बदायूं के उसावां में शुक्रवार, 26 जून 2026 को, उसावां नगर पंचायत से हजरतपुर तक जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और कम चौड़ाई को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जय किसान आंदोलन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। यह मार्ग नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर और मियाऊं होते हुए हजरतपुर तक जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क का शीघ्र चौड़ीकरण करने, बदहाल हिस्सों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह सड़क उसावां, नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर, मियाऊं और हजरतपुर सहित कई गांवों को जोड़ती है और क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क पहले से ही संकरी है, जिससे बड़े वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है। अब यह कई जगहों पर टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगभग छह महीने पहले ही इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने के कारण यह इतनी जल्दी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मरम्मत कार्य कराने वाली संस्था पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। आंदोलनकारियों ने सिद्ध बाबा स्थान के पास सिंयोढ़िया तालाब के किनारे सड़क पर खड़े होकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन से सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने, मार्ग का चौड़ीकरण करने और भविष्य में निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित संस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक ने जानकारी दी कि उन्होंने इस समस्या को आई.जी.आर.एस. (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के संज्ञान में भी लाया है और विभाग से जल्द से जल्द सड़क का चौड़ीकरण कर स्थिति सुधारने का आग्रह किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रामबाबू सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जय किसान आंदोलन के जिला अध्यक्ष धनुलाल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक, संतोष कुमार पाल, राजू पाल, जागेश्वर शर्मा, सुदीप कुमार शर्मा, गणेश सिंह, आशीष कुमार सिंह सहित दर्जनों क्षेत्रीय नागरिक एवं किसान उपस्थित रहे। (स्पष्टीकरण: सड़क निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग और गुणवत्ता में अनियमितता के आरोप प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग अथवा निर्माण संस्था का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।)
बदायूं के उसावां में शुक्रवार, 26 जून 2026 को, उसावां नगर पंचायत से हजरतपुर तक जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और कम चौड़ाई को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जय किसान आंदोलन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। यह मार्ग नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर और मियाऊं होते हुए हजरतपुर तक जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क का शीघ्र चौड़ीकरण करने, बदहाल हिस्सों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने तथा निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह सड़क उसावां, नगरिया अभय, गूरा बरेला, सिद्ध बाबा मंदिर, मियाऊं और हजरतपुर सहित कई गांवों
को जोड़ती है और क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। सड़क पहले से ही संकरी है, जिससे बड़े वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है। अब यह कई जगहों पर टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लगभग छह महीने पहले ही इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने के कारण यह इतनी जल्दी दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मरम्मत कार्य कराने वाली संस्था पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की
उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। आंदोलनकारियों ने सिद्ध बाबा स्थान के पास सिंयोढ़िया तालाब के किनारे सड़क पर खड़े होकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने प्रशासन से सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने, मार्ग का चौड़ीकरण करने और भविष्य में निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित संस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक ने जानकारी दी कि उन्होंने इस समस्या को आई.जी.आर.एस. (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के संज्ञान में भी लाया है और विभाग से जल्द से जल्द सड़क का चौड़ीकरण कर स्थिति सुधारने का आग्रह
किया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डॉ. रामबाबू सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जय किसान आंदोलन के जिला अध्यक्ष धनुलाल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेश चंद्र पाठक, संतोष कुमार पाल, राजू पाल, जागेश्वर शर्मा, सुदीप कुमार शर्मा, गणेश सिंह, आशीष कुमार सिंह सहित दर्जनों क्षेत्रीय नागरिक एवं किसान उपस्थित रहे। (स्पष्टीकरण: सड़क निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग और गुणवत्ता में अनियमितता के आरोप प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग अथवा निर्माण संस्था का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।)
- बदायूं के दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम समरेर में खरीदारी के दौरान हुए विवाद के बाद एक युवक से मारपीट का आरोप सामने आया है। जानकारी के अनुसार, परमल खरीदने गए युवक को एक दुकानदार ने पीट दिया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पीड़ित युवक ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- बदायूं के सहसवान कोतवाली क्षेत्र के बाजपुर गांव में मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मारपीट की इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।1
- बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र के चंदनपुर गांव के समीप गंगा नदी में स्नान करते समय पाँच दोस्तों में से दो गहरे पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। यह दुखद घटना गुरुवार की शाम को हुई। सूचना मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उझानी थाना क्षेत्र के बगुला नगला निवासी विवेक पुत्र लीलाधर और उसका साथी कृष्ण उर्फ नन्हे पुत्र दाताराम अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ गंगा नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान विवेक और कृष्ण गहरे पानी में पहुँच गए और डूबने लगे। उनके तीन साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए और दोनों गंगा में समा गए। इसके बाद तीनों युवकों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा किया और कछला चौकी पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस तत्काल गंगा तट पर पहुंची और डूबे हुए युवकों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से करीब दो घंटे बाद गंगा नदी से दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। अपने बेटों के शव देखकर परिजनों में चीत्कार मच गई, जिससे वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- दातागंज से भाजपा विधायक राजीव कुमार के भाई डॉ. विनय प्रताप सिंह ने चींजरी मेले का फीता काटकर उद्घाटन किया है। यह उद्घाटन कार्य स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) सांसद संजय सिंह ने एक बड़ा आरोप लगाया है, जिसमें दावा किया गया है कि उन्होंने जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज़ विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दिए हैं। सिंह ने कहा कि इन दस्तावेज़ों के आधार पर चंपत राय सहित कई अन्य लोग इस मामले में फंस सकते हैं। सिंह ने आगे आरोप लगाया कि सैकड़ों करोड़ रुपये के इस घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और FIR का नाटक केवल ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि 'राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई कब होगी?'1
- बदायूँ जिले के दातागंज कोतवाल क्षेत्र के ग्राम समरेर में परमल खरीदने गए एक युवक को दुकानदार ने बेरहमी से पीट दिया। बताया जा रहा है कि परमल की खरीदारी को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि दुकानदार ने युवक पर जमकर थप्पड़ और घूंसे बरसाए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोगों में दुकानदार की इस दबंगई को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में एक गंभीर घटना सामने आई है जहाँ एक रोडवेज बस के सामने के पहिये चलते-चलते अचानक निकल गए, जिसके कारण बस पलट गई और कई यात्री घायल हो गए। यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इस दुर्घटना के बाद, जनता परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, विशेषकर फिटनेस टेस्ट को लेकर। लोग पूछ रहे हैं कि क्या वाहनों का फिटनेस टेस्ट वास्तव में होता है या यह केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित है। इसके साथ ही, यह भी सवाल किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में कोई 'परिवहन मंत्री' हैं भी या नहीं। सरकार से मांग की गई है कि सभी घायल व्यक्तियों की मुफ्त चिकित्सा सुनिश्चित की जाए।1