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स्कूल में पढ़ाई चाहिए, अराजकता नहीं — बच्चों के हित में प्रबंधन का कठोर रुख रायपुर | सालेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर के प्रबंधन द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि विद्यालय में पिछले कई महीनों से कुछ शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों द्वारा लगातार ऐसी गतिविधियाँ की जा रही थीं, जिनसे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, बच्चों की पढ़ाई एवं संस्था की प्रतिष्ठा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही थी। यह रिकॉर्ड में है कि दिनांक 29.09.2025 को रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसायटी द्वारा पारित आदेश को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी गई थी। तत्पश्चात शासन के आदेश दिनांक 01.12.2025 के अनुसार जिला कलेक्टर, रायपुर को प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासक द्वारा दिनांक 27.03.2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं वैधानिक चुनाव सम्पन्न कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रबंधन समिति का विधिवत गठन हुआ। वर्तमान प्रबंधन समिति पूर्णतः वैधानिक अधिकार रखती है तथा संस्था के प्रशासन एवं संचालन हेतु अधिकृत है। विद्यालय प्रबंधन को लंबे समय से अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के माध्यम से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ शिक्षक कक्षाओं में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य नहीं कर रहे थे, पढ़ाई के समय मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे, निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण नहीं किया जा रहा था तथा विद्यालय अनुशासन की निरंतर अनदेखी की जा रही थी। कुछ कर्मचारियों द्वारा विद्यालय परिसर एवं बाहरी माध्यमों से विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य एवं संस्था के विरुद्ध भ्रामक, मिथ्या एवं आधारहीन आरोप लगाकर अभिभावकों एवं अन्य लोगों को गुमराह करने का प्रयास भी किया जा रहा था, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने लगी। विद्यालय केवल ईंट और दीवारों का भवन नहीं होता, बल्कि हजारों अभिभावकों के विश्वास, बच्चों के सपनों और उनके भविष्य का आधार होता है। जब एक बच्चा विद्यालय आता है, तब उसके माता-पिता अपने सपनों को शिक्षकों और विद्यालय के हाथों में सौंपते हैं। ऐसे में यदि शिक्षण कार्य के स्थान पर अनुशासनहीनता, विवाद, राजनीति, समूहबाजी और गैर-शैक्षणिक गतिविधियाँ हावी होने लगें, तो सबसे बड़ी क्षति उन मासूम बच्चों के भविष्य की होती है, जिनका आने वाला कल शिक्षा पर निर्भर करता है। विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य द्वारा संबंधित कर्मचारियों को सुधार हेतु अनेक अवसर प्रदान किए गए। उन्हें मौखिक निर्देश, लिखित मेमो, चेतावनी पत्र एवं कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। बार-बार यह आग्रह किया गया कि व्यक्तिगत हितों एवं विवादों से ऊपर उठकर बच्चों की शिक्षा, अनुशासन एवं विद्यालय की गरिमा को प्राथमिकता दी जाए। टर्मिनेट किए गए शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के नाम शिक्षकीय कर्मचारी:1. श्रीमती अंजुला मार्टिन,2. श्रीमती संगीता सिंह,3. श्री ओ. पी. देवांगन,4. श्री प्रविशांत सालोमन,5. श्रीमती मेनका जार्ज,6. श्रीमती सपना जार्ज (तथाकथित प्रभारी प्राचार्य)7. श्रीमती श्रुति वानी,8. श्रीमती सरिता वानी,9. श्रीमती निवेदिता गांगुली,10. श्रीमती सना एजाज,11. श्रीमती पी. पी. बेनेट,12. श्रीमती शेलजा वैभव इफ्राईम,13. श्रीमती रूपाली ग्वाल यादव,14. श्रीमती रश्मी बाला जोगी,15. श्रीमती रश्मी जार्ज,16. श्रीमती सोनिया ठाकुर,17. श्रीमती दीपमाला जॉन,18. श्रीमती अर्शिया कुरैशी,19. श्रीमती संगीता तिर्की,20. श्रीमती नर्मता मार्टिन,21. श्रीमती जे. ए. बेरन,22. श्रीमती प्रतिक्षा रॉबिन्स,, गैर-शिक्षकीय कर्मचारी,23. श्रीमती ज्योति गार्डिया (कुमुदनी),24. श्रीमती विनिता बाला प्रकाश,25. श्रीमती मनोरमा कुमार,26. श्रीमती लीला निर्मलकर,27. श्रीमती गायत्री मानिकपुरी 28. श्रीमती दुर्गा निर्मलकर उक्त कर्मचारियों के विरुद्ध संस्था सेवा नियमों, अनुशासनहीनता, शैक्षणिक कार्य में लापरवाही एवं संस्था विरोधी गतिविधियों के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों द्वारा न केवल सुधार करने से इंकार किया गया, बल्कि जांच समिति की कार्यवाही की भी अनदेखी की गई तथा संस्था के नियमों एवं सेवा आचरण का निरंतर उल्लंघन किया जाता रहा। ऐसी परिस्थितियों में विद्यालय प्रबंधन के समक्ष यह गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया कि क्या कुछ व्यक्तियों के व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकार में जाने दिया जाए। अंततः विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों के हित, विद्यालय की गरिमा एवं शिक्षा की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने हेतु कठोर किन्तु आवश्यक अनुशासनात्मक कदम उठाने पड़े। यह कार्यवाही किसी व्यक्तिगत द्वेष, प्रतिशोध या दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि केवल और केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, शैक्षणिक वातावरण की रक्षा तथा संस्था के अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। विद्यालय प्रबंधन दृढ़ता से मानता है कि: “शिक्षा का मंदिर राजनीति, अराजकता और व्यक्तिगत स्वार्थ का स्थान नहीं हो सकता। जहाँ बच्चों का भविष्य दांव पर हो, वहाँ अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” सालेम इंग्लिश स्कूल भविष्य में भी विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित, संस्कारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध रहेगा। विद्यालय प्रबंधन सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से विनम्र अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों, असत्य प्रचार या गुमराह करने वाली सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें। अन्य शिक्षण संस्थाओं एवं विद्यालय प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण अपील छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) प्रदेश के सभी विद्यालय प्रबंधन एवं शैक्षणिक संस्थाओं से विनम्र किन्तु गंभीर आग्रह करता है कि किसी भी शिक्षकीय अथवा गैर-शिक्षकीय कर्मचारी की नियुक्ति से पूर्व संबंधित संस्था से उसकी सेवा संबंधी जानकारी, आचरण विवरण एवं No Objection Certificate (NOC) अवश्य प्राप्त करें। वर्तमान समय में कुछ ऐसे तत्व शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश कर रहे हैं जो शिक्षा, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के भविष्य से अधिक व्यक्तिगत स्वार्थ, विवाद, समूहबाजी एवं संस्थागत अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं। ऐसे व्यक्तियों को बिना सत्यापन नियुक्त करना भविष्य में किसी भी संस्था के शैक्षणिक वातावरण, प्रशासनिक व्यवस्था एवं प्रतिष्ठा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। CDBE यह मानता है कि “आज यदि एक संस्था ऐसे कृत्यों से प्रभावित हो रही है, तो कल यही स्थिति किसी अन्य विद्यालय या संस्था के साथ भी उत्पन्न हो सकती है।” अतः सभी विद्यालय प्रबंधन से अनुरोध है कि विद्यार्थियों के भविष्य, संस्था की गरिमा एवं शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा हेतु कर्मचारी नियुक्ति में पूर्ण सावधानी, सत्यापन एवं संस्थागत अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के भविष्य निर्माण का दायित्व है। इसलिए प्रत्येक संस्था का यह कर्तव्य है कि वह ऐसे व्यक्तियों को ही अवसर दे जो शिक्षा की गरिमा, विद्यार्थियों के हित एवं संस्थागत अनुशासन का सम्मान करते हों। संस्था को बदनाम करने के प्रयास सुप्रीम कोर्ट में भी हुए विफल यह भी संज्ञान में आया कि श्रीमती नीलिमा रॉबिनसन एवं श्री अजय जॉन द्वारा कथित एवं आधारहीन एफ.आई.आर. के आधार पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जमानत निरस्तीकरण हेतु याचिका दायर की गई थी, जिसे माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त (Dismiss) कर दिया गया। उक्त घटना यह दर्शाती है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा लगातार झूठे, भ्रामक एवं निराधार आरोप लगाकर संस्था, विद्यालय प्रबंधन एवं पदाधिकारियों की छवि धूमिल करने तथा संस्था की गरिमा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जाता रहा। द राइट रेव. सुषमा कुमार श्री जयदीप रॉबिन्सन अध्यक्ष सचिव छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE)

5 hrs ago
user_Laxminarayan Namdev (UNA)
Laxminarayan Namdev (UNA)
Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
5 hrs ago

स्कूल में पढ़ाई चाहिए, अराजकता नहीं — बच्चों के हित में प्रबंधन का कठोर रुख रायपुर | सालेम इंग्लिश स्कूल, रायपुर के प्रबंधन द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि विद्यालय में पिछले कई महीनों से कुछ शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों द्वारा लगातार ऐसी गतिविधियाँ की जा रही थीं, जिनसे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, बच्चों की पढ़ाई एवं संस्था की प्रतिष्ठा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही थी। यह रिकॉर्ड में है कि दिनांक 29.09.2025 को रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसायटी द्वारा पारित आदेश को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी गई थी। तत्पश्चात शासन के आदेश दिनांक 01.12.2025 के अनुसार जिला कलेक्टर, रायपुर को प्रशासक नियुक्त किया गया। प्रशासक द्वारा दिनांक 27.03.2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं वैधानिक चुनाव सम्पन्न कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रबंधन समिति का विधिवत गठन हुआ। वर्तमान प्रबंधन समिति पूर्णतः वैधानिक अधिकार रखती है तथा संस्था के प्रशासन एवं संचालन हेतु अधिकृत है। विद्यालय प्रबंधन को लंबे समय से अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के माध्यम से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ शिक्षक कक्षाओं में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य नहीं कर रहे थे, पढ़ाई के समय मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया में व्यस्त रहते थे, निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण नहीं किया जा रहा था तथा विद्यालय अनुशासन की निरंतर अनदेखी की जा रही थी। कुछ कर्मचारियों द्वारा विद्यालय परिसर एवं बाहरी माध्यमों से विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य एवं संस्था के विरुद्ध भ्रामक, मिथ्या एवं आधारहीन आरोप लगाकर अभिभावकों एवं अन्य लोगों को गुमराह करने का प्रयास भी किया जा रहा था, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ और बच्चों की पढ़ाई बाधित होने लगी। विद्यालय केवल ईंट और दीवारों का भवन नहीं होता, बल्कि हजारों अभिभावकों के विश्वास, बच्चों के सपनों और उनके भविष्य का आधार होता है। जब एक बच्चा विद्यालय आता है, तब उसके माता-पिता अपने सपनों को शिक्षकों और विद्यालय के हाथों में सौंपते हैं। ऐसे में यदि शिक्षण कार्य के स्थान पर अनुशासनहीनता, विवाद, राजनीति, समूहबाजी और गैर-शैक्षणिक गतिविधियाँ हावी होने लगें, तो सबसे बड़ी क्षति उन मासूम बच्चों के भविष्य की होती है, जिनका आने वाला कल शिक्षा पर निर्भर करता है। विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य द्वारा संबंधित कर्मचारियों को सुधार हेतु अनेक अवसर प्रदान किए गए। उन्हें मौखिक निर्देश, लिखित मेमो, चेतावनी पत्र एवं कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। बार-बार यह आग्रह किया गया कि व्यक्तिगत हितों एवं विवादों से ऊपर उठकर बच्चों की शिक्षा, अनुशासन एवं विद्यालय की गरिमा को प्राथमिकता दी जाए। टर्मिनेट किए गए शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के नाम शिक्षकीय कर्मचारी:1. श्रीमती अंजुला मार्टिन,2. श्रीमती संगीता सिंह,3. श्री ओ. पी. देवांगन,4. श्री प्रविशांत सालोमन,5. श्रीमती मेनका जार्ज,6. श्रीमती सपना जार्ज (तथाकथित प्रभारी प्राचार्य)7. श्रीमती श्रुति वानी,8. श्रीमती सरिता वानी,9. श्रीमती निवेदिता गांगुली,10. श्रीमती सना एजाज,11. श्रीमती पी. पी. बेनेट,12. श्रीमती शेलजा वैभव इफ्राईम,13. श्रीमती रूपाली ग्वाल यादव,14. श्रीमती रश्मी बाला जोगी,15. श्रीमती रश्मी जार्ज,16. श्रीमती सोनिया ठाकुर,17. श्रीमती दीपमाला जॉन,18. श्रीमती अर्शिया कुरैशी,19. श्रीमती संगीता तिर्की,20. श्रीमती नर्मता मार्टिन,21. श्रीमती जे. ए. बेरन,22. श्रीमती प्रतिक्षा रॉबिन्स,, गैर-शिक्षकीय कर्मचारी,23. श्रीमती ज्योति गार्डिया (कुमुदनी),24. श्रीमती विनिता बाला प्रकाश,25. श्रीमती मनोरमा कुमार,26. श्रीमती लीला निर्मलकर,27. श्रीमती गायत्री मानिकपुरी 28. श्रीमती दुर्गा निर्मलकर उक्त कर्मचारियों के विरुद्ध संस्था सेवा नियमों, अनुशासनहीनता, शैक्षणिक कार्य में लापरवाही एवं संस्था विरोधी गतिविधियों के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों द्वारा न केवल सुधार करने से इंकार किया गया, बल्कि जांच समिति की कार्यवाही की भी अनदेखी की गई तथा संस्था के नियमों एवं सेवा आचरण का निरंतर उल्लंघन किया जाता रहा। ऐसी परिस्थितियों में विद्यालय प्रबंधन के समक्ष यह गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया कि क्या कुछ व्यक्तियों के व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकार में जाने दिया जाए। अंततः विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों के हित, विद्यालय की गरिमा एवं शिक्षा की गुणवत्ता को सुरक्षित रखने हेतु कठोर किन्तु आवश्यक अनुशासनात्मक कदम उठाने पड़े। यह कार्यवाही किसी व्यक्तिगत द्वेष, प्रतिशोध या दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि केवल और केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, शैक्षणिक वातावरण की रक्षा तथा संस्था के अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। विद्यालय प्रबंधन दृढ़ता से मानता है कि: “शिक्षा का मंदिर राजनीति, अराजकता और व्यक्तिगत स्वार्थ का स्थान नहीं हो सकता। जहाँ बच्चों का भविष्य दांव पर हो, वहाँ अनुशासन और शिक्षण गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” सालेम इंग्लिश स्कूल भविष्य में भी विद्यार्थियों को सुरक्षित, अनुशासित, संस्कारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध रहेगा। विद्यालय प्रबंधन सभी अभिभावकों एवं नागरिकों से विनम्र अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों, असत्य प्रचार या गुमराह करने वाली सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें। अन्य शिक्षण संस्थाओं एवं विद्यालय प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण अपील छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) प्रदेश के सभी विद्यालय प्रबंधन एवं शैक्षणिक संस्थाओं से विनम्र किन्तु गंभीर आग्रह करता है कि किसी भी शिक्षकीय अथवा गैर-शिक्षकीय कर्मचारी की नियुक्ति से पूर्व संबंधित संस्था से उसकी सेवा संबंधी जानकारी, आचरण विवरण एवं No Objection Certificate (NOC) अवश्य प्राप्त करें। वर्तमान समय में कुछ ऐसे तत्व शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश कर रहे हैं जो शिक्षा, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के भविष्य से अधिक व्यक्तिगत स्वार्थ, विवाद, समूहबाजी एवं संस्थागत अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं। ऐसे व्यक्तियों को बिना सत्यापन नियुक्त करना भविष्य में किसी भी संस्था के शैक्षणिक वातावरण, प्रशासनिक व्यवस्था एवं प्रतिष्ठा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। CDBE यह मानता है कि “आज यदि एक संस्था ऐसे कृत्यों से प्रभावित हो रही है, तो कल यही स्थिति किसी अन्य विद्यालय या संस्था के साथ भी उत्पन्न हो सकती है।” अतः सभी विद्यालय प्रबंधन से अनुरोध है कि विद्यार्थियों के भविष्य, संस्था की गरिमा एवं शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा हेतु कर्मचारी नियुक्ति में पूर्ण सावधानी, सत्यापन एवं संस्थागत अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के भविष्य निर्माण का दायित्व है। इसलिए प्रत्येक संस्था का यह कर्तव्य है कि वह ऐसे व्यक्तियों को ही अवसर दे जो शिक्षा की गरिमा, विद्यार्थियों के हित एवं संस्थागत अनुशासन का सम्मान करते हों। संस्था को बदनाम करने के प्रयास सुप्रीम कोर्ट में भी हुए विफल यह भी संज्ञान में आया कि श्रीमती नीलिमा रॉबिनसन एवं श्री अजय जॉन द्वारा कथित एवं आधारहीन एफ.आई.आर. के आधार पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में जमानत निरस्तीकरण हेतु याचिका दायर की गई थी, जिसे माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त (Dismiss) कर दिया गया। उक्त घटना यह दर्शाती है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा लगातार झूठे, भ्रामक एवं निराधार आरोप लगाकर संस्था, विद्यालय प्रबंधन एवं पदाधिकारियों की छवि धूमिल करने तथा संस्था की गरिमा को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जाता रहा। द राइट रेव. सुषमा कुमार श्री जयदीप रॉबिन्सन अध्यक्ष सचिव छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE)

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  • छत्तीसगढ़ के कवर्धा में शराब पार्टी के बाद हुए विवाद में एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की हत्या कर दी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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    छत्तीसगढ़ के कवर्धा में शराब पार्टी के बाद हुए विवाद में एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की हत्या कर दी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Deepesh Jangde
    Deepesh Jangde
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया… संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 गरियाबंद। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की हालत आज किस दौर से गुजर रही है, इसका दर्दनाक उदाहरण छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देखने को मिला। वर्षों तक समाज की आवाज़ बनने वाला एक बुजुर्ग पत्रकार आज खुद व्यवस्था के सवालों के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी कलम के जरिए गरीबों, पीड़ितों और आम जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया, आज उसी को अपराधी की तरह पेश किए जाने की कोशिश ने पूरे पत्रकार जगत को भीतर तक झकझोर दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस हर पत्रकार की पीड़ा है जो सच लिखने का साहस करता है। सवाल यह उठता है कि क्या अब सच बोलना और सच दिखाना भी गुनाह बन चुका है? जिस उम्र में इंसान सम्मान और शांति की उम्मीद करता है, उस उम्र में एक बुजुर्ग पत्रकार को मानसिक प्रताड़ना, अपमान और कार्रवाई का सामना करना पड़े — यह दृश्य केवल पत्रकार समाज ही नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक को विचलित कर रहा है। आखिर वह कौन-सी गुंडागर्दी है, जो एक कमजोर, बुजुर्ग पत्रकार की आंखों में दिखाई दे रही है? क्या व्यवस्था अब इतनी असहज हो चुकी है कि सवाल पूछने वाली कलम भी उसे दुश्मन नजर आने लगी है? विडंबना देखिए… एक तरफ वे लोग जिन पर समाज में भय और हिंसा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, उनके लिए सुरक्षा के बड़े-बड़े इंतजाम किए जाते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। लेकिन दूसरी तरफ, जनता की आवाज़ उठाने वाला पत्रकार खुद असुरक्षित महसूस कर रहा है। पत्रकार कभी समाज का दुश्मन नहीं होता। पत्रकार वह आईना होता है जो सत्ता को उसकी सच्चाई दिखाता है। लेकिन जब सत्ता और व्यवस्था उसी आईने को तोड़ने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है। आज गरियाबंद की यह घटना पूरे प्रदेश के पत्रकारों के मन में एक डर पैदा कर रही है। डर इस बात का कि कहीं कल सच लिखने की कीमत उन्हें भी न चुकानी पड़े। यदि एक बुजुर्ग पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम नागरिक किस भरोसे न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की उम्मीद करेगा? प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, गृहमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से पत्रकार समाज की यही मांग है कि इस मामले को केवल कानूनी कार्रवाई के नजरिए से नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की दृष्टि से देखा जाए। क्योंकि अगर कलम डर गई… तो जनता की आवाज़ भी खामोश हो जाएगी। आज जरूरत है पत्रकारों को संरक्षण देने की, उन्हें सम्मान देने की, ताकि वे बिना भय के सच लिख सकें। लोकतंत्र की असली ताकत बंदूक नहीं, बल्कि स्वतंत्र कलम होती है। “अगर सच लिखना अपराध बन गया, तो आने वाला समय लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक दौर साबित होगा।”
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    कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया…
कलम की चीख: जब एक बुजुर्ग पत्रकार को अपराधी बना दिया गया…
संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735
गरियाबंद।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की हालत आज किस दौर से गुजर रही है, इसका दर्दनाक उदाहरण छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देखने को मिला। वर्षों तक समाज की आवाज़ बनने वाला एक बुजुर्ग पत्रकार आज खुद व्यवस्था के सवालों के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। जिस व्यक्ति ने पूरी जिंदगी कलम के जरिए गरीबों, पीड़ितों और आम जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाया, आज उसी को अपराधी की तरह पेश किए जाने की कोशिश ने पूरे पत्रकार जगत को भीतर तक झकझोर दिया है।
यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि उस हर पत्रकार की पीड़ा है जो सच लिखने का साहस करता है।
सवाल यह उठता है कि क्या अब सच बोलना और सच दिखाना भी गुनाह बन चुका है?
जिस उम्र में इंसान सम्मान और शांति की उम्मीद करता है, उस उम्र में एक बुजुर्ग पत्रकार को मानसिक प्रताड़ना, अपमान और कार्रवाई का सामना करना पड़े — यह दृश्य केवल पत्रकार समाज ही नहीं, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक को विचलित कर रहा है।
आखिर वह कौन-सी गुंडागर्दी है, जो एक कमजोर, बुजुर्ग पत्रकार की आंखों में दिखाई दे रही है?
क्या व्यवस्था अब इतनी असहज हो चुकी है कि सवाल पूछने वाली कलम भी उसे दुश्मन नजर आने लगी है?
विडंबना देखिए…
एक तरफ वे लोग जिन पर समाज में भय और हिंसा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, उनके लिए सुरक्षा के बड़े-बड़े इंतजाम किए जाते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होते हैं।
लेकिन दूसरी तरफ, जनता की आवाज़ उठाने वाला पत्रकार खुद असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पत्रकार कभी समाज का दुश्मन नहीं होता।
पत्रकार वह आईना होता है जो सत्ता को उसकी सच्चाई दिखाता है।
लेकिन जब सत्ता और व्यवस्था उसी आईने को तोड़ने लगे, तब समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है।
आज गरियाबंद की यह घटना पूरे प्रदेश के पत्रकारों के मन में एक डर पैदा कर रही है। डर इस बात का कि कहीं कल सच लिखने की कीमत उन्हें भी न चुकानी पड़े।
यदि एक बुजुर्ग पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो फिर आम नागरिक किस भरोसे न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की उम्मीद करेगा?
प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, गृहमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से पत्रकार समाज की यही मांग है कि इस मामले को केवल कानूनी कार्रवाई के नजरिए से नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की दृष्टि से देखा जाए।
क्योंकि अगर कलम डर गई…
तो जनता की आवाज़ भी खामोश हो जाएगी।
आज जरूरत है पत्रकारों को संरक्षण देने की, उन्हें सम्मान देने की, ताकि वे बिना भय के सच लिख सकें।
लोकतंत्र की असली ताकत बंदूक नहीं, बल्कि स्वतंत्र कलम होती है।
“अगर सच लिखना अपराध बन गया, तो आने वाला समय लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक दौर साबित होगा।”
    user_जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    Journalist टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बिलासपुर के चकरभाठा में एक फेयरवेल पार्टी के दौरान जूनियर छात्रा से बात करने पर एक बीएएलएलबी छात्र पर जानलेवा हमला हुआ। आरोपी छात्र ने बाहरी लड़कों को बुलाकर पीड़ित को बुरी तरह पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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    बिलासपुर के चकरभाठा में एक फेयरवेल पार्टी के दौरान जूनियर छात्रा से बात करने पर एक बीएएलएलबी छात्र पर जानलेवा हमला हुआ। आरोपी छात्र ने बाहरी लड़कों को बुलाकर पीड़ित को बुरी तरह पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • बिलासपुर के बिल्हा में स्थित मानस केटरिंग, अपनी लाजवाब सेवाओं के लिए क्षेत्र में लोकप्रिय है। यह स्थानीय आयोजनों और उत्सवों में स्वादिष्ट भोजन का भरोसेमंद विकल्प बन गया है।
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    बिलासपुर के बिल्हा में स्थित मानस केटरिंग, अपनी लाजवाब सेवाओं के लिए क्षेत्र में लोकप्रिय है। यह स्थानीय आयोजनों और उत्सवों में स्वादिष्ट भोजन का भरोसेमंद विकल्प बन गया है।
    user_Manash Yadav ji बिल्हा बिलासपुर
    Manash Yadav ji बिल्हा बिलासपुर
    Chef Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • धान घोटाले में 'डिजिटल डाका'! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से 'सिस्टम' पर सवाल धान घोटाले में 'डिजिटल डाका'! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से 'सिस्टम' पर सवाल
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    धान घोटाले में 'डिजिटल डाका'! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से 'सिस्टम' पर सवाल
धान घोटाले में 'डिजिटल डाका'! कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर डकारे लाख, अफसरों की चुप्पी से 'सिस्टम' पर सवाल
    user_जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    38 min ago
  • ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार *ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार* ▪️ *आईपीएल क्रिकेट मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का सट्टा खिलाने वाले चार अन्य आरोपी गिरफ्तार* ▪️ *प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार 03 आरोपियों सहित कुल 07 आरोपियों के विरुद्ध छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई* ▪️ *आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन, नगदी रकम एवं सट्टा लेखा-जोखा संबंधित सामग्री जप्त* ▪️ *संगठित रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया* संक्षिप्त विवरण : दिनांक 12.04.2026 को थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कंडरापारा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ऋषभ नगर दुर्ग निवासी विकास जैन द्वारा आईपीएल क्रिकेट 20-20 मैच चेन्नई एवं दिल्ली के मध्य खेले जा रहे मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर कार्यवाही की गई। मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते पाए जाने पर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार एवं प्रवीण ताम्रकार बताया। आरोपियों के कब्जे से मोबाईल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की गई। प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 धारा 4, 6, 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 एवं धारा 112(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब एवं प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाईल फोन जप्त किए गए। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में विवेचना जारी है। ▪️ घटना का कारण : आईपीएल क्रिकेट मैच में हार-जीत पर ऑनलाइन माध्यम से अवैध रूप से पैसों का दांव लगाकर आर्थिक लाभ अर्जित करना। ▪️ घटनास्थल : आरोपी विकास जैन का मकान, ऋषभ नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला दुर्ग। ▪️ आरोपी का नाम : *पूर्व में गिरफ्तार* 1. विकास जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी ऋषभ नगर दुर्ग 2. रौनक ताम्रकार, उम्र 38 वर्ष, निवासी शिवपारा दुर्ग 3. प्रवीण ताम्रकार, उम्र 20 वर्ष, निवासी गवलीपारा दुर्ग *आज दिनांक को गिरफ्तार* 4. अक्षत बोहरे, उम्र 39 वर्ष, निवासी गणपति विहार कॉलोनी, पद्मनाभपुर 5. मोहम्मद आदिल, उम्र 35 वर्ष, निवासी जवाहर चौक दुर्ग 6. मोहम्मद अय्युब, उम्र 49 वर्ष, निवासी डिपरापारा दुर्ग 7. प्रकाश सोनी, उम्र 49 वर्ष, निवासी मैथिलपारा दुर्ग ▪️ जप्त सामग्री : 1. 08 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन 2. नगदी रकम 9,810/- रुपये 3. सट्टा लेखा-जोखा संबंधित पॉकेट डायरी एवं डॉट पेन कुल जुमला कीमती लगभग 89,810/- रुपये। ▪️ सराहनीय भूमिका : उक्त कार्यवाही में थाना सिटी कोतवाली के उनि निर्मल सिंह ध्रुव, प्र.आर. राकेश निर्मलकर, आरक्षक कमलकांत अंगूरे, केशव कुमार, गजेन्द्र यादव तथा एसीसीयू टीम के सउनि संतोष कुमार मिश्रा, गुप्तेश्वर सिंह, भरत यादव, प्र.आर. प्रदीप सिंह, आरक्षक नासिर बक्श, जुगनू तिवारी एवं महिला आरक्षक प्रतिभा तिवारी की सराहनीय भूमिका रही। ▪️ दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। —0000—
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    ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार
*ऑनलाईन आईपीएल सट्टा संचालन मामले में दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, चार अन्य आरोपी गिरफ्तार, प्रकरण में अब तक कुल 07 आरोपी गिरफ्तार*
▪️ *आईपीएल क्रिकेट मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का सट्टा खिलाने वाले चार अन्य आरोपी गिरफ्तार*
▪️ *प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार 03 आरोपियों सहित कुल 07 आरोपियों के विरुद्ध छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई*
▪️ *आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन, नगदी रकम एवं सट्टा लेखा-जोखा संबंधित सामग्री जप्त*
▪️ *संगठित रूप से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया*
संक्षिप्त विवरण :
दिनांक 12.04.2026 को थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कंडरापारा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ऋषभ नगर दुर्ग निवासी विकास जैन द्वारा आईपीएल क्रिकेट 20-20 मैच चेन्नई एवं दिल्ली के मध्य खेले जा रहे मैच में मोबाईल फोन एवं ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर कार्यवाही की गई।
मौके पर तीन व्यक्तियों को मोबाईल फोन के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते पाए जाने पर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना नाम विकास जैन, रौनक ताम्रकार एवं प्रवीण ताम्रकार बताया। आरोपियों के कब्जे से मोबाईल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से संबंधित सामग्री जप्त की गई।
प्रकरण में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 187/2026 धारा 4, 6, 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 एवं धारा 112(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब एवं प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उनके कब्जे से चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाईल फोन जप्त किए गए। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में विवेचना जारी है।
▪️ घटना का कारण :
आईपीएल क्रिकेट मैच में हार-जीत पर ऑनलाइन माध्यम से अवैध रूप से पैसों का दांव लगाकर आर्थिक लाभ अर्जित करना।
▪️ घटनास्थल :
आरोपी विकास जैन का मकान, ऋषभ नगर, थाना सिटी कोतवाली, जिला दुर्ग।
▪️ आरोपी का नाम :
*पूर्व में गिरफ्तार*
1. विकास जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी ऋषभ नगर दुर्ग
2. रौनक ताम्रकार, उम्र 38 वर्ष, निवासी शिवपारा दुर्ग
3. प्रवीण ताम्रकार, उम्र 20 वर्ष, निवासी गवलीपारा दुर्ग
*आज दिनांक को गिरफ्तार*
4. अक्षत बोहरे, उम्र 39 वर्ष, निवासी गणपति विहार कॉलोनी, पद्मनाभपुर
5. मोहम्मद आदिल, उम्र 35 वर्ष, निवासी जवाहर चौक दुर्ग
6. मोहम्मद अय्युब, उम्र 49 वर्ष, निवासी डिपरापारा दुर्ग
7. प्रकाश सोनी, उम्र 49 वर्ष, निवासी मैथिलपारा दुर्ग
▪️ जप्त सामग्री :
1. 08 नग विभिन्न कंपनियों के मोबाईल फोन
2. नगदी रकम 9,810/- रुपये
3. सट्टा लेखा-जोखा संबंधित पॉकेट डायरी एवं डॉट पेन
कुल जुमला कीमती लगभग 89,810/- रुपये।
▪️ सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना सिटी कोतवाली के उनि निर्मल सिंह ध्रुव, प्र.आर. राकेश निर्मलकर, आरक्षक कमलकांत अंगूरे, केशव कुमार, गजेन्द्र यादव तथा एसीसीयू टीम के सउनि संतोष कुमार मिश्रा, गुप्तेश्वर सिंह, भरत यादव, प्र.आर. प्रदीप सिंह, आरक्षक नासिर बक्श, जुगनू तिवारी एवं महिला आरक्षक प्रतिभा तिवारी की सराहनीय भूमिका रही।
▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ अथवा ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें। इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    38 min ago
  • कवर्धा के न्यू कल्पना रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। इस घटना में रेस्टोरेंट का सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
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    कवर्धा के न्यू कल्पना रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। इस घटना में रेस्टोरेंट का सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
    user_KT CHHATTISGARH NEWS
    KT CHHATTISGARH NEWS
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • बिल्हा के मुढ़िपार टोल प्लाजा के पास वाहन खड़ी करने के नाम पर अवैध वसूली और मारपीट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने ड्राइवर व हेल्पर से मारपीट कर गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया था। बिल्हा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजा।
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    बिल्हा के मुढ़िपार टोल प्लाजा के पास वाहन खड़ी करने के नाम पर अवैध वसूली और मारपीट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने ड्राइवर व हेल्पर से मारपीट कर गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया था। बिल्हा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजा।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • शहपुरा में नोट से भरा बैग दिनदहाड़े घात लगाए बैठे चोर लेकर उड़े डिंडौरी जिले के शहपुरा नगर में दिनदहाड़े चोरी की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है जानकारी के मुताबिक शिक्षक शहपुरा बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे थे उसी दौरान रुपये से भरे बैग को शिक्षक अपने साथ होटल में ले गया जहाँ उन्होंने नोट से भरे बैग को ब्रेंच पर रख दिया जहां पलक झपकते ही घात लगाए हुए चोर ने नोट से भरे बैग पर हाथ साफ कर दिया और अपने सहियोगी के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ कर नो दो ग्यारह हो गया पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई घटना की जानकारी लगते ही मौके पर शहपुरा पुलिस पहुंची जहां उन्होंने होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर घटना को अंजाम देने बाले दोनों चोरों की पतासाजी की जा रही है बतला दे शिक्षक होटल में पानी पीने के लिए रुके हुए थे इसी दौरान मौके का फायदा उठा चोरों ने नोटों से भरे बैग पर हांथ साफ करते हुए फरार हो गए पूरी घटना का वीडियो तेजी के साथ शोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो वही दिन दहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है पीड़ित शिक्षक के द्वारा घटना के बाद शहपुरा थाना पहुंच शिकायत दर्ज कराई है
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    शहपुरा में नोट से भरा बैग दिनदहाड़े घात लगाए बैठे चोर लेकर उड़े
डिंडौरी जिले के शहपुरा नगर में दिनदहाड़े चोरी की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है जानकारी के मुताबिक शिक्षक शहपुरा बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे थे उसी दौरान रुपये से भरे बैग को शिक्षक अपने साथ होटल में ले गया जहाँ उन्होंने नोट से भरे बैग को ब्रेंच पर रख दिया जहां पलक झपकते ही घात लगाए हुए चोर ने नोट से भरे बैग पर हाथ साफ कर दिया और अपने सहियोगी के साथ मोटरसाइकिल पर बैठ कर नो दो ग्यारह हो गया पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई घटना की जानकारी लगते ही मौके पर शहपुरा पुलिस पहुंची जहां उन्होंने होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर घटना को अंजाम देने बाले दोनों चोरों की पतासाजी की जा रही है बतला दे शिक्षक होटल में पानी पीने के लिए रुके हुए थे इसी दौरान मौके का फायदा उठा चोरों ने नोटों से भरे बैग पर हांथ साफ करते हुए फरार हो गए पूरी घटना का वीडियो तेजी के साथ शोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो वही दिन दहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है पीड़ित शिक्षक के द्वारा घटना के बाद शहपुरा थाना पहुंच शिकायत दर्ज कराई है
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    57 min ago
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