अमरोहा जनपद के कस्बा उझारी में कर्बला की याद में मजलिसों का सिलसिला जारी है। इन मजलिसों के दौरान, मौलाना हसीन अख्तर ने यज़ीद को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी बताया। उन्होंने कहा कि यज़ीद ने छह महीने के अली असगर के साथ-साथ मासूम ओन और मोहम्मद को भी शहीद कराया था। उझारी स्थित इमामबारगाह बाबुल हवाइज में एक मजलिस का आयोजन किया गया, जहाँ ज़ीशान हैदर और उनके साथियों ने मर्सियाख्वानी की। इस दौरान अलाउद्दीन सैफी, मौ० असगर मुरादाबादी और बिलाल बाकरी ने पेशख्वानी की, और मजलिस को मौलाना हसीन अख्तर साहब ने खिताब फरमाया। वहीं, इमाम बारगाह अबू तालिब में आयोजित दूसरी मजलिस में ज़ीशान हैदर और उनके हमनवाओं ने मर्सियाख्वानी की, जबकि वासिफ रजा बाकरी और जॉन बाकरी ने पेशख्वानी की। इस मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना नदीम रजा ने हज़रत मुस्लिम की शहादत और उनके बच्चों की दर्दनाक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि हज़रत मुस्लिम को शहीद कर दिए जाने के बाद, उनके बच्चे ज़ालिम के डर से पेड़ पर छिप गए थे। हालांकि, ज़ालिम हारिस ने मुस्लिम के दोनों मासूम बच्चों को पकड़ लिया और उन्हें बेदर्दी के साथ शहीद कर दिया। इतना ही नहीं, उनके शवों को दरिया में बहा दिया गया, और उनके कटे हुए सर बादशाह के सामने पेश किए गए। शहादत का यह दर्दनाक वाकया सुनकर वहां मौजूद अज़ादार दहाड़ें मार-मार कर रो रहे थे और गिरिया कर रहे थे। मजलिस के समापन के बाद, बेंगलुरु से आए मशहूर नोहाख्वान मौलाना शाकिर हैदर ने नौहा पढ़ा, और तंजीमे हुसैनी के अराकीन ने सीना जानी की। इस अवसर पर नूरुल हसन, रहबर अब्बास, हसन मेहंदी, शेन असगर, बंदे हसन, मेहंदी हसन, हुसैन मेहंदी, कमर मेहंदी, सलमान हसन, शफीउल हसन, एडवोकेट आदिल जैदी, शोएब जैदी, मौ० असगर, अखलाक हुसैन, इब्ने अब्बास, अफाक हुसैन, शाने अब्बास, मोहम्मद बाकिर, मोहम्मद जावेद, सलमान हैदर, मौ० आरिफ राजा, मौ० जाकिर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अमरोहा जनपद के कस्बा उझारी में कर्बला की याद में मजलिसों का सिलसिला जारी है। इन मजलिसों के दौरान, मौलाना हसीन अख्तर ने यज़ीद को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी बताया। उन्होंने कहा कि यज़ीद ने छह महीने के अली असगर के साथ-साथ मासूम ओन और मोहम्मद को भी शहीद कराया था। उझारी स्थित इमामबारगाह बाबुल हवाइज में एक मजलिस का आयोजन किया गया, जहाँ ज़ीशान हैदर और उनके साथियों ने मर्सियाख्वानी की। इस दौरान अलाउद्दीन सैफी, मौ० असगर मुरादाबादी और बिलाल बाकरी ने पेशख्वानी की, और मजलिस को मौलाना हसीन अख्तर साहब ने खिताब फरमाया। वहीं, इमाम बारगाह अबू तालिब में आयोजित दूसरी मजलिस में ज़ीशान हैदर और उनके हमनवाओं ने मर्सियाख्वानी की, जबकि वासिफ रजा बाकरी और जॉन बाकरी ने पेशख्वानी की। इस मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना नदीम रजा ने हज़रत मुस्लिम की शहादत और उनके बच्चों की दर्दनाक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि हज़रत मुस्लिम को शहीद कर दिए जाने के
बाद, उनके बच्चे ज़ालिम के डर से पेड़ पर छिप गए थे। हालांकि, ज़ालिम हारिस ने मुस्लिम के दोनों मासूम बच्चों को पकड़ लिया और उन्हें बेदर्दी के साथ शहीद कर दिया। इतना ही नहीं, उनके शवों को दरिया में बहा दिया गया, और उनके कटे हुए सर बादशाह के सामने पेश किए गए। शहादत का यह दर्दनाक वाकया सुनकर वहां मौजूद अज़ादार दहाड़ें मार-मार कर रो रहे थे और गिरिया कर रहे थे। मजलिस के समापन के बाद, बेंगलुरु से आए मशहूर नोहाख्वान मौलाना शाकिर हैदर ने नौहा पढ़ा, और तंजीमे हुसैनी के अराकीन ने सीना जानी की। इस अवसर पर नूरुल हसन, रहबर अब्बास, हसन मेहंदी, शेन असगर, बंदे हसन, मेहंदी हसन, हुसैन मेहंदी, कमर मेहंदी, सलमान हसन, शफीउल हसन, एडवोकेट आदिल जैदी, शोएब जैदी, मौ० असगर, अखलाक हुसैन, इब्ने अब्बास, अफाक हुसैन, शाने अब्बास, मोहम्मद बाकिर, मोहम्मद जावेद, सलमान हैदर, मौ० आरिफ राजा, मौ० जाकिर सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- अमरोहा के सैद नगली नगर में 4 मुहर्रम के अवसर पर अलम बरामद किया गया। यह धार्मिक आयोजन हसन अब्बास के निवास स्थान पर मजलिस के साथ शुरू हुआ। मजलिस में सफ़दर अली और हमनवा ने मर्सियाखुवानी की, जिसके बाद सिरसी से तशरीफ़ लाए मौलाना मीसम अब्बास ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मजलिस के समापन के पश्चात अलम का जुलूस निकाला गया, जो दादे वाले इमामबारगाह पहुँचकर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान हैदर अब्बास, सुहैल अब्बास, और सिरसी से आई अंजुमन पन्जेतनी के साहिबे बयाज लकी जाफ़री ने नौहे पढ़े।2
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रॉबिन नामक एक युवक को युवतियों को देखकर सड़क पर डांस करना महंगा पड़ गया। युवक की इस हरकत से वहां मौजूद कुछ लड़कियां असहज महसूस करने लगीं, जिसके बाद 'योगी की पुलिस' ने उसे फौरन सबक सिखाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह पुलिस स्टेशन के अंदर लंगड़ाता हुआ दिखाई दे रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) ने अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दिवस पर कुल 14 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें से मात्र 3 शिकायतों का ही निस्तारण हो पाया।1
- Post by Jitendra Kumar Sharma Jitendra Sharma1
- सियाना तहसील के राणापुर गाँव में हाल ही में स्थापित एक नए फ्रीजर प्याऊ को लेकर विधायक जी से शिकायत की गई है। ग्रामीण के अनुसार, नरेंद्र लोधी ने गाँव के मंदिर पर यह प्याऊ एक महीने पहले लगवाया था। हालांकि, शिकायतकर्ता ने बताया कि इतने कम समय में ही यह प्याऊ खराब हो चुका है और मंदिर के पंडित जी ने इसे वहाँ से हटाकर रख दिया है, लेकिन अब यह कहाँ है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस तरह एक महीने पहले लगा नया प्याऊ खराब होकर अनुपयोगी हो गया है और उसका कोई अता-पता नहीं है।1
- अमरोहा जिले के गजरौला में एक युवक से कथित तौर पर 1 करोड़ 80 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित युवक से पैसे डबल करने और तंत्र क्रिया के नाम पर यह धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि गजरौला के मोहल्ला अतरपुरा निवासी जाने आलम ने इस घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित आकाश चौधरी, जो थाना बछरायूं के सरकड़ा कलां का निवासी है, ने आरोप लगाया है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। आकाश चौधरी लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उसके परिवार में भारी नाराजगी है।1
- अमरोहा जनपद के कस्बा नौगावां सादात निवासी नजाकत अली ने जिलाधिकारी अमरोहा को एक शिकायती पत्र सौंपकर जिले तथा आसपास के क्षेत्रों में कथित पशु तस्करी के एक संगठित नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिजनौर जिले के धामपुर, किरतपुर और नूरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पशुओं की अवैध तस्करी की जा रही है, जिन्हें अमरोहा और गजरौला समेत आसपास के इलाकों में पहुंचाया जाता है। नजाकत अली ने बताया कि तस्कर पशुओं को वाहनों में क्षमता से अधिक संख्या में ठूंस-ठूंसकर भरते हैं, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक पीड़ा, दम घुटने, प्यास तथा अन्य प्रकार की क्रूरता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि इस अवैध कारोबार को संचालित करने में कुछ स्थानीय स्तर के लोगों की मिलीभगत हो सकती है, जिसके कारण यह गतिविधि लगातार जारी है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने, पशु तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों तथा उनके सहयोगियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, नजाकत अली ने यह भी कहा कि पशु तस्करी से जुड़े व्यक्ति प्रभावशाली और संगठित हैं, इसलिए शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वह किसी भी प्रकार के दबाव या खतरे से सुरक्षित रह सके। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाते हैं।3