*भूमाफियाओं का बेलगाम आतंक: तहसीलदार की सरपरस्ती में महिलाओं पर बर्बर हमला, पुलिस ने पीड़ितों को ही पुलिस गाड़ी में खींचा* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* एटा/जलेसर ~ उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में भूमाफियाओं का खुल्लम खुल्ला शैतानी राज चल रहा है। जलेसर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीतम सिंह की पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश के दौरान सैकड़ों की संख्या में आए माफिया गिरोह ने उनके परिवार की महिलाओं पर जानलेवा हमला बोल दिया। मारपीट इतनी क्रूर थी कि एक महिला की हड्डी टूट गई और दूसरी महिला बेहोश हो गई। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन मूकदर्शक बनी रही। पीड़ित पक्ष की महिलाओं को जबरन पुलिस की गाड़ी में खींचकर बैठा लिया गया। विवाद गाटा संख्या 306 (रकबा 1.627 हेक्टेयर) की पैतृक भूमि का है, जिसका मुकदमा अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को तय है। इसके बावजूद विवादों में रहे तहसीलदार संदीप सिंह बिना हल्का लेखपाल अरुण कुमार जादौन की मौजूदगी में इंची टेप से पैमाइश करने पहुंच गए। वीडियो में तहसीलदार खुद दावा करते सुनाई दे रहे हैं - "जब मैं मौजूद हूं तो लेखपाल की क्या आवश्यकता है?" सवाल उठता है कि बिना लेखपाल के तहसीलदार कब से पैमाइश करने लगे हैं ? क्या यह माफिया गिरोह की मिलीभगत का सबूत नहीं है ?घटना के दौरान मजिस्ट्रेट लिखी सरकारी गाड़ी (नंबर UP82 AS4469) का शीशा मारपीट में टूट गया, जिसे तहसीलदार वीडियो में खुद स्वीकार करते सुनाई दे रहे हैं। महिलाओं को खींचकर इसी मजिस्ट्रेट गाड़ी में नहीं, बल्कि पुलिस लिखी गाड़ी में जबरन बैठाया गया। वीडियो फुटेज में सब साफ दिख रहा है - माफिया की भीड़ बेखौफ हमला कर रही है, पुलिस पीड़ितों को ही दबा रही है।गीतम सिंह ने पहले ही एसएसपी एटा को शिकायत देकर जान का खतरा बताया था। आरोपियों में सतेंद्र सिंह (महापुर थाना शकरौली), माधवेंद्र सिंह (बदनपुर), जय सिंह (नगला महासुख), अमर सिंह (नगला धारा), संजीव कुमार गुप्ता उर्फ वासी (मंडी जवाहरगंज), पुष्पेंद्र कुमार उर्फ बड्डन (शंकरगढ़) और गौहर सिंह उर्फ टीकम शामिल हैं। इन पर 03 मार्च 2025 को छद्म महिला लोंगश्री से फर्जी बैनामा कराने और "कब्जा नहीं छोड़ा तो परिवार समेत मार डालेंगे" जैसी खुली धमकियां देने के आरोप हैं। सूत्र बताते हैं कि तहसील के कुछ कर्मचारी माफिया के साथ मिलकर फर्जी नामों से जमीन खरीद-फरोख्त करते हैं और बाद में सांठ-गांठ से कब्जा करा देते हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख होने से मामला राजनैतिक भी हो गया है। गीतम सिंह ने आरोपियों पर सख्त कार्यवाही,परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस शिकायत पर "विचार" कर रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। योगी सरकार का 'भूमाफियाओं पर जीरो टॉलरेंस' का दावा एटा में महज खोखला साबित हो रहा है। जब तहसीलदार खुद नियम तोड़कर माफिया के पक्ष में खड़े हों, पुलिस पीड़ितों को ही सताए, तो आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा? प्रशासन की यह नाकामी कब तक बर्दाश्त की जाएगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा?
*भूमाफियाओं का बेलगाम आतंक: तहसीलदार की सरपरस्ती में महिलाओं पर बर्बर हमला, पुलिस ने पीड़ितों को ही पुलिस गाड़ी में खींचा* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* एटा/जलेसर ~ उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में भूमाफियाओं का खुल्लम खुल्ला शैतानी राज चल रहा है। जलेसर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीतम सिंह की पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश के दौरान सैकड़ों की संख्या में आए माफिया गिरोह ने उनके परिवार की महिलाओं पर जानलेवा हमला बोल दिया। मारपीट इतनी क्रूर थी कि एक महिला की हड्डी टूट गई और दूसरी महिला बेहोश हो गई। पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन मूकदर्शक बनी रही। पीड़ित पक्ष की महिलाओं को जबरन पुलिस की गाड़ी में खींचकर बैठा लिया गया। विवाद गाटा संख्या 306 (रकबा 1.627
हेक्टेयर) की पैतृक भूमि का है, जिसका मुकदमा अलीगढ़ मंडल के अपर आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को तय है। इसके बावजूद विवादों में रहे तहसीलदार संदीप सिंह बिना हल्का लेखपाल अरुण कुमार जादौन की मौजूदगी में इंची टेप से पैमाइश करने पहुंच गए। वीडियो में तहसीलदार खुद दावा करते सुनाई दे रहे हैं - "जब मैं मौजूद हूं तो लेखपाल की क्या आवश्यकता है?" सवाल उठता है कि बिना लेखपाल के तहसीलदार कब से पैमाइश करने लगे हैं ? क्या यह माफिया गिरोह की मिलीभगत का सबूत नहीं है ?घटना के दौरान मजिस्ट्रेट लिखी सरकारी गाड़ी (नंबर UP82 AS4469) का शीशा मारपीट में टूट गया, जिसे तहसीलदार वीडियो में खुद स्वीकार करते सुनाई दे रहे
हैं। महिलाओं को खींचकर इसी मजिस्ट्रेट गाड़ी में नहीं, बल्कि पुलिस लिखी गाड़ी में जबरन बैठाया गया। वीडियो फुटेज में सब साफ दिख रहा है - माफिया की भीड़ बेखौफ हमला कर रही है, पुलिस पीड़ितों को ही दबा रही है।गीतम सिंह ने पहले ही एसएसपी एटा को शिकायत देकर जान का खतरा बताया था। आरोपियों में सतेंद्र सिंह (महापुर थाना शकरौली), माधवेंद्र सिंह (बदनपुर), जय सिंह (नगला महासुख), अमर सिंह (नगला धारा), संजीव कुमार गुप्ता उर्फ वासी (मंडी जवाहरगंज), पुष्पेंद्र कुमार उर्फ बड्डन (शंकरगढ़) और गौहर सिंह उर्फ टीकम शामिल हैं। इन पर 03 मार्च 2025 को छद्म महिला लोंगश्री से फर्जी बैनामा कराने और "कब्जा नहीं छोड़ा तो परिवार समेत मार डालेंगे" जैसी खुली धमकियां देने के आरोप हैं। सूत्र बताते हैं कि
तहसील के कुछ कर्मचारी माफिया के साथ मिलकर फर्जी नामों से जमीन खरीद-फरोख्त करते हैं और बाद में सांठ-गांठ से कब्जा करा देते हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख होने से मामला राजनैतिक भी हो गया है। गीतम सिंह ने आरोपियों पर सख्त कार्यवाही,परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस शिकायत पर "विचार" कर रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। योगी सरकार का 'भूमाफियाओं पर जीरो टॉलरेंस' का दावा एटा में महज खोखला साबित हो रहा है। जब तहसीलदार खुद नियम तोड़कर माफिया के पक्ष में खड़े हों, पुलिस पीड़ितों को ही सताए, तो आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा? प्रशासन की यह नाकामी कब तक बर्दाश्त की जाएगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा?
- दिल्ली में1
- Post by Sunil kumar1
- पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान अग्निवीर की बीमारी से मौत 🔴 शव गांव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम दर्शन फिरोजाबाद। थाना लाइनपार क्षेत्र के गांव गुदाऊ की (ठार दंगल) निवासी अग्निवीर सूरज यादव (24) की पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 🔹 पानागढ़ (पश्चिम बंगाल) में थी तैनाती 🔹 मंगलवार रात 9 बजे तक परिजनों से फोन पर की थी बातचीत 🔹 अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे परिजनों को तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई, कुछ ही देर बाद मौत की खबर आ गई। सूचना मिलते ही मां गुड्डी देवी, पिता गंगा सिंह यादव और भाई-बहन बेसुध हो गए।1
- फिरोजाबाद के वार्ड नंबर 16 से बीजेपी पार्षद प्रतिनिधि मुकुल दिवाकर के साथ मारपीट और पथराव का आरोप सामने आया है। घटना बुधवार रात थाना रसूलपुर क्षेत्र में हुई, जो सीसीटीवी में कैद बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार स्ट्रीट लाइट चेक करने के दौरान कुछ युवकों से विवाद हुआ, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और गाड़ी में खींचने की कोशिश हुई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से उन्हें बचाया गया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- "खरगोश ने ट्रेन से लगाई रेस!" Trand News India #viral #news #trending #video #viralvideo #breakingnews1
- आगरा से पत्रकार मंडल ब्यूरो चीफ, डिस्ट्रिक्ट हैंड, प्रैस रिपोर्टर राजीव कुमार सिंह सिकरवार आगरा (उ.प्र) प्रदेश मीडिया प्रभारी भारतीय हलधर किसान यूनियन संगठन उत्तर प्रदेश 9756737560 =94588754224
- Prajapati 100k1
- is road ki koi bhi sunvaee nahin ho rahi hai humne Kai bar shikayat Kar Di Hai is jagah ka naam hai tedhi bagiya Agra Rambagh CNG petrol pump ke pass 100 futa road3
- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे आगरा1