पाकुड़ के ईशाकपुर में तीन आरबीएल कर्मचारियों को महिलाओं ने बनाया बंधक पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के इशाकपुर नया टोला में शनिवार देर शाम लोन की किस्त वसूली करने गए आर.बी.एल. कंपनी के तीन कर्मचारियों को कुछ महिलाओं ने अपने घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर तीनों कर्मचारियों को मुक्त कराया। यह घटना लोन की किस्त जमा करने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है। आर.बी.एल. कंपनी के ये कर्मचारी महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की वसूली के लिए गांव-गांव जाते हैं। शनिवार देर शाम वे इशाकपुर नया टोला में महिला समूह के सदस्यों से किस्त की राशि जमा करने पहुंचे थे। इसी दौरान, मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने कर्मचारियों को बताया कि उनकी कंपनी के कुछ लोग पिछले कई महीनों से किस्त का पैसा लेकर जा चुके हैं। कर्मचारियों ने जवाब दिया कि उनकी किस्त की राशि कंपनी में जमा नहीं हुई है। इस बात पर महिलाओं और कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते महिलाएं उग्र हो गईं और उन्होंने तीनों कर्मचारियों को एक घर में बंधक बना लिया। इस बीच, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर रात आसपास के गांवों में 'बच्चा चोर' की अफवाह भी फैल गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर सबसे पहले तीनों कर्मचारियों को बंधन से मुक्त कराया। पुलिस ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कंपनी के पाकुड़ स्थित कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और मामले को सुलझाएं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई किस्तों का भुगतान कंपनी के एजेंटों को किया था, लेकिन एजेंटों ने वह राशि कंपनी में जमा नहीं की, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। महिलाओं ने कंपनी से इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग की। पुलिस की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया।
पाकुड़ के ईशाकपुर में तीन आरबीएल कर्मचारियों को महिलाओं ने बनाया बंधक पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के इशाकपुर नया टोला में शनिवार देर शाम लोन की किस्त वसूली करने गए आर.बी.एल. कंपनी के तीन कर्मचारियों को कुछ महिलाओं ने अपने घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर तीनों कर्मचारियों को मुक्त कराया। यह घटना लोन की किस्त जमा करने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है। आर.बी.एल. कंपनी के ये कर्मचारी महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की वसूली के लिए गांव-गांव जाते हैं। शनिवार देर शाम वे इशाकपुर नया टोला में महिला समूह के सदस्यों से किस्त की राशि जमा करने पहुंचे थे। इसी दौरान, मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने कर्मचारियों को बताया कि उनकी कंपनी के कुछ लोग पिछले कई महीनों से किस्त का पैसा लेकर जा चुके हैं। कर्मचारियों ने जवाब दिया कि उनकी किस्त की राशि कंपनी में जमा नहीं हुई है। इस बात पर महिलाओं और कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते महिलाएं उग्र हो गईं और उन्होंने तीनों कर्मचारियों को एक घर में बंधक बना लिया। इस बीच, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर रात आसपास के गांवों में 'बच्चा चोर' की अफवाह भी फैल गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर सबसे पहले तीनों कर्मचारियों को बंधन से मुक्त कराया। पुलिस ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कंपनी के पाकुड़ स्थित कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और मामले को सुलझाएं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई किस्तों का भुगतान कंपनी के एजेंटों को किया था, लेकिन एजेंटों ने वह राशि कंपनी में जमा नहीं की, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। महिलाओं ने कंपनी से इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग की। पुलिस की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया।
- पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के इशाकपुर नया टोला में शनिवार देर शाम लोन की किस्त वसूली करने गए आर.बी.एल. कंपनी के तीन कर्मचारियों को कुछ महिलाओं ने अपने घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर तीनों कर्मचारियों को मुक्त कराया। यह घटना लोन की किस्त जमा करने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है। आर.बी.एल. कंपनी के ये कर्मचारी महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की वसूली के लिए गांव-गांव जाते हैं। शनिवार देर शाम वे इशाकपुर नया टोला में महिला समूह के सदस्यों से किस्त की राशि जमा करने पहुंचे थे। इसी दौरान, मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने कर्मचारियों को बताया कि उनकी कंपनी के कुछ लोग पिछले कई महीनों से किस्त का पैसा लेकर जा चुके हैं। कर्मचारियों ने जवाब दिया कि उनकी किस्त की राशि कंपनी में जमा नहीं हुई है। इस बात पर महिलाओं और कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते महिलाएं उग्र हो गईं और उन्होंने तीनों कर्मचारियों को एक घर में बंधक बना लिया। इस बीच, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर रात आसपास के गांवों में 'बच्चा चोर' की अफवाह भी फैल गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर सबसे पहले तीनों कर्मचारियों को बंधन से मुक्त कराया। पुलिस ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कंपनी के पाकुड़ स्थित कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और मामले को सुलझाएं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई किस्तों का भुगतान कंपनी के एजेंटों को किया था, लेकिन एजेंटों ने वह राशि कंपनी में जमा नहीं की, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। महिलाओं ने कंपनी से इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग की। पुलिस की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया।1
- मनरेगा योजना में लूटने का मामला प्रकाश में आया है ग्रामीण जनता पूछ रही है सवाल अवैध रूप से 160000₹ग़मन का मामला बंदरचूहा गांव में सामने सरकार कोई भी योजना धरातल पर उतरती है बिचौलिया लूटने में हावी हो जाते हैं1
- पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सनौखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मोहम्मद नजीर ह..त्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।1
- Post by Puran Chandra Mandal1
- पाकुड़ जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है... रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है... इंडेन गैस और भरत की एजेंसियां उपभोक्ताओं के घर-घर तक सिलेंडर पहुंचा रही हैं... ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैस की आपूर्ति सुचारु रुप से जारी है... अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की आशंका को लेकर रसोई गैस की कमी की अफवाहें फैली थीं... इन अफवाहों के कारण कुछ होटल और रेस्टोरेंट में कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है... इंडेन गैस एजेंसी पुष्पदंत के डिलीवरी वर्कर ललन कुमार सिंह ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है... जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक की है, उन्हें घर तक सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं... उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में1
- धौनी और मोतीहारा के बीच शुम्भेश्वरनाथ मंदिर स्थित है जितना से जितना हो यह वीडियो लाइक करें शेयर करें और सरकार तक पहुंचाएं यह वीडियो हेमंत सोरेन तक पहुंचा1
- Banipur1
- बौंसी/बांका:- ईरान–इजरायल युद्ध की खबरों के बीच देश में गैस संकट की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में बौंसी प्रखंड में भी लोगों के बीच रसोई गैस को लेकर चिंता का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि स्थानीय एजेंसियां आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से बौंसी के उपभोक्ताओं में हल्की बेचैनी है। बाजार और गांवों में लोग गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि फिलहाल घरेलू रसोई गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। बौंसी प्रखंड में संचालित तीनों गैस एजेंसियों में नियमित रूप से सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। दुमका रोड स्थित बौंसी इंडेन गैस एजेंसी के प्रोपराइटर संजीव साह ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है और जिन उपभोक्ताओं ने एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अगले दिन गैस उपलब्ध कराई जा रही है। शनिवार को करीब 100 उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति की गई। वहीं सरूआ पंचायत के समीप स्थित सुलेखा गैस एजेंसी में भी नंबर के अनुसार गैस दी जा रही है। लेकिन उपभोक्ताओं की मुख्य परेशानी मोबाइल के जरिए रजिस्ट्रेशन को लेकर है। सर्वर व्यस्त रहने के कारण कई लोगों का बुकिंग रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है, जिससे गैस मिलने में देरी हो रही है। उपभोक्ता रमेश शर्मा ने बताया कि वे पिछले दिन से रजिस्ट्रेशन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वर व्यस्त बता रहा है। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडर को लेकर कुछ दिक्कत की बातें सामने आ रही हैं। फिलहाल एजेंसियां आपूर्ति सामान्य होने की बात कह रही हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है। प्रशासन की नजर भी हालात पर टिकी है।2