उज्जैन के खाचरोद में कलेक्टर के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत बरलाई की अर्जेला रोड स्थित नई आबादी को राजस्व अभिलेखों में ग्राम आबादी घोषित करने का मामला लंबित पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 11 मार्च 2025 को उज्जैन कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद खाचरोद तहसील प्रशासन और एसडीएम कार्यालय ने आज तक आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की है। इससे पहले भी जब ग्रामीणों ने आवेदन दिया था, तो मामला खाचरोद तहसील भेजा गया था, जहां राजस्व रिकॉर्ड में टिप्पणियां दर्ज होने के बाद भी आगे की कार्रवाई को रोक दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को दोबारा कलेक्टर से जल्द निर्णय लेने की मांग करनी पड़ी। इस आबादी क्षेत्र में वर्षों से कई परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से आबादी घोषित न होने के कारण वे शासन की विभिन्न योजनाओं और राजस्व सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने खाचरोद तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय पर कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आबादी घोषित करने की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने की मांग उठाई है।
उज्जैन के खाचरोद में कलेक्टर के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायत बरलाई की अर्जेला रोड स्थित नई आबादी को राजस्व अभिलेखों में ग्राम आबादी घोषित करने का मामला लंबित पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 11 मार्च 2025 को उज्जैन कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद खाचरोद तहसील प्रशासन और एसडीएम कार्यालय ने आज तक आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की है।
इससे पहले भी जब ग्रामीणों ने आवेदन दिया था, तो मामला खाचरोद तहसील भेजा गया था, जहां राजस्व रिकॉर्ड में टिप्पणियां दर्ज होने के बाद भी आगे की कार्रवाई को रोक दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को दोबारा कलेक्टर से जल्द निर्णय लेने की मांग करनी पड़ी। इस आबादी क्षेत्र में वर्षों से कई परिवार निवास कर रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से आबादी घोषित न
होने के कारण वे शासन की विभिन्न योजनाओं और राजस्व सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने खाचरोद तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय पर कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आबादी घोषित करने की प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने की मांग उठाई है।
- रतलाम के जड़वासा कला में स्थित श्री राम मंदिर पर आज से भागवत कथा का आयोजन शुरू हो रहा है। यह धार्मिक आयोजन 12 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इस अवसर पर समस्त ग्राम की जनता और सभी महानुभावों से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे यहाँ पहुँचकर इस भागवत कथा का भरपूर आनंद उठाएं।3
- नेशनल कॉन्फ्रेंस की एक रैली में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि "हम अमेरिका जाकर..."।1
- आलोट के राधा कृष्ण मंदिर के सामने आज विजन कंप्यूटर क्लास का शुभारंभ हो गया है। अपने बच्चों को कंप्यूटर सिखाने के लिए लोग शुभम सोलंकी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर 8959397185 जारी किया गया है।1
- आगर मालवा के बड़ौद में अंजुमन कमेटी द्वारा जनसेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए रविवार को अंजुमन परिसर में निःशुल्क सर्व रोग जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का लाभ उठाने के लिए बड़ौद नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शिविर के दौरान 800 से अधिक मरीजों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया और जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयों का भी वितरण किया गया। शाम 5 बजे सेवाभावी डॉक्टरों और उनकी टीम का सम्मान कर इस शिविर का समापन किया गया। इस शिविर में सुमन दीप विद्यापीठ द्वारा संचालित धीरज हॉस्पिटल, बड़ौदा (गुजरात) के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हड्डी, हृदय, नेत्र, नाक, कान, गला और दंत रोग सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए और नियमित स्वास्थ्य जांच व स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस सेवा कार्य की आम जनता ने खूब सराहना की। शिविर के सफल आयोजन में अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने व्यवस्थाओं का कुशल संचालन किया। इस अवसर पर धीरज हॉस्पिटल की ओर से डॉ. सौरभ तंवर, डॉ. विश्वजीत ठकुरिया, डॉ. अशी जैन, डॉ. अभीशा जैन और टीम मैनेजमेंट से सचिन पाटीदार, सेजल धर्मशी, प्रेम शाह सहित पूरी चिकित्सकीय टीम उपस्थित रही। वहीं अंजुमन कमेटी के सदर रशीद खान, जावेद मुल्तानी, रेहान बेलम, वाहिद खान, मेराजुद्दीन मंसूरी, सद्दाम मुल्तानी, शौकत मुल्तानी, इमरान मंसूरी, जाहिदुल्ला खान, मोहसिन लाहौरी, साबिर शेख, हरीश गोरी, सादिक तहीम, भय्यू खान, सगीर शेख, असलम मुल्तानी, शादाब मुल्तानी और इदरीश मुल्तानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजकों ने संकल्प जताया कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए इस प्रकार के जनकल्याणकारी शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।4
- प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेटमा के लाल और पृथ्वी डिफेंस एकेडमी के संस्थापक सैनिक विजय यादव को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर टीम प्रेस क्लब बेटमा की ओर से सैनिक विजय यादव और पूरे PDA परिवार को हार्दिक-हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- कर्नाटक के बेलगावी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर संगठन का पक्ष रखा और मीडिया के सवालों के जवाब दिए।1
- उज्जैन जिले के खाचरोद जेल से फरार हुए ₹5000 के इनामी और बलात्कार के खूंखार कैदी गोपाल को पुलिस ने अवैध तलवार के साथ गिरफ्तार कर लिया है। दिनांक 25 दिसंबर 2025 को खाचरोद जेल से तीन विचाराधीन कैदी गोपाल पिता बापूलाल कीर, गोविंदराम पिता आशाराम और नारायण पिता भेरुलाल जाट फरार हो गए थे। इसके बाद थाना खाचरोद में अपराध क्रमांक 529/25 धारा 262 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था और पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹5000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल के निर्देशन तथा एसडीओपी आलोट पल्लवी गौड़ के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11 जुलाई 2026 को पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली। खारवा चौकी थाना ताल की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी गोपाल पिता बापूलाल कीर (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम मालाखेड़ी) को दौलतगंज के पास मंडावल रोड पर घूमते हुए एक अवैध धारदार लोहे की तलवार के साथ धर दबोचा। आरोपी के विरुद्ध थाना ताल पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत नया मामला दर्ज किया गया है। गोपाल मूल रूप से बलात्कार, पॉक्सो एक्ट और अपहरण जैसे अन्य गंभीर अपराधों (अपराध क्रमांक 291/2024) के मामले में जेल में बंद था। इस गिरफ्तारी में निरीक्षक स्वराज डाबी, प्रधान आरक्षक निकोलस लकड़ा, आरक्षक देवेन्द्र कायस्थ, निलेश शर्मा, निलेश सक्सेना और हरिशंकर का उल्लेखनीय योगदान रहा।1