Shuru
Apke Nagar Ki App…
ye light kyo jal rahi h aisi gadi jalne lagi Hai yah light service hokar Hi I Hai cal aisi light jalne lagi hai aajkal nai gadiyon mein yah Hai tatapanch ka nai gadi ka kamal ismein kya Kami Hai Bata sakta hai koi
Abhishek Srivastava
ye light kyo jal rahi h aisi gadi jalne lagi Hai yah light service hokar Hi I Hai cal aisi light jalne lagi hai aajkal nai gadiyon mein yah Hai tatapanch ka nai gadi ka kamal ismein kya Kami Hai Bata sakta hai koi
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Ghatnaein News1
- प्रयागराज प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश समस्त पत्रकार बंधुओ पत्रकारिता के साथ हो रहा है हनन दरोगा और गार्ड करेंगे पत्रकारिता पर सवाल तो कैसे होगा पत्रकारिता का काम आखिर जिम्मेदार कौन? राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज मंडल 4 प्रतापगढ़ ,कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज चारों मंडल में लगभग काफी लाख संख्या में छात्र है जो BA BSc LLB graduation post graduation विभिन्न क्षेत्रों के छात्र साल 2025 26 के एग्जाम का रिजल्ट जारी हुआ है जिसमें से लगभग 40 से 45 हजार छात्रों को जबरदस्ती फेल कर दिया गया है कुछ दिन बाद ईमेल जारी होता है राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय की तरफ से की जो बच्चा फेल है वह ईमेल कर दे उसके बाद उसका रिजल्ट पत्र देखकर फिर से मूल्यांकन कर दिया जाएगा पर कुछ ऐसा होता नहीं अभी रिजल्ट वैसे का वैसा ही है ईमेल करने का कोई उत्तर नहीं मिला लगभग चारों मंडल के छात्र परेशान है अब बच्चों का 1 साल फ्यूचर बर्बाद हो गया राजेंद्र सिंह राजू भैया विश्वविद्यालय से कोई मतलब नहीं आखिर बच्चों की परेशानी कौन सुनेगा1
- प्रयागराज: चौक लोकनाथ मे चाय की दुकान पर मामूली कहा सुनी मे दो पक्षो मे हुई जमकर मारपीट,घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती। पीड़ित पक्ष ने कोतवाली थाने में दी तहरीर,पुलिस जांच में जुटी।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- रक्षक बना भक्षक बलिया जनपद के उभाव थाना पर तैनात क्राइम इंस्पेक्टर ने महिला के साथ की फोन पर अश्लील बात क्योंकि लगवानी थी महिला को चार सीट।1
- Post by Dharmendra patrakaar1
- Post by JGE News1
- कौशांबी। जनपद में कानून व्यवस्था के दावों के बीच सराय अकिल थाना क्षेत्र की जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है। क्षेत्र में अवैध बालू (रेत) का कारोबार इस कदर फल-फूल रहा है कि मानो माफियाओं ने अपनी समानांतर व्यवस्था खड़ी कर ली हो। करन चौराहा से महिला रोड तक कई स्थानों पर जमीन बालू के ऊंचे-ऊंचे ढेरों से पटी दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ये डंपिंग बिना किसी वैध परमिट और रॉयल्टी के की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन “रेत के पहाड़ों” पर नहीं पड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही GPS टैग वाली वीडियो और तस्वीरें इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही हैं। इन वीडियो में डंपिंग की सटीक लोकेशन और समय स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जो अवैध गतिविधियों की पुष्टि करता नजर आता है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई तरह के संदेह को जन्म दे रही है! रेत माफियाओं का यह खेल केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व के लिए भी बड़ा नुकसान है।1