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कानपुर देहात के कस्बा रुरा में कबीरदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस आयोजन में पुरुषों और महिलाओं सहित सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा।
Arvind sharma kanpur dehat
कानपुर देहात के कस्बा रुरा में कबीरदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस आयोजन में पुरुषों और महिलाओं सहित सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा।
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- जालौन में पुलिस अधीक्षक (एसपी) आवास के ठीक सामने किन्नरों से दिन दहाड़े छिनैती की दुस्साहसिक वारदात सामने आई है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाइक सवार बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया और जेवरात व नकदी से भरा एक बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित किन्नरों ने इस मामले में उरई कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई है।4
- एक 'थप्पड़बाज़' SDM ने हाल ही में 'फिल्मी स्टाइल' में छापामारी की है। इस कार्रवाई को एक नाटकीय और अनोखे अंदाज़ में अंजाम दिया गया।1
- उरई शहर में कभी प्यास बुझाने वाले वर्षों पुराने ऐतिहासिक कुएँ आज प्रशासन की अनदेखी, अतिक्रमण, कूड़े-करकट और भू-माफियाओं के लालच का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहे हैं। शहर की ये धरोहरें मिटने की कगार पर हैं, जिससे हर जागरूक नागरिक चिंतित है। हाल ही में उरई के मातापुरा मुहल्ले में एक सैकड़ों वर्ष पुराने कुएँ का मामला सामने आया है, जिसे एक राजनीतिक रसूख रखने वाले दबंग मिश्रा परिवार ने कूड़ा-कचरा भरकर उसकी हालत खराब कर दी है। अब उस पर वाहन खड़े करने के लिए अवैध रूप से गैरेज का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जिसका कुछ समाजसेवी लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन दबंग परिवार ने जबरन अपना निर्माण कार्य जारी रखा, जिसे तोड़ा जाना अतिआवश्यक बताया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू-माफिया धीरे-धीरे इन कुओं को पाटकर उन पर कब्जा कर रहे हैं, और कई स्थानों पर तो कुओं की पहचान तक मिटा दी गई है। नगर के दर्जनों अन्य कुएँ या तो पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं या वर्षों से उनकी सफाई नहीं हुई है। कुछ कुएँ गंदगी और प्लास्टिक के अंबार से भरे हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार सूचना देने के बाद भी इन समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों और इतिहासकारों का मत है कि ये कुएँ सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि उरई की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं, और यदि इन्हें समय रहते संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियाँ इन्हें केवल तस्वीरों में ही देख पाएँगी। इस गंभीर स्थिति के चलते बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन इन ऐतिहासिक कुओं की सुरक्षा कब करेगा, भू-माफियाओं पर कब कार्रवाई होगी, और क्या नगर पालिका इन कुओं के पुनर्जीवन का अभियान शुरू करेगी? रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि उरई के ऐतिहासिक कुएँ शहर की पहचान और जल संरक्षण की अमूल्य धरोहर हैं, और यदि आज इन्हें नहीं बचाया गया, तो कल इन्हें वापस लाना संभव नहीं होगा।1
- कानपुर देहात जिले के फतेहपुर मुसहनगर में एक शहीद कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के संबंध में मोहम्मद अनीश कुरैशी का उल्लेख किया गया है, जिन्हें फतेहपुर मुसहनगर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश से संबंधित बताया गया है।1
- माती पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की अध्यक्षता में 'प्रोजेक्ट नई किरण' की शुरुआत की गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिखरे हुए परिवारों को एक सूत्र में बांधना है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 41 मामले सामने आए, जिनमें 'नई किरण' के सभी सदस्यों के समझाने-बुझाने के बाद 7 परिवारों में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सहमति बन गई। इन मामलों में पति-पत्नी खुशी-खुशी साथ रहने को तैयार हो गए, जबकि शेष प्रार्थना पत्रों के लिए आगे की तारीखें दी गई हैं।1
- प्रयागराज से माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने एक बयान में कहा है कि कुछ लोगों ने शिक्षकों को चारा इकट्ठा करने जैसे कामों में भी उनकी ड्यूटी लगा दी थी।1
- राजस्थान के बीकानेर जिले में गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद जब स्कूल दोबारा खुले, तो पता चला कि एक स्कूल की छत गिर चुकी थी। इस घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है कि अगर सामान्य दिनों की तरह उस समय बच्चे स्कूल के अंदर मौजूद होते, तो क्या भयावह स्थिति पैदा हो सकती थी।1