रायपुर स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की करेली बड़ी शाखा पिछले 15 वर्षों से (वर्ष 2011 से) किराए के भवन में संचालित हो रही है, जिससे यहाँ आने वाले सैकड़ों किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक को अब तक अपना स्वयं का भवन नहीं मिल पाया है, जबकि यह शाखा क्षेत्र के किसानों की सेवा में कार्यरत है। बैंक के अधिकारी पिछले तीन वर्षों से भवन निर्माण की प्रक्रिया के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक लेटलतीफ़ी और राजनीतिक विरोध के कारण जमीन आबंटन का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है। पूर्व में मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित 'अटल परिसर' को बैंक भवन के लिए चिन्हित किया गया था, परंतु राजनीतिक विरोध के चलते यह स्थान बदलकर दूसरी जगह तय की गई। हालांकि, स्थान बदलने के बाद भी आज तक भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। एक तरफ जहाँ जिला सहकारी बैंक की अन्य शाखाओं को अपने भवन निर्माण के लिए लाखों रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं करेली बड़ी शाखा के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर निष्क्रिय नजर आ रहे हैं और वे आगे की कार्यवाही कराने में नाकाम साबित हुए हैं। वर्तमान किराए के भवन में किसानों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, और न ही वाहनों की पार्किंग के लिए कोई सुरक्षित जगह है। भीषण गर्मी के दौरान किसानों को चिलचिलाती धूप में अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है। इस संबंध में, बैंक के सुपरवाइजर परमेश्वर निर्मलकर ने बताया कि करेली बड़ी शाखा के लिए अभी तक जमीन का आबंटन नहीं हुआ है। फाइल पंचायत स्तर से स्वीकृत होकर तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और कमिश्नर के माध्यम से होते हुए सरकार के मंत्रालय तक भेजी गई है, और यह प्रकरण वर्तमान में मंत्रालय स्तर पर लंबित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही शासन से जमीन का आबंटन प्राप्त होगा, भवन निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
रायपुर स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की करेली बड़ी शाखा पिछले 15 वर्षों से (वर्ष 2011 से) किराए के भवन में संचालित हो रही है, जिससे यहाँ आने वाले सैकड़ों किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक को अब तक अपना स्वयं का भवन नहीं मिल पाया है, जबकि यह शाखा क्षेत्र के किसानों की सेवा में कार्यरत है। बैंक के अधिकारी पिछले तीन वर्षों से भवन निर्माण की प्रक्रिया के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक लेटलतीफ़ी और राजनीतिक विरोध के कारण जमीन आबंटन का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है। पूर्व में मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित 'अटल परिसर' को बैंक भवन के लिए चिन्हित किया गया था, परंतु राजनीतिक विरोध के चलते यह स्थान बदलकर दूसरी जगह तय की गई। हालांकि, स्थान बदलने के बाद भी आज तक भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। एक तरफ जहाँ जिला सहकारी बैंक की अन्य शाखाओं को अपने भवन निर्माण के लिए लाखों रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं करेली बड़ी शाखा के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर निष्क्रिय नजर आ रहे हैं और वे आगे की कार्यवाही कराने में नाकाम साबित हुए हैं। वर्तमान किराए के भवन में किसानों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, और न ही वाहनों की पार्किंग के लिए कोई सुरक्षित जगह है। भीषण गर्मी के दौरान किसानों को चिलचिलाती धूप में अपने वाहनों को सड़क पर खड़ा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है। इस संबंध में, बैंक के सुपरवाइजर परमेश्वर निर्मलकर ने बताया कि करेली बड़ी शाखा के लिए अभी तक जमीन का आबंटन नहीं हुआ है। फाइल पंचायत स्तर से स्वीकृत होकर तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और कमिश्नर के माध्यम से होते हुए सरकार के मंत्रालय तक भेजी गई है, और यह प्रकरण वर्तमान में मंत्रालय स्तर पर लंबित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही शासन से जमीन का आबंटन प्राप्त होगा, भवन निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद पुलिस द्वारा 'मिशन जन मित्र' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत हथबाय के अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव चिखली में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिखली में लगभग 40-45 परिवार निवास करते हैं और यहाँ मुख्य रूप से विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग रहते हैं। इस गाँव में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पैरीघूमर भी है, जहाँ एक स्टाप डेम स्थित है। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हथबाय की सरपंच, गाँव के गणमान्य नागरिक, और बड़ी संख्या में महिलाएँ व बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना था। पुलिस अधिकारियों ने नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि यह पूरे परिवार व समाज के लिए घातक है, अपराधों को जन्म देता है और पारिवारिक कलह व बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। ग्रामीणों से अवैध नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग की अपील की गई। साइबर अपराधों के संबंध में, उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए और लालच, फर्जी लिंक या संदिग्ध कॉल से सावधान रहने को कहा गया। किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। यातायात सुरक्षा पर हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाने की सलाह दी गई, ताकि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर, ग्रामीणों को गरियाबंद पुलिस के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया; जिन लोगों के पास सोशल मीडिया अकाउंट थे, उनसे मौके पर ही आधिकारिक पेज को फॉलो भी करवाया गया। पुलिस ने बताया कि इन माध्यमों से जनहितकारी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाती हैं, जो नागरिकों के लिए उपयोगी होती हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को पैरीघूमर स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा छोटे-छोटे व्यवसाय एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और युवतियों को जिला मुख्यालय में संचालित सिलाई, कढ़ाई व अन्य कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने की जानकारी दी गई। प्रतिभावान विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यह जनजागरूकता कार्यक्रम पुलिस और ग्रामीणों के बीच आत्मीय संवाद और सक्रिय सहभागिता का एक मंच बना, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।1
- राज टॉकीज़ रायपुर में फिल्मों के लिए अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। दर्शक बुक माई शो (Book My Show) के माध्यम से आसानी से अपने टिकट बुक कर सकते हैं। सिनेमाघर से जुड़ी अपडेट्स और जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शक दिए गए लिंक के ज़रिए राज टॉकीज़ के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं। ग्रुप से जुड़ने के बाद, यह लिंक दूसरों के साथ साझा करने का भी आग्रह किया गया है ताकि वे भी अपडेट्स प्राप्त कर सकें। किसी भी पूछताछ के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- नाप तौल विभाग ने शास्त्री मार्केट में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।1
- बान्दे पुलिस थाना ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक युवती का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है। पुलिस ने यह कार्रवाई वीडियो वायरल होने के बाद की है।1
- एक युवती ट्रेन में बिना टिकट सफर कर रही थी। जब टीटीई ने आकर उससे टिकट मांगा, तो उसने अपनी महिला होने का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। युवती ने टीटीई को मारना-पीटना शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी कि वह उसकी इज्जत पर हाथ डाल रहा है। इस घटना पर सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियों की सुरक्षा के लिए बने कानूनों का इस तरह से गलत फायदा उठाया जाना चाहिए, जैसा कि कई लड़कियां कर रही हैं।1
- शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोहका में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में गांव की महिलाएं, ग्रामीणजन, शिक्षकगण, पंचगण, छात्र-छात्राएं और पत्रकार धीरेंद्र कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। शिक्षकों और वक्ताओं ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डाला, साथ ही सभी को नियमित योगाभ्यास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, निरोग और तनावमुक्त जीवन जीने का मार्ग दिखाता है, तथा यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम भी है। इस अवसर पर, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत एक स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में आसपास के गांवों से आए कुपोषित और संकटग्रस्त बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, साथ ही उन्हें निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक संतुलित एवं पौष्टिक आहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा-नेवरा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हुआ है और माताओं में भी बच्चों को उनकी आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का मुख्य लक्ष्य कुपोषित बच्चों को कुपोषण के दुष्चक्र से बाहर निकालकर इसकी दर में कमी लाना है। इस योजना के तहत, कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक उपचार सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उचित उपचार दिया जा सके।2
- गरियाबंद के देवभोग क्षेत्र को रेल लाइन से जोड़ने की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है। यह मांग स्थानीय लोगों द्वारा सांसद रूपकुमारी चौधरी के समक्ष रखी गई, जो केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को गिनाने के लिए पहुंची थीं। स्थानीय निवासियों ने इस अवसर का उपयोग जवाबदार जनप्रतिनिधियों को 'आईना' दिखाने की कोशिश में किया है। दरअसल, ओडिशा के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने मई माह में रेल मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा था, जिसमें कालाहांडी और नुआपड़ा जिलों के साथ-साथ ओडिशा से राजिम रेल लाइन को जोड़ने की मांग की गई थी। इसी पृष्ठभूमि में स्थानीय लोग चाहते हैं कि ओडिशा के जनप्रतिनिधियों की तरह, उनके क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी रेल लाइन विस्तार की चिंता करें। इस मांग पत्र के मिलने के बाद, अब क्षेत्रीय सांसद भी रेल लाइन विस्तार की बात कहने लगे हैं।3