*मानवाधिकार आयोग ने पेयजलापुर्ति में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की* गारु : लातेहार जिले के नव निर्मित सरयू प्रखण्ड के घासीटोला पंचायत के चिपरू गाँव में जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जलापूर्ति योजना में किये गये घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग मानवाधिकार आयोग ने पत्र एवं ट्वीटर के माध्यम से की है। इस संबंध में एचआरओएस (ह्यूमन राइट्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) झारखंड के कौशल किशोर बादल ने सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड के पलामू प्रमंडल में जल जीवन मिशन (नल-जल योजना) के कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पलामू, लातेहार और गढ़वा जिलों में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर कार्य किए जाने का दावा किया गया है। इसके तहत जलमीनार (ओवरहेड टैंक) और पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे अलग बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इन तीनों जिलों के करीब 3498 गांवों में से कई गांवों में योजना अधूरी पड़ी है। कई जगहों पर जलमीनार तो बना दिए गए हैं, लेकिन पाइपलाइन का कार्य अधूरा है और घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा योजना को पूर्ण बताते हुए सभी घरों तक पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। कौशल किशोर बादल ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि यह मामला जनहित के साथ अन्याय के साथ-साथ योजना के तहत आवंटित लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के संभावित दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और ईडी से मांग की है कि पलामू, लातेहार और गढ़वा जिलों में जल जीवन मिशन के कार्यों की निष्पक्ष स्थलीय जांच कराई जाए। साथ ही अधूरे कार्यों और गलत रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सभी ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मानव अधिकार सुरक्षा संगठन झारखंड के मीडिया प्रभारी ए के चौधरी ने लगातार ट्वीट के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच की मांग तेज कर दी हैँ। इन्होंने बताया जनता के मुद्दे को सरकार के समक्ष रखना ही हमारा काम हैं। जानकारी देते हुए कहा कि यह पलामू प्रमण्डल नहीं बल्कि पूरे राज्य में जांच होनी चाहिए, इसे लेकर संबंधित कार्यालयों को पत्र भेजा गया हैं।
*मानवाधिकार आयोग ने पेयजलापुर्ति में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की* गारु : लातेहार जिले के नव निर्मित सरयू प्रखण्ड के घासीटोला पंचायत के चिपरू गाँव में जल जीवन मिशन के तहत ग्राम जलापूर्ति योजना में किये गये घोटाले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग मानवाधिकार आयोग ने पत्र एवं ट्वीटर के माध्यम से की है। इस संबंध में एचआरओएस (ह्यूमन राइट्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) झारखंड के कौशल किशोर बादल ने सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड के पलामू प्रमंडल में जल जीवन मिशन (नल-जल योजना) के कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पलामू, लातेहार और गढ़वा जिलों में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध
पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर कार्य किए जाने का दावा किया गया है। इसके तहत जलमीनार (ओवरहेड टैंक) और पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है। हालांकि, जमीनी हकीकत इससे अलग बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इन तीनों जिलों के करीब 3498 गांवों में से कई गांवों में योजना अधूरी पड़ी है। कई जगहों पर जलमीनार तो बना दिए गए हैं, लेकिन पाइपलाइन का कार्य अधूरा है और घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा योजना को पूर्ण बताते हुए सभी घरों तक पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। कौशल किशोर बादल ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि यह मामला जनहित के साथ अन्याय के साथ-साथ योजना के तहत आवंटित लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि
के संभावित दुरुपयोग की ओर इशारा करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और ईडी से मांग की है कि पलामू, लातेहार और गढ़वा जिलों में जल जीवन मिशन के कार्यों की निष्पक्ष स्थलीय जांच कराई जाए। साथ ही अधूरे कार्यों और गलत रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा सभी ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मानव अधिकार सुरक्षा संगठन झारखंड के मीडिया प्रभारी ए के चौधरी ने लगातार ट्वीट के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच की मांग तेज कर दी हैँ। इन्होंने बताया जनता के मुद्दे को सरकार के समक्ष रखना ही हमारा काम हैं। जानकारी देते हुए कहा कि यह पलामू प्रमण्डल नहीं बल्कि पूरे राज्य में जांच होनी चाहिए, इसे लेकर संबंधित कार्यालयों को पत्र भेजा गया हैं।
- गारू : लातेहार पुलिस के द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत +2 हाई स्कूल मैदान गारू में आयोजित फुटबॉल मैच उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करना रहा, जिसमें पुलिस को भरपूर जनसमर्थन मिला।रोमांचक मुकाबले में धानगरटोला की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि रुद टीम उपविजेता रही। करवाई और कोटाम टीमों ने भी बेहतर खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों की सराहना हासिल की।मैच के समापन पर खिलाड़ियों को कप, मेडल, जर्सी एवं खेल सामग्री किट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, पु.अ.नि. राजू रंजन, बारेसाढ़ प्रभारी वनपाल परमजीत तिवारी, पिकेट प्रभारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही प्रमुख सीता देवी, सांसद प्रतिनिधि मंगल उरांव, करवाई मुखिया सुनेसर सिंह, धानगरटोला के पूर्व मुखिया शिवशंकर सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया।पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिससे क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना और मजबूत हुई।2
- महुआडांड़ प्रखंड के उदालखाड़ गांव में एक अकेले जंगली हाथी ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखे धान-मक्का सहित अनाज को बर्बाद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम समय पर मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। इसके बावजूद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ हैग्रामीणों ने नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।1
- महुआडांड़ प्रखंड के उदालखाड़ गांव में एक अकेले जंगली हाथी ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखे धान-मक्का सहित अनाज को बर्बाद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम समय पर मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। इसके बावजूद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ हैग्रामीणों ने नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और हाथी दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।1
- इस बार पलामू की रामनवमी बड़े ही विवाद ओर कठिनाइयों से भरा बड़े तेज आवाज के साथ वाला रामनवमी बीता।किसी के टूटे कांच तो कई लोग ध्वनि से से हुए बीमार1
- आप देख सकते हैं1
- गांव में ही इलाज की सुविधा: मझगांव पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ डुमरी (गुमला): डुमरी प्रखंड के मझगांव पंचायत में मंगलवार को आयुष्मान भारत योजना के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। प्रमुख जीवंती एक्का, डॉ. अलबेल केरकेट्टा एवं मुखिया ज्योति बेहर ने संयुक्त रूप से फीता काटकर केंद्र का शुभारंभ किया। जानकारी देते हुए मंगलवार दोपहर दो बजे बताया गया कि इस उप स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से मझगांव पंचायत एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम में डॉ. भानु सहित कई गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रमुख जीवंती एक्का ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मुफ्त एवं सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे दूर अस्पताल जाने की परेशानी कम होगी। उन्होंने केंद्र परिसर की साफ-सफाई एवं संरक्षण पर भी जोर दिया। डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने बताया कि केंद्र में नियमित स्वास्थ्य जांच, सामान्य बीमारियों का इलाज, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुखिया ज्योति बेहर ने कहा कि भविष्य में स्वास्थ्य केंद्र परिसर का और विकास किया जाएगा। डॉ. भानु ने बताया कि केंद्र में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और केंद्र की सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। #डुमरी #गुमला #स्वास्थ्यसेवा #आयुष्मानभारत #ग्रामीणस्वास्थ्य #JharkhandNews #GumlaNews1
- Post by AAM JANATA1
- लातेहार : जिला परिषद कार्यालय लातेहार एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी की अनुपस्थिति में उनके चेंबर में कथित तौर पर टेंडर मैनेज करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी अब चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में पूरी गतिविधि स्पष्ट रूप से देखी जा रही है, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। सूत्रों के अनुसार, उपाध्यक्ष के चेंबर में संवेदकों और कुछ लोगों के बीच बैठकों का दौर चल रहा था, जहां टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। वायरल वीडियो में यह गतिविधि साफ तौर पर नजर आ रही है, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब तब हो रहा था जब जिला परिषद उपाध्यक्ष स्वयं कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। ऐसे में उनके चेंबर का इस तरह उपयोग होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कृत्य भी है। इधर, वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी लोगों को खटक रही है। आम लोगों और जनप्रतिनिधियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं।1