गोमती नगर जोन में ट्रांसफर खेल! 24 घंटे में आदेश रद्द, किसके दबाव में झुका सिस्टम? गोमती नगर जोन में बड़ा खेल का पर्दाफाश हुआ है, पहले ट्रांसफर आदेश जारी होता है, फिर चुपचाप संशोधन कर दिया जाता है... इस प्रकरण में अहम सवाल “किसके संरक्षण में ‘भ्रष्ट TG-2’? अध्यक्ष के आदेश को भी किया दरकिनार" लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के गोमती नगर जोन में स्थानांतरण आदेशों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मामला ऐसा है जिसमें अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन के निर्देशों के बावजूद एक टीजी-2 कर्मचारी को संरक्षण देने का आरोप सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, गोमती नगर जोन के अंतर्गत कार्यरत एक विवादित टीजी-2 कर्मचारी का स्थानांतरण 30 जनवरी 2026 को एसएसओ पद के लिए किया गया था। यह आदेश मुख्य अभियंता गोमती नगर द्वारा जारी किया गया था। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही संशोधन कर उसका नाम स्थानांतरण सूची से हटा दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी क्या मजबूरी या दबाव था कि जारी आदेश में इतनी जल्दबाजी में संशोधन करना पड़ा? विभाग के अंदर इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित टीजी-2 कर्मचारी का कहना है कि “अधिकारियों को हमसे फायदा होता है, इसलिए हमें रखना ही पड़ेगा। कोई स्थानांतरण यूं ही रद्द नहीं होता, इसके लिए पैसा खर्च करना पड़ता है।” हालांकि "यूपीपीसीएल मीडिया" इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह भी चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण में मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात एक अधिशासी अभियंता, जिन्हें वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हुई है, की भूमिका अहम रही है। आरोप यह भी है कि स्थानांतरण रुकवाने के लिए मोटा चढ़ावा चढ़ाया गया। हालांकि यूपीपीसीएल मीडिया इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता। इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल द्वारा पारदर्शिता और सख्ती के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन गोमती नगर जोन में जारी यह घटनाक्रम उन निर्देशों को ही कटघरे में खड़ा करता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी आज तक अपने पुराने स्थान पर ही कार्य कर रहा है और उससे एसएसओ के कार्य के बजाय लिखापढ़ी का काम लिया जा रहा है, जो नियमों पर भी सवाल खड़ा करता है। फिलहाल "यूपीपीसीएल मीडिया" द्वारा संबंधित टीजी-2 कर्मचारी और अधिशासी अभियंता के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यूपीपीसीएल मीडिया की टीम जल्द ही मुख्य अभियंता गोमती नगर सुशील गर्ग और अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल से इस पूरे मामले में मुलाकात करेगी। इसके बाद पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदार लोगों के नामों का खुलासा किया जाएगा। अजीत मिश्रा (खोजी)
गोमती नगर जोन में ट्रांसफर खेल! 24 घंटे में आदेश रद्द, किसके दबाव में झुका सिस्टम? गोमती नगर जोन में बड़ा खेल का पर्दाफाश हुआ है, पहले ट्रांसफर आदेश जारी होता है, फिर चुपचाप संशोधन कर दिया जाता है... इस प्रकरण में अहम सवाल “किसके संरक्षण में ‘भ्रष्ट TG-2’? अध्यक्ष के आदेश को भी किया दरकिनार" लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के गोमती नगर जोन में स्थानांतरण आदेशों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मामला ऐसा है जिसमें अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन के निर्देशों के बावजूद एक टीजी-2 कर्मचारी को संरक्षण देने का आरोप सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, गोमती नगर जोन के अंतर्गत कार्यरत एक विवादित टीजी-2 कर्मचारी का स्थानांतरण 30 जनवरी 2026 को एसएसओ पद के लिए किया गया था। यह आदेश मुख्य अभियंता गोमती नगर द्वारा जारी किया गया था। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही संशोधन कर उसका नाम स्थानांतरण सूची से हटा दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी क्या मजबूरी या दबाव था कि जारी आदेश में इतनी जल्दबाजी में संशोधन करना पड़ा? विभाग के अंदर इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित टीजी-2 कर्मचारी का कहना है कि “अधिकारियों को हमसे फायदा होता है, इसलिए हमें रखना ही पड़ेगा। कोई स्थानांतरण यूं ही रद्द नहीं होता, इसके लिए पैसा खर्च करना पड़ता है।” हालांकि "यूपीपीसीएल मीडिया" इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह भी चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण में मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात एक अधिशासी अभियंता, जिन्हें वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली हुई है, की भूमिका अहम रही है। आरोप यह भी है कि स्थानांतरण रुकवाने के लिए मोटा चढ़ावा चढ़ाया गया। हालांकि यूपीपीसीएल मीडिया इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता। इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल द्वारा पारदर्शिता और सख्ती के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन गोमती नगर जोन में जारी यह घटनाक्रम उन निर्देशों को ही कटघरे में खड़ा करता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित कर्मचारी आज तक अपने पुराने स्थान पर ही कार्य कर रहा है और उससे एसएसओ के कार्य के बजाय लिखापढ़ी का काम लिया जा रहा है, जो नियमों पर भी सवाल खड़ा करता है। फिलहाल "यूपीपीसीएल मीडिया" द्वारा संबंधित टीजी-2 कर्मचारी और अधिशासी अभियंता के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यूपीपीसीएल मीडिया की टीम जल्द ही मुख्य अभियंता गोमती नगर सुशील गर्ग और अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल से इस पूरे मामले में मुलाकात करेगी। इसके बाद पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदार लोगों के नामों का खुलासा किया जाएगा। अजीत मिश्रा (खोजी)
- भ्रष्टाचार की 'डिजिटल' सेंध: बांसी के फूलपुर में बिना काम किए मोबाइल से लग रही हाजिरी, सरकारी धन की खुली लूट सिद्धार्थनगर (बांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन भले ही जीरो टॉलरेंस की नीति का दम भरते हों, लेकिन बांसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत फूलपुर में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। यहाँ 'डिजिटल इंडिया' का एक ऐसा काला कारनामा सामने आया है, जहाँ मजदूर साइड पर पसीना बहाने के बजाय मोबाइल की स्क्रीन में 'कैद' होकर अपनी हाजिरी दर्ज करा रहे हैं। तकनीक का तमाशा: मोबाइल से मोबाइल की फोटो खींचकर हाजिरी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फूलपुर में सचिव और रोजगार सेवक की जुगलबंदी ने भ्रष्टाचार का नया 'टेक्निकल मॉडल' तैयार किया है। नियमतः मजदूरों को कार्यस्थल पर मौजूद रहकर फेस-कैप्चर (Face Capture) के जरिए उपस्थिति दर्ज करानी होती है, लेकिन यहाँ खेल ही निराला है। मास्टर रोल में दर्ज 49 मजदूरों की हाजिरी कथित तौर पर घर बैठे ही मोबाइल से मोबाइल के फोटो खींचकर लगाई जा रही है। जिओ-टैग (Geo-tag) फोटो में भी इस जालसाजी के निशान साफ देखे जा सकते हैं। बिना फावड़ा चले खातों में जा रहा है पैसा मामला सिर्फ़ हाजिरी तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत फूलपुर में कार्य कोड 3151011/LD/958486255824933467 (एमएसआर संख्या: 6691) के तहत 'वीरेन्द्र सिंह के खेत से भरवाडीह सड़क तक मिट्टी कार्य' के नाम पर सरकारी धन की निकासी की जा रही है। आरोप है कि धरातल पर बिना कोई कार्य किए, मनरेगा का पैसा मजदूरों के खातों में हस्तांतरित किया जाता है और निकासी होते ही इसका बंदरबांट कर लिया जाता है। डीसी मनरेगा की चुप्पी पर सवाल सचिव की 'मेहरबानी' और रोजगार सेवक की इस 'जादुई तकनीक' ने शासन की मंशा पर पानी फेर दिया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर इतनी बड़ी धांधली डीसी मनरेगा और उच्चाधिकारियों की नजरों से कैसे बच रही है? क्या जिम्मेदारों को इस फर्जीवाड़े की भनक नहीं है, या फिर भ्रष्टाचार की यह जड़ें ऊपर तक जुड़ी हुई हैं? बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले की जांच कराकर दोषी सचिव और रोजगार सेवक पर कठोर कार्यवाही करेगा, या फिर फूलपुर में मनरेगा के धन की इसी तरह 'डिजिटल लूट' जारी रहेगी? रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज3
- Post by Dinesh yadav1
- Pramod Kumar Goswami. 09/03/20261
- Post by अनिल कुमार प्रजापति1
- संतकबीरनगर। जनपद संतकबीरनगर के खलीलाबाद शहर कोतवाली क्षेत्र के सरैया गांव में फर्जी वसीयतनामा के माध्यम से जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित अरुण कुमार पांडेय ने ग्रामीणों के साथ तहसील समाधान दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित पक्ष में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित ने समाधान दिवस के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और खलीलाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पीड़ित अरुण कुमार पांडेय का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी तरीके से जमीन का वसीयतनामा तैयार कराकर उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने भी इस प्रकरण की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी की संपत्ति को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने का प्रयास किया जा रहा है तो यह गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित का कहना है कि शिकायत दिए जाने के कई दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है1
- आकाशवाणी, 10 3 20.26 ई0 आज मंगलवार है । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित माना जाता है । आइये! भगवान हनुमान जी कै श्री चरणों में प्रणाम करते हुए, भगवान श्री गणपति जी का ध्यान करते हुए, अपने कुल देवताओं को नमस्कार करते ह हुए,आशीर्वाद प्राप्त करते हुए ,अपने बुजुर्ग लोगों का, पूर्वजों का स्मरण करते हुए, मित्रों !आज के दिन का प्रारंभ करते हैं। *को नहीं जानत है जग में, कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।। 🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशानुसार क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा द्वारा थाना महुली पर थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय एवं समस्त विवेचकों/अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित विवेचनाओं, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई । इस दौरान थाना परिसर का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों, रजिस्टरों एवं पुलिस कार्यप्रणाली की जांच की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । *बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई एवं आवश्यक आदेश/निर्देश दिए गए—* *लंबित विवेचनाओं की समीक्षा –* सभी विवेचकों को निर्देशित किया गया कि विवेचनाओं का निस्तारण निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। *अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था –* क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। *मिशन शक्ति अभियान –* महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, स्कूल-कॉलेज एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिला हेल्पलाइन की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। *साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध –* साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आमजन को जागरूक करने, साइबर हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार तथा साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। *सीसीटीवी कैमरा अभियान –* बाजार, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए व्यापारियों एवं आमजन को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम में सहायता मिल सके। *गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा –* गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। *SID एवं अन्य अभिलेखों का निरीक्षण –* थाने पर रखे गए SID, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर, बीट रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। *जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण –* थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका तत्काल एवं निष्पक्ष निस्तारण करने तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए। *बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करना –* बीट आरक्षियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्राम प्रधान, चौकीदार एवं सम्मानित व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र की सूचनाओं को नियमित रूप से थाने को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। *स्वच्छता एवं अनुशासन –* थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों की सुव्यवस्था तथा पुलिस कर्मियों को अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। अंत में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जनता का विश्वास पुलिस पर बना रहे, इसके लिए पारदर्शिता,संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखें।4
- Post by आज की आवाज1