किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत डाकपोखर फीडर में सोमवार रात करीब 9 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता भीषण गर्मी और उमस से बुरी तरह परेशान हैं। बिजली गुल होने के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हुई है, वहीं घरेलू और व्यावसायिक कार्य भी पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। इस बिजली कटौती का असर बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना पर भी पड़ा है, जिसके चलते जलापूर्ति प्रभावित हुई है और लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई गांवों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति अब एक आम समस्या बन गई है, और बार-बार तथा लंबे समय तक होने वाली कटौती से विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है, जबकि शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। डाकपोखर फीडर के बिजली उपभोक्ताओं ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और इस भीषण गर्मी में जनजीवन को प्रभावित कर रही लगातार बिजली कटौती की समस्या का समाधान करने के लिए विद्युत विभाग से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उपभोक्ताओं ने फीडर स्तर पर तकनीकी खामियों को दूर कर नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत डाकपोखर फीडर में सोमवार रात करीब 9 बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता भीषण गर्मी और उमस से बुरी तरह परेशान हैं। बिजली गुल होने के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हुई है, वहीं घरेलू और व्यावसायिक कार्य भी पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। इस बिजली कटौती का असर बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना पर भी पड़ा है, जिसके चलते जलापूर्ति प्रभावित हुई है और लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कई गांवों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति अब एक आम समस्या बन गई है, और बार-बार तथा लंबे समय तक होने वाली कटौती से विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है, जबकि शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। डाकपोखर फीडर के बिजली उपभोक्ताओं ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने, निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने और इस भीषण गर्मी में जनजीवन को प्रभावित कर रही लगातार बिजली कटौती की समस्या का समाधान करने के लिए विद्युत विभाग से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उपभोक्ताओं ने फीडर स्तर पर तकनीकी खामियों को दूर कर नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबेली वार्ड संख्या 13 में आदिवासी समाज के एक दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में युवाओं ने अपना जबरदस्त दमखम दिखाया।1
- Looking for Job Job Title : Office Boy Job Field : Office Boy Expected Salary : 25000 City / Locality : Araria Experience Level : 1-2 Years Job Type : Full Time Education Qualification : 10th Pass hum office boy ka jab kar chuke hain1
- santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴☠️🧿🦁🐯🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌹🌿🐁☕🐒🐕🦺🚨🚓🕋🚔✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🪔🎠 me antim avatar hu (kalki avatar.?)1
- अररिया जिले के कुर्सकाटा में स्थित हमारे गांव का जीवन बेहद आसान और सरल है। गांव की खूबसूरती और सादगी यहां के लोगों के जीवन में स्पष्ट रूप से झलकती है, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है।1
- उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल, हजारीबाग के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने बुधवार को कोडरमा समाहरणालय सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजस्व, भू-अर्जन, भू-हस्तांतरण, खनन और विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता सहित सभी अंचल अधिकारी और विभागों के पदाधिकारी इस दौरान मौजूद थे। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, रसीद निर्गत, रजिस्ट्री, जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्रों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भू-अर्जन और भू-हस्तांतरण के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने विकास परियोजनाओं से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश दिया। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के वार्षिक लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन भी किया गया। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निर्धारित राजस्व लक्ष्य प्राप्त करने, उत्पाद विभाग को अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाने, तथा खनन विभाग को अवैध बालू उठाव और अवैध खनन पर कड़ी निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को ऐसे मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि अनावश्यक लंबितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई है। इस घटना के संबंध में एक लड़की ने 'पोल खोल दिया' है।1
- गांव के निवासियों ने स्थानीय मुखिया पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां मुखिया द्वारा गांव की लगभग सभी गलियों में सड़कों का निर्माण कराया गया है, वहीं उनकी अपनी गली में सड़क नहीं बनाई गई है। इस 'रोड की समस्या' पर मुखिया कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं और इस असमान विकास को लेकर शिकायत कर रहे हैं।1
- किशनगंज जिले के गलगलिया बॉर्डर क्षेत्र में अचानक लगी भीषण आग से कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे लाखों का भारी नुकसान हुआ है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने देखते ही देखते कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस भीषण अगलगी पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने काफी मशक्कत की, जिसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि उनकी मेहनत की कमाई और दुकान का सारा सामान आग में जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और उचित मदद उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस घटना में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।2