कानपुर देहात के राजपुर पीएचसी में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला भारी अव्यवस्थाओं और गंदगी के बीच संचालित हुआ। इस मेले से विशेषज्ञ चिकित्सक पूरी तरह नदारत रहे, जिसके चलते यहाँ आने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। इस बार आरोग्य मेले में इलाज कराने के लिए महज 33 मरीज ही अस्पताल पहुंचे। बुखार, खुजली, खांसी और त्वचा रोग जैसी संक्रामक बीमारियों से पीड़ित इन मरीजों का इलाज ट्रेनी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ हरदीप प्रताप सिंह और आयुष चिकित्सक डॉ आकांक्षा मिश्रा द्वारा किया गया। अस्पताल परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी के बीच ही डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किया गया। डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष के बाहर फैला गंदगी का अंबार नजर नहीं आया, जिससे शासन की लोकप्रिय योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' पीएचसी परिसर में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। वैसे तो चिकित्सक मरीजों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की इस दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में आशंका है कि यहाँ आने वाले स्वस्थ लोग भी इस गंदगी के कारण बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस पूरे मामले में लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ जय गोविन्द ने बताया कि इस घोर लापरवाही की जांच कराई जाएगी।
कानपुर देहात के राजपुर पीएचसी में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला भारी अव्यवस्थाओं और गंदगी के बीच संचालित हुआ। इस मेले से विशेषज्ञ चिकित्सक पूरी तरह नदारत रहे, जिसके चलते यहाँ आने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। इस बार आरोग्य मेले में इलाज कराने के लिए महज 33 मरीज ही अस्पताल पहुंचे। बुखार, खुजली, खांसी और त्वचा रोग जैसी संक्रामक बीमारियों से पीड़ित इन मरीजों का इलाज ट्रेनी एमबीबीएस चिकित्सक डॉ हरदीप प्रताप सिंह और आयुष चिकित्सक डॉ आकांक्षा मिश्रा द्वारा किया गया। अस्पताल परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी के बीच ही डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज किया गया। डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष के बाहर फैला गंदगी का अंबार नजर नहीं आया, जिससे शासन की लोकप्रिय योजना 'स्वच्छ भारत मिशन' पीएचसी परिसर में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। वैसे तो चिकित्सक मरीजों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की इस दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में आशंका है कि यहाँ आने वाले स्वस्थ लोग भी इस गंदगी के कारण बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इस पूरे मामले में लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ जय गोविन्द ने बताया कि इस घोर लापरवाही की जांच कराई जाएगी।
- Xडेरापुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश🤝9 hrs ago
- कानपुर देहात के रूरा स्थित धनीरामपुर (बालाजी) में अखंड रामायण पाठ और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया है। इस धार्मिक उत्सव के अवसर पर बालाजी धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखा और वहां भक्तों की एक विशाल भीड़ देखने को मिली है।1
- कानपुर देहात के झींझक में मुख्य मार्गों के किनारे फुटपाथ तक सजी दुकानों और सड़क पर खड़े होने वाले ग्राहकों के वाहनों के कारण दिन भर जाम लगता है। इस अतिक्रमण की वजह से आम जनमानस और राहगीर बेहद परेशान हैं और उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों की इस परेशानी के बावजूद जिम्मेदार लोग इस समस्या की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय (संविलियन) में बाउंड्री वॉल न होने के कारण आवारा सुअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत विद्यालय परिसर में लगाए गए करीब 50 पौधों को आवारा सुअरों ने उखाड़कर नष्ट कर दिया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, जर्जर भवन को ध्वस्त किए जाने के दौरान विद्यालय परिसर की बाउंड्री वॉल टूट गई थी, जिसके बाद से पूरा परिसर खुला हुआ है। इससे आवारा पशु और सुअर आसानी से अंदर घुस रहे हैं, जिससे न केवल पौधों को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि स्कूल की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। पूर्व में भी विद्यालय परिसर में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इस गंभीर समस्या को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने बाउंड्री वॉल के निर्माण की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र भेजा है। प्रभारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक ललित कुमार त्रिवेदी और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बाउंड्री वॉल बनवाने और आवारा सुअरों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कानपुर देहात के सट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत बहोरापुर गांव में कथित मारपीट से आहत होकर एक युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जहर खाने से पहले युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें उसने कुछ लोगों पर बिना किसी वजह के मारपीट करने का आरोप लगाया और प्रशासन से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वायरल वीडियो में युवक ने अपना नाम मिलन कटियार बताते हुए कहा कि बाबू के घरवालों ने उसे फालतू में मारा। उसने आरोप लगाया कि वह सिर्फ उनकी गली से निकल रहा था और उन्होंने उसके साथ मारपीट की, जिसके कारण उसने टिकियां खा लीं। वीडियो में युवक ने कानून से विनती की कि उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वीडियो की जानकारी मिलने पर परिजन युवक को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो सहित पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1