शुजालपुर मंडी में लहसुन 11 हजार रुपए क्विंटल: प्याज 1250 रुपए के भाव बिका; मंडी में हुई 9500 कट्टों की आवक ????????? ???????....?? शुजालपुर शेयर शुजालपुर की थोक सब्जी मंडी में लहसुन की कीमतों में तेजी देखी गई। बुधवार को मंडी में लहसुन का अधिकतम भाव 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। वहीं, प्याज का भाव अधिकतम 1,250 रुपए प्रति क्विंटल रहा। लहसुन का औसत दाम 8 हजार के करीब मंडी प्रभारी सचिव अंतर सिंह ने बताया कि लहसुन काऔसत भाव 8 हजार रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर बना हुआ है। मंडी में कुल 9,500 कट्टों की आवक दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में लहसुन की कीमतों में और उछाल आ सकता है। कार्यालय एपीआरसी-एसयूपी शुजालपुर कृषि उपज बाजार समिति गुणवत्तापूर्ण आवक बढ़ने की उम्मीद मंडी प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में लहसुन की आवक में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि, बाजार में अभी अच्छी और टिकाऊ क्वालिटी वाले लहसुन की बिक्री कम मात्रा में हो रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि गुणवत्तापूर्ण स्टॉक आने पर बाजार और मजबूत होगा।
शुजालपुर मंडी में लहसुन 11 हजार रुपए क्विंटल: प्याज 1250 रुपए के भाव बिका; मंडी में हुई 9500 कट्टों की आवक ????????? ???????....?? शुजालपुर शेयर शुजालपुर की थोक सब्जी मंडी में लहसुन की कीमतों में तेजी देखी गई। बुधवार को मंडी में लहसुन का अधिकतम भाव 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया। वहीं, प्याज का भाव अधिकतम 1,250 रुपए प्रति क्विंटल रहा। लहसुन का औसत दाम 8 हजार के करीब मंडी प्रभारी सचिव अंतर सिंह ने बताया कि लहसुन काऔसत भाव 8 हजार रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर बना हुआ है। मंडी में कुल 9,500 कट्टों की आवक दर्ज की गई। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में लहसुन की कीमतों में और उछाल आ सकता है। कार्यालय एपीआरसी-एसयूपी शुजालपुर कृषि उपज बाजार समिति गुणवत्तापूर्ण आवक बढ़ने की उम्मीद मंडी प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में लहसुन की आवक में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि, बाजार में अभी अच्छी और टिकाऊ क्वालिटी वाले लहसुन की बिक्री कम मात्रा में हो रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि गुणवत्तापूर्ण स्टॉक आने पर बाजार और मजबूत होगा।
- Jitendra PatidarKalapipal, ShajapurSee my profile on Shuru App https://shuru.co.in/dl/mFkoqj3 hrs ago
- गेहूं खरीदारी की तारीखों को बार-बार बढ़ाए जाने के विरोध में देवास जिले में भारतीय किसान संघ के जिला एवं तहसील अध्यक्ष के नेतृत्व में माननीय कलेक्टर महोदय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लगातार तारीखें बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है। इसके कारण गेहूं खरीदारी में अनावश्यक देरी हो रही है और किसान अत्यधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय पर गेहूं की खरीदारी नहीं की गई, तो किसानों की समस्याएं और बढ़ेंगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अतः सरकार को इस विषय में शीघ्र निर्णय लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।1
- Post by Naved khan1
- Post by Dharam Das Pawar2
- Post by Jagdish nagar1
- इंट्रो पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, 1 लाख में दी थी सुपारीवीओआई धार गोंदीखेड़ा चारण में हुई हत्या का खुलासा करते हुए मृतक1
- MP में UCC पर सियासत तेज – विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान 👉 मुख्यमंत्री मोहन यादव को दी बधाई – UCC की तैयारी सही कदम 👉 अमित शाह के बयान का हवाला – कई राज्यों में लागू करने की बात 👉 “देश में समान अधिकार चाहिए तो समान कानून भी जरूरी” 👉 “समान शिक्षा, रोजगार और योजनाओं का लाभ तभी संभव” 👉 कांग्रेस के “दो बच्चे” नारे का जिक्र – समर्थन की अपील 👉 जल्द बिल लाने की मांग – इसे देश-प्रदेश की प्रगति से जोड़ा1
- 🌱 PUSA Decomposer क्या है? यह एक बायो-डिकम्पोज़र (जैविक दवा) है, जिसमें खास प्रकार के फंगस (सूक्ष्म जीव) होते हैं। ये सूक्ष्म जीव पराली/फसल अवशेष को तेजी से सड़ाकर खाद (कम्पोस्ट) में बदल देते हैं। � Drishti IAS +1 ⚙️ यह कैसे काम करता है? कैप्सूल को पानी, गुड़ और बेसन में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है 8–10 दिन तक इसे तैयार किया जाता है फिर इस घोल को खेत में पराली पर छिड़क दिया जाता है 20–25 दिनों में पराली सड़कर खाद बन जाती है � IAS Gyan +1 ✅ इसके फायदे 🔥 पराली जलाने की जरूरत खत्म 🌍 प्रदूषण कम होता है 🌱 मिट्टी की उर्वरता (फर्टिलिटी) बढ़ती है 💰 रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है 🌾 अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है � SPIISRY +1 ⏱️ कितना समय लगता है? सामान्यतः 20–25 दिन में पराली पूरी तरह खाद में बदल जाती है � The Indian Express 💡 किसानों के लिए सुझाव अगर आप गेहूं बोने वाले हैं, तो पराली काटने के तुरंत बाद इसका छिड़काव करें हल्की सिंचाई (पानी) करें, इससे सड़ने की प्रक्रिया तेज होती है ट्रैक्टर से हल चलाकर मिट्टी में मिला दें1
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- Post by Dharam Das Pawar4