सिरसल दरकावदा ग्राम पंचायत का मुकीमपुरा गाँव प्रशासन की आपराधिक लापरवाही, मिलीभगत और भू-माफियाओं के अवैध कब्जों के कारण डूब रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से ग्राम समाज की 'सामूहिक संपत्ति' (श्रेणी 6-2 की भूमि) दर्ज होने के बावजूद, प्रशासन इसे 'आबादी या निजी भूमि' बताकर अवैध कब्जों को संरक्षण दे रहा है। ग्रामीणों ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर न्याय की मांग उठाई है। ग्रामीणों की ओर से मोहित कुमार द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन मौके के भौतिक सत्यापन से लगातार भाग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन मौके पर जाकर खुदाई कराए, तो नीचे से 'काली मिट्टी' निकलेगी जो इस जमीन के जलमग्न होने का सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रशासन अच्छी तरह जानता है कि सत्यापन होने पर उसकी फर्जी रिपोर्ट और गलत दावे पूरी तरह झूठे साबित हो जाएंगे, इसी डर से इस मांग पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अवैध निर्माणों के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुकने से अब पानी ग्रामीणों के घरों की नींव में घुस रहा है, जिससे मकानों में दरारें पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने कड़ा सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और जान-माल के भारी नुकसान का इंतजार कर रहा है? चंद कब्जाधारकों को छोड़कर पूरा मुकीमपुरा गाँव इस लड़ाई में एकजुट है और ग्रामीणों ने इन अवैध कब्जों को तत्काल हटाकर जल-निकासी मार्ग बहाल करने की मांग की है।
सिरसल दरकावदा ग्राम पंचायत का मुकीमपुरा गाँव प्रशासन की आपराधिक लापरवाही, मिलीभगत और भू-माफियाओं के अवैध कब्जों के कारण डूब रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से ग्राम समाज की 'सामूहिक संपत्ति' (श्रेणी 6-2 की भूमि) दर्ज होने के बावजूद, प्रशासन इसे 'आबादी या निजी भूमि' बताकर अवैध कब्जों को संरक्षण दे रहा है। ग्रामीणों ने
इस भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर न्याय की मांग उठाई है। ग्रामीणों की ओर से मोहित कुमार द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन मौके के भौतिक सत्यापन से लगातार भाग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन मौके पर जाकर खुदाई कराए, तो नीचे से 'काली मिट्टी' निकलेगी
जो इस जमीन के जलमग्न होने का सबसे बड़ा प्रमाण है। प्रशासन अच्छी तरह जानता है कि सत्यापन होने पर उसकी फर्जी रिपोर्ट और गलत दावे पूरी तरह झूठे साबित हो जाएंगे, इसी डर से इस मांग पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अवैध निर्माणों के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुकने से अब पानी ग्रामीणों के घरों की नींव
में घुस रहा है, जिससे मकानों में दरारें पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने कड़ा सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे और जान-माल के भारी नुकसान का इंतजार कर रहा है? चंद कब्जाधारकों को छोड़कर पूरा मुकीमपुरा गाँव इस लड़ाई में एकजुट है और ग्रामीणों ने इन अवैध कब्जों को तत्काल हटाकर जल-निकासी मार्ग बहाल करने की मांग की है।
- शामली के कैराना शहर में बरसात के दौरान भारी जलभराव के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यहाँ हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि सड़क पर गाड़ियां तैरती हुई नजर आ रही हैं। इस पूरे मंजर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जो अब देश भर में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि सरकार सफेद झूठ बोल रही है। उन्होंने दिल्ली के एक पेट्रोल पंप और सर्विस स्टेशन पर जाकर जमीनी हकीकत जानने का दावा किया और कहा कि E20 के कारण गाड़ियों में सचमुच बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। केजरीवाल के अनुसार, आम लोग एथेनॉल (ethanol) से बेहद दुखी हैं। जमीनी स्तर पर लोगों से बात करने के बाद उन्होंने बताया कि लगभग सभी लोगों की गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है और बहुत सी गाड़ियों में खराबी की शिकायतें सामने आ रही हैं।1
- डीआरएम दिल्ली ने शामली रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन पर मौजूद जनता को जानकारी भी प्रदान की।1
- मेरठ में ललिता हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में हुए धरना प्रदर्शन और बवाल को लेकर एसएसपी अविनाश पांडेय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की ओर से की गई अब तक की कार्रवाई पूरी तरह से उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित है। उन्होंने किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय से जोड़कर समाज का माहौल बिगाड़ने की कोशिशों के प्रति सख्त चेतावनी जारी की है। एसएसपी अविनाश पांडेय ने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और पुलिस की हर कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों पर नकेल कसना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति भ्रामक बयानबाजी के जरिए पुलिस की छवि को धूमिल करने या जिले की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान वृक्षारोपण महोत्सव पर बात करते हुए एसएसपी ने एक अनूठी अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके समर्थन में हैं, वे एक पेड़ लगाएं और जो लोग उनके विरोध में हैं या उनसे नाराज हैं, वे दो पेड़ लगाएं।1
- देश और समाज को बचाने के उद्देश्य से 'नेतृत्व को चुनें देश और समाज को बचाएं' अभियान की शुरुआत की गई है, जिसमें लोगों से भारतीय जन क्रान्ति सेना (BJKS) का भागीदार बनने की अपील की गई है। इस अभियान से जुड़ने के लिए लोगों को व्हाट्सएप पर 'Join' लिखकर भेजने के लिए कहा गया है। इसके माध्यम से देश को भ्रष्ट तंत्र, राजनीतिक पार्टियों, भ्रष्ट अधिकारियों, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई से पूरी तरह मुक्ति दिलाने का कड़ा संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में 16 लाख LED स्ट्रीट लाइट्स लगाई गई हैं।1
- शामली के थाना भवन क्षेत्र के भनेड़ा उद्दा गांव में अंबाला हाईवे के निर्माणधीन अंडरपास में पानी भरने के कारण ग्रामीणों का रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। इस जलभराव की वजह से स्थिति इतनी बदतर हो गई कि ऑपरेशन करा कर अपने घर लौट रही एक महिला को एंबुलेंस ने रास्ते में ही छोड़ दिया। एंबुलेंस चालक द्वारा महिला को बीच रास्ते में इस तरह छोड़ दिए जाने की घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मोदीनगर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक शराबी दामाद ने अपने बीमार ससुर की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। गाजियाबाद की रहने वाली पीड़िता मोनिका ने रोते हुए अपने पति संदीप के अत्याचारों की कहानी बयां की है। मोनिका को बचाने आए उनके पिता अनार सिंह, जो ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे, पर संदीप ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में बीच-बचाव करते वक्त मोनिका का भी हाथ कट गया और उनका अंगूठा जख्मी हो गया, जिसमें बाद में आठ टांके आए। यह घटना 9 जुलाई की रात करीब 10:00 से 10:30 बजे की है, जब शराब के नशे में धुत संदीप अपनी ससुराल पहुंचा और मोनिका को जबरन अपने साथ चलने को कहने लगा। जब बीमार ससुर अनार सिंह ने मना किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो संदीप ने "आज इसे जिंदा नहीं छोडूंगा" कहते हुए चाकू निकाल लिया। उसने ससुर के पेट में चाकू से 5 वार किए। मोनिका ने रोते हुए बताया कि उसकी आंखों के सामने ही उसके बीमार पिता के पेट से आंतें बाहर आ गईं। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंची मोनिका का हाथ भी कट गया और आरोपी ने उनकी मां के साथ भी मारपीट की और वहां से भाग गया। मोनिका ने अपने पति संदीप की हैवानियत को बयां करते हुए बताया कि वह शादी के बाद से ही शराब पीकर उसे जल्लाद की तरह बेरहमी से मारता-पीटता था। बेटा होने पर भी उसने मोनिका को कमरे में बंद करके पीटा था और छह महीने पहले उसकी दोनों पसलियां तक तोड़ दी थीं। लगातार हो रहे अत्याचारों के बाद मोनिका एक महीने पहले अपने मायके आ गई थीं, लेकिन संदीप वहां भी आसपास घूमकर धमकियां दे रहा था। मोनिका ने दुख जताते हुए कहा कि जिस बीमार पिता की लंबी उम्र के लिए वे भगवान से प्रार्थना कर रहे थे, उनके ही दामाद ने उनकी जान ले ली।1