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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक बस दुर्घटना में 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना के बाद, सभी घायल यात्रियों को आनन-फानन में शाहजहांपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
AMARPAL RATHORE
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक बस दुर्घटना में 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना के बाद, सभी घायल यात्रियों को आनन-फानन में शाहजहांपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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- जनपद हरदोई के थाना सुरसा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को 1 किलो 200 ग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अनिल, पुत्र शंकर, निवासी तारापुरवा मजरा धिन्नी, थाना सुरसा का है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक हरदोई के निर्देशन में इस अभियान को अंजाम दिया गया। सुरसा थाना पुलिस ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर, उसकी तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1.2 किलो अवैध गांजा बरामद किया। इस संबंध में थाना सुरसा पर मु0अ0सं0 231/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी थाना सुरसा का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है, जिसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में पहले से अनेक मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। इस गिरफ्तारी और कार्रवाई में थाना प्रभारी विश्वास शर्मा, उपनिरीक्षक रोहित कुमार, उपनिरीक्षक मोहम्मद फहीम खां, हेड कांस्टेबल रजनेश कुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार और कांस्टेबल विशाल राठी की टीम शामिल रही।1
- शाहजहाँपुर के सदर बाजार थाना पुलिस ने पैतृक जमीन का फर्जी बैनामा कर करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोप में वांछित मोहम्मद शकील (59 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर असली मालिकों की जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम फर्जी तरीके से बैनामा कराने का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई, जिसका निर्देशन अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने, पर्यवेक्षण क्षेत्राधिकारी नगर ने और नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक सदर बाजार ने किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला न्यायालय के आदेश पर 14 मई 2026 को थाना सदर बाजार में मुकदमा संख्या 193/2026, धारा 420, 467, 468 एवं 471 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया था। आरोप है कि मोहम्मद शकील और उसके साथियों ने वादी की पैतृक जमीन का फर्जी बैनामा कूटरचित दस्तावेज तैयार करके कराया था। मोहम्मद शकील बरादरी, ईदगाह रोड, थाना सदर बाजार का निवासी है। रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बड़ी ईदगाह क्षेत्र के छोटा कुतबां के पीछे स्थित खंडहर के पास घेराबंदी कर मोहम्मद शकील को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह कहीं भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को मुकदमे की धाराओं से अवगत कराते हुए विधिक कार्रवाई पूरी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। इस गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक विनोद कुमार यादव, आरक्षी अमित तथा महिला आरक्षी शीतल शामिल रहीं।1
- शाहजहांपुर के चौक कोतवाली इलाके की काशीराम कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोन ठगी से परेशान चार युवक एक ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। युवकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ठगी के आरोपी को पकड़कर छोड़ दिया था, जिससे वे इतने आहत हुए कि उन्होंने खुदकुशी की धमकी देनी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही डायल 100 की टीम और इंस्पेक्टर प्रदीप राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब तीन घंटे तक इन युवकों को समझाया-बुझाया। पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद, चारों युवक सुरक्षित नीचे उतर आए। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- सरकारी योजनाओं के तहत लोन दिलाने के नाम पर कथित कमीशनखोरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ पीड़ितों का दावा है कि उनसे भारी रकम वसूली गई। शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से नाराज होकर, एक पीड़िता के परिजन पानी की टंकी पर चढ़ गए और उन्होंने आत्महत्या की चेतावनी दी है। शाहजहांपुर से सामने आए इस मामले में, एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 5 लाख रुपये के लोन के बदले उससे करीब 1.80 लाख रुपये कमीशन के तौर पर वसूले गए हैं। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने खुद भी जान देने की बात कही है। इस पूरी घटना को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ितों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी मुख्य मांग यह है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अवैध वसूली के वास्तविक पात्रों तक पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।1
- फर्रुखाबाद में दुर्वासाऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास ने सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में आने को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर यह स्पष्ट किया कि वे जिले में चुनावों सहित सभी राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखेंगे। महंत ईश्वरदास ने बताया कि उनका प्रमुख दायित्व आश्रम, गुरुकुल और गौशाला की सेवा करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक पोस्ट न करने की अपील भी की।4
- हर खबर आप तक देखते हैं रहिए शुरू एप पर हर छोटी बड़ी खबर आप तक सभी स्कूल के ड्राइवर कनेक्टर से कह कर रोड पर करवाए1
- आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति की हत्या कर उसका शव घर के बाथरूम में दफना दिया और फिर करीब 45 दिनों तक उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए पत्नी ने पहले अपने पति को खीर में नींद की गोलियाँ मिलाकर बेसुध किया, फिर गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा के रूप में हुई है, और आरोप उनकी पत्नी रूबी शर्मा पर है। सुरेंद्र अपने परिवार में पत्नी रूबी, दो बच्चों और अपनी माँ के साथ रहते थे। यह पूरा राज तब खुला जब मृतक के बड़े भाई अनिल शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई और अपना शक ज़ाहिर किया। बताया गया है कि सुरेंद्र और रूबी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था, और उनके बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। इसी तनातनी के चलते रूबी ने पति को रास्ते से हटाने की साज़िश रची। आरोप है कि वारदात से पहले उसने सावधानीपूर्वक घर खाली करवाया; सुरेंद्र की माँ और अपने दोनों बच्चों को एक बहाने से अपने जेठ अनिल शर्मा के घर भेज दिया, ताकि हत्या के समय कोई गवाह न हो और बाद में भी उस पर किसी को शक न हो। घर खाली होने के बाद रूबी ने सुरेंद्र के लिए खीर बनाई और उसमें नींद की गोलियाँ मिला दीं। खीर खाने के कुछ देर बाद सुरेंद्र बेसुध हो गए, जिसका फायदा उठाकर रूबी ने उनका गला घोंट दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए रूबी ने घर के बाथरूम को चुना। आरोप है कि उसने घर का दरवाज़ा बंद कर बाथरूम में एक गड्ढा खोदा और पति के शव को वहीं दबा दिया। अगले दिन, उसने एक राजमिस्त्री को बुलाकर सामान्य मरम्मत का बहाना बनाया और उसी जगह पर प्लास्टर करवाकर फ़र्श को फिर से बनवा दिया, ताकि किसी को शव दफन होने का शक न हो। इसके बाद रूबी ने घरवालों के सामने यह जताना शुरू किया कि सुरेंद्र कहीं चले गए हैं। कुछ दिनों बाद उसने बच्चों के पास जेठ के घर जाना शुरू कर दिया, यह कहकर कि उसका मन नहीं लग रहा है, ताकि घर के भीतर हुई हलचल पर किसी का ध्यान न जाए और बाथरूम का प्लास्टर पूरी तरह सूख जाए। लगभग एक सप्ताह बाद, रूबी अपने घर लौट आई, तब तक बाथरूम का फ़र्श पूरी तरह सूख चुका था। सबसे ज़्यादा सिहराने वाली बात यह है कि रूबी लगभग 45 दिनों तक उसी बाथरूम में नहाती रही, जिसके फ़र्श के नीचे उसके पति सुरेंद्र का शव दफन था, और वह सामान्य जीवन जीने का दिखावा करती रही। उधर, सुरेंद्र के अचानक लापता होने, रूबी के विरोधाभासी बयानों और उसके अजीब व्यवहार पर परिजनों, ख़ासकर भाई अनिल शर्मा को शक हुआ। मामला पुलिस तक पहुँचा, और सख़्ती से पूछताछ करने पर रूबी ने कथित तौर पर बाथरूम में शव दबाने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने मौक़े पर पहुँचकर बाथरूम का फ़र्श तुड़वाया, जहाँ से सुरेंद्र का शव बरामद हुआ। इस खौफनाक खुलासे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। फ़िलहाल, पुलिस आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर हत्या की असली वजह, साज़िश में किसी और की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की गहन जाँच कर रही है।1
- शाहजहांपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में, अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक युवक को अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को कब्रिस्तान के पास से पकड़ा। उसके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक सदर बाजार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम शनिवार रात गश्त और शांति व्यवस्था ड्यूटी पर थी। इसी दौरान, टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि शालीमार गार्डन की ओर से एक युवक अवैध तमंचा लेकर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान के पास पाकड़ के पेड़ के निकट संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान उपदेश पुत्र विश्वनाथ (22 वर्ष), निवासी मोहल्ला मोहम्मद हद्दफ, थाना सदर बाजार के रूप में बताई। तलाशी के दौरान, उसकी कमर में 315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा और पैंट की जेब से 315 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस बरामदगी के आधार पर, थाना सदर बाजार में मु.अ.सं. 334/2026 के तहत धारा 3/25 आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को 4 जुलाई 2026 की रात करीब 9:10 बजे गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक नितिन कुमार, उपनिरीक्षक प्रियव्रत्त दुहूण, कांस्टेबल परीक्षित सैनी तथा रिजर्व कांस्टेबल रामगोपाल राजौरा शामिल थे।1
- हरदोई के पाली में पचदेवरा थाना क्षेत्र स्थित भाहपुर सपहा गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि एक भीषण सड़क हादसा हो गया। सिद्धार्थनगर के बांसी से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे जा गिरी। इस दुर्घटना में छह बच्चों सहित 36 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस में सवार अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने आरोप लगाया कि यात्रा के दौरान चालक मोबाइल फोन पर बात कर रहा था, जिसके कारण बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घायलों में सुनील कुमार, अमित कुमार, कृष्ण मोहन, गीता यादव, विनय कुमार यादव, विशाल, अनिल, सचिन, कृष्णा पाण्डेय, बनवारीलाल, राहुल यादव, राहुल पाठक, शहजाद, अजय, तबस्सुम, राजेश, अंशिका, आंचल, मोहन कुमार, अकबर अली, मुन्ना, हैदर अली, साजिद, अफजल, मनोज पाठक, गीता, अर्जुन, दिव्यांश, दिव्यांशी, अर्पित शुक्ला, अनुराधा, आरव, अनवि, राधेश्याम और मोवेंद्र शामिल हैं, जो सिद्धार्थनगर और बस्ती जनपद के निवासी बताए गए हैं। हादसे के तुरंत बाद बस चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव ने बताया कि यह दुर्घटना रात करीब दो बजे हुई थी। पुलिस अब दुर्घटना के कारणों, बस में सवार यात्रियों की वास्तविक संख्या और चालक की लापरवाही के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है।1