आज सरधना स्थित गंज बाजार सरधना में भारतीय किसान यूनियन आजाद के राष्ट्रीय प्रवक्ता हनीफ राणा आज सरधना स्थित गंज बाजार सरधना में भारतीय किसान यूनियन आजाद के राष्ट्रीय प्रवक्ता हनीफ राणा की अगुवाई में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया जिसमें व्यापारियों ने मांग की यहां व्यापारियों के बीच कोई भी अधिकारी आकर उनकी बात सुने जिसमें हमने एल आई यू के जरिए अधिकारियों को सूचना भिजवाई लेकिन कल माननीय प्रधानमंत्री का मेरठ कार्यक्रम होने की वजह से कोई भी अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा धरने व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष पंकज जैन ने आकर व्यापारियों को समर्थन दिया और उन्होंने आश्वासन दिया कि वो हर तरीके से व्यापारी भाइयों के साथ है धरना काफी लंबा चला लेकिन न कोई अधिकारी ओर न ही उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा बाद में चेयरमैन पति मौके पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस सड़क ओर नाली का निर्माण कराया जाएगा और उन्होंने मौके पर टैंकर लगाकर पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई व्यापारियों ने जल्द ही एक कमेटी बनाकर नगर पालिका अध्यक्ष से बिल पास कराकर सड़क के लिए डी एम मेरठ से स्वीकृत कराकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा मौके पर मनोज तालियान, सद्दाम अंसारी, हयात मिर्ज़ा, राजकुमार, अमित छाबड़िया, परवेज राणा, अमित जैन , सरफराज, अजीम सैफी, नईम अंसारी, मोइन सैफी,कुलदीप सोम आदि लोग थे
आज सरधना स्थित गंज बाजार सरधना में भारतीय किसान यूनियन आजाद के राष्ट्रीय प्रवक्ता हनीफ राणा आज सरधना स्थित गंज बाजार सरधना में भारतीय किसान यूनियन आजाद के राष्ट्रीय प्रवक्ता हनीफ राणा की अगुवाई में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया जिसमें व्यापारियों ने मांग की यहां व्यापारियों के बीच कोई भी अधिकारी आकर उनकी बात सुने
जिसमें हमने एल आई यू के जरिए अधिकारियों को सूचना भिजवाई लेकिन कल माननीय प्रधानमंत्री का मेरठ कार्यक्रम होने की वजह से कोई भी अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा धरने व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष पंकज जैन ने आकर व्यापारियों को समर्थन दिया और उन्होंने आश्वासन दिया कि वो हर तरीके से व्यापारी भाइयों
के साथ है धरना काफी लंबा चला लेकिन न कोई अधिकारी ओर न ही उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा बाद में चेयरमैन पति मौके पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस सड़क ओर नाली का निर्माण कराया जाएगा और उन्होंने मौके पर टैंकर लगाकर पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई व्यापारियों ने
जल्द ही एक कमेटी बनाकर नगर पालिका अध्यक्ष से बिल पास कराकर सड़क के लिए डी एम मेरठ से स्वीकृत कराकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा मौके पर मनोज तालियान, सद्दाम अंसारी, हयात मिर्ज़ा, राजकुमार, अमित छाबड़िया, परवेज राणा, अमित जैन , सरफराज, अजीम सैफी, नईम अंसारी, मोइन सैफी,कुलदीप सोम आदि लोग थे
- सरधना1
- राहुल गांधी को जान से मारने धमकी देने वाला गिरफ्तार हो चुका है1
- मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत की बजट 2026 को लेकर मूल बैठक आयोजित जनपद कचहरी परिसर मुजफ्फरनगर स्थित डीएम कार्यालय के जिला पंचायत सभागार में आज बजट 2026 की मूल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने की। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार, जिला पंचायत सदस्य, स्टेनो अक्षय शर्मा सहित अन्य कर्मचारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में वर्ष 2026 के बजट से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों और विकास कार्यों पर चर्चा की गई। साथ ही जनपद में विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने और प्राथमिकताओं के आधार पर बजट तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए कहा कि बजट में क्षेत्रीय विकास कार्यों को विशेष महत्व दिया जाएगा। अगर चाहें तो मैं इसी खबर का थोड़ा और दमदार अखबारी स्टाइल या छोटा न्यूज़ बुलेटिन वर्ज़न भी बना सकता हूँ।1
- रामराज पुलिस ने मेरठ मुजफ्फरनगर बार्डर पर चलाया दोपहिया वाहनों की चैकिंग का अभियान चैकिंग के दौरान आधा दर्जन चालान काटे मुजफ्फरनगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ जानसठ रूपाली राय के दिशा निर्देश और रामराज थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह यादव के कुशल नेतृत्व मे रामराज पुलिस टीम ने रामराज के मेरठ मुजफ्फरनगर बार्डर पर दोपहिया वाहनों की चैकिंग का अभियान चलाया इस चैकिंग अभियान में रामराज पुलिस टीम ने दोपहिया वाहनों की चैकिंग कर उनके जरूरी कागजात चैक किए रामराज पुलिस टीम चेकिग के दौरान आधा दर्जन मोटरसाइकिल के चालान काटे रामराज थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह यादव ने बताया कि यह अभियान क्षेत्र मे होने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है2
- देश की बेटी क्रांतिकारी शालू सैनी ने रचा इतिहास हर लावारिस बेसहारा व जरूरतमंद मृतकों की वारिस बनकर अपने हाथों से देती है मुखाग्नि सिर्फ एक ही उद्देश्य हर मृतक को हो कफ़न नसीब व सम्मानजनक अंतिम बिदाई लावारिसों की वारिस बनीं *क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक ही दिन में किए 3 अंतिम संस्कार:* दो अज्ञात समेत तीन शवों को दी अंतिम विदाई, गरीब परिवार का बनीं सहारा मुजफ्फरनगर। मानवता जब सिसकती है, तब कोई-कोई इंसान फरिश्ता बनकर सामने आता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और साहसी चेहरा फिर सामने आया, जब क्रांतिकारी शालू सैनी ने दो लावारिस शवों सहित तीन लोगों का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की। जनपद के सिखेड़ा थाना और खतौली थाना क्षेत्र से मिले दो लावारिस शवों को समाज की भीड़ ने भले ही अनदेखा कर दिया हो, लेकिन क्रांतिकारी शालू सैनी ने उन्हें अपना मानकर कंधा दिया। उन्होंने न केवल विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बल्कि बहन बनकर उन अनजानों को सम्मानपूर्वक मोक्ष के द्वार तक पहुंचाया। तीसरा मामला एक बेहद गरीब परिवार से जुड़ा था, जिनके पास अपने परिजन के अंतिम संस्कार तक के लिए धन नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय थी कि वे अंतिम क्रिया के खर्च तक जुटाने में असमर्थ थे। ऐसे कठिन समय में क्रांतिकारी शालू सैनी उस परिवार के लिए सहारा बनकर खड़ी हुईं। उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि परिवार का हिस्सा बनकर पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया परिवार की अस्मिता और संवेदनाओं का सम्मान करते हुए मृतक का नाम और पता गोपनीय रखा गया। श्मशान घाट पर जब चिता जली, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। एक ओर शोक का सन्नाटा था, तो दूसरी ओर क्रांतिकारी शालू सैनी का अटूट साहस और करुणा की भावना थी। उन्होंने साबित कर दिया कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं से बनते हैं। आज जब समाज में लोग अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, ऐसे समय में क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं। लावारिस शवों को कंधा देना और गरीब परिवार की बेटी-बहन बनकर अंतिम विदाई देना केवल सेवा नहीं, बल्कि सच्ची मानवता है। वास्तव में, क्रांतिकारी शालू सैनी उन लावारिसों की वारिस बन चुकी हैं, जिनका इस दुनिया में कोई नहीं था।क्रांतिकारी शालू सैनी अब तक 6000 हजार से अधिक अंतिम संस्कार अपने हाथों से कर चुकी है पिछले कई वर्षों से लावारिस व बेसहारा मृतकों के अंतिम संस्कार की सेवा हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार अपने हाथों से कर रही है व अस्थियों को गंगा जी में वर्जित कर सभी पुण्य आत्माओं की शांति हेतु शांति पाठ भी कराती है उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस नेक सेवा में सभी उनकी मदद जरूर करे संपर्क क्रांतिकारी शालू सैनी 82731897642
- *हमारे पैनलिस्ट का एक 20 साल पहले का मामला निकाला है... शंकराचार्य जी पर जिसने आरोप लगाया है वो रामभद्राचार्य का चेला बताया जा रहा और अगर ये सही है तो मुझसे एक गलती हो गई, हमने एक उनका पुराना 420 केस वापस लिया था... हमें ये नहीं करना था - अखिलेश यादव, सपा प्रमुख*1
- Post by PARUL SIROHI ( M.M.PARBHARI)1
- *मुजफ्फरनगर भाजपा नेता के साथ हुई मारपीट हाल जानने के लिए पहुंचे जिला अस्पताल मंत्री कपिल देव अग्रवाल...* *भाजपा नेता के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल...*1
- मुजफ्फरनगर। मानवता जब सिसकती है, तब कोई-कोई इंसान फरिश्ता बनकर सामने आता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और साहसी चेहरा फिर सामने आया, जब क्रांतिकारी शालू सैनी ने दो लावारिस शवों सहित तीन लोगों का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की। जनपद के सिखेड़ा थाना और खतौली थाना क्षेत्र से मिले दो लावारिस शवों को समाज की भीड़ ने भले ही अनदेखा कर दिया हो, लेकिन क्रांतिकारी शालू सैनी ने उन्हें अपना मानकर कंधा दिया। उन्होंने न केवल विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बल्कि बहन बनकर उन अनजानों को सम्मानपूर्वक मोक्ष के द्वार तक पहुंचाया। तीसरा मामला एक बेहद गरीब परिवार से जुड़ा था, जिनके पास अपने परिजन के अंतिम संस्कार तक के लिए धन नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय थी कि वे अंतिम क्रिया के खर्च तक जुटाने में असमर्थ थे। ऐसे कठिन समय में क्रांतिकारी शालू सैनी उस परिवार के लिए सहारा बनकर खड़ी हुईं। उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि परिवार का हिस्सा बनकर पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया परिवार की अस्मिता और संवेदनाओं का सम्मान करते हुए मृतक का नाम और पता गोपनीय रखा गया। श्मशान घाट पर जब चिता जली, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। एक ओर शोक का सन्नाटा था, तो दूसरी ओर क्रांतिकारी शालू सैनी का अटूट साहस और करुणा की भावना थी। उन्होंने साबित कर दिया कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं से बनते हैं। आज जब समाज में लोग अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, ऐसे समय में क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं। लावारिस शवों को कंधा देना और गरीब परिवार की बेटी-बहन बनकर अंतिम विदाई देना केवल सेवा नहीं, बल्कि सच्ची मानवता है।2