भरत तिवारी के एनकाउंटर में शाहपुर थाना प्रभारी की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें एक 'जल्लाद' बताया गया है, जिसे 'सम्राट चौधरी सरकार' द्वारा निलंबित कर दिया गया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस थाना प्रभारी ने ही सारी खबर 'ऊपर तक' पहुंचाई थी और गोली लगने के बाद भरत तिवारी को लात से भी मारा था। इन्हें 'ब्रह्मण द्रोही नीच जल्लाद' बताते हुए समाज द्वारा कभी माफ न करने की बात कही गई है। भारत सरकार से यह नम्र निवेदन किया गया है कि इस थाना प्रभारी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उसे नौकरी से सदा के लिए बर्खास्त किया जाए। इसके साथ ही, एनकाउंटर में भरत तिवारी का साथ देने वाले 'और दो चार कुत्तों' पर भी धारा 302 के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें उनकी नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की गई है। यह भी कहा गया है कि इन मांगों को पूरा करने पर ही भरत तिवारी के माता-पिता और परिवार को इंसाफ मिलेगा, अन्यथा 'क्रांति की चिंगारी भड़क चुकी है' और न जाने कितने नौजवानों की शहादत व बलिदान होगा, जिसकी कोई गिनती नहीं होगी। पोस्ट में एक अन्य अधिकारी को 'इससे भी ज्यादा दोषी' ठहराया गया है, जिसने भरत भूषण तिवारी को 'मानसिक विक्षिप्त' कहा था। आरोप है कि तभी से उस युवा के अंदर बदले की भावना जागृत हुई थी, वरना जो लड़का समाज हित के लिए इतना कुछ किया हो, वह अचानक इस प्रकार की हरकत नहीं कर सकता था।
भरत तिवारी के एनकाउंटर में शाहपुर थाना प्रभारी की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें एक 'जल्लाद' बताया गया है, जिसे 'सम्राट चौधरी सरकार' द्वारा निलंबित कर दिया गया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि इस थाना प्रभारी ने ही सारी खबर 'ऊपर तक' पहुंचाई थी और गोली लगने के बाद भरत तिवारी को लात से भी मारा था। इन्हें 'ब्रह्मण द्रोही नीच जल्लाद' बताते हुए समाज द्वारा कभी माफ न करने की बात कही गई है। भारत सरकार से यह नम्र निवेदन किया गया है कि इस थाना प्रभारी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उसे नौकरी से सदा के लिए बर्खास्त किया जाए। इसके साथ ही, एनकाउंटर में भरत तिवारी का साथ देने वाले 'और दो चार कुत्तों' पर भी धारा 302 के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें उनकी नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की गई है। यह भी कहा गया है कि इन मांगों को पूरा करने पर ही भरत तिवारी के माता-पिता और परिवार को इंसाफ मिलेगा, अन्यथा 'क्रांति की चिंगारी भड़क चुकी है' और न जाने कितने नौजवानों की शहादत व बलिदान होगा, जिसकी कोई गिनती नहीं होगी। पोस्ट में एक अन्य अधिकारी को 'इससे भी ज्यादा दोषी' ठहराया गया है, जिसने भरत भूषण तिवारी को 'मानसिक विक्षिप्त' कहा था। आरोप है कि तभी से उस युवा के अंदर बदले की भावना जागृत हुई थी, वरना जो लड़का समाज हित के लिए इतना कुछ किया हो, वह अचानक इस प्रकार की हरकत नहीं कर सकता था।
- भारत भूषण तिवारी का एक लाइव एनकाउंटर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से कई गोलियां चलती दिख रही हैं। वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे एक अकेले इंसान पर कई गोलियां चलाई गईं और उसे "फील्डिंग लगाकर" घेरा गया। वायरल वीडियो के साथ यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति को यह ज्ञात हो जाए कि उसे पागलखाने भेजकर सच में पागल करने की साजिश रची जा रही है, तो उसके पास केवल एक ही विकल्प बचता है। ऐसे में, उस व्यक्ति ने सचमुच पागल बनने की बजाय एक क्रांतिकारी बनकर सीने में गोली लेना बेहतर समझा। इस घटना के संदर्भ में, लोगों से अपनी राय मांगी गई है कि क्या यह कदम सही था।1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो छोटे भाइयों ने मिलकर अपने बड़े भाई पांडे कोरवा की ईंट-पत्थर से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। यह घटना 20 जून की दोपहर को उनके घर में हुई थी, जिसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। लखनपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें एक आरोपी नाबालिग है। मृतक पांडे कोरवा (32 वर्ष), पिता रामधन कोरवा, ग्राम अलगा के बेंदोपानी निवासी था। उसके 25 वर्षीय छोटे भाई सरवन कोरवा और एक नाबालिग भाई उससे पुरानी रंजिश रखते थे। 20 जून की दोपहर उनके बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर सरवन कोरवा और नाबालिग भाई ने पांडे कोरवा को पहले पीटा, फिर ईंट-पत्थर से उसके सिर और कनपटी पर लगातार हमला किया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण वह लहूलुहान होकर मौके पर ही दम तोड़ गया। हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसकी सूचना परिजनों ने लखनपुर पुलिस को दी। हत्या की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद, पुलिस ने मुखबिर की जानकारी पर दोनों आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने अपने बड़े भाई से पुरानी रंजिश के कारण हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1) और 3 (5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। सरवन कोरवा को जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह, पीतांबर सिंह, आरक्षक सुरेश गुप्ता, रामकुमार यादव, आशीष चौहान और सोहन राजवाड़े शामिल थे।1
- अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।1
- अंबिकापुर में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम भव्यता के साथ मनाया गया। इस आयोजन में मुख्यमंत्री (सीएम) और कई मंत्रीगण भी उपस्थित रहे। यह उत्सव 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम पार्ट 2' के रूप में संपन्न हुआ।4
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर पहुँचकर राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी जहाँ-जहाँ जाते हैं, वहाँ क्या हश्र होता है, और तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि उनके आने से किसी का कोई भला नहीं होने वाला है। इसी दौरान, योग दिवस पर लगाए गए डोम को लेकर हो रहे फर्जीवाड़े के आरोपों पर मुख्यमंत्री साय ने पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। सीएम ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा, आरोप लगाते हुए कहा कि बीते पाँच सालों में प्रदेश को लूटने और जमकर घोटाले करने का काम किया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस भ्रष्टाचार के चलते कुछ लोग आज जेल में हैं, कुछ बेल पर हैं, और बाकी जेल जाने की तैयारी में हैं।1
- मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में, सिवनी प. स. वृत्त के घुसरिया बीट में 21 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे चार हाथियों का एक दल विचरण करते देखा गया है। इन हाथियों के कारण घुसरिया, चिचगोहना और कुम्हारी क्षेत्रों में कुल 11 फसलों का नुकसान हुआ है, हालांकि किसी भी मकान को कोई क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है। वर्तमान में, ये चारों हाथी मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र में घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 के नजदीकी राजस्व क्षेत्र सोन नदी के किनारे पलास और लेंटाना के झुरमुट में घूम रहे हैं। ये हाथी मध्यप्रदेश से घुसरिया परिसर में प्रवेश किए हैं और इनके मरवाही परिसर, सचराटोला परिसर और पंडरी परिसर की ओर जाने की संभावना है। परिसर रक्षक नागेश साहू (घुसरिया) और रामकुमार ओटृऻ (मरवाही) सहित मरवाही वन परिक्षेत्र के कर्मचारी हाथियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने स्थिति को सामान्य बताया है। अधिक जानकारी के लिए मरवाही वन मंडल, वन परिक्षेत्र मरवाही के मोबाइल नंबर 7828465059 और 8718915506 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- एक पोस्ट में भरत तिवारी और एक पत्रकार के बीच की उस बातचीत को सुनने का निमंत्रण दिया गया है, जो किसी एनकाउंटर से ठीक 30 मिनट पहले हुई थी। पोस्ट के माध्यम से उपयोगकर्ताओं से इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने और संबंधित पेज को फॉलो करने का भी आग्रह किया गया है।1