सूडान की वह तस्वीर जिसने दुनिया को झकझोर रख दिया था, फोटो पत्रकार को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया था इकबाल खान बीकानेर,द्वारा , साल 1993 में अफ्रीकी देश सूडान भयानक अकाल से गुजर रहा था। भूख और बीमारी से हजारों लोग मर रहे थे। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के फोटो पत्रकार केविन कार्टर वहां रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे। एक दिन उन्होंने एक मार्मिक दृश्य देखा। एक कुपोषित बच्चा जमीन पर झुका हुआ था और राहत शिविर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ दूरी पर एक गिद्ध खड़ा था, मानो वह बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा हो। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। कार्टर ने उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।यह तस्वीर 26 मार्च 1993 को अमेरिकी अखबार दा न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई। तस्वीर छपते ही दुनिया भर में हलचल मच गई। लोगों ने पहली बार अकाल की भयावह सच्चाई को इतने करीब से देखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूडान के लिए राहत और सहायता की मांग तेज हो गई। इस तस्वीर के लिए 1994 में केविन कार्टर को पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर प्राइज दिया गया। हालांकि, पुरस्कार मिलने के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। एक दिन केविन कार्टर के पास एक फोन आया और बोला वहां कितने गिद्ध थे, पत्रकार ने जवाब दिया एक , उस कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा नहीं दो थे एक वो जो उसके मरने का इंतजार कर रहा था दूसरा वो जो उसकी फोटो ले रहा था,अगर वो फोटो लेने के बजाय बच्चे की मदद करता तो शायद बच सकता था, कार्टर ने बाद में कहा कि उन्होंने फोटो लेने के बाद गिद्ध को भगा दिया था और उन्हें बीमारी के खतरे के कारण बच्चों को छूने से मना किया गया था। उस बच्चे का आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन लगातार आलोचना और युद्ध-अकाल की भयावह यादों ने कार्टर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। 27 जुलाई 1994 को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे दर्द, भूख और मौत के दृश्यों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे थे।यह तस्वीर आज भी पत्रकारिता, मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस का विषय बनी हुई है। वैसे केविन कार्टर जैसे पत्रकार आज इस दुनिया में बहुत कम दिखाई देते हैं। आज का दौर ऐसा है जहां कई जगहों पर मीडिया पर यह आरोप लगता है कि वह संवेदनशील घटनाओं पर भी राजनीति तलाश लेती है, बहसें चलती रहती हैं और शोर बढ़ता जाता है।
सूडान की वह तस्वीर जिसने दुनिया को झकझोर रख दिया था, फोटो पत्रकार को आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया था इकबाल खान बीकानेर,द्वारा , साल 1993 में अफ्रीकी देश सूडान भयानक अकाल से गुजर रहा था। भूख और बीमारी से हजारों लोग मर रहे थे। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के फोटो पत्रकार केविन कार्टर वहां रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे। एक दिन उन्होंने एक मार्मिक दृश्य देखा। एक कुपोषित बच्चा जमीन पर झुका हुआ था और राहत शिविर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ दूरी पर एक गिद्ध खड़ा था, मानो वह बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा हो। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था। कार्टर ने उस पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।यह तस्वीर 26 मार्च 1993 को अमेरिकी अखबार दा न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुई। तस्वीर छपते ही दुनिया भर में हलचल मच गई। लोगों ने पहली बार अकाल की भयावह सच्चाई को इतने करीब से देखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूडान के लिए राहत और सहायता की मांग तेज हो गई। इस तस्वीर के लिए 1994 में केविन कार्टर को पत्रकारिता का प्रतिष्ठित पुलित्जर प्राइज दिया गया। हालांकि, पुरस्कार मिलने के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। एक दिन केविन कार्टर के पास एक फोन आया और बोला वहां कितने गिद्ध थे, पत्रकार ने जवाब दिया एक , उस कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा नहीं दो थे एक वो जो उसके मरने का इंतजार कर रहा था दूसरा वो जो उसकी फोटो ले रहा था,अगर वो फोटो लेने के बजाय बच्चे की मदद करता तो शायद बच सकता था, कार्टर ने बाद में कहा कि उन्होंने फोटो लेने के बाद गिद्ध को भगा दिया था और उन्हें बीमारी के खतरे के कारण बच्चों को छूने से मना किया गया था। उस बच्चे का आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन लगातार आलोचना और युद्ध-अकाल की भयावह यादों ने कार्टर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। 27 जुलाई 1994 को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे दर्द, भूख और मौत के दृश्यों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे थे।यह तस्वीर आज भी पत्रकारिता, मानवता और नैतिक जिम्मेदारी पर बहस का विषय बनी हुई है। वैसे केविन कार्टर जैसे पत्रकार आज इस दुनिया में बहुत कम दिखाई देते हैं। आज का दौर ऐसा है जहां कई जगहों पर मीडिया पर यह आरोप लगता है कि वह संवेदनशील घटनाओं पर भी राजनीति तलाश लेती है, बहसें चलती रहती हैं और शोर बढ़ता जाता है।
- saakir Hussain Bikaner social media reporter patrakaar1
- भाजपा की #पर्ची_सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी है पंचायत चुनाव में इन बेईमानों को उखाड़ फेंकना है #RajasthanAssembly1
- सरकारी स्कूल में हुई घटना के बाद अधिकारीयों ने दिए सख्त निर्देश1
- नागौर,,श्री नर्मदेश्वर महादेव मन्दिर, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज बगेची गिनाणी तालाब पर कल दोपहर 2 बजे से 5बजे तक फागोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमे महिला एवं पुरुष मण्डली द्वारा महादेव के दरबार मे फागण के गीत गाये जाएंगे महादेव को ग़ुलाल एवं पुष्पों से महादेव को होली खिलाई जायेगी शिवालय मैं पुष्पों से होली का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होगा1
- जय जय हनुमत वीरा #hanuman #ram #hindu #hanumanji #india #hanumanchalisa #bajrangbali #jaihanuman #god #lordhanuman #jaishriram #love #ramayan #ayodhya #shreeram #bhakti #hanumantemple #socialmedia #instagram #facebook #instagood #like #explurger #x #जयश्रीराम #जयहनुमान #बजरंगबली1
- कड़ेल निवास श्याम ताली कीर्तन आयोजन रखा गया श्याम भगत ने एक से एक बढ़कर भजनों की प्रस्तुति दी मुख्य जजमान पन्नालाल कड़ेल धर्मपत्नी सुमित्रा शिवरतन सरार्फ ललित जैनसारिया कन्हैयालाल कड़ेल राकेश रोड़ा नोरतन कांटा ललित लखोटिया सत्यनारायण लावट ओम प्रकाश रोडा रामलाल प्रजापत श्यामलाल मोनू चौधरी आदि बड़ी संख्या महिलाओं उपस्थित2
- नागौर,,सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से चोरी/गुम मोबाईल फोन की शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए 3.15 लाख रूपये की कीमत के विभिन्न कम्पनियों के कुल 15 मोबाईल फोन बरामद कर, वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किये गये। आमजन से अपील की जाती है कि आपका मोबाईल गुम/चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर आईएमईआई नम्बरों का इन्द्राज करके, अपने मोबाईल फोन को ब्लाॅक करवायें।1
- Post by Kaluram Suthar5
- बुजुर्गों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।1