भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को दौसा के लालसोट स्थित बड़ाया धर्मशाला में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला प्रवक्ता सतपाल मीणा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। उनके विचार आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। इस श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के कई प्रमुख कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें जिला प्रकोष्ठ संयोजक अनिल बैनाडा, नगर अध्यक्ष अनिल बुर्जा, मंडल उपाध्यक्ष राम मनोहर बैरवा, एल.एन. भारद्वाज, दीपक बोहरा, जयप्रकाश सैनी, महामंत्री विनोद कोराका, प्रवक्ता सोनू बिनोरी, लालसोट देहात मंडल अध्यक्ष रामसिंह कांकड़िया, दौलतपुरा मंडल अध्यक्ष बलराम बैरवा और युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक सेडूलाई प्रमुख थे। उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को दौसा के लालसोट स्थित बड़ाया धर्मशाला में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला प्रवक्ता सतपाल
मीणा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। उनके विचार आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। इस श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के कई प्रमुख कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें जिला प्रकोष्ठ संयोजक
अनिल बैनाडा, नगर अध्यक्ष अनिल बुर्जा, मंडल उपाध्यक्ष राम मनोहर बैरवा, एल.एन. भारद्वाज, दीपक बोहरा, जयप्रकाश सैनी, महामंत्री विनोद कोराका, प्रवक्ता सोनू बिनोरी, लालसोट देहात मंडल अध्यक्ष रामसिंह कांकड़िया, दौलतपुरा मंडल अध्यक्ष बलराम बैरवा और युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक सेडूलाई प्रमुख थे। उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
- लालसोट में घाटा बालाजी मंदिर के पास खादी भंडार के समीप ढलान पर एक जुगाड़ वाहन मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से वाहन में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत यह रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सुचारु करवा दिया।1
- अग्निकांड स्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक पीड़ित महिला ने जब अपनी परेशानियाँ और शिकायतें बतानी शुरू कीं, तो न्यूज़ एजेंसी PTI के वीडियो में उसकी आवाज़ को म्यूट कर दिया गया या गायब कर दिया गया। इस घटना के बाद गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर आग की लपटों से भी ज्यादा डर जनता की आवाज़ से किसे लग रहा था। यह प्रश्न भी पूछा जा रहा है कि ऐसा क्या कहा जा रहा था जिसे जनता तक पहुँचने से रोकना इतना ज़रूरी समझा गया।1
- गंगापुर सिटी में पांचना बांध से जुड़े मुद्दे पर गुर्जर समाज द्वारा एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। यह महापंचायत 25 जून, गुरुवार को हिंगोटिया स्थित भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजित होगी।1
- मिर्ज़ापुर में कोचिंग संस्थानों की जाँच करने पहुँची पुलिस-प्रशासन की टीम एक कोचिंग सेंटर की हालत देखकर हैरान रह गई। टीम को कोचिंग सेंटर तक पहुँचने के लिए टॉर्च का सहारा लेना पड़ा, जहाँ एक कमरे में कोचिंग क्लास चलाई जा रही थी। सामने आए इन दृश्यों ने यूपी के लगभग हर जिले के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि ये संस्थान बिना किसी सुरक्षा मानक के, यहाँ तक कि अग्निशमन विभाग की मंजूरी के बिना ही, दो कमरों में कक्षाएं चला रहे हैं। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि कोचिंग संस्थान सिर्फ पैसे कमाने पर ध्यान दे रहे हैं और छात्रों की जान की सुरक्षा से उन्हें कोई मतलब नहीं है।1
- प्रस्तुत सामग्री उपयोगकर्ताओं से यह बताने के लिए टिप्पणी करने का आग्रह करती है कि वे एक व्यक्ति विशेष की बात सुन रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही, यह वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील करती है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और युवा कार्यकर्ता हर्ष यादव को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।1
- एक संदेश में माता-पिता की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन अभिभावकों को शायद यह भी पता नहीं होगा कि उनका बच्चा कहाँ है, जो बच्चों के प्रति उनकी गंभीर अनदेखी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागर करता है।1