आगरा के सिकंदरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने शराबी पति से परेशान होकर उसकी हत्या कर दी और शव को बाथरूम में दफना दिया। हत्या के बाद आरोपी पत्नी ने अगले 45 दिनों तक पति को ढूँढने का नाटक किया। हालाँकि, जब पुलिस सत्यापन के लिए उसके घर पहुँची और उससे कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पत्नी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसके पति का शव बाथरूम में दफन है। पुलिस द्वारा इस सूचना पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब बाथरूम के फर्श को तोड़ा गया, तो वहाँ मौजूद लोगों के दिल दहल गए। बाथरूम से मृतक पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का शव बरामद किया गया, जिसे बाद में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
आगरा के सिकंदरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने शराबी पति से परेशान होकर उसकी हत्या कर दी और शव को बाथरूम में दफना दिया। हत्या के बाद आरोपी पत्नी ने अगले 45 दिनों तक पति को ढूँढने का नाटक किया। हालाँकि, जब पुलिस सत्यापन के लिए उसके घर पहुँची और उससे कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पत्नी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसके पति का शव बाथरूम में दफन है। पुलिस द्वारा इस सूचना पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब बाथरूम के फर्श को तोड़ा गया, तो वहाँ मौजूद लोगों के दिल दहल गए। बाथरूम से मृतक पति सुरेंद्र कुमार शर्मा का शव बरामद किया गया, जिसे बाद में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
- अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र में 3 जुलाई 2026 को शाम करीब पाँच बजे नगला रजुआ निवासी गोपाल शर्मा ने अपने तीन साथियों के साथ दुम्हेड़ी गाँव में पवन कौशिक के घर पहुँचकर पुराने पैसों के लेनदेन को लेकर मारपीट की। इस दौरान गोपाल शर्मा ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से कई अन्य वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और गोपाल शर्मा सहित तीन अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके पास से एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की। प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। 4 जुलाई 2026 को जारी अद्यतन जानकारी ने भी अलीगढ़ के इगलास थाना में दो पक्षों के बीच पैसे के लेनदेन पर हुए विवाद और पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।1
- फिरोजाबाद में थाना उत्तर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 23 जून 2026 को हुई टप्पेबाजी की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस मुठभेड़ में दो अभियुक्त, जिनकी पहचान जग्गू उर्फ जगदीश और सुभाष के रूप में हुई है, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से टप्पेबाजी में चोरी किए गए आभूषणों को बेचकर प्राप्त 1.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, तीन अवैध तमंचे (315 बोर), चार खोखा कारतूस, चार जिंदा कारतूस (315 बोर) और घटना में प्रयुक्त तीन स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने मीडिया को दी।1
- फ़िरोज़ाबाद में थाना उत्तर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने 23 जून 2026 को टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने वाले चार शातिर अभियुक्तों को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। इस मुठभेड़ में जग्गू उर्फ जगदीश और सुभाष नामक दो अभियुक्तों के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से टप्पेबाजी किए गए आभूषणों को बेचकर प्राप्त हुए ₹1,50,000 नकद बरामद किए गए। साथ ही, उनके पास से तीन अवैध तमंचे (.315 बोर), चार खोखा कारतूस (.315 बोर), चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) और घटना में प्रयुक्त तीन स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा जानकारी दी गई है, और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले में कुछ लोग जेल में हैं, जबकि विशेष जाँच दल (SIT) अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर रहा है। इसके बावजूद, विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है और इसे एक बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, इसी दौरान विपक्ष ने अजमेर दरगाह में हुई चंदा चोरी की घटना को अभी तक कोई मुद्दा नहीं बनाया है और इस पर चुप्पी साधे हुए है। इस विरोधाभास से यह स्पष्ट है कि विपक्ष चोरी जैसे गंभीर मामलों पर भी अपना विरोध धर्म और मजहब को देखकर ही व्यक्त करता है।1
- फिरोजाबाद के नैपई गांव में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि 7 हेक्टेयर में फैली एक प्राकृतिक झील को ईको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की पूरी रिपोर्ट के अनुसार, झील के विकास के लिए रोवर तकनीक का उपयोग कर डिजिटल सीमांकन किया जाएगा। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जाएगा और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।1
- फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र में 23 जून 2026 को हुई टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है। पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक मुठभेड़ के बाद चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो के पैर में गोली लगी है। यह मामला तब सामने आया था जब वादी कृष्णा द्वारा तहरीर दी गई कि सुबह करीब 6:30 बजे उनके पिता टहलकर लौट रहे थे, उसी दौरान अज्ञात अभियुक्त उन्हें बहला-फुसलाकर उनकी सोने की माला और सोने की अंगूठी उतरवाकर ले गए थे। इस संबंध में थाना उत्तर में मुकदमा अपराध संख्या 351/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मामला पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उत्तर द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने घटना का सफल अनावरण करने और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। विवेचनात्मक कार्रवाई के दौरान चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित स्थानों पर प्रभावी दबिश दे रही थी। इसी क्रम में, 3 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उक्त मुकदमे में वांछित अभियुक्त थाना क्षेत्र में किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में मोटरसाइकिल से बैदी की पुलिया के निकट इकट्ठा हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने संभावित स्थान पर दबिश दी, जहां पुलिस और अभियुक्तों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दो अभियुक्तों, जग्गू उर्फ जगदीश पुत्र तजेश चंद्र निवासी 12/72 रुई की मंडी, थाना शाहगंज, जनपद आगरा और सुभाष यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद यादव निवासी प्लॉट 17, माँ कैला देवी स्टेट कॉलोनी, थाना शाहगंज, जनपद आगरा, के पैर में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। वहीं, अन्य दो अभियुक्त तनुज गोस्वामी पुत्र पूरन चंद्र गोस्वामी निवासी 12/81 रुई की मंडी जोगीपारा, थाना शाहगंज और दिनेश चंद्र पुत्र स्वर्गीय किशन चंद्र निवासी महादेव मंदिर के पास, सिकंदरा रोड, थाना जगदीशपुर, जनपद आगरा ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें भी धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्तों के रूप में हुई है। इनके कब्जे से टप्पेबाजी किए गए आभूषणों को बेचकर प्राप्त किए गए ₹1,50,000 नकद, तीन अवैध तमंचे (.315 बोर), चार खोखा कारतूस, चार जिंदा कारतूस और घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त तीन स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें (नंबर MBLHAW232R9A14200, MBLHAW481TGE22795, MBLHAW344R9G01537) बरामद की गई हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी एआईएन नेटवर्क के प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 4 जुलाई 2026 को दी गई है।1
- आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कुछ दिन पहले लापता हुए सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी का रहस्य उनके ही घर के बाथरूम की खुदाई से उजागर हुआ। पुलिस द्वारा कराई गई खुदाई के दौरान वहाँ से एक मानव कंकाल बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी सिकंदरा थाने में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस और परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान सुरेंद्र के बैंक खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी सामने आई, जिससे उनके बड़े भाई को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी से गहन पूछताछ की, जिसमें मिले तथ्यों के बाद ही पुलिस ने घर के बाथरूम की खुदाई करवाई। खुदाई में कंकाल की बरामदगी हुई, और प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे बाथरूम में ही दफना दिया गया था। पुलिस ने फिलहाल आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद कंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि उसकी पहचान और मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है, जिसमें हत्या के पीछे की वजह और इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।1