सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड की बांकी पंचायत स्थित बांकी मिशन के समीप पिछले दो सप्ताह से खराब पड़े ट्रांसफार्मर के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी। इस गंभीर समस्या के चलते भीषण गर्मी में ग्रामीणों, विद्यार्थियों और मिशन परिसर के लोगों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे पेयजल व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा था। समस्या की जानकारी मिलने पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन और विधायक के निजी सचिव अमित बडिंग ने विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अथक प्रयास किए, जिसके फलस्वरूप एक ही दिन के भीतर नया 63 केवीए ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया गया। बुधवार को बांकी मिशन परिसर में इस नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया, जिसके तुरंत बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली लौटने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर, ग्रामीणों और मिशन प्रबंधन ने जनहित में त्वरित कार्रवाई करने के लिए विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन और निजी सचिव अमित बडिंग को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने विधायक सुदीप गुड़िया की कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता की खुले दिल से सराहना करते हुए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड की बांकी पंचायत स्थित बांकी मिशन के समीप पिछले दो सप्ताह से खराब पड़े ट्रांसफार्मर के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी। इस गंभीर समस्या के चलते भीषण गर्मी में ग्रामीणों, विद्यार्थियों और मिशन परिसर के लोगों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे पेयजल व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा था। समस्या की जानकारी मिलने पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन और विधायक के निजी सचिव अमित बडिंग ने विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अथक प्रयास किए, जिसके फलस्वरूप एक ही दिन के भीतर नया 63 केवीए ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया गया। बुधवार को बांकी मिशन परिसर में इस नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया, जिसके तुरंत बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली लौटने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर, ग्रामीणों और मिशन प्रबंधन ने जनहित में त्वरित कार्रवाई करने के लिए विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन और निजी सचिव अमित बडिंग को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने विधायक सुदीप गुड़िया की कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता की खुले दिल से सराहना करते हुए उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता और उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां के समन्वय से जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजना, राज्य स्तरीय रैंकिंग तथा विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। प्रस्तुति में राज्य स्तरीय शैक्षिक सूचकांकों में जिले की स्थिति, प्रखंडवार प्रदर्शन, विद्यालयों में नामांकन, दैनिक छात्र व शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी निर्माण, बच्चों का ऑनलाइन प्रोग्रेशन आधार सीडिंग, एफएलएन उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की अद्यतन स्थिति साझा की गई। उपायुक्त ने इस वर्ष जिले के उत्कृष्ट मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष के लिए अभी से ही 'बोर्ड परीक्षा विजय अभियान' के तहत संचालित नवाचारी गतिविधियों को जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर परिणामों को बनाए रखने और सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने ई-विद्यावाहिनी के तहत विद्यालयों में छात्र और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और विद्यालयों के खुलते ही दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए सुधार लाने तथा सभी विद्यालयों द्वारा स्टूडेंट प्रोग्रेशन संबंधी ऑनलाइन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति को संकुल, प्रखंड एवं जिला स्तर पर दिन में दो बार दैनिक मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया। बैठक में जनजातीय भाषा संवर्धन के लिए संचालित 'पलाश' कार्यक्रम और एफएलएन के तहत छोटे बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने कंपीटेंसी आधारित शिक्षण को और मजबूत करने तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। एफएलएन के अंतर्गत जिला शैक्षणिक नवाचार केंद्र की आगामी कार्ययोजना पर राज्य स्तर से आए पीएमयू प्रतिनिधि द्वारा एडीपीओ ज्योति खलखो के समन्वय में विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के बेहतर प्रदर्शन हेतु रणनीति निर्धारित की गई। उपायुक्त ने कार्य सुगमता के दृष्टिकोण से जिला स्तरीय सभी शिक्षा कार्यालय चंदाली स्थित नए समाहरणालय भवन में ही संचालित करने पर शिक्षा अधिकारियों के साथ मंथन किया। उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता, अंडा वितरण, सामग्री के रख-रखाव और बच्चों के कवरेज पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी प्रखंडों को प्रत्येक शनिवार संकुल साधन सेवियों की बैठक आयोजित कर विद्यालय अनुश्रवण, दैनिक कार्यों की समीक्षा तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में 30 से अधिक विद्यालयों में शून्य नामांकन है अथवा वे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने विशेष टीम गठित कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना की स्थिति तथा स्थानीय आवश्यकता का आकलन करने एवं ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्व की ग्राम शिक्षा समितियों के पास दो करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि लंबित है और कई विद्यालय भवन अधूरे पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने नोटिस के बावजूद प्रगति नहीं होने पर संबंधित मामलों में सर्टिफिकेट केस दर्ज कर राशि वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्णय लिया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्र नामांकन, स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड निर्माण, अपार आईडी जेनरेशन तथा सभी ऑनलाइन कार्यों में तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को चिन्हित कर कार्य निष्पादन में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। साथ ही, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति दैनिक रूप से अद्यतन करने सहित सीआरपी, बीआरपी एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विद्यालय अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। जिला स्तर से प्रखंड स्तरीय आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों एवं सुधार की आवश्यकता वाले प्रखंड की पहचान करते हुए सभी शैक्षणिक इंडिकेटर पर राज्य स्तरीय रैंकिंग के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय उपलब्धि विवरण हेतु आगामी बैठक से पीपीटी प्रेजेंटेशन के निर्देश दिए गए। इस बैठक में डायट प्राचार्य प्रिया भगत, बीईओ घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, लेखा पदाधिकारी माधुरी मिंज, सहायक अभियंता शमशाद अली, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अमर प्रकाश टूटी एवं शुभकामना प्रसाद, फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह, बीपीओ दिलदार सिंह सहित सभी प्रखंडों के बीपीओ, बीआरपी, एकाउंटेंट एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।1
- सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत भागाबिला पंचायत के बरकीमारा गांव में दो पात्र परिवार अब भी इन योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। गांव की सुनीता पूर्ति के पास घर के नाम पर सिर्फ मिट्टी की जर्जर दीवारें बची हैं, जबकि योगेंद्र बिरूवा आज भी मिट्टी और पुआल से बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। बरसात में इनके घरों की छत से पानी टपकता है, जिससे परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन दोनों परिवारों को अब तक न तो राज्य सरकार की अबुआ आवास योजना का लाभ मिला है और न ही केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का। जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि सरकार की योजनाएं सही तरीके से धरातल पर लागू हों तो गरीब परिवारों को आवास का लाभ मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर आयोजित सरकारी शिविर और कार्यक्रम अक्सर केवल खानापूर्ति बनकर रह जाते हैं। माधव चंद्र कुंकल ने आगे बताया कि वह इन दोनों पात्र लाभुकों को तत्काल आवास योजना से जोड़ने की मांग पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त के समक्ष रखेंगे, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पक्का आवास मिल सके। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि सरकार की आवास योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी परिवार जर्जर और असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर न हो।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत बुटी पंचायत के चमडु गाँव में ग्रामीणों ने सेविका चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर गलत तरीके से कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस मामले में संबंधित बीडीओ से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने सेविका चयन में हुई गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उनकी मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाए और जांच के बाद सेविका चयन की प्रक्रिया को पुनः आरंभ किया जाए।1
- खूंटी जिले में आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की बढ़ती समस्या पर मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस विषय पर उपायुक्त से ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उप प्रमुख साबू ने आरोप लगाया कि डॉग रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्तों को मुरहू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ही छोड़ दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों और पालतू पशुओं पर हमलों की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, रांची के कुछ क्षेत्रों से भी आवारा कुत्तों को लाकर खूंटी में छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर गाय, बैल और बकरियों जैसे लावारिस पशुओं के खुलेआम घूमने के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, उप प्रमुख ने पंचायत स्तर पर एक विशेष टीम के गठन, पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने और आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। उनकी मांग है कि इन कदमों से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।1
- झारखंड के मंझारी प्रखंड अंतर्गत बागाबिला पंचायत के बड़कीमारा गांव की निवासी सुनीता पूर्ति, जो राउतु पूर्ति की पत्नी हैं, को अभी तक न तो अबुआ आवास योजना और न ही पीएम आवास योजना का लाभ मिल पाया है। स्थानीय जिला परिषद सदस्या श्री माधव चंद कुंकल जी ने एक वीडियो के माध्यम से सरकार को इस स्थिति से अवगत कराया है।1
- मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने खूंटी जिले में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला उपायुक्त से इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उप प्रमुख का आरोप है कि डॉग रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्तों को वापस मुरहू और ग्रामीण क्षेत्रों में ही छोड़ दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों और पालतू पशुओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रांची के कुछ क्षेत्रों से भी आवारा कुत्तों को लाकर छोड़े जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर खुलेआम घूमते गाय, बैल और बकरियों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जो एक और बड़ी समस्या है। अरुण कुमार साबू ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष टीम गठित करने, पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने और आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने इस विषय पर तुरंत ठोस कदम उठाने पर जोर दिया है।1
- बड़े पत्थरों को कुचलकर उन्हें छोटे-छोटे पत्थरों में बदला जाता है। इस प्रक्रिया से गिट्टी, डस्ट और चिप्स जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं।1
- एनएच 23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग पर बेड़ों थाना क्षेत्र अंतर्गत लमकाना एकलव्य विद्यालय के समीप एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। ये दोनों युवक भरनो थाना क्षेत्र के समसेरा करंजटोली गांव के निवासी थे और एक ही बाइक पर सवार होकर बेड़ों की तरफ जा रहे थे जब यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान समसेरा करंजटोली गांव निवासी रोहित लोहरा और शशिकांत उरांव के रूप में हुई है। घटना के बाद बेड़ों पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गई है और आगे की पोस्टमार्टम कार्रवाई में जुट गई है।1