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पन्ना वनमंडल में कैमरा ट्रैप सर्वे से समृद्ध जैव विविधता का खुलासा संवाद अपडेट न्यूज़ पन्ना वनमंडल में अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE 2026) के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता की झलक सामने आई है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के मार्गदर्शन में यह सर्वेक्षण फरवरी–मार्च के दौरान संपन्न किया गया। दक्षिण पन्ना वनमंडल को 150 ग्रिड पॉइंट्स में विभाजित कर करीब 300 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक कैमरा ट्रैप लगाए गए। इन कैमरों में तेंदुआ, भारतीय भेड़िया, हनी बैजर और पैंगोलिन जैसे दुर्लभ वन्यजीव कैद हुए हैं। हनी बैजर को दुनिया के सबसे निडर जीवों में गिना जाता है, जबकि पैंगोलिन अपने शल्कों से ढके शरीर के कारण बेहद अनोखा प्राणी माना जाता है। इसके अलावा, रात्रिचर जीवों में सिवेट और साही की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। वहीं चीतल, सांभर और काकड़ (बार्किंग डियर) जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की अच्छी संख्या इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिकार प्रजातियों की उपलब्धता पर्याप्त है, जो एक संतुलित और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है। यह सर्वे न केवल बाघों के आकलन में सहायक है, बल्कि पन्ना वनमंडल की समृद्ध वन्य संपदा और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी उजागर करता है।

11 hrs ago
user_अरविंद सिंह लोधी
अरविंद सिंह लोधी
News Anchor जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago
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पन्ना वनमंडल में कैमरा ट्रैप सर्वे से समृद्ध जैव विविधता का खुलासा संवाद अपडेट न्यूज़ पन्ना वनमंडल में अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE 2026) के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप से क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता की झलक सामने आई है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के मार्गदर्शन में यह सर्वेक्षण फरवरी–मार्च के दौरान संपन्न किया गया। दक्षिण पन्ना वनमंडल को 150 ग्रिड पॉइंट्स में विभाजित कर करीब 300 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक कैमरा ट्रैप लगाए गए। इन कैमरों में तेंदुआ, भारतीय भेड़िया, हनी बैजर और पैंगोलिन जैसे दुर्लभ वन्यजीव कैद हुए हैं। हनी बैजर को दुनिया के सबसे निडर जीवों में गिना जाता है, जबकि पैंगोलिन अपने शल्कों से ढके शरीर के कारण बेहद अनोखा प्राणी माना जाता है। इसके अलावा, रात्रिचर जीवों में सिवेट और साही की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। वहीं चीतल, सांभर और काकड़ (बार्किंग डियर) जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की अच्छी संख्या इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शिकार प्रजातियों की उपलब्धता पर्याप्त है, जो एक संतुलित और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है। यह सर्वे न केवल बाघों के आकलन में सहायक है, बल्कि पन्ना वनमंडल की समृद्ध वन्य संपदा और संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी उजागर करता है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • देशभर में सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन लगाने के संकेत दिए हैं। लेकिन अब इस पूरे मामले पर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार के अनुसार, देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है। दरअसल, संसद में पीएम मोदी ने West Asia में बढ़ते तनाव, खासकर और के बीच हालात पर चिंता जताई थी। उन्होंने केवल देश को सतर्क रहने और तैयार रहने की बात कही थी।
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    देशभर में सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही थी कि प्रधानमंत्री  ने लॉकडाउन लगाने के संकेत दिए हैं।
लेकिन अब इस पूरे मामले पर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है।
सरकार के अनुसार, देश में किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
दरअसल, संसद में पीएम मोदी ने West Asia में बढ़ते तनाव, खासकर  और  के बीच हालात पर चिंता जताई थी।
उन्होंने केवल देश को सतर्क रहने और तैयार रहने की बात कही थी।
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • देशभर में पेट्रोल-डीजल की कमी के बीच कई जगहों पर नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब बोतल, केन या ड्रम में तेल नहीं दिया जा रहा है और वाहनों के लिए भी लिमिट तय कर दी गई है। ग्राउंड जीरो से यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे आम जनता परेशान है और प्रशासन इसे कालाबाजारी रोकने का कदम बता रहा है।
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    देशभर में पेट्रोल-डीजल की कमी के बीच कई जगहों पर नए नियम लागू कर दिए गए हैं।
अब बोतल, केन या ड्रम में तेल नहीं दिया जा रहा है और वाहनों के लिए भी लिमिट तय कर दी गई है।
ग्राउंड जीरो से यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे आम जनता परेशान है और प्रशासन इसे कालाबाजारी रोकने का कदम बता रहा है।
    user_Pushpendra Lodhi
    Pushpendra Lodhi
    Damoh, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • Post by Vikas Soni
    1
    Post by Vikas Soni
    user_Vikas Soni
    Vikas Soni
    दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Post by Hakikat MP संवाद न्यूज
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    Post by Hakikat MP संवाद न्यूज
    user_Hakikat MP संवाद न्यूज
    Hakikat MP संवाद न्यूज
    Photographer पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • दमोह -रेलवे स्टेशन मार्ग बंद शराब दुकान खोले जाने के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतरे दमोह के स्टेशन चौराहा पर व्यापारियों ने किया चक्का जाम, स्टेशन रोड पर खुलने वाली शराब दुकान का विरोध,कोतवाली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस मौजूद |
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    दमोह -रेलवे स्टेशन मार्ग बंद 
शराब दुकान खोले जाने के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतरे
दमोह के स्टेशन चौराहा पर व्यापारियों ने किया चक्का जाम, स्टेशन रोड पर खुलने वाली शराब दुकान का विरोध,कोतवाली पुलिस व ट्रैफिक पुलिस मौजूद |
    user_REEPORT100 NEWS ALBELA
    REEPORT100 NEWS ALBELA
    Insurance Agent पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • हरदुआ खमरिया *दक्षिण वन मंडल पन्ना डीएफओ के निर्देशन में किया गया जन जागरूकता अभियान 2026* दक्षिण वन मंडल पन्ना के अंतर्गत बीड खमरिया एवं नादान में जन जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें वन्य प्राणियों का शिकार अवैध कटाई अवैध भूमि कब्जा एवं वनो में आग छोड़ना गांव के सभी नागरिक को वन विभाग कर्मचारी द्वारा खमरिया बीड गार्ड राजबहादुर सिंह एवं नंदन बीड गार्ड ओमप्रकाश लोधी जी ने वनों को देख रेख की समझते देते हुऐ जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम के माध्यम से समझायत दी गई पन्ना से क्राइम ब्यूरो चीफ मनीष विश्वकर्मा भारत न्यूज़ 24
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    हरदुआ खमरिया 
*दक्षिण वन मंडल पन्ना डीएफओ के निर्देशन में किया गया जन जागरूकता अभियान 2026*
दक्षिण वन मंडल पन्ना के अंतर्गत बीड खमरिया एवं नादान में जन जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें वन्य प्राणियों का शिकार अवैध कटाई अवैध भूमि कब्जा एवं 
वनो में आग छोड़ना गांव के सभी नागरिक को वन विभाग कर्मचारी द्वारा खमरिया बीड गार्ड  राजबहादुर सिंह एवं नंदन बीड गार्ड ओमप्रकाश लोधी जी ने वनों को देख रेख  की समझते देते हुऐ जन जागरूकता अभियान कार्यक्रम के माध्यम से समझायत दी गई
पन्ना से क्राइम ब्यूरो चीफ मनीष विश्वकर्मा भारत न्यूज़ 24
    user_पत्रकार मनीष विश्वकर्मा
    पत्रकार मनीष विश्वकर्मा
    रायपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं। हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। "मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल" सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है। "सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला। मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं: कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है। निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।
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    मध्य प्रदेश का किसान एक बार फिर व्यवस्था की चक्की में पिसने को मजबूर है। एक तरफ राज्य की मोहन सरकार ने 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का ढिंढोरा पीटा, तो दूसरी तरफ हकीकत के धरातल पर किसान अपनी उपज लेकर दर-दर भटक रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, कई संभागों में खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाकर 10 से 15 अप्रैल कर दिया गया है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
शिवराज सिंह के '8 गुना आय' वाले दावे पर सवाल
सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में दावा किया कि केंद्र के प्रयासों से किसानों की आय कई मामलों में 8 गुना तक बढ़ गई है। लेकिन विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि ये दावे केवल कागजों और दूरबीनों तक सीमित हैं।
हकीकत का आईना: जमीनी स्तर पर किसान कर्ज के बोझ तले दबा है।
तारीखों का खेल: कर्ज की किश्त (KCC) चुकाने की आखिरी तारीख (31 मार्च) निकल चुकी है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी शुरू न होने के कारण किसान को मजबूरी में अपना अनाज कम दामों पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है।
"मध्य प्रदेश का लाल, किसानों का हाल बेहाल"
सबसे बड़ा कटाक्ष देश के कृषि मंत्री पर हो रहा है, जो स्वयं मध्य प्रदेश की माटी से आते हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस राज्य ने उन्हें इस ऊंचाई तक पहुँचाया, आज वहीं का किसान सुरक्षा, संवेदना और समाधान के लिए तरस रहा है।
"सरकार ने पहले 16 मार्च की तारीख दी, फिर 1 अप्रैल और अब इसे फिर बढ़ा दिया गया है। क्या सरकार के पास बारदाने (जूट बैग) की कमी है या किसान की मेहनत की कोई कीमत नहीं?" — विपक्षी दलों का तीखा हमला।
मुख्य मुद्दे जो किसानों को सता रहे हैं:
कर्ज का चक्र: 31 मार्च तक कर्ज न चुका पाने पर ब्याज की छूट (Interest Subvention) खत्म हो जाती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है।
लापरवाही का आलम: बार-बार खरीदी की तारीखें बदलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
मजबूरी में कम दाम: सरकारी तुलाई शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हैं और किसान ₹2625 (बोनस सहित MSP) की जगह औने-पौने दामों पर फसल बेच रहा है।
निष्कर्ष: क्या कृषि मंत्री के 'आठ गुना आय' वाले दावों में मध्य प्रदेश के उन किसानों की गिनती भी शामिल है जो आज अपनी फसल के सही दाम के लिए उपार्जन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं? यह सवाल आज प्रदेश के हर खेत-खलिहान में गूंज रहा है।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer Panagar, Jabalpur•
    7 hrs ago
  • टीकमगढ़ में मेले के दौरान भीड़ में बिछड़ी 8 वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने सुरक्षित उसके परिजनों से मिला दिया। जानकारी के अनुसार, बच्ची के गुम होने के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और माँ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मामला जब मनोहर सिंह मंडलोई (एसपी टीकमगढ़) तक पहुँचा, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया और खुद मोर्चा संभाला। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते कुछ ही समय में बच्ची को ढूंढ लिया गया और सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। 👉 इस कार्रवाई से एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी देखने को मिली।
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    टीकमगढ़ में मेले के दौरान भीड़ में बिछड़ी 8 वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने सुरक्षित उसके परिजनों से मिला दिया।
जानकारी के अनुसार, बच्ची के गुम होने के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और माँ का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मामला जब मनोहर सिंह मंडलोई (एसपी टीकमगढ़) तक पहुँचा, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया और खुद मोर्चा संभाला।
पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते कुछ ही समय में बच्ची को ढूंढ लिया गया और सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
👉 इस कार्रवाई से एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी देखने को मिली।
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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