उत्तर प्रदेश के मिरहची स्थित श्रीमती गायत्री देवी वाटिका में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ (आरपीएसएस) के तत्वावधान में हिंदी पत्रकारिता दिवस का भव्य आयोजन किया गया। एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी और उनकी टीम द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, हनुमानजी और प्रभु श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस पावन अवसर पर दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, फिरोजाबाद, हमीरपुर, एटा और कासगंज जिलों के जुनूनी क्रांतिकारी पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम संयोजक शुभम पचौरी और उनकी टीम ने भारतीय परंपरा 'अतिथि देवो भव:' का पालन करते हुए सभी पत्रकारों को हर घंटे के अंतराल पर सम्मानित किया। इस आयोजन का मुख्य विषय "पत्रकार और पत्रकारों के परिवारों के हित" रहा, जिस पर उपस्थित कलमकारों ने अपने विचार रखे। इस दौरान पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर गंभीर मंथन किया गया, और सभ्यता, संस्कार, सुरक्षा, स्वतंत्रता एवं एकजुटता के साथ बेहतर पत्रकारिता करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की कासगंज जिलाध्यक्ष संगम सक्सेना ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाह, पुष्पेंद्र यादव, राष्ट्रीय सदस्य सद्दाम हुसैन, सुमित मिश्रा, जय नारायण वर्मा, दिनेश कुमार, बृज किशोर, विनोद कुमार, वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत यादव, राजेश गुप्ता, दिलीप कुमार वर्मा, अभय गुप्ता, शानू खान, शुभम गुप्ता, अनमोल कुमार, तन्मय टाइम्स के संपादक सन्मति बाबू जैन, कुलदीप महेश्वरी, जे.के. चक्रवर्ती एडवोकेट और एटा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश बाबू यादव एडवोकेट सहित कई वक्ताओं ने अपने जोशीले और शायराना अंदाज में विचारों से उपस्थित पत्रकारों में जोश भरा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती ने हिंदी पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "हिंदी हमारी मातृ भाषा, पत्रकारिता हमारा धर्म है। हमें हर काम ऐसा करना है जिससे दोनों का सम्मान बढ़े।" उन्होंने पत्रकारों पर बढ़ते उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाते हुए आह्वान किया कि "सभ्यता संस्कारों का साज होगा, सम्मान की सुरक्षा में आगाज होगा। बंद कर दो अत्याचार सहना, अब हर अत्याचारी का इलाज होगा।" उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "जो बहाते रहे बेबसों का लहू, हम उनका इतिहास बदल देंगे" और स्पष्ट चेतावनी दी कि "पत्रकार एवं उनके परिवारों पर अत्याचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" इस क्रांतिकारी संबोधन को सुनकर उपस्थित पत्रकारों में नया जोश भर गया और उन्होंने तालियाँ बजाकर "पत्रकार एकता जिंदाबाद" और "आरपीएसएस जिंदाबाद" के नारे लगाए। अलीगंज की नारी शक्ति पत्रकार अल्पना राजपूत ने कुशलतापूर्वक कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में, कार्यक्रम संयोजक एवं एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया और सभी को प्रेम व भाईचारे के साथ भोजन के लिए आमंत्रित कर एक साथ भोजन कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश के मिरहची स्थित श्रीमती गायत्री देवी वाटिका में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ (आरपीएसएस) के तत्वावधान में हिंदी पत्रकारिता दिवस का भव्य आयोजन किया गया। एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी और उनकी टीम द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, हनुमानजी और प्रभु श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस पावन अवसर पर दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, फिरोजाबाद, हमीरपुर, एटा और कासगंज जिलों के जुनूनी क्रांतिकारी पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम संयोजक शुभम पचौरी और उनकी टीम ने भारतीय परंपरा 'अतिथि देवो भव:' का पालन करते हुए सभी पत्रकारों को हर घंटे के अंतराल पर सम्मानित किया। इस आयोजन का मुख्य विषय "पत्रकार और पत्रकारों के परिवारों के हित" रहा, जिस पर उपस्थित कलमकारों ने अपने विचार रखे। इस दौरान पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर गंभीर मंथन किया गया, और सभ्यता, संस्कार, सुरक्षा, स्वतंत्रता एवं एकजुटता के साथ बेहतर पत्रकारिता करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की कासगंज जिलाध्यक्ष संगम सक्सेना ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाह, पुष्पेंद्र यादव, राष्ट्रीय सदस्य सद्दाम हुसैन, सुमित मिश्रा, जय नारायण वर्मा, दिनेश कुमार, बृज किशोर, विनोद कुमार, वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत यादव, राजेश गुप्ता, दिलीप कुमार वर्मा, अभय गुप्ता, शानू खान, शुभम गुप्ता, अनमोल कुमार, तन्मय टाइम्स के संपादक सन्मति बाबू जैन, कुलदीप महेश्वरी, जे.के. चक्रवर्ती एडवोकेट
और एटा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश बाबू यादव एडवोकेट सहित कई वक्ताओं ने अपने जोशीले और शायराना अंदाज में विचारों से उपस्थित पत्रकारों में जोश भरा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती ने हिंदी पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "हिंदी हमारी मातृ भाषा, पत्रकारिता हमारा धर्म है। हमें हर काम ऐसा करना है जिससे दोनों का सम्मान बढ़े।" उन्होंने पत्रकारों पर बढ़ते उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाते हुए आह्वान किया कि "सभ्यता संस्कारों का साज होगा, सम्मान की सुरक्षा में आगाज होगा। बंद कर दो अत्याचार सहना, अब हर अत्याचारी का इलाज होगा।" उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "जो बहाते रहे बेबसों का लहू, हम उनका इतिहास बदल देंगे" और स्पष्ट चेतावनी दी कि "पत्रकार एवं उनके परिवारों पर अत्याचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" इस क्रांतिकारी संबोधन को सुनकर उपस्थित पत्रकारों में नया जोश भर गया और उन्होंने तालियाँ बजाकर "पत्रकार एकता जिंदाबाद" और "आरपीएसएस जिंदाबाद" के नारे लगाए। अलीगंज की नारी शक्ति पत्रकार अल्पना राजपूत ने कुशलतापूर्वक कार्यक्रम का संचालन किया। अंत में, कार्यक्रम संयोजक एवं एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया और सभी को प्रेम व भाईचारे के साथ भोजन के लिए आमंत्रित कर एक साथ भोजन कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ।
- उत्तर प्रदेश के दो जनपदों की सीमा पर स्थित मिरहची में, श्रीमती जावित्री देवी वाटिका में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ ने जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी एवं उनकी जिला कमेटी के संयोजन में राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती, बल बुद्धि के दाता हनुमानजी तथा प्रभु श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, फिरोजाबाद, हमीरपुर, एटा और कासगंज सहित विभिन्न जिलों व प्रांतों से सैकड़ों जुनूनी क्रांतिकारी पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद ऊर्फ बबलू चक्रवर्ती, कानपुर से आए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा और मारहरा के पुष्पेंद्र यादव जैसे वक्ताओं ने जोशीले और शायराना अंदाज में अपने विचार प्रस्तुत किए। पत्रकारिता हित पर जोरदार भाषण हुए, जिससे पूरा आयोजन स्थल तालियों से गूँज उठा, और सभी उपस्थित लोगों का प्रतीक चिन्ह व पटका पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कलमकारों ने एकजुटता के साथ सभ्यता, संस्कार और सम्मानजनक पत्रकारिता करने का संकल्प लिया, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह स्पष्ट घोषणा की कि पत्रकार एवं उनके परिवारों पर अत्याचार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ पटियाली थाना क्षेत्र में 11000 वोल्टेज के बिजली के करंट की चपेट में आने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, हादसे की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- क्राइम इंडिया न्यूज़ से सौरभ ने कासगंज जिले के बहोरनपुर गांव का उल्लेख किया है। इसी संदर्भ में गाजियाबाद में बुलंदशहर रोड पर स्थित एलन कंपनी अनलिमिटेड और शाहपुर बामेटा का भी जिक्र किया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार दोपहर दो बजे एक हृदय विदारक घटना सामने आई, जहाँ डेढ़ वर्षीय मासूम आरव को उसके रिश्ते के चाचा ने टॉफी खिलाने का बहाना बनाकर घर से ले गया। इसके बाद, उस क्रूर आरोपी ने बच्चे को जमीन पर बार-बार पटक कर उसकी निर्मम हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।1
- दादों मैन चौराहे पर अतिक्रमण के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चौराहे पर लोगों द्वारा अपना सामान रखने से आए दिन भारी जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे सभी बेहद परेशान हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के सभी नालों पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिसके कारण बारिश का पानी निकलने में काफी दिक्कत आती है।1
- आज अलीगढ़ के बरौली में महारानी अहिल्याबाई होलकर जी का 301वां जन्मदिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।1
- गाजियाबाद के खोडा़ इलाके में पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में सूर्य चौहान के मुख्य हत्यारोपी असद को ढेर कर दिया गया है।1
- हमारे देश के एक व्यक्ति ने कई सालों तक लगातार मेहनत और परिश्रम करते हुए एक इंजन का निर्माण किया है।1