पाँच दिवसीय बैंकिंग एवं समान PLI की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल...!!! पाँच दिवसीय बैंकिंग एवं समान PLI की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर में बैंकिंग क्षेत्र के सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की गई। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबे समय से लंबित और अत्यंत महत्वपूर्ण मांगों को सरकार एवं बैंक प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखना है। इस हड़ताल का उद्देश्य बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की महत्वपूर्ण, न्यायसंगत एवं लंबे समय से लंबित मांगों को सरकार एवं बैंक प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखना है। हमारी प्रमुख मांगें 1. पाँच दिवसीय बैंकिंग लागू किया जाए Five Day Banking बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रमुख मांग है। बैंकिंग क्षेत्र में पाँच दिवसीय कार्य-सप्ताह को शीघ्र लागू किया जाना समय की आवश्यकता है। 2. Revised PLI Scheme का विरोध बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के हितों को प्रभावित करने वाली संशोधित PLI व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है। एक बैंक एक समान PLI व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। पुरे बिहार में जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण पूरे बिहार में बैंकिंग सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हुई तथा बैंक शाखाओं में सामान्य बैंकिंग कार्य बाधित रहा। इस हड़ताल से बिहार में बैंकिंग कारोबार पर व्यापक प्रभाव पड़ा और अनुमानतः लगभग ₹10 लाख करोड़ का बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ। इन्हीं महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पटना में AIBOC के नेतृत्व में बिहार ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय, पटना के समक्ष जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व श्री राजेश कुमार, महासचिव, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ (AIBOC से संबद्ध) ने किया। श्री राजेश कुमार ने बताया की सभी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि पाँच दिवसीय बैंकिंग और समान PLI कोई सामान्य मांग नहीं, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण और न्यायसंगत मांगें हैं। इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा की ने कहा कि इन मांगों के समाधान के लिए बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। पूरे बिहार में हुए जोरदार प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं।
पाँच दिवसीय बैंकिंग एवं समान PLI की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल...!!! पाँच दिवसीय बैंकिंग एवं समान PLI की महत्वपूर्ण मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज देशभर में बैंकिंग क्षेत्र के सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल आयोजित की गई। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबे समय से लंबित और अत्यंत महत्वपूर्ण मांगों को सरकार एवं बैंक प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखना है। इस हड़ताल का उद्देश्य बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की महत्वपूर्ण, न्यायसंगत एवं लंबे समय से लंबित मांगों को सरकार एवं बैंक प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखना है। हमारी प्रमुख मांगें 1. पाँच दिवसीय बैंकिंग लागू किया जाए Five Day Banking बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रमुख मांग है। बैंकिंग क्षेत्र में पाँच दिवसीय कार्य-सप्ताह को शीघ्र लागू किया जाना समय की आवश्यकता है। 2. Revised PLI Scheme का विरोध बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के हितों को प्रभावित करने वाली संशोधित PLI व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है। एक बैंक एक समान PLI व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। पुरे बिहार में जोरदार प्रदर्शन, राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण पूरे बिहार में बैंकिंग सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हुई तथा बैंक शाखाओं में सामान्य बैंकिंग कार्य बाधित रहा। इस हड़ताल से बिहार में बैंकिंग कारोबार पर व्यापक प्रभाव पड़ा और अनुमानतः लगभग ₹10 लाख करोड़ का बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ। इन्हीं महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पटना में AIBOC के नेतृत्व में बिहार ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय, पटना के समक्ष जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व श्री राजेश कुमार, महासचिव, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ (AIBOC से संबद्ध) ने किया। श्री राजेश कुमार ने बताया की सभी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि पाँच दिवसीय बैंकिंग और समान PLI कोई सामान्य मांग नहीं, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण और न्यायसंगत मांगें हैं। इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा की ने कहा कि इन मांगों के समाधान के लिए बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी एकजुट हैं और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। पूरे बिहार में हुए जोरदार प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं।
- अमित शाह के हाथों में जदयू की कमान, बिहार के लोग बेचारे बनने को मजबूर: प्रशांत किशोर भागलपुर। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्य सरकार और केंद्र की नीतियों पर करारा हमला बोला। जदयू के नाम बदलने की चल रही चर्चाओं पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी पर अब नीतीश कुमार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर कहा कि जदयू अब नीतीश कुमार की पार्टी नहीं रही, बल्कि इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके द्वारा नियुक्त किए गए दो लोग चला रहे हैं। सम्राट चौधरी और अडानी बिजली प्लांट पर घेरा भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए पीके ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला: बिहार की लाचारी पर बयान: उन्होंने कहा, "बिहार को सुधारने और अपनी स्थिति बदलने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा चारा नहीं है, इसीलिए हमलोग आज बेचारे बने हुए हैं।" अडानी प्लांट पर सवाल: भागलपुर में अडानी के बिजली प्लांट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पैसा बिहार की जनता का लग रहा है और जमीन भी बिहार की है, लेकिन मालिकाना हक गुजरात से लाए गए उद्योगपति को दिया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान यह होगा कि स्थानीय लोगों के बच्चे वहां सिर्फ मजदूरी करने को मजबूर होंगे। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार के संसाधनों और जनता के पैसों का इस्तेमाल यहीं के युवाओं को रोजगार देने और राज्य को स्वावलंबी बनाने में करना है।1
- असम में एक जंगली हाथी के गले में भारी ट्रक का टायर फँस गया था। असम में एक जंगली हाथी के गले में भारी ट्रक का टायर फँस गया था। दर्द और परेशानी में जूझ रहे इस बेजुबान की मदद के लिए रेस्क्यू टीम आगे आई और उसे सुरक्षित बचाने की कोशिश की। ऐसे पल इंसानियत और वन्यजीवों के प्रति हमारी जिम्मेदारी याद दिलाते हैं।1
- मुजफ्फरपुर पूर्व मंत्री राम सूरत राय के स्कूल में संत चिंतामणि स्वामी पहुंचे1
- पटना गाँधी मैदान में चाणक्य फिजिकल ट्रेनिंग कराने वाले ने लगाया गंभीर आरोप, पुराने कांड का भी है कनेक्शन?1
- प्रशांत किशोर का बड़ा खुलासा! बिहार की राजनीति में मचा हड़कंप प्रशांत किशोर का बड़ा खुलासा! बिहार की राजनीति में मचा हड़कंप ! ° PrashantKishor ° BiharPolitics °JanSuraaj ° BreakingNews ° ViralNews ° PoliticalNews1
- 57 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार भद्रा का पानी चित्रदुर्गा 57 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार भद्रा का पानी चित्रदुर्गा तक पहुँचा। सूखे से जूझ रहे इलाके में पानी की पहली धार ने किसानों के चेहरों पर उम्मीद और खुशी ला दी। यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि वर्षों से देखे जा रहे एक सपने की शुरुआत है।1
- तेघड़ा मेले में महिला पुलिसकर्मी से मारपीट? दो युवकों का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप बिहार के तेघड़ा मेला क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच चर्चा तेज कर दी है। वायरल वीडियो में दो युवक एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में महिला पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब का है, घटना वास्तव में तेघड़ा मेला क्षेत्र की है या नहीं और इसमें दिखाई दे रहे दोनों युवक कौन हैं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर महिला पुलिसकर्मी के साथ यह घटना किस परिस्थिति में हुई? क्या मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई की है? फिलहाल वीडियो को केवल वायरल दावे के तौर पर देखें। आधिकारिक पुष्टि या पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।1
- सूखा नशा के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति कि गोली लगने से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट सूखा नशा के खिलाफ आवाज उठाने वाले मो. जफ्फी की मौत, आक्रोशित परिजनों ने गड़हनी बाजार में किया सड़क जाम आरा। भोजपुर जिले के गड़हनी वार्ड नंबर-4 में सूखा नशा और कथित हेरोइन कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले 48 वर्षीय मो. जफ्फी की गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। मौत के बाद परिजनों ने आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर गड़हनी बाजार के पास सड़क जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर टायर जलाकर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा किया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। परिजनों का आरोप है कि मो. जफ्फी मोहल्ले में कथित तौर पर चल रहे हेरोइन के कारोबार का लगातार विरोध कर रहे थे। वे सूखा नशा बंद कराने को लेकर आवाज उठाते थे। परिजनों के मुताबिक, हाल ही में चरपोखरी थाना क्षेत्र में सूखा नशा बंद कराने को लेकर आयोजित बैठक में भी मो. जफ्फी शामिल हुए थे। परिजनों का दावा है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने और इसके विरोध में सक्रिय रहने के कारण ही उन्हें गोली मारी गई। हालांकि, गोलीकांड के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गोली लगने के बाद गंभीर हालत में मो. जफ्फी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजन सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों की मुख्य मांग है कि गोलीकांड में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और घटना की निष्पक्ष जांच हो। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मो. जफ्फी की हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इस वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे।1