दतिया में पंडोखर पुलिस ने बलात्कार के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के तीन दिन के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला तथा एसडीओपी भाण्डेर पूनमचंद यादव के मार्गदर्शन में की गई। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने थाना पंडोखर में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम बड़ेरा सोपान निवासी अंकित जाटव ने 17 जून 2026 की रात उसके घर में घुसकर जबरन बलात्कार किया। पीड़िता की इस रिपोर्ट पर 18 जून को थाना पंडोखर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी अंकित जाटव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रिपुदमन सिंह राजावत सहित थाना पंडोखर के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दतिया में पंडोखर पुलिस ने बलात्कार के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के तीन दिन के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला तथा एसडीओपी भाण्डेर पूनमचंद यादव के मार्गदर्शन में की गई। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने थाना पंडोखर में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम बड़ेरा सोपान निवासी अंकित जाटव ने 17 जून 2026 की रात उसके घर में घुसकर जबरन बलात्कार किया। पीड़िता की इस रिपोर्ट पर 18 जून को थाना पंडोखर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी अंकित जाटव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रिपुदमन सिंह राजावत सहित थाना पंडोखर के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- दतिया में पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में फरार वारंटियों और लंबित वसूली वारंटों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पंडोखर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पंडोखर पुलिस ने भरण-पोषण प्रकरण से संबंधित लगभग 4 लाख 90 हजार रुपये के वसूली वारंट में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी देवेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी देवेंद्र गुर्जर पुत्र गोपाल गुर्जर मुरैना जिले के सिहोनिया थाना अंतर्गत ग्राम चौकियाई का निवासी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रिपुदमन सिंह राजावत सहित थाना पंडोखर के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।1
- विदिशा में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ री-नीट परीक्षा केंद्र पर तीन छात्राएँ बायोमेट्रिक दिक्कतों और अपने एडमिट कार्ड में हुई गलतियों के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गईं। इस घटना ने कई लोगों को भावुक कर दिया, क्योंकि इन छात्राओं की बरसों की उम्मीदें, त्याग और सपने उनके माता-पिता के साथ खड़े थे, और परीक्षा से वंचित होने का यह पल देखकर हर कोई द्रवित हो गया। यह पूरी घटना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर इस 'सिस्टम' को जनता के लिए कब अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि ऐसी परिस्थितियों में किसी की भी उम्मीदें यूँ न टूटें।1
- दतिया में हुए विशाल कुशवाहा हत्याकांड के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुशवाहा समाज और आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। इन कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अमित तिवारी और बंटी तिवारी को तत्काल गिरफ्तार करने तथा क्रॉस केस की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कुशवाहा समाज के लोगों ने दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके जवाब में पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला को सौंप दी है। साथ ही, एसपी ने हत्याकांड के आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भी भेजा है।1
- दतिया में लखनऊ से आए एक मौलाना ने मोहर्रम के अवसर पर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मोहर्रम मुल्क के प्रति प्रेम और इंसानियत के प्रति समर्पण का संदेश देता है।1
- भांडेर थाना पुलिस ने ग्राम अजीतपुरा निवासी विनोद यादव उर्फ खुशी यादव की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी करण उर्फ काजू यादव को रविवार दोपहर 1 बजे देवरा गांव से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 2 जून 2026 को अजीतपुरा के पास नदी में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना के साथ शुरू हुआ था। गहन विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि मृतक के बड़े भाई मनोज यादव ने पारिवारिक और भूमि विवाद के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर विनोद यादव की हत्या की थी। इस संबंध में अपराध क्रमांक 99/2026 दर्ज किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 04 अन्य आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था।1
- दतिया में एक महिला का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ है। इस घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।1