बस्ती: बारिश में खतरा कई गुना बढ़ जाता है, शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों में दहशत। शासन के आदेश के बाद भी नहीं हटीं लाइनें। अजीत मिश्रा (खोजी) बारिश में खतरा कई गुना बढ़ जाता है, शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों में दहशत। शासन के आदेश के बाद भी नहीं हटीं लाइनें। बस्ती।। जिले में कुल 2071 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 243 विद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिनके भवन के ऊपर से या परिसर के अंदर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। शिक्षा विभाग के एक आंकड़े के मुताबिक, इस संबंध में शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी हो चुके हैं कि किसी भी स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन न गुजरे। यदि है तो उसे तत्काल शिफ्ट किया जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्युत विभाग को सूची भी सौंपी थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक सिर्फ 39 विद्यालयों से ही लाइनें हटाई जा सकी हैं। ऊर्जा निगम की टीम ने इन विद्यालयों के ऊपर से जा रही लाइन को दूसरी जगह डायवर्ट किया है। शेष 204 विद्यालयों में अभी भी एचटी लाइन जस की तस बनी हुई है। दो तस्वीरें, एक ही हकीकत: 🔥प्राथमिक विद्यालय टेंगरिया राज: यहां स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर के ठीक ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। 🔥प्राथमिक विद्यालय बनकटा: यहां भी स्कूल परिसर के अंदर ही बिजली का पोल और लाइन लगी हुई है, जो कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकती है। बारिश में बढ़ जाता है खतरा: शिक्षकों का कहना है कि सूखे मौसम में तो किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन बरसात में करंट उतरने और शॉर्ट-सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बच्चे खेल-खेल में पोल के पास चले जाते हैं। इस वजह से शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों में हमेशा भय बना रहता है। कई अभिभावकों ने तो इस डर से बच्चों को स्कूल भेजना भी कम कर दिया है। "जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गई है, उन्हें चिन्हित किया गया है। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। बहुत जल्द सभी स्कूलों से लाइनें हटवाई जाएंगी।" - बेसिक शिक्षा अधिकारी "बारिश के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। हम लोग बच्चों को उस तरफ जाने से रोकते हैं। कई बार लिखित में भी शिकायत की है।" - एक प्रधानाध्यापक सूत्रों के मुताबिक, लाइन शिफ्टिंग के लिए लगभग 1.25 लाख रुपये प्रति स्कूल का एस्टीमेट आता है। बजट आवंटन न होने और विद्युत विभाग व शिक्षा विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण काम अटका हुआ है। सबसे बड़ा सवाल: जब शासन का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी स्कूल के 100 मीटर के दायरे में हाईटेंशन लाइन नहीं होनी चाहिए, तो फिर 204 स्कूलों के मासूमों की जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? इन ब्लॉकों में है ज्यादा खतरा: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हर्रैया, बनकटी, रुधौली, कप्तानगंज, सल्टौआ जैसे ब्लॉकों में सबसे ज्यादा स्कूल इस जद में हैं।
बस्ती: बारिश में खतरा कई गुना बढ़ जाता है, शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों में दहशत। शासन के आदेश के बाद भी नहीं हटीं लाइनें। अजीत मिश्रा (खोजी) बारिश में खतरा कई गुना बढ़ जाता है, शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों में दहशत। शासन के आदेश के बाद भी नहीं हटीं लाइनें। बस्ती।। जिले में कुल 2071 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 243 विद्यालय ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिनके भवन के ऊपर से या परिसर के अंदर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। शिक्षा विभाग के एक आंकड़े के मुताबिक, इस संबंध में शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी हो चुके हैं कि किसी भी स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन लाइन न गुजरे। यदि है तो उसे तत्काल शिफ्ट किया जाए। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्युत विभाग को सूची भी सौंपी थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक सिर्फ 39 विद्यालयों से ही लाइनें हटाई जा सकी हैं। ऊर्जा निगम की टीम ने इन विद्यालयों के ऊपर से जा रही लाइन को दूसरी जगह डायवर्ट किया है। शेष 204 विद्यालयों में अभी भी एचटी लाइन जस की तस बनी हुई है। दो तस्वीरें, एक ही हकीकत: 🔥प्राथमिक विद्यालय टेंगरिया राज: यहां स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर के ठीक ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। 🔥प्राथमिक विद्यालय बनकटा: यहां भी स्कूल परिसर के अंदर ही बिजली का पोल और लाइन लगी हुई है, जो कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकती है। बारिश में बढ़ जाता है खतरा: शिक्षकों का कहना है कि सूखे मौसम में तो किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन बरसात में करंट उतरने और शॉर्ट-सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बच्चे खेल-खेल में पोल के पास चले जाते हैं। इस वजह से शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों में हमेशा भय बना रहता है। कई अभिभावकों ने तो इस डर से बच्चों को स्कूल भेजना भी कम कर दिया है। "जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गई है, उन्हें चिन्हित किया गया है। शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। बहुत जल्द सभी स्कूलों से लाइनें हटवाई जाएंगी।" - बेसिक शिक्षा अधिकारी "बारिश के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। हम लोग बच्चों को उस तरफ जाने से रोकते हैं। कई बार लिखित में भी शिकायत की है।" - एक प्रधानाध्यापक सूत्रों के मुताबिक, लाइन शिफ्टिंग के लिए लगभग 1.25 लाख रुपये प्रति स्कूल का एस्टीमेट आता है। बजट आवंटन न होने और विद्युत विभाग व शिक्षा विभाग के बीच तालमेल की कमी के कारण काम अटका हुआ है। सबसे बड़ा सवाल: जब शासन का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी स्कूल के 100 मीटर के दायरे में हाईटेंशन लाइन नहीं होनी चाहिए, तो फिर 204 स्कूलों के मासूमों की जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? इन ब्लॉकों में है ज्यादा खतरा: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हर्रैया, बनकटी, रुधौली, कप्तानगंज, सल्टौआ जैसे ब्लॉकों में सबसे ज्यादा स्कूल इस जद में हैं।
- नेपाल। *मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग...* नेपाल। *मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग...*1
- रक्षाबंधन से पहले रामनगरी में दिखी त्योहार की रौनक, राखियों के बाजार में उमड़ी भीड़ अयोध्या,रक्षाबंधन के एक दिन पहले रामनगरी अयोध्या के बाजारों में त्योहार की खूब रौनक देखने को मिल रही है। भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक इस पर्व के लिए बहनें अपने भाइयों के लिए सबसे प्यारी राखी की तलाश में बाजार पहुंच रही हैं।शहर के बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल है। दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियों की भरमार लगी है। चंदन की महक वाली राखी, रेशम की डोरी वाली पारंपरिक राखी, स्टोन वर्क वाली डिजाइनर राखी और बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां लोगों को खूब लुभा रही हैं।1
- अयोध्या में धूमधाम से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, जगह-जगह हुआ स्वागत, देर रात तक गूंजते रहे नातिया कलाम। मोनू अयोध्या पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मुबारक मौके पर अयोध्या में हर वर्ष की तरह इस बार भी जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ निकाला गया। मस्जिद टाट शाह के पेश इमाम मौलाना शमसुल कादरी के नेतृत्व में निकला जुलूस शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरा। जुलूस में बड़ी संख्या में बुजुर्गों के साथ युवा और बच्चे भी शामिल हुए।जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने स्वागत स्टॉल लगाए और श्रद्धालुओं के लिए लंगर का इंतजाम किया। कई स्थानों पर नातख्वानी के लिए मंच बनाए गए, जहां नातख्वानों ने नातिया कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। नातख्वानों का सम्मान भी किया गया। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश दिया। जुलूस के दौरान घर-घर जाकर मिलाद शरीफ भी पढ़ी गई। विभिन्न मोहल्लों में लोगों ने जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया और श्रद्धालुओं को तरह-तरह के पकवान व प्रसाद वितरित किए। पूरे मार्ग में धार्मिक नारों और नातिया कलाम की गूंज सुनाई देती रही। वहीं हर वर्ष की तरह इस बार भी अंजुमन शहदाए मुस्तफा के नेतृत्व में फतेहगंज नाले के पास लंगर के लिए कई स्टॉल लगाए गए। इमरान उर्फ रामपत, बबलू खान और मुजीबउद्दीन हाशमी व बड़े सहित अन्य लोगों की ओर से विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर लंगर का वितरण किया गया। यहां बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लंगर ग्रहण किया। देर रात तक जुलूस का सिलसिला जारी रहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी इंतजाम किए गए। पूरे आयोजन में अकीदत, धार्मिक उत्साह और आपसी भाईचारे का माहौल नजर आया। लोगों ने हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन को पूरे जोश और धूमधाम के साथ मनाते हुए मोहब्बत, इंसानियत और भाईचारे का पैगाम दिया।4
- श्री अवध के सिद्ध सन्तों में सुमेरु अनन्त श्री परमहंस स्वामी #राममंगलदास जी महाराज के स्थान #सिद्धपीठ_गोकुल_भवन झूलनोत्सव में पधारे श्रीमज्जगद्गुरु अनुभवानन्द द्वाराचार्य पूज्यश्री #ऋषिकुमारदासदेवाचार्य जी महाराज Panchwati Mandir, Palwal ने अपनी #गुरु_परम्परा से सम्बद्ध #गोकुल_भवन के पूज्य पीठाधीश्वर महान्तश्री #परशुरामदास जी महाराज का आत्मीय #अभिनंदन करके झूलन पर विराजमान श्री राधाकृष्ण #बृजबिहारी_भगवान को झूला झुलाया। पुजारी जी ने महाराज श्री का समयोचित एवं समुचित सत्कार सम्पादित किया।🚩🙏♦️ - आचार्य सन्तोष अवस्थी1
- उ प्र uptet प्रतियगीता परीक्षा मे सफलता पूर्वक पास करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में कल 26 अगस्त 26 को अच्छा.परिणाम घोषित किया सभी अभ्यर्थियों में खुशिया चेहरे पर नजर आ रही है उत्तर प्रदेश शिक्षक शिक्षा मित्र भाई बहनों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की हार्दिक बधाई आज सुबह टाइम्स टीम करता है कि भविष्य उज्जवल रहे.. रिपोर्टिंग, ,Lal Chand soni,, ,,आज सुबह टाइम्स लखनऊ, , उ प्र uptet प्रतियगीता परीक्षा मे सफलता पूर्वक पास करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में कल 26 अगस्त 26 को अच्छा.परिणाम घोषित किया सभी अभ्यर्थियों में खुशिया चेहरे पर नजर आ रही है उत्तर प्रदेश शिक्षक शिक्षा मित्र भाई बहनों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की हार्दिक बधाई आज सुबह टाइम्स टीम करता है कि भविष्य उज्जवल रहे.. रिपोर्टिंग, ,Lal Chand soni,, ,,आज सुबह टाइम्स लखनऊ, ,1
- अयोध्या *अयोध्या में होटल इंडस्ट्री को मिला नया ठिकाना, होटल निशा ग्रीन व्यू का भव्य शुभारंभ* अयोध्या। रामनगरी में पर्यटन और कारोबार के बढ़ते दायरे के बीच होटल इंडस्ट्री में एक और नया नाम जुड़ गया है। अक्षत ग्रुप के होटल निशा ग्रीन व्यू का बुधवार, 26 अगस्त को भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। महोवरा बाईपास, NH-27, ईशा होटल के निकट आयोजित इस समारोह में सुबह 11 बजे से मेहमानों का पहुंचना शुरू हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक सदर, बस्ती श्री दयाराम चौधरी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि विधायक कप्तानगंज, बस्ती श्री कविंद्र चौधरी ‘अतुल’ और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हर्रैया, बस्ती श्री प्रयम्बक नाथ पाठक मौजूद रहे। होटल निशा ग्रीन व्यू को आधुनिक सुविधाओं और मेहमानों के बेहतर अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उद्घाटन समारोह में अक्षत ग्रुप परिवार की ओर से अतिथियों और शुभचिंतकों का स्वागत किया गया। रामनगरी में लगातार बढ़ते श्रद्धालुओं, पर्यटकों और कारोबारियों की आवाजाही के बीच होटल निशा ग्रीन व्यू की शुरुआत को होटल व्यवसाय के क्षेत्र में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अयोध्या *अयोध्या में होटल इंडस्ट्री को मिला नया ठिकाना, होटल निशा ग्रीन व्यू का भव्य शुभारंभ* अयोध्या। रामनगरी में पर्यटन और कारोबार के बढ़ते दायरे के बीच होटल इंडस्ट्री में एक और नया नाम जुड़ गया है। अक्षत ग्रुप के होटल निशा ग्रीन व्यू का बुधवार, 26 अगस्त को भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। महोवरा बाईपास, NH-27, ईशा होटल के निकट आयोजित इस समारोह में सुबह 11 बजे से मेहमानों का पहुंचना शुरू हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक सदर, बस्ती श्री दयाराम चौधरी रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि विधायक कप्तानगंज, बस्ती श्री कविंद्र चौधरी ‘अतुल’ और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हर्रैया, बस्ती श्री प्रयम्बक नाथ पाठक मौजूद रहे। होटल निशा ग्रीन व्यू को आधुनिक सुविधाओं और मेहमानों के बेहतर अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उद्घाटन समारोह में अक्षत ग्रुप परिवार की ओर से अतिथियों और शुभचिंतकों का स्वागत किया गया। रामनगरी में लगातार बढ़ते श्रद्धालुओं, पर्यटकों और कारोबारियों की आवाजाही के बीच होटल निशा ग्रीन व्यू की शुरुआत को होटल व्यवसाय के क्षेत्र में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- *मौत के मुंह से एकदम करीब से बचकर वापस आ गए ये लोग।* *NepalFlood*1
- 🔴 नेपाल त्रासदी: पलक झपकते ही उजड़ गईं बस्तियां, कुदरत के इस तांडव ने झकझोर कर रख दिया! कल (26 अगस्त 2026) नेपाल और तिब्बत सीमा से लगे क्षेत्रों में आई कुदरती आफत ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में हिमस्खलन (Avalanche) और उसके बाद भोटेकोशी व त्रिशूल नदी में आए अचानक प्रलयकारी सैलाब (Flash Flood) ने चंद मिनटों में सबकुछ मलबे और पानी में बदल दिया। सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, इस भीषण त्रासदी में 150 से अधिक लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं—जिनमें बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक (विशेषकर भारतीय नागरिक भी) शामिल हैं। पानी का वेग इतना भयंकर था कि महज 30 मिनट के भीतर नदियों का जलस्तर कई मीटर तक बढ़ गया, जिससे रास्ते में आने वाले बाजार, पुल, पनबिजली परियोजनाएं और बस्तियां ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। 📌 त्रासदी के मुख्य बिंदु: आपदा का कारण: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेशियर टूटने या हिमस्खलन के चलते नदियों का मार्ग बाधित हुआ, जिसके बाद अचानक यह फ्लैश फ्लड आया। व्यापक जनहानि और लापता लोग: सरकारी आंकड़ों के अनुसार 150+ मौतें और सैकड़ों लोगों के लापता होने से बचाव दलों (नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बुनियादी ढांचे की तबाही: तिमूरे बाजार का नामोनिशान मिट गया है; इसके अलावा कई बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। निचले इलाकों में अलर्ट: इस transboundary (सीमा पार) नदी प्रणाली के बहाव को देखते हुए भारत के पड़ोसी सीमावर्ती राज्यों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। ⚠️ चिंतन और कड़े कदमों का समय यह आपदा केवल एक स्थानीय दुर्घटना नहीं है, बल्कि तेजी से बदलते पर्यावरण और 'गर्म होते हिमालय' (Warming Himalayas) के खतरनाक परिणामों की चेतावनी है। पर्वतीय क्षेत्रों में इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं से निपटने के लिए भारत और नेपाल को मिलकर सीमा-पार अर्ली वार्निंग सिस्टम (Early Warning Systems) और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के भारी नुकसान को टाला जा सके। इस भयंकर प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं। प्रशासन से अपील है कि लापता लोगों की तलाश और राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। 🙏 #NepalTragedy #NepalFlood #RasuwaDisaster #BhoteKoshi #HimalayanDisaster #ClimateCrisis #BreakingNews #PrayForNepal1