उत्तर प्रदेश के सासनी तहसील में रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण के सरकारी निर्णय के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प वेंडरों और टाइपिस्टों ने शनिवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने अपने चैंबर बंद रखे और तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारी वकीलों और कातिबों का आरोप है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया का निजीकरण करने से कातिबों, स्टाम्प वेंडरों और अधिवक्ताओं के रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका यह भी कहना है कि इससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी राजस्व को भी नुकसान होगा। वक्ताओं ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा और रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह से सरकारी तंत्र के अधीन रहना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। चैंबर बंद रहने और कार्य बहिष्कार के कारण तहसील आने वाले दूर-दराज के फरियादियों को पूरे दिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, और रजिस्ट्री तथा दस्तावेजों से संबंधित आवश्यक कार्य न हो पाने के कारण कई लोग निराश होकर लौट गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण का यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में सतीश बागर, मनवीर सिंह वाल्यान, सुनील दत्त पाठक, कृष्ण सिंह तोमर, प्रशांत पाठक, अनिल गुप्ता, सुभाष कुमार, अजुद्दीन प्रसाद, केपी सुमन, भरत सिंह बघेल, राजवीर सिंह, महेश तोमर, प्रदीप सिंह, गीतम सिंह, गौरी शंकर कुशवाहा, राजेश लवानिया, संजीव कुमार सहित कई वकील, कातिब और स्टांप विक्रेता उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश के सासनी तहसील में रजिस्ट्री प्रक्रिया के निजीकरण के सरकारी निर्णय के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प वेंडरों और टाइपिस्टों ने शनिवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने अपने चैंबर बंद रखे और तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारी वकीलों और कातिबों का आरोप है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया का निजीकरण करने से कातिबों, स्टाम्प वेंडरों और अधिवक्ताओं के रोजगार पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका यह भी कहना है कि इससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी राजस्व को भी नुकसान होगा। वक्ताओं ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा और रजिस्ट्री का कार्य पूरी तरह से सरकारी तंत्र के अधीन रहना चाहिए
ताकि पारदर्शिता बनी रहे। चैंबर बंद रहने और कार्य बहिष्कार के कारण तहसील आने वाले दूर-दराज के फरियादियों को पूरे दिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, और रजिस्ट्री तथा दस्तावेजों से संबंधित आवश्यक कार्य न हो पाने के कारण कई लोग निराश होकर लौट गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण का यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में सतीश बागर, मनवीर सिंह वाल्यान, सुनील दत्त पाठक, कृष्ण सिंह तोमर, प्रशांत पाठक, अनिल गुप्ता, सुभाष कुमार, अजुद्दीन प्रसाद, केपी सुमन, भरत सिंह बघेल, राजवीर सिंह, महेश तोमर, प्रदीप सिंह, गीतम सिंह, गौरी शंकर कुशवाहा, राजेश लवानिया, संजीव कुमार सहित कई वकील, कातिब और स्टांप विक्रेता उपस्थित थे।
- हाथरस के नगला रमजू गांव निवासी 32 वर्षीय आलू व्यापारी विष्णु का शव खोंडा गांव के पास एक नलकूप पर पेड़ से फंदे पर लटका मिला है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। उनकी यह मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। आलू के व्यापार से जुड़े विष्णु के बारे में बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से व्यवसाय में हुए भारी नुकसान के कारण मानसिक तनाव में थे। वहीं, मृतक के पिता मूलचंद ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पिता की शिकायत और मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन जांच कर रही है, साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।2
- चण्डौस में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2026 में प्रतिबंधित गौमांस बरामदगी के मामले में खुर्जा के चर्चित मीट कारोबारी और अल-हम्द मीट फैक्ट्री के मालिक अनवर हुसैन तथा अशफाक को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, यह मामला जनवरी माह का है जब फैक्ट्री से जुड़े एक ट्रक की जाँच के दौरान भारी मात्रा में मांस बरामद हुआ था। बरामद मांस के नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए थे और हाल ही में मिली जाँच रिपोर्ट में मांस के प्रतिबंधित गौमांस होने की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाना चण्डौस पुलिस ने बताया है कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है और जाँच के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- हाथरस जिले के थाना हसायन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खेड़ा सुल्तानपुरी में दिनांक 19.06.2026 को दो सगे भाइयों के बीच हुए झगड़े में बड़े भाई की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब छोटे भाई ने लाठी से अपने बड़े भाई पर वार किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी जान चली गई। पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। मृतक के परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना हसायन में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ ने जानकारी दी।1
- जनपद हाथरस में 17 जून 2026 को सदर कोतवाली में जानेआलम पुत्र इमामुद्दीन ने शिकायत दर्ज कराई कि 16 जून 2026 की रात उसके पुत्र राजा और उसके दोस्त शिवम, जो मोती मंजिल के बाहर कन्फैक्सनरी का ठेला लगाते हैं, से एक अभियुक्त ने उधार सिगरेट मांगी। उधार सिगरेट देने से मना करने पर आरोपी ने राजा और शिवम के साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर मौके से फरार हो गया। इस संबंध में सदर कोतवाली में सुसंगत धाराओं के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया। जनपद हाथरस के पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार, सदर कोतवाली पुलिस ने इस अभियोग में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा और एक 32 बोर का कारतूस बरामद किया है। अभियुक्त की गिरफ्तारी के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- सासनी पुरानी मंडी क्षेत्र में आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर एक बड़ी दुर्घटना होने की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी (NH) द्वारा बरती जा रही गंभीर लापरवाही के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।2
- हाथरस जिले के सिकंदरा राव स्थित डंडेसरी गाँव में पिछले काफी दिनों से गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई है। गाँव की सड़कों पर भी पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकट स्थिति के बावजूद, न तो ग्राम प्रधान इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं, न ही सचिव और न ही एडीओ। शिकायतकर्ता के अनुसार, सरकारी कर्मचारी पूरी तरह से अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं, और उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे हैं।1
- मुजफ्फरनगर में खालापार थाना पुलिस ने अवैध अस्लाहों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह के 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।1
- हाथरस जिले के हसायन थाना क्षेत्र स्थित खेड़ा सुल्तानपुर गांव में शुक्रवार रात बच्चों के बीच हुए एक छोटे से विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें एक सगे भाई ने अपने दूसरे भाई की डंडे से पीटकर हत्या कर दी। यह दुखद घटना तब हुई जब राजेश कुमार और उसके छोटे भाई सुनील कुमार के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो जल्द ही बड़ों के बीच की मारपीट में बदल गई। मारपीट के दौरान, छोटे भाई सुनील ने तैश में आकर बड़े भाई राजेश के सिर पर डंडे से ज़ोरदार वार कर दिया। इस हमले के कारण राजेश की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने राजेश को बचाने का हर संभव प्रयास किया और उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर एक निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, परिजनों ने राजेश के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और उसे ले जाने की जिद पर अड़ गए, जिससे मौके पर मौजूद पुलिस के साथ उनकी तीखी नोक-झोंक हुई। स्थिति की गंभीरता और तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है, और मृतक राजेश अपने पीछे चार बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गया है।3