झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में उदयपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक अनोखी चोरी का खुलासा किया है, जहाँ एक दामाद ने अपने ही ससुराल में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। यह घटना उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र की है। परिवादिया लीला (पत्नी लक्ष्मण भगोरा) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पीहर ढुंढकिया में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान उन्होंने अपने जेवरात, जिसमें चांदी का एक कन्दोरा, पैर की छह बिछिया और कान की सोने की दो टोकरियां शामिल थीं, उतारकर घर में रखे थे, जो अगले दिन गायब मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (खेरवाड़ा) अंजना सुखवाल और वृताधिकारी (झाड़ोल) विवेक सिंह की देखरेख में थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस की जांच और परिवादिया के बयानों के आधार पर शक की सुई घर के ही एक सदस्य पर जा टिकी। कड़ी पूछताछ के बाद, परिवादिया की छोटी बहन प्रियंका के पति अरविंद (पुत्र बंशीलाल खराड़ी, उम्र 20 वर्ष, निवासी निचली सिगरी, थाना फलासिया) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर लिया है और चुराए गए जेवरात की बरामदगी के लिए आगे का अनुसंधान जारी है।
झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में उदयपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक अनोखी चोरी का खुलासा किया है, जहाँ एक दामाद ने अपने ही ससुराल में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। यह घटना उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र की है। परिवादिया लीला (पत्नी लक्ष्मण भगोरा) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पीहर ढुंढकिया में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान उन्होंने अपने जेवरात, जिसमें चांदी का एक कन्दोरा, पैर की छह बिछिया और कान की सोने की दो टोकरियां शामिल थीं, उतारकर घर में रखे थे, जो अगले दिन गायब मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (खेरवाड़ा) अंजना सुखवाल और वृताधिकारी (झाड़ोल) विवेक सिंह की देखरेख में थानाधिकारी फैलीराम मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस की जांच और परिवादिया के बयानों के आधार पर शक की सुई घर के ही एक सदस्य पर जा टिकी। कड़ी पूछताछ के बाद, परिवादिया की छोटी बहन प्रियंका के पति अरविंद (पुत्र बंशीलाल खराड़ी, उम्र 20 वर्ष, निवासी निचली सिगरी, थाना फलासिया) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर लिया है और चुराए गए जेवरात की बरामदगी के लिए आगे का अनुसंधान जारी है।
- एक व्यक्ति ने खेती की वर्तमान स्थिति पर गहरी निराशा व्यक्त की है, उनका कहना है कि इस क्षेत्र में खेती से 'कुछ नहीं' मिल रहा है। 'हमारे यहां का नतीजा देखिए' कहते हुए, वे इस बात पर भी जोर देते हैं कि 'ऐसे वीडियो बनाए जाते हैं'।4
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप जब्त की है। यह कार्रवाई डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार और पुलिस उपाधीक्षक मदनलाल बिश्नोई के सख्त आदेशों के बाद बिछीवाड़ा थाना पुलिस को मिली एक बड़ी कामयाबी है, जिससे जिले में अपराधियों और तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं। मुखबिर की सटीक सूचना पर रतनपुर पुलिस चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम ने एनएच-48 पर उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जाने वाले वाहनों की चेकिंग शुरू की थी। इसी चेकिंग के दौरान, उदयपुर की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध टाटा ओपन बॉडी ट्रक (नंबर GJ 10 TT 9477) को रोका गया। पुलिस ने ट्रक की जांच की तो ऊपर सफेद तिरपाल और उसके नीचे चावल की बोरियां भरी हुई दिखाई दीं। हालांकि, पुलिस टीम की मुस्तैदी से चावल की बोरियों को एक-एक कर हटाने पर उसके नीचे भारी मात्रा में अलग-अलग ब्रांड की चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के कार्टन छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस ने कुल 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' अंकित था। जब्त की गई इस अवैध शराब की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से शराब की इस खेप और तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रक को जब्त कर लिया है, साथ ही ट्रक चालक योगेश (उम्र 42 साल), निवासी रणवाली गली, छाया प्लॉट, पोरबंदर (गुजरात) को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ (उपनिरीक्षक) के साथ कांस्टेबल जोगेंद्र सिंह (नंबर 720), कांस्टेबल कुंदन सिंह (नंबर 426), कांस्टेबल फतहलाल (नंबर 754), कांस्टेबल कपिल (नंबर 490) और कांस्टेबल गौरव (नंबर 951) शामिल रहे।3
- डूंगरपुर में 3 जून को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक मीडिया राउंड टेबल का आयोजन किया गया, जिसमें मीडिया की अहम भागीदारी को जिला कलक्टर देशलदान ने सराहा। उन्होंने बताया कि मीडिया ने जन-जन तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात उन्होंने बुधवार को जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कही। इस अवसर पर जिला कलक्टर देशलदान ने अभियान के तहत किए गए कार्यों, पिछले वर्ष के कार्यों के प्रभाव, पहाड़ियों पर बने चेकडेम, अर्बन स्ट्रक्चर और जल संरचनाओं से बरसात के पानी के रुकने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि व्यर्थ बहते पानी के रुकने से भूजल स्तर बढ़ा है, पहाड़ियां हरी-भरी हुई हैं, भूमि में नमी बढ़ी है, चारागाह विकसित हुए हैं और पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे अभियान की सफलता स्पष्ट रूप से दिख रही है। उन्होंने इस वर्ष भी परंपरागत जल स्रोतों की साफ-सफाई, बड़े तालाबों, एनीकट की सफाई और जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर देने की जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क श्रीमती छाया चौबीसा और वाटर शेड अधीक्षण अभियंता मूलाराम सोलंकी ने जिला कलक्टर, सीईओ और सभी मीडिया कर्मियों का उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने अभियान के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरियालो राजस्थान, कर्मभूमि से मातृभूमि और जल संरक्षण स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया वास्तव में सोशल ऑडिट करती है, जिससे उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अधिशाषी अभियंता वाटर शेड संदीप पांडे ने जल की उपलब्धता, भूजल स्तर, डार्क ज़ोन और आने वाले समय में पानी की स्थिति पर एक पावर प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें अभियान का महत्व, बनाए गए जल स्ट्रक्चर और पिछले वर्ष के कार्यों के प्रभावों को रेखांकित किया गया। इस प्रेजेंटेशन में अधिशाषी अभियंता रवि कटारा, सहायक अभियंता प्रतिभा कटारा और लेखाधिकारी प्रतीक जैन ने भी सहयोग दिया। जिला कलक्टर देशलदान ने पुराने जल स्रोतों को साफ कर पेयजल योजनाओं से जोड़ने और 'हरियालो राजस्थान' के तहत प्रत्येक ब्लॉक में एक मॉडल फलदार बगीचा विकसित करने के प्रयासों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में वाटर शेड़ अधीक्षण अभियंता मूलाराम सोलंकी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग महाप्रबंधक भगवान दास, एपीआरओ मोहन खराड़ी, मीडिया कर्मी, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक जनसंपर्क ने किया। सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जल संरक्षण करने, प्लास्टिक मुक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।1
- डूंगरपुर में पुलिस थाना बिछीवाड़ा ने "ऑपरेशन स्वच्छता" के तहत रतनपुर बॉर्डर पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ट्रक में चावल की बोरियों की आड़ में हो रही चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब की तस्करी को पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान कुल 846 कर्टन अंग्रेजी शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 90 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक और पोरबंदर, गुजरात निवासी उसके चालक योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में पारस मल पुलिस व्रत अधिकारी ने जानकारी दी।3
- डूंगरपुर जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन स्वच्छता” के तहत बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने रतनपुर बॉर्डर पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लगभग 90 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब से भरे एक ट्रक को जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन और वृत्ताधिकारी सीमलवाड़ा मदनलाल बिश्नोई के मार्गदर्शन में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में हुई। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को रतनपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ अपने जाप्ते के साथ एनएच-48 पर उदयपुर से अहमदाबाद जाने वाले वाहनों की नाकाबंदी कर जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात की ओर जा रहे एक टाटा कंपनी के ओपन बॉडी ट्रक में चावल की बोरियों की आड़ में अवैध अंग्रेजी शराब भरी हुई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रक नंबर जीजे 10 टीटी 9477 को रुकवाकर तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में ट्रक में चावल की बोरियां ही दिखाई दीं, लेकिन बोरियों को हटाने पर अंदर विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब के कार्टन मिले। पुलिस ने सभी 846 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर “फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़” अंकित था। पुलिस ने मौके से ट्रक जब्त कर चालक योगेश कोडियातर, निवासी पोरबंदर, गुजरात को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर इस शराब तस्करी नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- राजसमंद वासियों के लिए ऐतिहासिक रायसागर झील भीषण गर्मी में वरदान साबित हो रही है। सुबह-शाम बच्चे और युवा बड़ी संख्या में झील पर उमड़ रहे हैं, जहाँ तैराक बच्चों को निशुल्क तैराकी सिखा रहे हैं। झील का ठंडा पानी गर्मी में आँखों और शरीर को राहत प्रदान कर रहा है। उल्लेखनीय है कि रायसागर झील एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की कृत्रिम झील है।1
- गरासिया समाज के भीतर, शादियाँ बैंड बाजा के साथ जंगल में ही मनाई जाती हैं। यह समाज अपने विवाह समारोहों को जंगली इलाकों में इसी प्रकार धूमधाम से मनाता है।4
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित नवा महादेव मंदिर में पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों की नियमितीकरण की माँग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जितेंद्र मेहता ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि उपाध्यक्ष घनश्याम के नेतृत्व में इसका आयोजन हुआ। इस बैठक में 400 से अधिक संख्या में शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। बैठक में पंचायत शिक्षकों की वेदना को संबोधित किया गया, जहाँ प्रमुखता से बताया गया कि "डबल इंजन सरकार" के बावजूद उनके एरियर जुलाई 2025 से बकाया हैं। शिक्षकों ने यह भी कहा कि उनके नियमितीकरण के लिए सरकार की मंशा धरातल पर नजर नहीं आ रही है। उन्हें मात्र 19700 के कम मानदेय में परिवार चलाना भारी पड़ रहा है, और ना तो उनकी सर्विस बुक बनाई जा रही है, ना ही कोई कटौती की जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें 1500 रुपए का मेडिकल भत्ता भी प्राप्त नहीं हो रहा है। उन्होंने ज़ोर दिया कि 18 साल से अधिक समय की सेवा के बावजूद उन्हें न तो वेतन वृद्धि मिली है और न ही नियमितीकरण हुआ है, जिससे आए दिन जिला और राज्य स्तर पर होने वाले धरनों के दौरान दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। शिक्षकों ने सरकार से इस भयावह समस्या का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। इस अवसर पर घनश्याम लबाना, नरेश कांति, रामचंद्र दातार जी, राजेंद्र कवि और प्रवीण प्यासा जैसे सदस्यों ने एक कविता सुनाई, जिसमें संविदा से नियमित होकर अपने भविष्य को सुरक्षित करने का मार्मिक निवेदन किया गया।1
- डूंगरपुर जिले के नवा महादेव मंदिर में पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों, विशेषकर नियमितीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। जितेंद्र मेहता की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष घनश्याम के नेतृत्व में हुई इस बैठक में 400 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान, पंचायत शिक्षकों ने अपनी दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 'डबल इंजन सरकार' होने के बावजूद उनके एरियर जुलाई 2025 से बकाया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से नियमितीकरण के लिए कोई स्पष्ट मंशा धरातल पर नजर नहीं आ रही है। शिक्षकों ने ₹19,700 के कम मानदेय पर परिवार चलाने में आ रही कठिनाइयों का जिक्र किया, साथ ही बताया कि उन्हें न तो सर्विस बुक मिली है, न ही कोई कटौती की जा रही है, और न ही ₹1500 का मेडिकल भत्ता प्राप्त हो रहा है। उन्होंने अपनी 'भयावह समस्या' का जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की, यह कहते हुए कि 18 साल से अधिक समय सेवा देने के बावजूद भी उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई है और न ही उन्हें नियमित किया गया है। शिक्षकों ने यह चिंता भी जताई कि जिला और राज्य स्तर पर आए दिन होने वाले धरनों से दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। बैठक में घनश्याम लबाना, नरेश, कांति, रामचंद्र दातार जी और राजेंद्र सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे। कवि प्रवीण प्यासा ने एक कविता सुनाकर 'संविदा से हम तो नियमित हो जाएं, आगे क्या है ये भविष्य हो जाए' का भावुक निवेदन किया, जिसमें उन्होंने नियमितीकरण और भविष्य सुरक्षित करने की आकांक्षा व्यक्त की।1