*सागौन के सैकड़ों पेड़ों की बलि, एनएच 44 के किनारे भूमाफिया ने किया कब्जा* रेंजर बोले – FIR तो की है, लेकिन किसने काटे, कितने कटे में देखकर ही बता पाऊंगा मनीष तिवारी.मालथौन 9993986991 सागर जिले के उत्तर वन मंडल सागर के वन परिक्षेत्र मालथौन की मान्दरी बीट में नेशनल हाइवे के किनारे से लगी बेशकीमती जंगल की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। हैरत की बात यह है कि एनएच 44 से लगी इस वन भूमि में सागौन के मोटे-मोटे करीब 100 से अधिक पेड़ों को काटा गया, बल्कि कुछ पेड़ों की लकड़ी की तस्करी भी हो गई। दिलचस्प बात यह है कि इटवा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर मालथौन मुख्यालय में बैठे रेंजर को पूरे मामले को भनक तक नहीं लगी। सागर-झांसी फोरलाइन पर इटवा फाटक के पास यात्री प्रतीक्षालय के बाजू से सटे हुए घने जंगल का सफाया कर मैदान में तब्दील कर दिया गया। लेकिन मालथौन वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक भूमाफियाओं पर कोई ठोस र्कारवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई है। जहां एक ओर वन विभाग लगातार अवैध कब्जे हटाने और जंगल बचाने मे लाखों रुपए खर्च कर रहा है। वहीं मालथौन में लगातार कब्जे हटाने के दावे करता वन विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है । कुछ माह पूर्व ही मालथौन रेंजर ने बड़े ही जोर शोर से वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम चलाई थी। वन भूमि में बोई गई फसल पर सफाया का छिड़काव करवाया गया, ड्रोन कैमरे से सर्वे कर खड़ी लहलहाती फसलों में स्थानीय मवेशियों से बर्बाद करवा दी गईं। जिसमें शासन के लाखों रुपये खर्च भी हुए। उनकी कार्रवाई से लगता था कि अब मालथौन वन परिक्षेत्र भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ। शासन का लाखों रुपए का खर्च भी हो गया और वन भूमि अवैध कब्जे से मुक्त भी नही हुई। हां दर्जनों गरीबों का लाखों का नुकसान जरूर हो गया। *बड़े दबंगो की अवैध कब्जे वाली वन भूमि पर वन अमला झांक भी नही सका* सूत्रों की माने तो जिस भूमि से अवैध कब्जा हटाये गए थे। उस भूमि पर फिर से फसलें लहलहा रही हैं। चर्चा है कि फिर से कब्जा करने के एवज में वन विभाग के कर्मचारियों और वन विभाग के दलालों ने जमकर उगाही की और भारी भरकम सुविधा शुल्क लेकर फिर से अतिक्रमण करवा दिया गया। वहीं आम लोगों में यह सुगबुगाहट है कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की मुहिम के पीछे भारी उगाही करने का उद्देश्य भी था। बहरहाल इटवा फाटक पर हुए अवैध कब्जा और सागौन के बड़े-बड़े पेड़ों को काटने के पीछे का उद्देश्य और वन विभाग द्वारा कार्रवाई न करने एवं मीडिया के सवालों पर सटीक जबाब न देना कहीं न कहीं वन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत की ओर इशारा जरूर कर रही है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और कठोर कार्रवाई करना चाहिए, ताकि वन विभाग की बेशकीमती, वन संपदा को भूमाफियाओं से बचाया जा सके। सायद रेंजर साहब इतनी बड़ी कार्यवाही को हल्के मे ले बैठे अवैध कब्जे हटाने जैसे कार्यों पर सिर्फ क्या रेंजर साहब वाही -वाही लूटना ही महज चाहते है क्या किसी ने कब्जा करने का प्रयास किया था। उसका नाम याद नही है डायरी में देखकर बताऊंगा। नीतेश सोनी, रेंजर
*सागौन के सैकड़ों पेड़ों की बलि, एनएच 44 के किनारे भूमाफिया ने किया कब्जा* रेंजर बोले – FIR तो की है, लेकिन किसने काटे, कितने कटे में देखकर ही बता पाऊंगा मनीष तिवारी.मालथौन 9993986991 सागर जिले के उत्तर वन मंडल सागर के वन परिक्षेत्र मालथौन की मान्दरी बीट में नेशनल हाइवे के किनारे से लगी बेशकीमती जंगल की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। हैरत की बात यह है कि एनएच 44 से लगी इस वन भूमि में सागौन के मोटे-मोटे करीब 100 से अधिक पेड़ों को काटा गया, बल्कि कुछ पेड़ों की लकड़ी की तस्करी भी हो गई। दिलचस्प बात यह है कि इटवा से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर मालथौन मुख्यालय में बैठे रेंजर को पूरे मामले को भनक तक नहीं लगी। सागर-झांसी फोरलाइन पर इटवा फाटक के पास यात्री प्रतीक्षालय के बाजू से सटे हुए घने जंगल का सफाया कर मैदान में तब्दील कर दिया गया। लेकिन मालथौन वन विभाग के अधिकारियों ने अभी तक भूमाफियाओं पर कोई ठोस र्कारवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई है। जहां एक ओर वन विभाग लगातार अवैध कब्जे
हटाने और जंगल बचाने मे लाखों रुपए खर्च कर रहा है। वहीं मालथौन में लगातार कब्जे हटाने के दावे करता वन विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है । कुछ माह पूर्व ही मालथौन रेंजर ने बड़े ही जोर शोर से वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम चलाई थी। वन भूमि में बोई गई फसल पर सफाया का छिड़काव करवाया गया, ड्रोन कैमरे से सर्वे कर खड़ी लहलहाती फसलों में स्थानीय मवेशियों से बर्बाद करवा दी गईं। जिसमें शासन के लाखों रुपये खर्च भी हुए। उनकी कार्रवाई से लगता था कि अब मालथौन वन परिक्षेत्र भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ। शासन का लाखों रुपए का खर्च भी हो गया और वन भूमि अवैध कब्जे से मुक्त भी नही हुई। हां दर्जनों गरीबों का लाखों का नुकसान जरूर हो गया। *बड़े दबंगो की अवैध कब्जे वाली वन भूमि पर वन अमला झांक भी नही सका* सूत्रों की माने तो जिस भूमि से अवैध कब्जा हटाये गए थे। उस भूमि पर फिर से फसलें लहलहा रही हैं। चर्चा है कि फिर से कब्जा करने के
एवज में वन विभाग के कर्मचारियों और वन विभाग के दलालों ने जमकर उगाही की और भारी भरकम सुविधा शुल्क लेकर फिर से अतिक्रमण करवा दिया गया। वहीं आम लोगों में यह सुगबुगाहट है कि वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की मुहिम के पीछे भारी उगाही करने का उद्देश्य भी था। बहरहाल इटवा फाटक पर हुए अवैध कब्जा और सागौन के बड़े-बड़े पेड़ों को काटने के पीछे का उद्देश्य और वन विभाग द्वारा कार्रवाई न करने एवं मीडिया के सवालों पर सटीक जबाब न देना कहीं न कहीं वन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत की ओर इशारा जरूर कर रही है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और कठोर कार्रवाई करना चाहिए, ताकि वन विभाग की बेशकीमती, वन संपदा को भूमाफियाओं से बचाया जा सके। सायद रेंजर साहब इतनी बड़ी कार्यवाही को हल्के मे ले बैठे अवैध कब्जे हटाने जैसे कार्यों पर सिर्फ क्या रेंजर साहब वाही -वाही लूटना ही महज चाहते है क्या किसी ने कब्जा करने का प्रयास किया था। उसका नाम याद नही है डायरी में देखकर बताऊंगा। नीतेश सोनी, रेंजर
- स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर युवाओं का तहसील में ज्ञापन1
- तहसील में दिया है ज्ञापन नानक वार्ड पार्षद बीडी राजाक1
- 1.20 करोड़ की लागत से भानगढ़ उपतहसील भवन का भूमिपूजन विधायक निर्मला सप्रे ने किया शुभारंभ, 60 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ1
- Post by Kallu singh1
- तेज रफ्तार पिंकअप ने मारी टक्कर दो युवकों की मौत,मौके से पिंक अप छोड़कर भागा ड्राइवर टीकमगढ़ मध्य प्रदेश। रिपोर्टर जमील खान टीकमगढ़ मध्यप्रदेश जिले के बड़ागांव- ककरवाहा मार्ग पर पिकअप वाहन और वाइक की भिड़ंत वाइक सवार दो युवकों की मौके पर हुई मौत ।स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस एंबुलेंस की मदद से वाइक सवार मृतकों को भेजा अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव में किया जा रहा पी एम बड़ागांव थाना अंतर्गत इण्डेन गैस गोदाम के पास की घटना मृतकों के नाम अक्षय वंशकार और अखिलेश अहिरवार है। जो हैदरपुर गांव के बताए गए हैं जिसमें मृतक अक्षय पिता सरपंच है। पुलिस ने बाहन को जप्त कर लिया है जबकि चालक मौके से फरार हो गया है।1
- Post by Beekesh Lodhi1
- लोकेशन जैसीनगर सागर मध्य प्रदेश संवाददाता प्रशांत दीक्षित मोबाइल 9981272443 श्रीराम कथा का भव्य आयोजन ग्राम सेमरागोपालमन में किया जा रहा है श्री राम कथा की भव्य शोभायात्रा में क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है इतनी लंबी एवं विशाल शोभा यात्रा एवं कलश यात्रा शायद ही पहले किसी गांव में निकली होगी कथा वाचक मानस सेविका निशी दीदी जी के मुखारबिंद से श्री राम कथा श्रवण करने का सौभाग्य क्षेत्र वासियों को प्राप्त हो रहा है जिसकी भव्य शोभायात्रा वृंदावन बाग मंदिर से सैकड़ों वाहनों से गाजे बाजे अखाड़ों से सागर से प्रारंभ हुई जो सुरखी क्षेत्र के विधायक मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास मातोश्री पर पहुंची वहां शोभायात्रा का भव्य स्वागत हुआ वहा से तालचिरी हनोता बरोदा सागर होती हुई ग्राम सेमरागोपालामन पहुंची हजारों की संख्या में भक्तो ने जगह जगह शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया फिर सेमरागोपालन में भव्य कलश यात्रा निकली जिसमे सैकड़ों महिलाओं ने कलश रखे मंगल गीत गाती हुई कलश यात्रा में शमिल हुई सारा सेमरा गांव श्री धाम अयोध्या की तरह सजाया गया ।1
- Post by Kallu singh1