बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड में करीब एक महीने के लंबे इंतजार के बाद हुई झमाझम बारिश ने जहां किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं जलजमाव ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रखंड वर्षा मापक केंद्र पर दर्ज की गई 62.08 मिलीमीटर बारिश ने सूखे पड़े खेतों में नई जान फूंक दी है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं। हालांकि, दूसरी ओर कई गांवों की टूटी सड़कें और चौक-चौराहे पानी में डूब गए हैं, जिससे आमजन बेहाल हैं और विकास व्यवस्था की पोल खुल गई है। बारिश के अभाव और आद्रा नक्षत्र सूखा बीतने के कारण भगवानपुर के किसान मायूस थे और पाली, अतरुआ, सतराजेपुर, दादपुर, चुरामनचक, बसही और भगवानपुर बहियार में अब तक बमुश्किल दस प्रतिशत खेतों में ही बुआई हो सकी थी। अब अच्छी बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन खेतों में नमी आने के साथ ही अब किसानों की सबसे बड़ी चिंता समय पर डीएपी, यूरिया और एनपीके जैसे उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर है। किसानों ने कृषि विभाग से जल्द से जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि बुआई और उत्पादन प्रभावित न हो। उल्लेखनीय है कि कभी इन बहियारों में मकई के साथ सामा, कोदो, कौनी, मड़ुआ और धान जैसी फसलें होती थीं, लेकिन अब अधिकांश किसान मकई की खेती पर ही निर्भर हो गए हैं। एक तरफ जहां खेतों में हरियाली की उम्मीद जागी है, वहीं दूसरी तरफ जलजमाव ने भारी आफत खड़ी कर दी है। मोख्तियारपुर-हरिचक पथ पर कविया गांव और हरिचक चौक के पास सड़क बुरी तरह टूट चुकी है, जहां गड्ढों में पानी भरने से आए दिन ई-रिक्शा और बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसके अलावा, अतरुआ गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जाने वाले मार्ग पर घुटने भर पानी जमा होने के कारण स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। अतरुआ चौक-तेघड़ा मार्ग पर काली मंदिर और शिव मंदिर के सामने सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है, जिससे वाहनों के गुजरने पर पानी लोगों के घरों तक उछलता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने और बदहाल सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड में करीब एक महीने के लंबे इंतजार के बाद हुई झमाझम बारिश ने जहां किसानों को बड़ी राहत दी है, वहीं जलजमाव ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रखंड वर्षा मापक केंद्र पर दर्ज की गई 62.08 मिलीमीटर बारिश ने सूखे पड़े खेतों में नई जान फूंक दी है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं। हालांकि, दूसरी ओर कई गांवों की टूटी सड़कें और चौक-चौराहे पानी में डूब गए हैं, जिससे आमजन बेहाल हैं और विकास व्यवस्था की पोल खुल
गई है। बारिश के अभाव और आद्रा नक्षत्र सूखा बीतने के कारण भगवानपुर के किसान मायूस थे और पाली, अतरुआ, सतराजेपुर, दादपुर, चुरामनचक, बसही और भगवानपुर बहियार में अब तक बमुश्किल दस प्रतिशत खेतों में ही बुआई हो सकी थी। अब अच्छी बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। लेकिन खेतों में नमी आने के साथ ही अब किसानों की सबसे बड़ी चिंता समय पर डीएपी, यूरिया और एनपीके जैसे उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर है। किसानों ने कृषि विभाग से जल्द से जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की
मांग की है ताकि बुआई और उत्पादन प्रभावित न हो। उल्लेखनीय है कि कभी इन बहियारों में मकई के साथ सामा, कोदो, कौनी, मड़ुआ और धान जैसी फसलें होती थीं, लेकिन अब अधिकांश किसान मकई की खेती पर ही निर्भर हो गए हैं। एक तरफ जहां खेतों में हरियाली की उम्मीद जागी है, वहीं दूसरी तरफ जलजमाव ने भारी आफत खड़ी कर दी है। मोख्तियारपुर-हरिचक पथ पर कविया गांव और हरिचक चौक के पास सड़क बुरी तरह टूट चुकी है, जहां गड्ढों में पानी भरने से आए दिन ई-रिक्शा और बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त
हो रहे हैं। इसके अलावा, अतरुआ गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जाने वाले मार्ग पर घुटने भर पानी जमा होने के कारण स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। अतरुआ चौक-तेघड़ा मार्ग पर काली मंदिर और शिव मंदिर के सामने सड़क तालाब में तब्दील हो चुकी है, जिससे वाहनों के गुजरने पर पानी लोगों के घरों तक उछलता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने और बदहाल सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
- बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर अंतर्गत चंदौर में नाला नहीं बनने के कारण बारिश के दिनों में भारी जलजमाव की समस्या बनी रहती है। हालत इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को इसी जमा हुए पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इसी जलजमाव वाले स्थान पर सप्ताह में दो दिन हाट और बाजार भी लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि किसी भी नेता जी को यहाँ की यह बदहाली दिखाई नहीं देती है और नाले का निर्माण न होने के कारण बारिश के दिनों में यहाँ हमेशा यही हाल रहता है।3
- बेगूसराय नगर निगम के पूर्व मेयर आलोक कुमार अग्रवाल के आवास पर एक बैठक आयोजित की गई। सिमरिया के गोलंबर पर भामा शाह जी की प्रतिमा को लगाने के लिए जाति-पार्टी से ऊपर उठकर सैकड़ों जनप्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए और अपनी चट्टानी एकता का परिचय दिया।2
- बिहार के पटना से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस खुद ही दारू बंदी की पोल खोलती नजर आ रही है। मोबाइल टीवी न्यूज के इस वायरल वीडियो ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। वैसे तो कहा जाता है कि #बिहार में दारू बंद है, लेकिन जब खुद पुलिस ही दारू बंदी की पोल खोलने में लगी हुई है, तो इस पूरी व्यवस्था की हकीकत सबके सामने आ गई है।1
- बेगूसराय में श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा के आयोजन में अब बस 7 दिन और बचे हैं। आगामी 19 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस पावन रथ यात्रा में आस्था का सागर फिर से उमड़ने वाला है। लाखों भक्तों की उपस्थिति में निकलने वाली इस दिव्य यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह बेगूसराय में रथ यात्रा आयोजन का दूसरा साल है और इस बार भक्तों का उत्साह पहले से दोगुना नजर आ रहा है। इस भव्य और दिव्य यात्रा का हिस्सा बनने के लिए सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। पूरा माहौल "जय जगन्नाथ! जय बलभद्र! जय माता सुभद्रा!" के जयकारों के साथ भक्तिमय हो उठा है।1
- बेगूसराय के तेयाय ओपी की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 लीटर देशी शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मनोज पासवान के रूप में हुई है। इस कार्रवाई की जानकारी शनिवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी है। इस संबंध में एसपी ने बताया कि बेगूसराय पुलिस अवैध नशीले पदार्थ के विरुद्ध अभियान चला रही है और इसी के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- बिहार के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर एक केंद्रीय मंत्री ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि प्रशांत किशोर को चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं मिला है और अब वे खुद ही चुनाव लड़ रहे हैं। मंत्री के अनुसार, अब प्रशांत किशोर के पास कुछ भी नहीं बचा है। अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बांकीपुर की जनता अच्छी तरह समझ रही है कि पार्टी ने उनके विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। केंद्रीय मंत्री ने पीके पर निशाना साधते हुए यह बड़ा बयान दिया है।1
- बेगूसराय के नौला गांव में एक महिला के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावे के अनुसार, नीला पुलिस पिकेट प्रभारी अखिलेश कुमार ने बिना किसी महिला कांस्टेबल की मौजूदगी के महिला के साथ कथित तौर पर दबंगई, मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। इसके साथ ही महिला के पति के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई और उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया। आरोप है कि इस घटना के दौरान अपनी कथित नाकामी और खामियों को छिपाने के लिए पुलिस द्वारा मौके पर मौजूद महिलाओं से दो मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा कई मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए वीडियो जबरन डिलीट करा दिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। वायरल संदेश के जरिए संबंधित पिकेट प्रभारी को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई जा रही है।1