शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन रिपोर्टर रईस खान शाहजहाँपुर =========================== शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन =========================== राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण। =========================== शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। =========================== बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा। डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए। =========================== क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके। =========================== नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है। =========================== विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। =========================== नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके। =========================== विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके। =========================== 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे। =========================== बैठक में उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन रिपोर्टर रईस खान शाहजहाँपुर =========================== शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन =========================== राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण। =========================== शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक
महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। =========================== बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा। डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट
निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए। =========================== क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके। =========================== नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है। =========================== विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। =========================== नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने
से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके। =========================== विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके। =========================== 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे। =========================== बैठक में उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- शाहजहांपुर: आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार2
- *थाना सदर बाजार पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत अभियोग में वांछित 02 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार* श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद शाहजहाँपुर के निर्देशानुसार, श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक नगर महोदय के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी नगर महोदय के निकट पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक थाना सदर बाजार के कुशल नेतृत्व में चलाये जा रहे अपराध रोकथाम, मिशन शक्ति फेज 5 अभियान व गिरफ्तारी वाँछित अभियुक्त के क्रम में थाना सदर बाजार पुलिस टीम को बडी सफलता प्राप्त हुई । दिनांक 05.03.2026 को वादी श्री राजकुमार पुत्र मिथलेश कुमार नि0मो0 सुभाष नगर, किसानों वाली पुलिया थाना सदर बाजार जनपद शाहजहाँपुर द्वारा थाना सदर बाजार पर एक तहरीर बावत अभियुक्तगण 1.अमर सिंह यादव पुत्र मुलायम सिंह यादव उम्र करीब 52 वर्ष 2. अंकित यादव उम्र करीब 28 वर्ष 3. अजय यादव उम्र करीब 32 वर्ष पुत्रगण अमर सिंह यादव 4. कुनाल यादव उम्र करीब 25 वर्ष 5. अन्नू उर्फ अनुराग यादव उम्र करीब 22 वर्ष 6. गन्जू उर्फ अंकुर यादव उम्र करीब 20 वर्ष पुत्रगण कल्लू यादव व 04 अज्ञात लोगों द्वारा वादी व वादी के भाई राजन सिंह, विमलेश कुमार, विपिन कुमार को जाति सूचक गालियां देना, मारपीट करना, मना करने पर जान से मारने की नीयत से फायर करना, वादी के घर में घुसने व जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में प्रस्तुत की गयी । प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सदर बाजार पर मु0अ0सं0 088/26 धारा 190/191(2)191(3)/115(2)/109(1)/333/352/351(3) बीएनएस व 3(2) V एससी/एसटी एक्ट पंजीकृत किया गया । आज दिनांक 06.03.2026 को अभियोग की विवेचना के क्रम में थाना सदर बाजार पुलिस टीम अभियुक्तगण 1. अमर सिंह यादव 2. कृष्णपाल उर्फ अंकित उपरोक्त को मुखबिर की सूचना पर सुभाषनगर आऊटर रिंग रोड पर समय 13.45 बजे हिरासत पुलिस में लिया गया । गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण के विरूद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय के समक्ष4
- बहन को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दबोचा शाहजहाँपुर, 06 मार्च। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कलान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में अपराध की रोकथाम और वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी जलालाबाद के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कलान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। मामले के अनुसार 17 फरवरी 2026 को वादी संगेश पुत्र तहसीलदार वर्मा निवासी ग्राम रोहननगला थाना कलान ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि मनोज पुत्र रामासरे वर्मा (उम्र करीब 21 वर्ष) ने उसकी बहन को आत्महत्या के लिए उकसाया, जिसके चलते उसकी बहन ने 8 फरवरी 2026 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। तहरीर के आधार पर थाना कलान में मुकदमा संख्या 046/26 धारा 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में 6 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर थाना कलान पुलिस टीम ने आरोपी मनोज पुत्र रामासरे वर्मा निवासी ग्राम रोहननगला को सुबह करीब 10:45 बजे गोकरन सिंह इंटर कॉलेज के पास ग्राम सथरा धर्मपुर तिराहे पर पाकड़ के पेड़ के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अशोक बाबू शर्मा, उपनिरीक्षक वाहिद खाँ तथा कांस्टेबल प्रतीक शामिल रहे।1
- शाहजहांपुर,6 मार्च। राज्य सूचना आयुक्त डॉक्टर दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि शाहजहांपुर विकास की राह पर निरंतर प्रगति कर रहा है। जन सूचना अधिकारियों को अपने दायित्व का गम्भीरता के साथ निर्वाह करना चाहिए। उन्हें निर्धारित अवधि में आवेदको को का जवाब देना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को यहां अच्छे अर्थों में सम्मान मिला। वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के साथ ही एक जिला एक मेडिकल कॉलेज योजना यहां चरितार्थ हो रही है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं। जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। गंगा एक्सप्रेस वे से इस जनपद को व्यापक लाभ मिलेगा। औद्योगिक गलियारा का निर्माण प्रगति पर है।1
- विकास की राह पर शाहजहांपुर दायित्व का निर्वाह करें जन सूचना अधिकारी राज्य सूचना आयुक्त शाहजहांपुर। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि शाहजहांपुर विकास की राह पर निरंतर प्रगति कर रहा है। जन सूचना अधिकारियों को इसमें अपने दायित्व का गम्भीरता के साथ निर्वाह करना चाहिए। उन्हें निर्धारित अवधि में आवेदनों का जवाब प्रेषित करना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को यहां अच्छे अर्थों में सम्मान मिला। वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के साथ ही एक जिला एक मेडिकल कॉलेज योजना यहां चरितार्थ हो रही है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं। जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। गंगा एक्सप्रेस वे से इस जनपद को व्यापक लाभ मिलेगा। औद्योगिक गलियारा का निर्माण प्रगति पर है।1
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- शाहजहांपुर के मदनापुर थाना क्षेत्र के नयागांव नारायणपुर में होली के दौरान कोटेदार चंद्रपाल सिंह और उनके बेटे विमल सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। पुरानी रंजिश के चलते हुए इस हमले में चंद्रपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है1
- शाहजहाँपुर: मारपीट व फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार,2
- शाहजहाँपुर में गर्रा एवं खन्नौत नदियों की बाढ़ समस्या के स्थायी वन समाधान हेतु 'हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग' का सहारा लेगा प्रशासन राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के वैज्ञानिकों ने जिलाधिकारी के साथ की बैठक; बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शुरू हुआ 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण। शाहजहाँपुर 06 मार्च। जनपद के शहरी क्षेत्र में गर्रा एवं खन्नौत नदियों से आने वाली बाढ़ की विभीषिका को नियंत्रित करने और भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक वैज्ञानिक डेटा तैयार करने हेतु जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में NIH रुड़की से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एल. एन. ठकुराल एवं डॉ. पी. सी. नायक द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि: शहरी क्षेत्र में हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग (Hydrodynamic Flow Modeling) के माध्यम से नदियों के जल स्तर, प्रवाह की गति और जल भराव वाले क्षेत्रों का सटीक मानचित्रण किया जाएगा। डॉ. ठकुराल ने हरिद्वार में की गई सफल केस स्टडी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार वैज्ञानिक मॉडलिंग से वहाँ बाढ़ प्रबंधन में व्यापक सुधार हुआ है। इसी तर्ज पर शाहजहाँपुर की बाढ़ की समस्या का विश्लेषण कर समाधान निकाला जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देश दिए कि वर्ष 2024 की बाढ़ के कारणों पर विशेष फोकस रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि: बदले हुए पैटर्न का अध्ययन: वर्ष 2024 से पहले स्थिति सामान्य थी, लेकिन 2024 के बाद बाढ़ की प्रवृत्ति में आए बदलावों का गहन अध्ययन किया जाए। क्षेत्र विस्तार: अध्ययन का दायरा केवल शहर तक सीमित न रहकर जनपद पीलीभीत के दियूनी डैम से लेकर शाहजहाँपुर के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि पानी के डिस्चार्ज और रास्ते का सटीक आकलन हो सके। नदी का सुदृढ़ीकरण: वैज्ञानिक यह भी जांचें कि क्या नदियों में चैनल इक्विपमेंट लगाने या ड्रेजिंग (नदी की खुदाई/सफाई) की तत्काल आवश्यकता है। विभागीय समन्वय और तत्काल कार्रवाई सिंचाई विभाग: जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग के लिए आवश्यक समस्त तकनीकी डेटा वैज्ञानिकों को तत्काल उपलब्ध कराया जाए। नगर निगम: काशीराम कॉलोनी और मनफूल कॉलोनी के नालों पर बाढ़ आने से पूर्व गेट (Sluice Gates) लगवाने के निर्देश दिए गए, ताकि नदियों का बढ़ा हुआ पानी बस्तियों में वापस (Backflow) न आ सके। विकास प्राधिकरण: शाहजहाँपुर विकास प्राधिकरण (SDA) के पुराने मास्टर प्लान का भी अध्ययन करने को कहा गया ताकि शहरी ड्रेनेज और निर्माण कार्यों का तालमेल बिठाया जा सके। 02 दिवसीय स्थलीय निरीक्षण NIH रुड़की के वैज्ञानिकों की यह टीम 06 से 07 मार्च तक जनपद के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान वे नदियों के तटबंधों, शहरी ड्रेनेज आउटलेट्स और संवेदनशील इलाकों का जायजा लेंगे। बैठक में उपस्थिति: बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बरेली से आए सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट, NIH रुड़की के वैज्ञानिकगण एवं सिंचाई व राजस्व विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। ----4