*मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'एडोलसेंट एजुकेशन' पर दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का भव्य समापन* *शिक्षकों ने सीखे किशोरों के मनोविज्ञान को समझने और उनके सही मार्गदर्शन के गुर* झुमरी तिलैया (कोडरमा): स्मडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया के प्रांगण में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आयोजित 'एडोलसेंट एजुकेशन' (किशोरावस्था शिक्षा) पर आधारित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 9 और 10 मई 2026 को आयोजित इस गहन प्रशिक्षण सत्र में कोडरमा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 60 शिक्षकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यशाला में मुख्य विषय विशेषज्ञ (रिसोर्स पर्सन) के रूप में श्री शमशेर आलम और श्री प्रमोद कुमार उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक परिवेश में किशोरों के बदलते व्यवहार और उनकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र की शुरुआत करते हुए श्री शमशेर आलम ने कहा, "किशोरावस्था जीवन का वह मोड़ है जहाँ बच्चे शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बीच द्वंद्व में होते हैं। यह एक अत्यंत भ्रमित (confusing) करने वाला आयु वर्ग है। यदि इस समय शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा उन्हें सही दिशा नहीं दी गई, तो वे गलत रास्तों पर भटक सकते हैं।" उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों को एक 'मेंटर' की भूमिका निभाते हुए बच्चों की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में चैनलाइज (Channelize) करने की आवश्यकता है। वहीं, श्री प्रमोद कुमार ने किशोरों के स्वास्थ्यगत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति लापरवाही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती है। उन्होंने कहा, "हमें बच्चों के साथ एक मित्र की तरह पेश आना चाहिए ताकि वे अपनी समस्याओं को साझा करने में झिझक महसूस न करें। सही जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।" कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरु चरण वर्मा ने दोनों रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई (CBSE) द्वारा इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को निरंतर अद्यतन (Update) रखने का एक शानदार मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यहाँ से प्राप्त ज्ञान और कौशलों को अपनी कक्षाओं में लागू करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने कार्यशाला की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को न केवल 'अपस्किल' करते हैं, बल्कि उन्हें छात्र-छात्राओं की मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने में सक्षम बनाते हैं। एक कुशल शिक्षक ही एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।" उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भवदीय, मीडिया प्रभारी, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा। *मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'एडोलसेंट एजुकेशन' पर दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का भव्य समापन* *शिक्षकों ने सीखे किशोरों के मनोविज्ञान को समझने और उनके सही मार्गदर्शन के गुर* झुमरी तिलैया (कोडरमा): स्मडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया के प्रांगण में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आयोजित 'एडोलसेंट एजुकेशन' (किशोरावस्था शिक्षा) पर आधारित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 9 और 10 मई 2026 को आयोजित इस गहन प्रशिक्षण सत्र में कोडरमा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 60 शिक्षकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यशाला में मुख्य विषय विशेषज्ञ (रिसोर्स पर्सन) के रूप में श्री शमशेर आलम और श्री प्रमोद कुमार उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक परिवेश में किशोरों के बदलते व्यवहार और उनकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र की शुरुआत करते हुए श्री शमशेर आलम ने कहा, "किशोरावस्था जीवन का वह मोड़ है जहाँ बच्चे शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बीच द्वंद्व में होते हैं। यह एक अत्यंत भ्रमित (confusing) करने वाला आयु वर्ग है। यदि इस समय शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा उन्हें सही दिशा नहीं दी गई, तो वे गलत रास्तों पर भटक सकते हैं।" उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों को एक 'मेंटर' की भूमिका निभाते हुए बच्चों की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में चैनलाइज (Channelize) करने की आवश्यकता है। वहीं, श्री प्रमोद कुमार ने किशोरों के स्वास्थ्यगत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति लापरवाही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती है। उन्होंने कहा, "हमें बच्चों के साथ एक मित्र की तरह पेश आना चाहिए ताकि वे अपनी समस्याओं को साझा करने में झिझक महसूस न करें। सही जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।" कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरु चरण वर्मा ने दोनों रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई (CBSE) द्वारा इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को निरंतर अद्यतन (Update) रखने का एक शानदार मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यहाँ से प्राप्त ज्ञान और कौशलों को अपनी कक्षाओं में लागू करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने कार्यशाला की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को न केवल 'अपस्किल' करते हैं, बल्कि उन्हें छात्र-छात्राओं की मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने में सक्षम बनाते हैं। एक कुशल शिक्षक ही एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।" उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भवदीय, मीडिया प्रभारी, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा।
*मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'एडोलसेंट एजुकेशन' पर दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का भव्य समापन* *शिक्षकों ने सीखे किशोरों के मनोविज्ञान को समझने और उनके सही मार्गदर्शन के गुर* झुमरी तिलैया (कोडरमा): स्मडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया के प्रांगण में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आयोजित 'एडोलसेंट एजुकेशन' (किशोरावस्था शिक्षा) पर आधारित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 9 और 10 मई 2026 को आयोजित इस गहन प्रशिक्षण सत्र में कोडरमा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 60 शिक्षकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यशाला में मुख्य विषय विशेषज्ञ (रिसोर्स पर्सन) के रूप में श्री शमशेर आलम और श्री प्रमोद कुमार उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक परिवेश में किशोरों के बदलते व्यवहार और उनकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र की शुरुआत करते हुए श्री शमशेर आलम ने कहा, "किशोरावस्था जीवन का वह मोड़ है जहाँ बच्चे शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बीच द्वंद्व में होते हैं। यह एक अत्यंत भ्रमित (confusing) करने वाला आयु वर्ग है। यदि इस समय शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा उन्हें सही दिशा नहीं दी गई, तो वे गलत रास्तों पर भटक सकते हैं।" उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों को एक 'मेंटर' की भूमिका निभाते हुए बच्चों की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में चैनलाइज (Channelize) करने की आवश्यकता है। वहीं, श्री प्रमोद कुमार ने किशोरों के स्वास्थ्यगत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति लापरवाही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती है। उन्होंने कहा, "हमें बच्चों के साथ एक मित्र की तरह पेश आना चाहिए ताकि वे अपनी समस्याओं को साझा करने में झिझक महसूस न करें। सही जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।" कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरु चरण वर्मा ने दोनों रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई (CBSE) द्वारा इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को निरंतर अद्यतन (Update) रखने का एक शानदार मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यहाँ से प्राप्त ज्ञान और कौशलों को अपनी कक्षाओं में लागू करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने कार्यशाला की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को न केवल 'अपस्किल' करते हैं, बल्कि उन्हें छात्र-छात्राओं की मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने में सक्षम बनाते हैं। एक कुशल शिक्षक ही एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।" उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भवदीय, मीडिया प्रभारी, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा। *मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'एडोलसेंट एजुकेशन' पर दो दिवसीय सीबीएसई कार्यशाला का भव्य समापन* *शिक्षकों ने सीखे किशोरों के मनोविज्ञान को समझने और उनके सही मार्गदर्शन के गुर* झुमरी तिलैया (कोडरमा): स्मडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया के प्रांगण में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तत्वावधान में आयोजित 'एडोलसेंट एजुकेशन' (किशोरावस्था शिक्षा) पर आधारित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 9 और 10 मई 2026 को आयोजित इस गहन प्रशिक्षण सत्र में कोडरमा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 60 शिक्षकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यशाला में मुख्य विषय विशेषज्ञ (रिसोर्स पर्सन) के रूप में श्री शमशेर आलम और श्री प्रमोद कुमार उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक परिवेश में किशोरों के बदलते व्यवहार और उनकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र की शुरुआत करते हुए श्री शमशेर आलम ने कहा, "किशोरावस्था जीवन का वह मोड़ है जहाँ बच्चे शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बीच द्वंद्व में होते हैं। यह एक अत्यंत भ्रमित (confusing) करने वाला आयु वर्ग है। यदि इस समय शिक्षकों और अभिभावकों द्वारा उन्हें सही दिशा नहीं दी गई, तो वे गलत रास्तों पर भटक सकते हैं।" उन्होंने जोर दिया कि शिक्षकों को एक 'मेंटर' की भूमिका निभाते हुए बच्चों की असीमित ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में चैनलाइज (Channelize) करने की आवश्यकता है। वहीं, श्री प्रमोद कुमार ने किशोरों के स्वास्थ्यगत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति लापरवाही बच्चों को कई गंभीर बीमारियों का शिकार बना सकती है। उन्होंने कहा, "हमें बच्चों के साथ एक मित्र की तरह पेश आना चाहिए ताकि वे अपनी समस्याओं को साझा करने में झिझक महसूस न करें। सही जानकारी ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।" कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री गुरु चरण वर्मा ने दोनों रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई (CBSE) द्वारा इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को निरंतर अद्यतन (Update) रखने का एक शानदार मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यहाँ से प्राप्त ज्ञान और कौशलों को अपनी कक्षाओं में लागू करें ताकि प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। विद्यालय की निदेशिका श्रीमती संगीता शर्मा ने कार्यशाला की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, "इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को न केवल 'अपस्किल' करते हैं, बल्कि उन्हें छात्र-छात्राओं की मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने में सक्षम बनाते हैं। एक कुशल शिक्षक ही एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।" उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के रचनात्मक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भवदीय, मीडिया प्रभारी, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया, कोडरमा।
- झुमरी तिलैया स्थित न्यू अशोका होटल में प्रतिभा सम्मान-सह-शैक्षणिक उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन झुमरी तिलैया स्थित न्यू अशोका होटल में प्रतिभा सम्मान-सह-शैक्षणिक उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन रविवार को 1 बजे किया गया। कार्यक्रम में वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब छात्रों को पढ़ाई के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में कई छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। झुमरी तिलैया स्थित न्यू अशोका होटल में प्रतिभा सम्मान-सह-शैक्षणिक उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन झुमरी तिलैया स्थित न्यू अशोका होटल में प्रतिभा सम्मान-सह-शैक्षणिक उन्नयन कार्यक्रम का आयोजन रविवार को 1 बजे किया गया। कार्यक्रम में वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब छात्रों को पढ़ाई के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में कई छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।1
- कोडरमा उप विकास आयुक्त (DDC) श्री रवि जैन ने शुक्रवार को सदर अस्पताल स्थित एम.टी.सी. का औचक निरीक्षण किया। 10 बेड के केंद्र में मात्र 3 बच्चों के भर्ती होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों की पहचान कर भर्ती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। भर्ती माताओं के साथ आने वाले अन्य बच्चों के लिए भोजन-आवास और सुरक्षा हेतु रात्रि में महिला होमगार्ड की तैनाती की जाए। DDC ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और पोषण संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- कोडरमा के चाराडीह स्थित बी आर इंटरनेशनल स्कूल में मदर्स डे पर 'मातृ पूजन' कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। नर्सरी से कक्षा 2 तक के बच्चों ने अपनी माताओं की विधिवत पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसने सभी अभिभावकों को भावुक कर दिया। इसका उद्देश्य बच्चों में पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना था।1
- कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में सामने आए बलात्कार मामले में अब दूसरा पक्ष भी थाने पहुंचा है। उन्होंने लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।1
- कोडरमा के जयनगर थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।1
- नवादा में उत्पाद विभाग की कार्रवाई, महिला तस्कर गिरफ्तार नवादा जिले के रजौली स्थित चित्रकोली जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने वाहन जांच अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। जांच के क्रम में महिला के बैग से 10 बोतल विदेशी शराब और 5 कैन बीयर बरामद किए गए। गिरफ्तार महिला की पहचान झारखंड के रांची निवासी विनीता मुंडा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शराब की खेप किसी व्यक्ति तक पहुंचाने जा रही थी। उत्पाद विभाग की टीम ने महिला को हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, इस मामले में फरार अन्य आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है। उत्पाद विभाग ने कहा कि बिहार-झारखंड सीमा पर शराब तस्करी रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।1
- गुरपा वन विभाग की टीम ने संतोष यादव का दर्जनों भैंस पकड़ लिया है, 24 घंटे बाद भी नहीं छोड़ा गया है, भैंस मालिक संतोष यादव काफी परेशान है।1
- डोमचांच में सराहनीय पहल, पुनः लगाया जा रहा पेवर ब्लॉक डोमचांच नगर पंचायत डोमचांच अध्यक्ष उमेश वर्मा की पहल पर पानी कनेक्शन लगाने के लिए ढाब रोड किनारे उखाड़े गए पेवर ब्लॉक को पुनः लगाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिलेगी। नगर पंचायत की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। डोमचांच में सराहनीय पहल, पुनः लगाया जा रहा पेवर ब्लॉक डोमचांच नगर पंचायत डोमचांच अध्यक्ष उमेश वर्मा की पहल पर पानी कनेक्शन लगाने के लिए ढाब रोड किनारे उखाड़े गए पेवर ब्लॉक को पुनः लगाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिलेगी। नगर पंचायत की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।1