गया जिले में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने तथा विधि व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पर्व से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए। मुहर्रम के दौरान 23 जून को मेहंदी, 25 जून को ताजिया अपने-अपने इमामबाड़ों में स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद 26 जून को ताजिया जुलूस अपने-अपने क्षेत्रों से निकलकर कर्बला तक जाएंगे, जबकि 27 जून की रात्रि में अखाड़ा और शिया समुदाय का मातमी जुलूस निकाला जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिस तरह रामनवमी और बकरीद पर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई थी, उसी प्रकार मुहर्रम पर्व में भी इसे कायम रखा जाएगा। उन्होंने डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ध्वनि प्रदूषण संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। सभी थानों को जुलूस के मार्गों का सत्यापन करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि केवल निर्धारित मार्गों से ही जुलूस निकाले जाएं, किसी भी स्थिति में नए मार्गों का उपयोग नहीं किया जाएगा। अनुमंडल पदाधिकारियों को पूर्व में घटित घटनाओं वाले स्थलों का स्वयं आकलन कर जानकारी देने के निर्देश दिए गए। शांति समिति के सदस्यों से भी अपने क्षेत्र के ताजिया की ऊंचाई का आकलन करने को कहा गया ताकि बिजली के तारों या अन्य बाधाओं से बचा जा सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील रास्तों को चिन्हित कर वहां पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, साथ ही जुलूस आयोजकों को असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए टीम रखने के निर्देश दिए गए। विधि व्यवस्था संबंधी किसी भी समस्या के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 0631-2222253 पर संपर्क करने को कहा गया है। पर्व की तैयारियों के मद्देनजर कई विभागों को विशिष्ट निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त को कर्बला जाने वाले रास्तों और कर्बला में पर्याप्त बिजली, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, साफ-सफाई और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था को सीसीटीवी, ड्रोन, वीडियोग्राफी और लाइट की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। कार्यपालक अभियंता, बिजली को जुलूस के मुख्य बिंदुओं पर कनीय अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति और बिजली के तारों की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। सिविल सर्जन को पंचायती अखाड़ा के साथ-साथ मुख्य स्थानों पर एंबुलेंस सहित मेडिकल टीम की उपस्थिति और सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखकर रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगवाने का निर्देश दिया गया है। खराब सड़कों को तुरंत मोटरेबल बनाने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। शांति व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष केवल पिछले वर्षों के लाइसेंस धारियों को ही लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और बिना लाइसेंस के कोई भी जुलूस न निकलने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, और अफवाह या गलत भावना वाले पोस्ट/शेयर करने वालों पर कार्रवाई होगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। सांप्रदायिक घटनाओं की संभावना के मद्देनजर धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लाइसेंस में दी गई सभी शर्तों का पालन अत्यंत आवश्यक बताया और गया जिला वासियों तथा शांति समिति के सदस्यों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की अपील की। अंत में, जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले वासियों को मुहर्रम पर्व की शुभकामनाएं दीं और इसे अच्छे माहौल व आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, महापौर नगर निगम, नगर आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर, सिविल सर्जन, जिला जन संपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
गया जिले में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने तथा विधि व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पर्व से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए। मुहर्रम के दौरान 23 जून को मेहंदी, 25 जून को ताजिया अपने-अपने इमामबाड़ों में स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद 26 जून को ताजिया जुलूस अपने-अपने क्षेत्रों से निकलकर कर्बला तक जाएंगे, जबकि 27 जून की रात्रि में अखाड़ा और शिया समुदाय का मातमी जुलूस निकाला जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिस तरह रामनवमी और बकरीद पर शांति व्यवस्था बनाए रखी गई थी, उसी प्रकार मुहर्रम पर्व में भी इसे कायम रखा जाएगा। उन्होंने डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ध्वनि प्रदूषण संबंधी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। सभी थानों को जुलूस
के मार्गों का सत्यापन करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि केवल निर्धारित मार्गों से ही जुलूस निकाले जाएं, किसी भी स्थिति में नए मार्गों का उपयोग नहीं किया जाएगा। अनुमंडल पदाधिकारियों को पूर्व में घटित घटनाओं वाले स्थलों का स्वयं आकलन कर जानकारी देने के निर्देश दिए गए। शांति समिति के सदस्यों से भी अपने क्षेत्र के ताजिया की ऊंचाई का आकलन करने को कहा गया ताकि बिजली के तारों या अन्य बाधाओं से बचा जा सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील रास्तों को चिन्हित कर वहां पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, साथ ही जुलूस आयोजकों को असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए टीम रखने के निर्देश दिए गए। विधि व्यवस्था संबंधी किसी भी समस्या के लिए जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 0631-2222253 पर संपर्क करने को कहा गया है। पर्व की तैयारियों के मद्देनजर कई विभागों को विशिष्ट निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त को कर्बला जाने वाले रास्तों और कर्बला में पर्याप्त बिजली, सीसीटीवी कैमरे, पेयजल, साफ-सफाई और मोबाइल शौचालय की
व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था को सीसीटीवी, ड्रोन, वीडियोग्राफी और लाइट की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। कार्यपालक अभियंता, बिजली को जुलूस के मुख्य बिंदुओं पर कनीय अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति और बिजली के तारों की जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। सिविल सर्जन को पंचायती अखाड़ा के साथ-साथ मुख्य स्थानों पर एंबुलेंस सहित मेडिकल टीम की उपस्थिति और सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखकर रोस्टर बनाकर ड्यूटी लगवाने का निर्देश दिया गया है। खराब सड़कों को तुरंत मोटरेबल बनाने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। शांति व्यवस्था भंग करने वालों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष केवल पिछले वर्षों के लाइसेंस धारियों को ही लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं और बिना लाइसेंस के कोई भी जुलूस न निकलने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी
जा रही है, और अफवाह या गलत भावना वाले पोस्ट/शेयर करने वालों पर कार्रवाई होगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। सांप्रदायिक घटनाओं की संभावना के मद्देनजर धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लाइसेंस में दी गई सभी शर्तों का पालन अत्यंत आवश्यक बताया और गया जिला वासियों तथा शांति समिति के सदस्यों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग की अपील की। अंत में, जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले वासियों को मुहर्रम पर्व की शुभकामनाएं दीं और इसे अच्छे माहौल व आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आग्रह किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, महापौर नगर निगम, नगर आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता राजस्व, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, पुलिस उपाधीक्षक नगर, सिविल सर्जन, जिला जन संपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।
- गया जिले के आमस प्रखंड स्थित अलौदीचक गाँव में एक जमीन विवाद को लेकर ग्रामीण भड़क उठे हैं। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके चलते, उन्होंने जिलाधिकारी (DM) और मुख्यमंत्री (CM) से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है।1
- मोहनपुर पुलिस ने एक लूट के मामले में तीन बालकों को निरुद्ध किया है। यह कार्रवाई लूट से जुड़े घटनाक्रम के बाद की गई है।1
- जहानाबाद जिले में बुधवार को सिपाही भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुई। इस परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं प्रशासनिक इंतजाम किए हैं। जिले भर में कुल 8 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों के प्रवेश द्वार निर्धारित समय के बाद बंद कर दिए गए और अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। प्रवेश से पहले उनके जूते उतरवाकर तलाशी ली गई तथा पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया गया। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और निजी पेन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि ओएमआर शीट भरने के लिए आवश्यक पेन परीक्षा केंद्रों पर ही उपलब्ध कराए गए। प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया और ई-प्रवेश पत्र तथा फोटो पहचान पत्र का मिलान सुनिश्चित कर ही प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं, साथ ही परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। संचार माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जैमर भी लगाए गए हैं, और सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि फर्जी अभ्यर्थी या किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी और जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- एक भावनात्मक अपील में यह सवाल उठाया गया है कि क्या भारत भूषण तिवारी को आखिरकार इंसाफ और न्याय मिलेगा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस विषय पर अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें, जो न्याय की तीव्र चाहत और जनभागीदारी की उम्मीद को दर्शाता है।1
- नवादा जिले में मोहर्रम के सातवें दिन, 23 जून 2026, मंगलवार को हजरत इमाम हुसैन का झंडा इमामबाड़ों पर फहराया गया। हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे तुंगी, चित्ररघट्टी, चकपर सहित दर्जनों गांवों के इमामबाड़ों पर अकीदतमंदों ने अगरबत्ती, इत्र, गुलाब जल और लोबान जलाकर दरूद-ए-फतिया पढ़ा। इस दौरान पूरे देश में अमन-चैन, भाईचारगी, सौहार्द और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। पैकारों की टोली ने बुलंद आवाज़ में 'या अली या हुसैन' के नारे लगाते हुए इमामबाड़ा की परिक्रमा की, जिसके बाद वे 'कर्बला दूर है, जाना ज़रूर है' का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ चले। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने दर्शकों के लिए खिचड़ा और मलीदा का भी आयोजन किया। इस मौके पर अकबर राजा आर्यन, समी, वसीम, अब्दुल, फैज़ुन, इरफान, सलीम, अली अहमद, बंटी और मोइन अहमद सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।1
- गयाजी स्थित ब्रह्मसरोवर ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर में एक भव्य प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ एक भव्य शोभा यात्रा सह कलश यात्रा में भाग लिया, जिसका उद्देश्य रुक्मिणी सरोवर से जल लाना था। आगामी कार्यक्रमों के तहत, दिनांक 24/06/2026 को मूर्ति नगर भ्रमण और पुष्पा धीवास का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद, दिनांक 25/06/2026 को प्राण प्रतिष्ठा, हवन, पूर्णाहुति और एक भव्य भंडारा सम्पन्न होगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आचार्य विनय बाबा, उपाचार्य राकेश बिहारी द्विवेदी, संरक्षक एवं गयाजी नगर निगम की उपमहापौर चिंता देवी, श्यामदेव प्रसाद, और अध्यक्ष शशि कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।1
- बिहार के सुदूरवर्ती क्षेत्र भलुआ के एक युवक ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि के बाद, उन्हें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है।1
- 😭🙏जो भगत सिंह के जैसा दहाड़े और शेर के जैसा जिगरा उसके लिए आप लोग क्या-क्या करना चाहते हैं कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं 😭🙏 #facebookviral #trendingpost #BharatTiwari #facebookpost #highlights #foryouシ 😭🙏जो भगत सिंह के जैसा दहाड़े और शेर के जैसा जिगरा उसके लिए आप लोग क्या-क्या करना चाहते हैं कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं 😭🙏 #facebookviral #trendingpost #BharatTiwari #facebookpost #highlights #foryouシ1
- एक वायरल वीडियो बिहार की मौजूदा स्थिति पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहता है कि राज्य में 'बहार' है, लेकिन असलियत में कहीं जनता तो कहीं पुलिस 'रंगदार' की भूमिका में दिखाई दे रही है। पोस्ट में यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि 'सम्राट चौधरी के राज' में आखिर चल क्या रहा है, क्योंकि राज्य भर में पुलिस और जनता के बीच लगातार भिड़ंत की घटनाएं सामने आ रही हैं।1