श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक स्मरण, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालु धार्मिक संवाददाता — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और भक्ति से जुड़ा एक पावन अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का पूजन कर व्रत, कथा-श्रवण एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा ने बालकृष्ण को उनकी बाल लीलाओं के दौरान रस्सी से बांधा था। इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम 'दामोदर' पड़ा। दामोदर स्वरूप भगवान की यह लीला वात्सल्य, प्रेम और भक्ति की शक्ति का संदेश देती है। व्रत कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हुए उनके चरणों में पुष्प, फल, मिष्ठान और तुलसी दल अर्पित करते हैं। भगवान का पंचामृत अभिषेक कर दीप प्रज्वलित किया जाता है तथा श्रद्धापूर्वक आरती और कथा का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया व्रत मन को शांति प्रदान करता है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सद्भाव की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति, प्रेम और मंगल की कामना की। संदेश: भगवान श्रीकृष्ण की दामोदर लीला हमें सिखाती है कि प्रेम और भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी भक्त के प्रेम से बंध जाते हैं। इसलिए जीवन में प्रेम, करुणा, सत्य और सद्भाव को अपनाना ही सच्ची भक्ति है। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन
श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक स्मरण, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालु धार्मिक संवाददाता — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और भक्ति से जुड़ा एक पावन अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का पूजन कर व्रत, कथा-श्रवण एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा ने बालकृष्ण को उनकी बाल लीलाओं के दौरान रस्सी से बांधा था। इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम 'दामोदर' पड़ा। दामोदर स्वरूप भगवान की यह लीला वात्सल्य, प्रेम और भक्ति की शक्ति का संदेश देती है। व्रत कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हुए उनके चरणों में पुष्प, फल, मिष्ठान और तुलसी दल अर्पित करते हैं। भगवान का पंचामृत अभिषेक कर दीप प्रज्वलित किया जाता है तथा श्रद्धापूर्वक आरती और कथा का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया व्रत मन को शांति प्रदान करता है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सद्भाव की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति, प्रेम और मंगल की कामना की। संदेश: भगवान श्रीकृष्ण की दामोदर लीला हमें सिखाती है कि प्रेम और भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी भक्त के प्रेम से बंध जाते हैं। इसलिए जीवन में प्रेम, करुणा, सत्य और सद्भाव को अपनाना ही सच्ची भक्ति है। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन
- Mirzapur: समस्या उठाना पड़ा महंगा सपा नेताओं पर प्रशासन की तरफ से दर्ज हुआ एफआईआर मीरजापुर। जिले के एकिप्राथमिक स्कूल के बच्चों को विद्यालय आने-जाने में रास्ते की गंभीर समस्या को उठाना और धरना प्रदर्शन करना सपा नेता को महंगा पड़ गया है। सोमवार को सिटी विकासखंड अंतर्गत चेरुईराम स्थित कंपोजिट विद्यालय तक जाने के लिए रास्ते के अभाव को लेकर सपा नेताओं ने स्कूली बच्चों के साथ प्रदर्शन किया था। इस मामले में मझवां विधानसभा के पूर्व सपा विधानसभा प्रत्याशी रोहित शुक्ला लल्लू एवं जिला अध्यक्ष लोहिया वाहिनी कौशिक कनौजिया के ऊपर जिला प्रशासन के दबाव में देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होते ही जहां लोगों में हड़कंप मच गया है वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे प्रशासन की तानाशाही करार दिया है।1
- *खबर का असर* छात्रों के प्रदर्शन से हिली व्यवस्था- मीडिया में खबर आते ही 24 घंटे में स्कूल मार्ग का निर्माण शुरू *खबर का असर* छात्रों के प्रदर्शन से हिली व्यवस्था- मीडिया में खबर आते ही 24 घंटे में स्कूल मार्ग का निर्माण शुरू चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय के बदहाल रास्ते को लेकर छात्रों का प्रदर्शन रंग लाया जन अल्फा के प्रदर्शन और मीडिया में खबर प्रसारित होते ही प्रशासन ने लिया तत्काल एक्शन छात्रों से 24 घंटे में रास्ता सही कराने का किया था वादा- अब धरातल पर शुरू हुआ निर्माण कार्य करीब 5 फुट पहले से मौजूद रास्ता, बारिश में कीचड़ और पानी से बना था छात्रों-शिक्षकों के लिए मुसीबत स्कूल आने-जाने वाले सैकड़ों बच्चों की परेशानी पर आखिर प्रशासन की खुली नींद प्रदर्शन के बाद मौके पर निर्माण कार्य शुरू होने से छात्रों में राहत1
- मंगलवार को हनुमान जी की आराधना से भक्तिमय हुआ वातावरण मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय की विशेष प्रस्तुति मंगलवार का दिन भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर देशभर में श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। भक्तों का मानना है कि श्रद्धापूर्वक बजरंगबली का स्मरण करने से मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। मंगलवार के दिन श्रद्धालु भगवान हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प एवं प्रसाद अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। मंदिरों में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहता है। इस पावन मंगलवार के अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी की ओर से सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं अभिनंदन। जय श्री राम! 🚩 जय बजरंगबली! 🙏🚩1
- मिर्ज़ापुर: कोतवाली शहर पुलिस ने संभाली कमान, अस्पताल-कचहरी मार्ग से भीषण जाम हटवाया और किया यातायात सुचारू।1
- 470 बच्चों का रास्ता बदहाल, कीचड़-पानी में स्कूल पहुंचने को मजबूर चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय के सामने धरना, बदहाल मार्ग के खिलाफ फूटा आक्रोश छात्र-शिक्षक बेहाल, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सरकार, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से तत्काल सड़क निर्माण व जलनिकासी की मांग सवाल—बच्चों की राह में कीचड़ का ये संकट आखिर कब होगा खत्म?1
- बेटी की साथ हुई छेड़खानी का विरोध करना पिता को पड़ा महंगा मिर्जापुर ब्रेकिंग पुलिस बूथ के पास बीच चौराहे पर अधेड़ की लाठी डंडो से पिटाई पीड़ित परिवार का आरोप विपक्षियों के दबाव में हल्के धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा थाना संतनगर क्षेत्र के दीपनगर चौराहे का मामला पुलिस नहीं है सक्रिय थाना क्षेत्र में आए दिन हो रही घटनाएं1
- खराब रास्ते से परेशान प्राथमिक विद्यालय के बच्चे, कीचड़ में फिसलकर वापस लौटने को मजबूर मिर्जापुर जिला मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर सिटी ब्लॉक के चरु चेरुई राम गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चे वर्षों से बदहाल रास्ते की मार झेल रहे हैं। आसपास के 5 पुरवों से आने वाले लगभग 450 पंजीकृत छात्र-छात्राओं को कीचड़ और जलभराव से भरे रास्तों से होकर करीब एक किलोमीटर पैदल तय करना पड़ता है। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र रोहित चौहान, आकाश और छात्रा सृष्टि विश्वकर्मा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि रास्ता इतना खराब है कि आए दिन फिसलकर गिरने से कपड़े और बैग भीग जाते हैं। कई बार चोट लगने और कपड़े गंदे होने के कारण बच्चों को रास्ते से ही वापस घर लौटना पड़ता है। मामले पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि सुबह स्कूल पहुंचने पर ग्रामीण रास्ते की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 में विद्यालय की स्थापना हुई थी, लेकिन चार दशक बीत जाने के बाद भी यहां आने-जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं बन सका है। बरसात के मौसम में यह समस्या बेहद विकराल रूप ले लेती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।3
- मिर्ज़ापुर: अहरौरा का भव्य तृदिवसीय 'ठाकुर जी मेला' संपन्न, कजली उत्सव व कुश्ती दंगल की रही धूम।1