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ब्रेकिंग इंदौर नगर निगम iMic सदस्य मनीष मामा ने पकड़ा रिश्वत लेते हुए नगर निगम कर्मचारी को । झोन क्रमांक 11 के इदरीश नगर में ड्रेनेज के सेफ्टी टेंक को खाली करने के लिए रुपए 1500 की रिश्वत लेते हुए निगम कर्मचारियों को mic मनीष मामा ने पकड़ा रंगे हाथ जबकि सेफ्टी टैंक को खाली खाली करने की नगर निगम से ₹1500 की रसीद कटवा चुका था शिकायतकर्ता ऊपर से दो नंबर में मांगे थे निगम कर्मचारि ने ₹1500 इसका वीडियो भी जारी किया मनीष मामा ने
Naseem Khan
ब्रेकिंग इंदौर नगर निगम iMic सदस्य मनीष मामा ने पकड़ा रिश्वत लेते हुए नगर निगम कर्मचारी को । झोन क्रमांक 11 के इदरीश नगर में ड्रेनेज के सेफ्टी टेंक को खाली करने के लिए रुपए 1500 की रिश्वत लेते हुए निगम कर्मचारियों को mic मनीष मामा ने पकड़ा रंगे हाथ जबकि सेफ्टी टैंक को खाली खाली करने की नगर निगम से ₹1500 की रसीद कटवा चुका था शिकायतकर्ता ऊपर से दो नंबर में मांगे थे निगम कर्मचारि ने ₹1500 इसका वीडियो भी जारी किया मनीष मामा ने
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- *रीवा रोड चाय सुट्टा बार के बगल में..एक राय होकर संगठित रूप से..हत्या का प्रयास करने वाले 02 नफर आदतन अपराधियो को...सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर..न्यायालय में किया पेश...न्यायालय ने भेजा गया जेल...* *गिरफ्तार आरोपी...* *1 सनिल सिंह पिता नारेन्द्र सिंह उम्र 36 वर्ष..निवासी बम्हनगवां जिला सतना म.प्र.* *2. विस्सू उर्फ विशाल शुक्ला पिता विनोद शुक्ला उम्र 23 वर्ष..निवासी खम्हरिया थाना कोटर...* *हाल निवासी आदर्श नगर..हवाई पट्टी थाना कोलगवां..जिला सतना म.प्र.*1
- हो गया हादसा बाल बाल बचे बाराती। मामूली चोट आई बारातियों को। एक छोटी सी लापरवाही ने सभी को मौत के मुंह में धकेल दिया। भगवान की कृपा रही k सभी को मामूली चोटे आई गंभीर चोट में सिर्फ 2 लोग को आई जिन्हें दूसरी गाड़ी से हॉस्पिटल भेजा गया।। भगवान सभी बचा लिया। बारात सहकुशल गांतब्य स्थान के लिए रवाना हुई दूसरी गाड़ियों से।4
- सेवा सेतु शिक्षा एवं जन कल्याण समिति द्वारा महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर मैं निशुल्क सेवा देने के लिए कार्यकर्ता आए आगे,,,,,,,,,,,,,,,, सेवा सेतु शिक्षा जन कल्याण समिति के कई पदाधिकारी विगत कई दिनों से महात्मा गांधी चिकित्सालय में अपनी सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं इसके लिए उन्होंने पूर्व में भी महात्मा गांधी चिकित्सालय के डीन डॉ अरविंद धनोरिया से इस संबंध में चर्चा की थी अब जाकर यह सेवाएं देने के लिए जनसेतु का कार्य करने हेतु सेवा सेतु के कार्य करता महात्मा गांधी चिकित्सालय में अपनी सेवा देते नजर आएंगे जब इस विषय में महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा के डीन डॉक्टर अरविंद धनोरिया से बात की तो उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए एक नई पहल है जिसे मैं स्वागत करता हूं और सेवा सेतु शिक्षा एवं जनकल्याण समिति के सभी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं कि वह इस कार्य में आगे आए हैं क्योंकि सेवा सेतु शिक्षा जन कल्याण समिति पूर्व में भी यहां के कार्य कर्मचारियों द्वारा बनाई गई समिति है जो अब रिटायर हो चुके हैं वह आप अपनी सेवाएं इस अस्पताल में सभी मरीजों को देंगे ताकि किसी प्रकार की किसी को कोई तकलीफ ना हो इस अवसर पर अस्पताल में प्रमुख शैलेंद्र त्रिपाठी उपाध्यक्ष शंभूनाथ मिश्रा संजीव सोनाली सोनार मोहनलाल यादव एवं सेवा सेतु परिवार के सभी सदस्य गढ़ मौजूद रहे इंदौर से संवाददाता कमलेश मौर्य की रिपोर्ट1
- संसद में आज नक्सलवाद के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब देश में नक्सलवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- गाजियाबाद विजयनगर के वार्ड नंबर 55 में निश्चय नीति फाउंडेशन एवं यशोदा फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित।1
- # प्रत्रकार मोहनसिंह सोलंकी सनातनी।9131950957.9926446331.1
- Post by Vishal Jadhav1
- *✍️ जोरदार हेडलाइंस ✍️* मैहर सिविल अस्पताल की हालत इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग तस्वीर पेश कर रही है। अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब आम बात हो चुकी है और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल मे जमीनी हकीकत चौकाने वाली है अस्पताल में न तो समय पर डॉक्टर मिल रहे हैं और न ही वार्ड बॉय की मौजूदगी नजर आती है। मरीजों को लाने-ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं है, जिससे गंभीर हालत में आए मरीजों को परिजन खुद संभालने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में एक मरीज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां न डॉक्टर मौजूद था और न कोई जिम्मेदार स्टाफ। ऐसे में एक नर्स ने ही मानवता दिखाते हुए मरीज को प्राथमिक उपचार देकर भर्ती किया। हालांकि, यह सवाल खड़ा होता है कि जब पूरा स्टाफ गायब हो, तो मरीजों की जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? *मरीज के परिजनों ने बनाया वीडियो दिखाया अपना दर्द* मरीज के परिजनों ने अस्पताल की इस बदहाली का वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा जाहिर की। उनका कहना है कि अस्पताल में कोई सुनने वाला नहीं है और मरीजों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है। सरकार के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती ये तस्वीरें पूछ रही हैं क्या यही है “बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं”? क्या कागजों में ही चल रहा है पूरा सिस्टम?लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। अस्पताल में स्टाफ की कमी, लापरवाही और अव्यवस्था लंबे समय से जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।1