गुना में आयोजित एक समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस समय-सीमा बैठक और लंबित पत्रों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने अधिकारियों से नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कार्य की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार हो सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, कलेक्टर श्री कन्याल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जिले में आलू उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने मालाबार नीम की खेती के विस्तार के लिए भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने गोरस एप के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही, जो पशुओं के पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी देने में उपयोगी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नरवाई जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों में लगाए गए जुर्माने की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखा जा सके। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की और शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, उन्होंने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ दिलाने के लिए भी निर्देश जारी किए। साथ ही, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित लंबित प्रकरणों और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर श्री कन्याल ने विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग दल गठित कर कार्य करने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित पत्रों और प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया।
गुना में आयोजित एक समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस समय-सीमा बैठक और लंबित पत्रों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने अधिकारियों से नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया, ताकि कार्य की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार हो सके। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे सहित सभी जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, कलेक्टर श्री कन्याल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जिले में आलू उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने मालाबार नीम की खेती के विस्तार के लिए भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने गोरस एप के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही, जो पशुओं के पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी देने में उपयोगी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नरवाई जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों में लगाए गए जुर्माने की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखा जा सके। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की और शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान, उन्होंने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने, मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप योजना का लाभ दिलाने के लिए भी निर्देश जारी किए। साथ ही, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित लंबित प्रकरणों और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर श्री कन्याल ने विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग दल गठित कर कार्य करने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित पत्रों और प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया।
- यह सलाह दी गई है कि व्यक्तियों को प्रतिदिन योग और प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।2
- विदिशा के ग्राम मणिपुर से बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए पंप लाइन खोलने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक बिजली पहुंचाने वाली पंप लाइन पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते उन्हें तीन महीने से बिजली नहीं मिल रही है। किसानों ने बताया कि पंप लाइन बाधित होने के कारण उनकी मूंग की फसल बर्बाद हो गई है। जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति से लाइन खोलने को कहा, तो उसने आत्महत्या करने की धमकी दी और किसानों को मारने की भी धमकी दी। इस समस्या के कारण अब किसान धान की फसल के लिए चिंतित हैं, क्योंकि समय पर पानी नहीं मिला तो वह भी खराब हो जाएगी। किसानों के अनुसार, मालुम सिंह नामक व्यक्ति ने पिछले तीन महीने से पंप लाइन को रोककर बिजली की आपूर्ति बंद कर रखी है। किसानों ने इस मामले की शिकायत विभिन्न जगहों पर की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी कारण आज वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के सामने गुहार लगाने पहुंचे हैं, ताकि उनकी धान की फसल को बचाया जा सके और उन्हें समय पर बिजली और पानी मिल सके।4
- जुगहा में शराब ठेकेदार आमोल और उसके गुर्गों ने ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की है। इस गंभीर घटना को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश व्याप्त है, खासकर पुलिस प्रशासन के प्रति। आरोप है कि पुलिस इस मामले में मिलीभगत कर रही है और इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई सुनवाई नहीं कर रही है। ठेकेदार और उसके गुर्गों को चेतावनी दी गई है कि उन्हें इस क्रूर कृत्य का भुगतान करना होगा। क्षेत्र के समाज जन को तैयार रहने के लिए कहा गया है कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो ऐसे लोगों को 'कुत्ते की तरह दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जाएगा'। समुदाय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि पुलिस कल तक सुनवाई नहीं करती है, तो सभी भाई तैयार रहें।1
- जुगहा क्षेत्र में ठाकुर समाज के एक व्यक्ति के साथ कथित क्रूर मारपीट की घटना सामने आई है, जिसने इलाके के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। क्षेत्रवासियों की प्रबल मांग है कि यदि इस घटना में आमोल शराब ठेकेदार और उसके सहयोगियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।1
- झालावाड़ में एक आतंकी हमले की खबर सामने आई है, जहाँ एक खेल संकुल में बच्चों को बंधक बना लिया गया था। इस गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर, जिले के कलेक्टर और एसपी ने अपने पुलिस बल के साथ तत्काल कार्रवाई की। पुलिस बल की मदद से, अधिकारियों ने बंधक बनाए गए बच्चों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया।1
- अशोकनगर में 'डसटोन' कार्यक्रम से जुड़े एक पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद, पुलिस ने दोनों ही पक्षों की शिकायत के आधार पर संबंधित मामले दर्ज कर लिए हैं।1
- बारां जिले के छिपाबड़ौद में स्थित स्टेडियम में 'समुद्र मंथन का परमात्मा' हुआ।1
- सोमवार सुबह बारां जिले के भंवरगढ़ क्षेत्र में गेहूं से भरा एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया। यह घटना भंवरगढ़ हाईवे पर उस समय हुई जब ट्रक पिछोर से बारां की ओर जा रहा था। जानकारी के अनुसार, अचानक एक गाय के सामने आ जाने पर चालक ने उसे बचाने की कोशिश की, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना की सूचना सुबह 11 बजे मिली। इस भीषण हादसे में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें लदा सारा गेहूं सड़क किनारे बिखर गया। गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।1