किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश “प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु) फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026 भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा। किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश “प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु) फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026 भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा। किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश “प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु) फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026 भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा। किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। किसान
नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर भड़का आक्रोश “प्रशासन की गुंडागर्दी, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” — भाकियू (भानु) फर्रुखाबाद | 17 अप्रैल, 2026 भारतीय किसान यूनियन (भानु) के कार्यकर्ताओं में उस समय भारी आक्रोश फैल गया जब गढ़मुक्तेश्वर कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को जिला प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। संगठन ने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर किसान नेता गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए तैयार थे, तभी घटिया घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई से जिले भर के किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विकास चंद्र अग्निहोत्री, जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर और जिला पंचायत प्रत्याशी उदित मिश्रा को मुख्य रूप से नजरबंद किया गया। इनके अलावा राजेंद्र सिंह (उपाध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), मुन्ना सिंह (जिला अध्यक्ष, व्यापार प्रकोष्ठ), रामदास गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष) सहित जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, बाल किशन और अनुज तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा। किसान नेताओं ने प्रशासन के इस कदम को दमनकारी बताते हुए कहा कि पुलिस की लाठियां और बंदिशें किसानों के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। नेताओं ने कहा कि किसानों को उनके घरों में कैद करना प्रशासन की हताशा को दर्शाता है। “हम जेलों से नहीं डरते, हम लड़ेंगे और जीतेंगे,” यह कहते हुए उन्होंने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया। दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश सरकार के एक पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में किसान संगठन विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में किसान नेताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर दिया। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही अगली रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश मिलते ही जिले भर के किसान सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
- Post by Prahlad Singh Pal1
- Post by AMAN RAJPUT4
- पीड़ित की नाबालिक पुत्री को गांव का अभिषेक लेकर फरार पीड़ित परिवार ने एसएसपी बरेली को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार जनपद बरेली के थाना क्योलडिया ग्राम बिजासिन के रहने वाले रमेश पाल ने बताया कि गांव के ही रहने वाले अभिषेक मेरी नाबालिक पुत्री को भला फुसलाकर भगा ले गया इस घटना की सूचना जब मैंने थाना क्योलडिया पुलिस को दी पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया तब से लगभग 20- दिन हो चुके है अभी तक कोई क्योलडिया पुलिस ने उक्त लोगों की न गिरफ्तारी की और ना ही मेरी नाबालिक पुत्री को बरामद कराया आए दिन उक्त दबंग लोग जान से मार देने की धमकी देते हैं कि फैसला कर ले नहीं तो तुझे गांव से भगा दूंगा और तेरी लड़की को भी मार दूंगा पीड़ित व्यक्ति परेशान होकर बरेली एसएसपी ऑफिस में प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिक पुत्री को सकुशल बरामद कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की1
- अपने गांव खिनमिनी की 2026 की नौटंकी एक ज़रूर देखें1
- कमालगंज सोमवार शाम को कमालगंज में बाइक की टक्कर से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे जिला अस्पताल लोहिया के लिए रेफर कर दिया गया1
- फर्रूखाबाद ब्रेकिंग - प्रेम प्रसंग के चलते युवती की हत्या का खुलासा प्रेमी ने युवती को उतारा था मौत के घाट हत्या कर युवती का शव फेका था काली नदी के किनारे प्रेमी युवक ने चाकू से गोद कर युवती की थी हत्या जनपद कन्नौज के छिबरामऊ की निवासी थी मृतक युवती एसओजी समेत पुलिस ने किया घटना का खुलासा आरोपी प्रेमी को पुलिस ने किया गिरफ्तार थाना जहानगंज क्षेत्र का मामला4
- फतेहगढ़ में सनसनीखेज खुलासा 🚨 प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, वांछित आरोपी गिरफ्तार 👮♂️ एसओजी/सर्विलांस व जहानगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चाकू, गमछा और 🏍️ बाइक बरामद फर्रुखाबाद हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसओजी, सर्विलांस और थाना जहानगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी को आलाकत्ल के साथ दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग और विवाद से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई, अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह और डीआईजी हरीश चंद्र के निर्देशन में यह बड़ी सफलता मिली। नदी किनारे मिला था शव, 17 अप्रैल को काली नदी किनारे अज्ञात युवती का शव मिला था, बाद में उसकी पहचान कन्नौज निवासी के रूप में हुई। भाई की तहरीर पर केस दर्ज, 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। प्रेम प्रसंग में हत्या कबूल, आरोपी ने बताया कि 2-3 साल से प्रेम संबंध था, लेकिन युवती द्वारा बात बंद करने से नाराज होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। आलाकत्ल बरामद, चाकू, सफेद गमछा और मोटरसाइकिल बरामद1
- Post by Prahlad Singh Pal1