*किरंदुल एनएमडीसी में एस.के. समानता कंपनी की घोर लापरवाही उजागर बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता, स्थानीय मजदूरों की अनदेखी,असुरक्षित यातायात व्यवस्था से मजदूरों की जान खतरे में* रिपोर्ट / रवि सरकार *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के. समानता कंपनी द्वारा मजदूरों के साथ की जा रही लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है* कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के आवागमन हेतु की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही खतरनाक, नियमविहीन एवं जान जोखिम में डालने वाली बताई जा रही है, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एस.के. समानता कंपनी प्रतिदिन मजदूरों को असुरक्षित एवं क्षमता से अधिक भरे वाहनों में, मोटर वाहन अधिनियम के नियमों को ताक पर रखकर एनएमडीसी कार्यस्थल तक लाती–ले जाती है। यह स्थिति किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता दे सकती है, सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के चलते किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या एस.के.समानता कंपनी जवाबदेह होगी या फिर प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बच पाएगा? इतना ही नहीं,आरोप है कि कंपनी द्वारा बाहरी मजदूरों को लाकर उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बैलाडीला क्षेत्र के गरीब एवं स्थानीय मजदूरों की घोर अनदेखी की जा रही है,इस रवैये को लेकर स्थानीय मजदूरों, आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों में भारी रोष व्याप्त है, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आई कंपनी न केवल मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार के अधिकार पर भी कुठाराघात कर रही है,मजदूरों के साथ नियमों की इस तरह की अनदेखी स्थिति को और भी चिंताजनक बना रही है, प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और एस.के.समानता कंपनी सहित संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित, नियमसम्मत एवं मानक अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष मजदूर की जान न जाए कोई हताहत ना हो कोई, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा किसी भी अप्रिय घटना की पूर्ण जिम्मेदारी कंपनी एवं संबंधित प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए, स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहरी मजदूरों को लाना न केवल गलत है,बल्कि इसे तत्काल रोका जाना भी अत्यंत आवश्यक है,
*किरंदुल एनएमडीसी में एस.के. समानता कंपनी की घोर लापरवाही उजागर बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता, स्थानीय मजदूरों की अनदेखी,असुरक्षित यातायात व्यवस्था से मजदूरों की जान खतरे में* रिपोर्ट / रवि सरकार *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के. समानता कंपनी द्वारा मजदूरों के साथ की जा रही लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है* कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के आवागमन हेतु की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही खतरनाक, नियमविहीन एवं जान जोखिम में डालने वाली बताई जा रही है, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एस.के. समानता कंपनी प्रतिदिन मजदूरों को असुरक्षित एवं क्षमता से अधिक भरे वाहनों में, मोटर वाहन अधिनियम के नियमों को ताक पर रखकर एनएमडीसी कार्यस्थल तक लाती–ले जाती है। यह स्थिति किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता दे सकती है, सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के चलते किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या एस.के.समानता कंपनी जवाबदेह होगी या फिर प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बच पाएगा? इतना ही नहीं,आरोप है कि कंपनी द्वारा बाहरी मजदूरों को लाकर उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बैलाडीला क्षेत्र के गरीब एवं स्थानीय मजदूरों की घोर अनदेखी की जा रही है,इस रवैये को लेकर स्थानीय मजदूरों, आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों में भारी रोष व्याप्त है, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आई कंपनी न केवल मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है, बल्कि स्थानीय रोजगार के अधिकार पर भी कुठाराघात कर रही है,मजदूरों के साथ नियमों की इस तरह की अनदेखी स्थिति को और भी चिंताजनक बना रही है, प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और एस.के.समानता कंपनी सहित संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित, नियमसम्मत एवं मानक अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष मजदूर की जान न जाए कोई हताहत ना हो कोई, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा किसी भी अप्रिय घटना की पूर्ण जिम्मेदारी कंपनी एवं संबंधित प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए, स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहरी मजदूरों को लाना न केवल गलत है,बल्कि इसे तत्काल रोका जाना भी अत्यंत आवश्यक है,
- *किरंदुल एनएमडीसी में एस.के समानता कंपनी बाहर से लाए कार्यरत मजदूरों की जान से खिलवाड़,और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी, साथ मजदूर के प्रति समानता कंपनी की लापरवाही उजागर* *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के समानता कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के लिए की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही भयावह एवं जान जोखिम में डालने वाली पाई जा रही है* *एस. के समानता कंपनी बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के जो गरीब मजदूर है उनके साथ कर रही अन्याय* एस.के. समानता कंपनी जिस तरह प्रतिदिन मजदूरों को जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर काम पर लाया–ले जाया जा रहा है, वह किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता है, आंखों देखी स्थिति के अनुसार, मजदूरों को असुरक्षित वाहनों में, यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एनएमडीसी कार्यस्थल तक पहुंचाया जा रहा है,यह न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है,बल्कि सीधे-सीधे मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ भी है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या समानता कंपनी इसकी जिम्मेदारी उठाएगी या फिर एनएमडीसी प्रबंधन जवाबदेह होगा? बाहर से आई इस कंपनी द्वारा स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ क्षेत्र के मजदूर के साथ अन्याय किया जा रहा है उनको प्राथमिकता ना देकर बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी किया जा रहा है जिससे गरीब जनता और जन प्रतिनिधि बह नाराज, और जिस प्रकार ये मजदूर के साथ भी नियमों के अनदेखी किया जा रहा है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है, प्रशासन से मांग की जाती है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए समानता कंपनी एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित,नियमों के अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी करना ये बहुत ही जायदा गलत है इसे रोकना ही चाहिए और नियमों का साथ पालन भी किया जाना चाहिए6
- जगदलपुर/कुरंदी: जगदलपुर से सटे कुरंदी क्षेत्र में बाघ पकड़े जाने की खबर पूरी तरह झूठी है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इलाके में किसी बाघ को न तो पकड़ा गया है और न ही पिंजरे में कैद किया गया है। वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें भ्रामक हैं। विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है।1
- Post by Santosh soni1
- Post by Devraj mrakam1
- 7 करोड़ का धान छत्तीसगढ़ सरकार के VIP चूहे खा गए! गरीब किसान की मेहनत पर सबसे बड़ा घोटाला!”1
- सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है। #Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels1
- आरंग/फरफौद में अज्ञात कारण से झूला युवक फांसी पर,,,🖋️सच के साथ ⏰वक्त के साथ,,,Ajit1
- *किरंदुल एनएमडीसी में एस.के समानता कंपनी बाहर से लाए कार्यरत मजदूरों की जान से खिलवाड़,और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी, साथ मजदूर के प्रति समानता कंपनी की लापरवाही उजागर* *किरंदुल स्थित एनएमडीसी में कार्यरत बहुचर्चित एस.के समानता कंपनी द्वारा अपने मजदूरों के लिए की गई यातायात व्यवस्था अत्यंत ही भयावह एवं जान जोखिम में डालने वाली पाई जा रही है* *एस. के समानता कंपनी बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के जो गरीब मजदूर है उनके साथ कर रही अन्याय* एस.के. समानता कंपनी जिस तरह प्रतिदिन मजदूरों को जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर काम पर लाया–ले जाया जा रहा है, वह किसी बड़ी दुर्घटना को खुला न्योता है, आंखों देखी स्थिति के अनुसार, मजदूरों को असुरक्षित वाहनों में, यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए एनएमडीसी कार्यस्थल तक पहुंचाया जा रहा है,यह न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है,बल्कि सीधे-सीधे मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ भी है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी मजदूर की जान चली जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या समानता कंपनी इसकी जिम्मेदारी उठाएगी या फिर एनएमडीसी प्रबंधन जवाबदेह होगा? बाहर से आई इस कंपनी द्वारा स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है, साथ क्षेत्र के मजदूर के साथ अन्याय किया जा रहा है उनको प्राथमिकता ना देकर बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी किया जा रहा है जिससे गरीब जनता और जन प्रतिनिधि बह नाराज, और जिस प्रकार ये मजदूर के साथ भी नियमों के अनदेखी किया जा रहा है यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है, प्रशासन से मांग की जाती है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए समानता कंपनी एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही मजदूरों के लिए सुरक्षित,नियमों के अनुरूप यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए, अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए,अन्यथा इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं प्रबंधन पर तय की जानी चाहिए और बाहरी मजदूर को लाकर बैलाडीला के मजदूर की अनदेखी करना ये बहुत ही जायदा गलत है इसे रोकना ही चाहिए और नियमों का साथ पालन भी किया जाना चाहिए4