या की जानकारी मिली, उन्होंने उसके समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क, बिजली, जनसुविधाओं या आम जनमानस से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो, उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि जनता को समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। वाचस्पति ने कहा कि “बारा विधानसभा का विकास और क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान हमेशा मेरी प्राथमिकता रहा है। जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस विश्वास को कायम रखना मेरी जिम्मेदारी है।” समाजसेवी मोहम्मद कमर ने विधायक वाचस्पति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि बारा विधानसभा में विकास के लिए किए गए कार्यों के लिए क्षेत्र की जनता उनकी आभारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान केवल चुनाव के समय जनता के बीच दिखाई देने से नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनता के साथ खड़े रहने से होती है। विधायक वाचस्पति ने इस कसौटी पर खुद को साबित किया है। मोहम्मद कमर ने विशेष रूप से कहा कि नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि मुकेश द्विवेदी, श्यामू, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी जिस तरह विधायक वाचस्पति और आम जनता के बीच लगातार संवाद एवं समन्वय स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सक्रियता से जनता की समस्याएं विधायक तक तेजी से पहुंच रही हैं और जनता तथा जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी कम हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि की मुकेश द्विवेदी, श्यामू भाई, अर्पित जायसवाल और नीरज केसरवानी का जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को विधायक तक पहुंचाने में भूमिका निभाना इसी मजबूत जनसंपर्क व्यवस्था का उदाहरण है। मोहम्मद कमर ने कहा कि जब-जब आम जनता को विधायक की जरूरत पड़ी, वाचस्पति जनता के बीच खड़े दिखाई दिए। वहीं उनके प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका ने इस जुड़ाव को और मजबूत किया है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों में विधायक वाचस्पति के प्रति विश्वास और सम्मान लगातार मजबूत हुआ है। साथ ही कहा “वाचस्पति जी ने सबका साथ, सबका विकास की भावना को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से उसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है। उनके साथ उनके प्रतिनिधियों का जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना इस बात का प्रमाण है कि बारा में जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद को प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि “बारा की जनता को वाचस्पति जैसे सहज, सरल और मृदुभाषी जनप्रतिनिधि को तलाशने के लिए चिराग लेकर निकलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनता के बीच रहकर अपनी कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई है। ऐसे जनप्रतिनिधि की जरूरत बारा को आज भी है और आने वाले समय में भी रहेगी।” *घूरपुर से साफ दिखाई दिया जनता का मूड* विधायक वाचस्पति के घूरपुर भ्रमण के दौरान जिस तरह स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके सामने पहुंचे और विधायक ने मौके पर ही संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए, उससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। वहीं, मोहम्मद कमर की अपील पर जुटे लोगों द्वारा वाचस्पति के कार्यकाल की सराहना और आगामी चुनाव में पुनः समर्थन का भरोसा राजनीतिक रूप से भी इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बना गया। घूरपुर में हुए इस जनसंवाद ने एक बात स्पष्ट कर दी कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए तत्काल पहल करना ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पहचान होती है। बारा विधानसभा में वाचस्पति की सक्रियता और जनता से सीधा संवाद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर पत्रकार साथी परवेज आलम,निहाल अहमद,हाजी अहमद,मोहम्मद जफर,वफ़ात उल्ला,इम्तियाज अहमद,मो0 मोबिन,शमशेर अली,गुलजार अहमद,अमजद अली,रिजवान अहमद,बुलाकी,अच्छे, वसीम अहमद,राजाराम, सोनू ,अंसार खां सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- त्योंथर डीह अमिलिया पुल से युवक द्वारा बेलन नदी में कूदे जाने के संदेह पर पुलिस एवं टीम द्वारा सर्चिंग ऑपरेशन जारी, अर्जुन सिंह यादव पिता राजेंद्र सिंह यादव निवासी खीरी के रूप में युवक की पहचान, उम्र करीब 22-23 वर्ष, डीह ग्राम में युवक का ननिहाल भी है, पारिवारिक विवाद के चलते युवक द्वारा नदी में कूदे जाने की बात सामने आ रही है1
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