Shuru
Apke Nagar Ki App…
मऊगंज विधायक को जान से मारने की धमकी, ऑडियो वायरल मऊगंज विधायक को जान से मारने की धमकी, ऑडियो वायरल
शेखर तिवारी
मऊगंज विधायक को जान से मारने की धमकी, ऑडियो वायरल मऊगंज विधायक को जान से मारने की धमकी, ऑडियो वायरल
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- अरुणाचल महाराज जी द्वारा शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ की कलश यात्रा निकल गई इस कलश यात्रा में नगर भ्रमण करते हुए नेशनल हाईवे नंबर 39 में विराजमान विंध्यवासिनी मां शेरावाली मां मारी माता के मंदिर के दर्शन कर यात्रा को रामेश्वरम धाम महाकाल भोले बाबा की स्थापना की गई इस पावन शुभ अवसर पर नगर के सैकड़ो श्रद्धालु सम्मिलित हुए3
- टीकर se बढ़ी ख़बर मड़फाहा नाथ मंदिर कब बनी किसी को पता नहीं और सन्यासी बाबा की कृपा से कोई यहां के तालाब में से पानी लाके पूरी सब्ज़ी बनाए थे टीकर गांव में किसी से पूछा सकते है और मंदिर न्यू तरीके ने बना दी है यहां जो की मन्नत मांगता है उसे सब मिल जाता है जय मड़फाहा नाथ की मेरे प्रभु2
- हर हर महादेव 🙏1
- रीवा/मनगवां। ग्राम पंचायत रक्सा माजन के अंतर्गत मल रोड पर कथित अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2014 से लगातार तहसील कार्यालय मनगवां, उप तहसील गढ़, कलेक्टर कार्यालय रीवा तथा तत्कालीन कमिश्नर रीवा तक शिकायतें दर्ज कराई गईं, किंतु 2025 बीत जाने और 2026 की शुरुआत हो जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण प्रतिनिधि रोशन लाल कुशवाहा के नेतृत्व में कई बार ज्ञापन सौंपे गए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने का दावा करता है, परंतु रक्सा माजन की इस महत्वपूर्ण मार्ग समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक और संबंधित पटवारी की लापरवाही अथवा कार्यप्रणाली की उदासीनता के कारण मामला वर्षों से लंबित है। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल ग्रामीणों ने यह भी प्रश्न उठाया है कि संबंधित तहसील के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में मौन क्यों हैं? क्या उन पर किसी प्रकार का राजनीतिक या आर्थिक दबाव है? हालांकि इसका स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन अतिक्रमण न हटने से ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं जन्म ले रही हैं। मल रोड ग्राम पंचायत का प्रमुख मार्ग बताया जा रहा है, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना भी प्रभावित होता है। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही राजस्व अमले द्वारा सीमांकन कर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण अब और प्रतीक्षा नहीं कर सकते। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: संबंधित भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए। शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर मार्ग को पुनः सुगम बनाया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और वर्षों से लंबित समस्या का समाधान कब तक सुनिश्चित करता है।2
- Post by Prime 24 News1
- Post by Brijlal kushwaha Counselor AAP4
- 123445⅚66696969696996599540303030300आरपी404052
- पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष स्वर्गीय विष्णु प्रकाश मिश्रा की स्मृति में किया गया विशाल भंडारे का आयोजन भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हुए दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कष्टहर नाथ मंदिर गुढ़ परिसर में गुढ़ नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय विष्णु प्रकाश मिश्रा के स्मृति में बैनर तले विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे पर शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।भंडारा एक पवित्र पुण्य कार्य है, जो भक्तों की सेवा के माध्यम से उनकी आत्मा को शांति और सम्मान प्रदान करता है।इस अवसर पर बाबा भोलेनाथ को खीर, हलवा, पूरी-सब्जी और साबूदाना खिचड़ी का भोग लगाकर, श्रद्धालुओं में प्रसाद रूप में वितरित किया गया है यह आयोजन ना केवल सेवा का प्रतीक है,बल्कि आपसी भाईचारे को भी बढ़ावा देता है, जिसमें दूर-दराज के शिव भक्त पूरी श्रद्धा से प्रसाद ग्रहण किए हैं।पूर्व नगर पंचायत के अध्यक्ष के पुत्र नितिन प्रकाश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि कष्ठहर नाथ मंदिर प्रांगण में यह भंडारा लगातार तीसरे वर्ष किया गया है।और लोगों ने भंडारे पर बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है इस भंडारे पर हमारे परिवार के साथ-साथ आसपास क्षेत्र एवं जिले से आए हुए लोग शामिल हुए हैं।लोगों का मानना है कि यह पवित्र कार्य न केवल धर्म का पालन करता है, बल्कि नि:स्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जो वास्तव में दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि है।1