सोशल मीडिया पर बिहार में गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब राज्य में चलने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी में GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य कर सकती है, और ऐसा न करने पर गाड़ी ज़ब्त होने की चेतावनी भी दी जा रही है। यह खबर लोगों के बीच "जानें इस वायरल खबर का पूरा सच" की जिज्ञासा पैदा कर रही है। परिवहन विभाग द्वारा ऐसे किसी सख्त फैसले के पीछे कई प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। इनमें यात्री और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है, जिसके तहत गाड़ियों में पैनिक बटन और GPS होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में एक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम और पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी सड़कों पर गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और ओवरस्पीडिंग को ट्रैक कर सड़क हादसों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी लगातार बिहार के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, जिनमें CCTV कैमरों और आधुनिक ट्रैकिंग टूल्स का इस्तेमाल शामिल है।
सोशल मीडिया पर बिहार में गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब राज्य में चलने वाली हर छोटी-बड़ी गाड़ी में GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाना अनिवार्य कर सकती है, और ऐसा न करने पर गाड़ी ज़ब्त होने की चेतावनी भी दी जा रही है। यह खबर लोगों के बीच "जानें इस वायरल खबर का पूरा सच" की जिज्ञासा पैदा कर रही है। परिवहन विभाग द्वारा ऐसे किसी सख्त फैसले के पीछे कई प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। इनमें यात्री और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है, जिसके तहत गाड़ियों में पैनिक बटन और GPS होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में एक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम और पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण और शहरी सड़कों पर गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और ओवरस्पीडिंग को ट्रैक कर सड़क हादसों पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सम्राट चौधरी लगातार बिहार के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, जिनमें CCTV कैमरों और आधुनिक ट्रैकिंग टूल्स का इस्तेमाल शामिल है।
- शिवसेना नेता निसार अहमद को नालंदा का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- जहानाबाद जिले के काको थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। महमदपुर गांव के पास हुई इस घटना में एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने पैदल जा रहे युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान काको थाना क्षेत्र के पराधी गांव निवासी प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, प्रिंस कुमार अपने घर से दवा लेने के लिए पैदल निकला था। इसी दौरान जहानाबाद की ओर से आ रही तेज रफ्तार हाइवा ने उसे पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रिंस सड़क किनारे स्थित नहर में जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को नहर से बाहर निकालकर इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के चाचा अवधेश कुमार ने भी बताया कि प्रिंस कुमार दवा लेने जा रहा था, तभी तेज रफ्तार हाइवा ने उसे पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह नहर में गिर गया और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है और हाइवा चालक की पहचान कर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- बिहार शरीफ शहर इस समय भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह टोटो वाहनों की बेहिसाब संख्या को बताया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इतनी भारी भीड़ में सड़कों पर निकलना अत्यंत मुश्किल हो गया है, और यह स्थिति बिहार शरीफ की एक पहचान बन चुकी है। इस गंभीर समस्या पर नागरिकों से उनकी राय मांगी गई है।1
- युवा समाजसेवी भारत तिवारी की हत्या कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, भारत तिवारी अपने गाँव की किसी भी कमी को लेकर हमेशा आवाज़ उठाते और गाँव के लिए सक्रिय रूप से काम करते थे। इस दुखद घटना को प्रशासन की तरफ से एक प्रकार का 'आतंकवाद' बताया गया है, क्योंकि आरोप लगाया गया है कि एक समाजसेवी को 'आतंकवादी' कहकर 'शूट' कर दिया गया। यह हमारे देश के लिए अत्यंत शर्मसार करने वाली बात मानी गई है, और इसे केवल भारत की हत्या नहीं, बल्कि हमारे देश की 'संसद' की खबर कहा गया है।1
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नालंदा में एक पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने पीड़ित परिवार के पैर पर अपना सिर रखा और कहा कि 'ये लोग भगवान हैं'।2
- बिहार शरीफ, नालंदा में एक प्रेस वार्ता के दौरान दलित नेता अमर आज़ाद पासवान ने राजगीर में हुई एक गंभीर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 15 जून 2026 को राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर परिसर के पास मंदिर के पुजारी कुंज बिहारी शरण और कुछ अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर दो दलित युवकों की कथित तौर पर हत्या कर दी। पासवान ने राजगीर थाना कांड संख्या 411/26 और 412/26 के सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द जेल भेजने की मांग की है। दलित नेता ने आरोप लगाया कि राजगीर की इस घटना सहित पूरे नालंदा जिले में दलित-पासवान और अतिपिछड़ा समाज के लोगों की लगातार हत्याएं हो रही हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस हत्याकांड से पूरे बिहार के दलित समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी के मद्देनजर, 23 जून 2026 को सुबह 11 बजे श्रम कल्याण मैदान बिहार शरीफ से बिहार शरीफ समाहरणालय तक एक “दलित अतिपिछड़ा न्याय आक्रोश मार्च” निकाला जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस आंदोलन का आयोजन अमर आज़ाद पासवान के नेतृत्व में कौशल कुमार, प्रेम पासवान, सुबोध पासवान और रजनीश पासवान करेंगे। इस प्रेस वार्ता में, जहाँ अमर आज़ाद पासवान, कौशल कुमार, सतेंद्र पासवान, रजनीश पासवा प्रेम, सुबोध पासवान, सोना सरदार, बीरेंद्र पासवान, कमलेश पासवान और नरेश पासवान सहित कई लोग उपस्थित थे, निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई गईं: पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और उनके भरण-पोषण के लिए बिहार सरकार 50 लाख रुपये का मुआवजा दे; मृतक व्यक्तियों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी दी जाए; तथा घटना में संलिप्त दोषियों को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से फांसी की सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न घटें।1
- शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे, जो पूर्व मंत्री और विधायक हैं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना से जुड़े हुए हैं। निसार अहमद का नाम भी शिवसेना से संबंधित बताया गया है। 'जय महाराष्ट्र जय बिहार' के नारे के साथ, शिवसेना की ठाकरे शाखा का संबंध बिहार से भी दर्शाया गया है।1
- अहमदाबाद के गीता मंदिर इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप कई एलपीजी सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। इस घटना में एजेंसी मालिक सहित कुल तीन लोग घायल हुए हैं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के निवासियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से बड़ी संख्या में सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक संभावित बड़े और अधिक विनाशकारी हादसे को टाल दिया गया। प्रारंभिक जाँच में इस दुर्घटना का कारण गैस रिफिलिंग के दौरान हुए गैस रिसाव को माना जा रहा है। प्रशासन ने इस मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है और गैस एजेंसी में सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1