ये कहानी है एक ऐसे बेखौफ IAS अफसर की, जिसने सिस्टम की गंदगी के सामने कभी घुटने नहीं टेके। जब भी उन्होंने ईमानदारी की कलम चलाई या भ्रष्टाचार पर वार किया, तोहफे में उन्हें सिर्फ एक नया ट्रांसफर लेटर मिला। लेकिन कमाल की बात देखिए, हर तबादले के साथ उनका इरादा और भी मजबूत होता गया। प्रशासनिक गलियारों में उन्हें लोग "असली सिंघम" के नाम से जानते हैं। जहाँ बाकी लोग मलाईदार पोस्टिंग और 'सेफ गेम' खेलने के चक्कर में अपनी आत्मा बेच देते हैं, वहाँ इस अफसर ने साबित किया कि असली ताकत सरकारी बंगले या कुर्सी में नहीं, बल्कि इंसान के अटूट सिद्धांतों में होती है। हर नया शहर, हर नया दफ्तर उनके लिए संघर्ष की एक नई जमीन बना। उनके लिए ट्रांसफर कोई सजा नहीं, बल्कि उनकी बेदाग ईमानदारी का सबसे बड़ा सर्टिफिकेट बन गया। वे आज के युवाओं के लिए एक जिंदा मिसाल हैं कि अगर आप सच के साथ खड़े हैं, तो पूरी दुनिया भी खिलाफ हो जाए तब भी जीत आपकी ही होगी। ये सफर हमें चीख-चीख कर बताता है कि रास्ते में मुश्किलें हजार आएंगी, लोग आपको रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन इतिहास वही रचते हैं जो झुकना नहीं जानते।
ये कहानी है एक ऐसे बेखौफ IAS अफसर की, जिसने सिस्टम की गंदगी के सामने कभी घुटने नहीं टेके। जब भी उन्होंने ईमानदारी की कलम चलाई या भ्रष्टाचार पर वार किया, तोहफे में उन्हें सिर्फ एक नया ट्रांसफर लेटर मिला। लेकिन कमाल की बात देखिए, हर तबादले के साथ उनका इरादा और भी मजबूत होता गया। प्रशासनिक गलियारों में उन्हें लोग "असली सिंघम" के नाम से जानते हैं। जहाँ बाकी लोग मलाईदार पोस्टिंग और 'सेफ गेम' खेलने के चक्कर में अपनी आत्मा बेच देते हैं, वहाँ इस अफसर ने साबित किया कि असली ताकत सरकारी बंगले या कुर्सी में नहीं, बल्कि इंसान के अटूट सिद्धांतों में होती है। हर नया शहर, हर नया दफ्तर उनके लिए संघर्ष की एक नई जमीन बना। उनके लिए ट्रांसफर कोई सजा नहीं, बल्कि उनकी बेदाग ईमानदारी का सबसे बड़ा सर्टिफिकेट बन गया। वे आज के युवाओं के लिए एक जिंदा मिसाल हैं कि अगर आप सच के साथ खड़े हैं, तो पूरी दुनिया भी खिलाफ हो जाए तब भी जीत आपकी ही होगी। ये सफर हमें चीख-चीख कर बताता है कि रास्ते में मुश्किलें हजार आएंगी, लोग आपको रोकने की कोशिश करेंगे, लेकिन इतिहास वही रचते हैं जो झुकना नहीं जानते।
- আইপ্যাকের সহ-প্রতিষ্ঠাতা গ্রেফতারির ঘটনাকে ঘিরে রাজ্য রাজনীতি যখন উত্তপ্ত, তখনই শাসকদলকে কড়া ভাষায় আক্রমণ করলেন বিজেপির রাজ্য সভাপতি। এদিন বাগডোগরা বিমানবন্দরে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে তিনি বলেন, “কে গ্রেফতার হচ্ছে, তা দেখার মতো সময় আমাদের হাতে নেই। এসব নিয়ে চিন্তা করারও অবকাশ নেই।” তিনি আরও দাবি করেন, এই ধরনের ঘটনায় সাধারণ মানুষের ওপর কোনো প্রভাব পড়ছে না। “চোর-পুলিশ খেলা অনেকদিন ধরেই চলছে। কিন্তু এবার মানুষ ঠিক করে নিয়েছে, চোর তারাই তাড়াবে,”—এভাবেই শাসকদলের বিরুদ্ধে সরব হন তিনি। রাজ্য সভাপতির কথায়, আসন্ন নির্বাচন এখন “জনতা বনাম মমতা”-র লড়াইয়ে পরিণত হয়েছে। তিনি দাবি করেন, পরিবর্তনের জন্য মানুষ প্রস্তুত এবং তার প্রতিফলন ভোটেই দেখা যাবে। উল্লেখ্য, গতকাল একাধিক নির্বাচনী সভা করার পর আজও একাধিক সভায় যোগ দেওয়ার কর্মসূচি রয়েছে তাঁর। উত্তরবঙ্গের বিভিন্ন এলাকায় প্রচারে ঝড় তুলতে ব্যস্ত বিজেপি নেতৃত্ব।1
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- প্রথমদফা নির্বাচনের আগে ভোটগ্রহন শুরু হলদিবাড়িতে। Khabar Haldibari - খবর হলদিবাড়ি Haldibari1
- ঘটনার পরে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে বিজেপির কাছে পুনরায় ঘর ঠিক করার আর্জি জানিয়েছেন ভুক্তভোগীরা।1
- ধুপগুড়ি ডাকবাংলোতে তৈরি করা হবে গান্ধী মূর্তি। নিজেই উদ্বোধন করতে আসবেন অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়। ইতিমধ্যেই বিতর্ক শুরু হয়েছে। নরেশ রায়ের এক মন্তব্যে ।ময়নাগুড়ির সভা থেকে ধুপগুড়ির বিজেপি প্রার্থী নরেশ রায় কে তীব্র খোচা।1
- আইপ্যাকের সহ প্রতিষ্ঠাতা গ্রেফতার নিয়েই শাসকদলকে কটাক্ষ বিজেপির রাজ্য সভাপতির। এদিন বাগডোগরা বিমানবন্দরে তিনি জানান, কে গ্রেফতার হচ্ছে তা দেখার মত সময় আমাদের হাতে নেই, চিন্তা করার অবকাশ নেই। এসবের কোনো প্রভাব এই মুহূর্তে পশ্চিমবঙ্গের জনগনের নেই। চোর পুলিশ খেলা অনেকদিন ধরেই চলছে। মানুষ এবার ঠিক করে নিয়েছে চোর তারাই তাড়াবে। যেজন্য এবারের নির্বাচন হয়ে উঠেছে জনতা বনাম মমতা। গতকাল একাধিক নির্বাচনী সভা করার পাশাপাশি আজও একাধিক সভা করবেন তিনি।1
- Post by Panitanki Times1
- নির্বাচনের মুখে খোকন মিঞার পরিবর্তে জেলা সংগঠনের যুগ্মভাবে দায়িত্ব পেলো সামসের আলী সরকার। Khabar Haldibari - খবর হলদিবাড়ি Haldibari Coochbehar1