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ड्रोन के जरिए पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना ने 237 ड्रोन किए तबाह भारत की पश्चिमी सीमा पर साल 2025 में कुल 863 घुसपैठ दर्ज हुईं, जिनमें से भारतीय सेना ने 237 ड्रोन मार गिराए. ये ड्रोन जासूसी, हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. भारत की पश्चिमी सीमा पर बढ़ते ड्रोन खतरे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन घुसपैठ की कुल 863 घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें जम्मू-कश्मीर के इंटरनेशनल बॉर्डर पर 9 और पंजाब-राजस्थान सेक्टर में 854 घटनाएं शामिल हैं. भारतीय सेना ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम, स्पूफर और जैमर का प्रभावी इस्तेमाल कर इस चुनौती का सामना किया. इस दौरान भारतीय सेना ने कुल 237 ड्रोन मार गिराए. ये ड्रोन जासूसी, हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. 5 ड्रोन पर युद्ध जैसे सामान, 72 पर नशीले पदार्थ रिपोर्ट के मुताबिक, गिराए गए 237 ड्रोनों में 5 ड्रोन पर युद्ध जैसे सामान (War-like Stores) थे. 72 ड्रोन से नशीले पदार्थ बरामद हुए जबकि बचे 161 ड्रोन बिना किसी पेलोड के थे. सीमा के आसपास ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश थी. सुरक्षा बलों ने इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामान बरामद किया. आशंका है कि इन सामानों को ड्रोन की मदद से सीमा पार से पहुंचाया गया था. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दुश्मन की ओर से जासूसी, हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे अवैध कामों के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कोशिशें बढ़ी हैं. खासकर पंजाब सेक्टर में ड्रोन का इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 233 UXO नष्ट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की Counter Explosives Device Units (CEDU) की टीमों ने भी अहम भूमिका निभाई. उत्तरी कमान के ऑपरेशनल क्षेत्र में 220 Unexploded Ordnances (UXOs) यानी ऐसे बम/गोला-बारूद जो फट नहीं पाए थे, उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया. वहीं पश्चिमी कमान के क्षेत्र में 13 UXOs को सफलतापूर्वक डिस्पोज किया गया. इसके अलावा, उत्तरी कमान की टीमों ने 3 ड्रोन के मलबे को सुरक्षित तरीके से सैनिटाइज किया और आगे की तकनीकी जांच के लिए सौंपा. इन ड्रोन के वारहेड को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. तुर्किये में निर्मित एक ड्रोन की पहचान इनमें से एक ड्रोन की पहचान तुर्किये में निर्मित Baykar YIHA III के रूप में हुई.पश्चिमी कमान की CEDU टीम ने तुर्की के Bayraktar TB-2 ड्रोन से गिराए गए MAM (Mini Akıllı Mühimmat) हथियारों को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया. इसके अलावा टीम ने दो PL-15 मिसाइलों को भी सैनिटाइज किया. चिल्लम फील्ड फायरिंग रेंज को किया सैनिटाइज भारतीय सेना ने 2025 में चिल्लम फील्ड फायरिंग रेंज की सफाई और सैनिटाइजेशन का काम भी पूरा किया. करीब 1,27,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में यह अभियान चलाया गया. इस दौरान 29 UXOs और बड़ी संख्या में धातु के टुकड़े (splinters) बरामद किए गए. इन्हें नियंत्रित विस्फोट (Controlled Explosion) तकनीक के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया. पश्चिमी मोर्चे पर ऑपरेशनल तैयारी मजबूत रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिमी मोर्चे पर तैनात भारतीय सेना की फॉर्मेशन ने अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण किया.इसके अलावा 5 से 7 फरवरी 2025 के बीच जयपुर में ऑपरेशनल चर्चाएं आयोजित की गईं. इनमें भारतीय सेना के अलावा अन्य सेनाओं, Integrated Defence Staff (IDS), रक्षा विभाग (DoD), सैन्य मामलों के विभाग (DMA), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और सेना के वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों ने हिस्सा लिया.इन बैठकों में पश्चिमी सीमा पर बदलती सुरक्षा चुनौतियों और ऑपरेशनल तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा की गई.

1 hr ago
user_राठौड़ न्यूज एजेंसी
राठौड़ न्यूज एजेंसी
Jawad, Neemuch•
1 hr ago
bb732f9c-10ce-4c4c-b07e-0eb242142a33

ड्रोन के जरिए पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सेना ने 237 ड्रोन किए तबाह भारत की पश्चिमी सीमा पर साल 2025 में कुल 863 घुसपैठ दर्ज हुईं, जिनमें से भारतीय सेना ने 237 ड्रोन मार गिराए. ये ड्रोन जासूसी, हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. भारत की पश्चिमी सीमा पर बढ़ते ड्रोन खतरे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन घुसपैठ की कुल 863 घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें जम्मू-कश्मीर के इंटरनेशनल बॉर्डर पर 9 और पंजाब-राजस्थान सेक्टर में 854 घटनाएं शामिल हैं. भारतीय सेना ने काउंटर-ड्रोन सिस्टम, स्पूफर और जैमर का प्रभावी इस्तेमाल कर इस चुनौती का सामना किया. इस दौरान भारतीय सेना ने कुल 237 ड्रोन मार गिराए. ये ड्रोन जासूसी, हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. 5 ड्रोन पर युद्ध जैसे सामान, 72 पर नशीले पदार्थ रिपोर्ट के मुताबिक, गिराए गए 237 ड्रोनों में 5 ड्रोन पर युद्ध जैसे सामान (War-like Stores) थे. 72 ड्रोन से नशीले पदार्थ बरामद हुए जबकि बचे 161 ड्रोन बिना किसी पेलोड के थे. सीमा के आसपास ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश थी. सुरक्षा बलों ने इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्तौल और 281.41 किलोग्राम प्रतिबंधित सामान बरामद किया. आशंका है कि इन सामानों को ड्रोन की मदद से सीमा पार से पहुंचाया गया था. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दुश्मन की ओर से जासूसी, हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे अवैध कामों के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कोशिशें बढ़ी हैं. खासकर पंजाब सेक्टर में ड्रोन का इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 233 UXO नष्ट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की Counter Explosives Device Units (CEDU) की टीमों ने भी अहम

भूमिका निभाई. उत्तरी कमान के ऑपरेशनल क्षेत्र में 220 Unexploded Ordnances (UXOs) यानी ऐसे बम/गोला-बारूद जो फट नहीं पाए थे, उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया. वहीं पश्चिमी कमान के क्षेत्र में 13 UXOs को सफलतापूर्वक डिस्पोज किया गया. इसके अलावा, उत्तरी कमान की टीमों ने 3 ड्रोन के मलबे को सुरक्षित तरीके से सैनिटाइज किया और आगे की तकनीकी जांच के लिए सौंपा. इन ड्रोन के वारहेड को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया. तुर्किये में निर्मित एक ड्रोन की पहचान इनमें से एक ड्रोन की पहचान तुर्किये में निर्मित Baykar YIHA III के रूप में हुई.पश्चिमी कमान की CEDU टीम ने तुर्की के Bayraktar TB-2 ड्रोन से गिराए गए MAM (Mini Akıllı Mühimmat) हथियारों को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया. इसके अलावा टीम ने दो PL-15 मिसाइलों को भी सैनिटाइज किया. चिल्लम फील्ड फायरिंग रेंज को किया सैनिटाइज भारतीय सेना ने 2025 में चिल्लम फील्ड फायरिंग रेंज की सफाई और सैनिटाइजेशन का काम भी पूरा किया. करीब 1,27,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में यह अभियान चलाया गया. इस दौरान 29 UXOs और बड़ी संख्या में धातु के टुकड़े (splinters) बरामद किए गए. इन्हें नियंत्रित विस्फोट (Controlled Explosion) तकनीक के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया. पश्चिमी मोर्चे पर ऑपरेशनल तैयारी मजबूत रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिमी मोर्चे पर तैनात भारतीय सेना की फॉर्मेशन ने अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण किया.इसके अलावा 5 से 7 फरवरी 2025 के बीच जयपुर में ऑपरेशनल चर्चाएं आयोजित की गईं. इनमें भारतीय सेना के अलावा अन्य सेनाओं, Integrated Defence Staff (IDS), रक्षा विभाग (DoD), सैन्य मामलों के विभाग (DMA), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और सेना के वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों ने हिस्सा लिया.इन बैठकों में पश्चिमी सीमा पर बदलती सुरक्षा चुनौतियों और ऑपरेशनल तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा की गई.

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    महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर


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महिला आरक्षण बिल: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट, 9वीं दफा मोदी सरकार के हाथ प्रोजेक्ट, पास हुआ तो ऐसे बदलेगी तस्वीर
Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में […]
Edited By : Khushbu Goyal
Updated: Sep 20, 2023 07:21
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Women's Reservation Bill 2023
Women's Reservation Bill 2023
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Women’s Reservation Bill 2023 Benefits: 27 साल में 8 बार रिजेक्ट होने के बाद 9वीं बार महिला आरक्षण बिल भारतीय संसद में पेश होने जा रहा है। इस बार बिल मोदी सरकार के हाथ में है, जिसे मोदी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह मुद्दा 27 साल से लटका हुआ था। 8 सालों में कभी यह राज्यसभा में ही रिजेक्ट हो गया तो कभी लोकसभा में विरोध के कारण पास नहीं हो पाया। अब उम्‍मीद की जा रही है कि मोदी सरकार इस बिल को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। वहीं बिल पास होते ही महिलाओं को काफी फायदा होगा।
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महिला आरक्षण बिल से ये फायदे होंगे
महिला आरक्षण बिल को 15 साल के लागू किया जाना है। इस बिल का लक्ष्य महिलाओं के लिए लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें आरक्षित करना है। बिल में 33 प्रतिशत कोटे में भी SCST, एंग्लो-इंडियन के लिए उप-आरक्षण के लिए भी सुझाव हैं। हर बार आम चुनाव के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट किए जाने का प्रावधान भी बिल में रहेगा, लेकिन इस बिल में अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं है, जिस कारण विपक्षी दलों द्वारा इस बिल का विरोध किया जाता रहा है।
    user_राठौड़ न्यूज एजेंसी
    राठौड़ न्यूज एजेंसी
    Jawad, Neemuch•
    57 min ago
  • “नीमच के मनासा में PAN कार्ड के कथित दुरुपयोग का आरोप! शाकिर खान के नाम पर GST फर्म, SP ऑफिस पहुंची शिकायत नीमच जिले के मनासा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक व्यक्ति ने अपने PAN कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी GST फर्म संचालित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मनासा निवासी शाकिर खान का आरोप है कि उनके नाम और PAN कार्ड का उपयोग कर रामपुरा के लालबाग रोड स्थित हाकिमी ट्रेडर्स के नाम से वर्ष 2017 में GST पंजीयन कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने न तो यह फर्म बनाई, न इसके लिए कोई आवेदन किया और न ही अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की किसी को अनुमति दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित GST फर्म आज भी सक्रिय है और उसके माध्यम से लाखों रुपये के लेन-देन किए जाने की आशंका है। मामले में शिकायतकर्ता ने 19 अगस्त 2026 को मनासा थाने में आवेदन देकर दस्तावेज, GST पोर्टल की जानकारी, फर्म का बिल और दुकान से संबंधित फोटो सहित साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही है। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर उन्होंने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय नीमच पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि GST और आयकर विभाग से फर्म के पंजीयन संबंधी रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, ई-मेल, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति के PAN और पहचान संबंधी दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल हुआ है, तो आखिर यह पंजीयन किसने कराया और वर्षों तक फर्म का संचालन कैसे होता रहा? फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता और किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
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    “नीमच के मनासा में PAN कार्ड के कथित दुरुपयोग का आरोप! शाकिर खान के नाम पर GST फर्म, SP ऑफिस पहुंची शिकायत
नीमच जिले के मनासा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक व्यक्ति ने अपने PAN कार्ड और व्यक्तिगत दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर फर्जी GST फर्म संचालित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
मनासा निवासी शाकिर खान का आरोप है कि उनके नाम और PAN कार्ड का उपयोग कर रामपुरा के लालबाग रोड स्थित हाकिमी ट्रेडर्स के नाम से वर्ष 2017 में GST पंजीयन कराया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने न तो यह फर्म बनाई, न इसके लिए कोई आवेदन किया और न ही अपने दस्तावेजों के इस्तेमाल की किसी को अनुमति दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित GST फर्म आज भी सक्रिय है और उसके माध्यम से लाखों रुपये के लेन-देन किए जाने की आशंका है। मामले में शिकायतकर्ता ने 19 अगस्त 2026 को मनासा थाने में आवेदन देकर दस्तावेज, GST पोर्टल की जानकारी, फर्म का बिल और दुकान से संबंधित फोटो सहित साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही है।
लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर उन्होंने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय नीमच पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि GST और आयकर विभाग से फर्म के पंजीयन संबंधी रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, ई-मेल, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति के PAN और पहचान संबंधी दस्तावेजों का कथित रूप से गलत इस्तेमाल हुआ है, तो आखिर यह पंजीयन किसने कराया और वर्षों तक फर्म का संचालन कैसे होता रहा?
फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की वास्तविकता और किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
    user_Mahesh Suthar
    Mahesh Suthar
    Carpenter नीमच नगर, नीमच, मध्य प्रदेश•
    55 min ago
  • खबर का असर, मंडल अध्यक्ष श्री गुर्जर ने तोड़ी चुप्पी, कहा - मंदिर के हक का पैसा बारवाड़िया कैसे गया मामला केदारेश्वर महादेव डोम घोटाले का रामपुरा/नीमच: गत दिनों चर्चाओं में रहें जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक केदारेश्वर महादेव मंदिर डोम घोटाला विवाद में स्थानीय जिम्मेदार मीडिया द्वारा खबरें प्रकाशित करने के पश्चात नया मोड़ आता दिखाई दिया, आखिरकार श्री केदारेश्वर मंदिर डोम मामले में मंडल अध्यक्ष गोपाल गुर्जर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा है कि, मुख्यमंत्री जी ने पैसा केदारेश्वर धाम के लिए दिया था, तो वो पैसा बारवाड़िया कैसे पहुंच गया? ये केदारेश्वर धाम के भक्तों की आस्था के साथ सीधा धोखा है। अध्यक्ष का कहना है कि, केदारेश्वर मंदिर का हक, केदारेश्वर के श्रद्धालुओं को ही मिलना चाहिए। अगर जल्द ही इस पूरे मामले की जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति बड़ा आंदोलन करेगी। ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विशेष निधि से केदारेश्वर मंदिर क्षेत्र में डोम के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अधिकारियों और ग्राम पंचायत बारवाडिया सरपंच की मिली भगत के चलते डोम का निर्माण कार्य ग्राम बारवाड़िया में निर्माणाधीन हैं। अब मंडल अध्यक्ष के इस महत्वपूर्ण बयान के पश्चात क्या जिम्मेदार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधिजन केदारेश्वर महादेव मंदिर को न्याय हक़ दिलाते है। यह एक बड़ा सवाल हैं। हमारी मांग पहले भी यही थी, आज भी यही है कि, इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और ऐतिहासिक केदारेश्वर धाम को उसका हक़ मिले।
    1
    खबर का असर,

मंडल अध्यक्ष श्री गुर्जर ने तोड़ी चुप्पी,

कहा - मंदिर के हक का पैसा बारवाड़िया कैसे गया

मामला केदारेश्वर महादेव डोम घोटाले का

रामपुरा/नीमच: गत दिनों चर्चाओं में रहें जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक केदारेश्वर महादेव मंदिर डोम घोटाला विवाद में स्थानीय जिम्मेदार मीडिया द्वारा खबरें प्रकाशित करने के पश्चात नया मोड़ आता दिखाई दिया, आखिरकार श्री केदारेश्वर मंदिर डोम मामले में मंडल अध्यक्ष गोपाल गुर्जर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साफ कहा है कि, मुख्यमंत्री जी ने पैसा केदारेश्वर धाम के लिए दिया था, तो वो पैसा बारवाड़िया कैसे पहुंच गया? ये केदारेश्वर धाम के भक्तों की आस्था के साथ सीधा धोखा है।
अध्यक्ष का कहना है कि, केदारेश्वर मंदिर का हक, केदारेश्वर के श्रद्धालुओं को ही मिलना चाहिए। अगर जल्द ही इस पूरे मामले की जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो समिति बड़ा आंदोलन करेगी।
ज्ञात हो कि, मुख्यमंत्री विशेष निधि से केदारेश्वर मंदिर क्षेत्र में डोम के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन अधिकारियों और ग्राम पंचायत बारवाडिया सरपंच की मिली भगत के चलते डोम का निर्माण कार्य ग्राम बारवाड़िया में निर्माणाधीन हैं।
अब मंडल अध्यक्ष के इस महत्वपूर्ण बयान के पश्चात क्या जिम्मेदार शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधिजन केदारेश्वर महादेव मंदिर को न्याय हक़ दिलाते है।
यह एक बड़ा सवाल हैं।
हमारी मांग पहले भी यही थी, आज भी यही है कि, इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और ऐतिहासिक केदारेश्वर धाम को उसका हक़ मिले।
    user_वि के (बंटी)राठौर
    वि के (बंटी)राठौर
    Newspaper publisher नीमच, नीमच, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *खुला आसमान ही श्मशान: मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार नसीब नहीं, आदर्श श्मशान योजना कागजों में* रिपोर्टर प्रकाश सोलंकी पीपलवास *बिलड़ी / ग्राम पंचायत गरदाना (चित्तौड़गढ़)।* ग्रामीण अंचल में विकास के तमाम दावों के बीच जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यहां व्यक्ति को जीते जी तो सुविधाएं नहीं मिलती, मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो रहा है। ताजा मामला ग्राम पंचायत गरदाना के ग्राम *बिलड़ी* का है। यहां आज भी अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे, खेतों के बीच, झाड़ियों में चिता लगाकर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों से चिता जल ही नहीं रही है और परिजनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। इस संबंध में *सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल, बिलड़ी* ने बताया कि राजस्थान सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में *आदर्श श्मशान (मोक्षधाम)* बनाने की योजना शुरू की थी, जिसके लिए लाखों रुपये का बजट भी आता है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना पूरी तरह फेल है। बिलड़ी में आज तक न तो टीन शेड बना, न चारदीवारी और न ही श्मशान तक पहुंचने का रास्ता है। बरसात में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर बिलड़ी गांव में तत्काल सर्वसुविधायुक्त आदर्श मोक्षधाम का निर्माण करवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस पीड़ादायक स्थिति से न गुजरना पड़े।
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    *खुला आसमान ही श्मशान: मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार नसीब नहीं, आदर्श श्मशान योजना कागजों में*

रिपोर्टर प्रकाश सोलंकी पीपलवास 




*बिलड़ी / ग्राम पंचायत गरदाना (चित्तौड़गढ़)।* ग्रामीण अंचल में विकास के तमाम दावों के बीच जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यहां व्यक्ति को जीते जी तो सुविधाएं नहीं मिलती, मरने के बाद भी सुकून से अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो रहा है।

ताजा मामला ग्राम पंचायत गरदाना के ग्राम *बिलड़ी* का है। यहां आज भी अंतिम संस्कार के लिए कोई व्यवस्थित श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे, खेतों के बीच, झाड़ियों में चिता लगाकर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों से चिता जल ही नहीं रही है और परिजनों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

इस संबंध में *सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल, बिलड़ी* ने बताया कि राजस्थान सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में *आदर्श श्मशान (मोक्षधाम)* बनाने की योजना शुरू की थी, जिसके लिए लाखों रुपये का बजट भी आता है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह योजना पूरी तरह फेल है। बिलड़ी में आज तक न तो टीन शेड बना, न चारदीवारी और न ही श्मशान तक पहुंचने का रास्ता है। बरसात में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

सामाजिक कार्यकर्ता शंकर लाल मेघवाल ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर बिलड़ी गांव में तत्काल सर्वसुविधायुक्त आदर्श मोक्षधाम का निर्माण करवाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को इस पीड़ादायक स्थिति से न गुजरना पड़े।
    user_PRAKASH SOLANKI CHITTOR
    PRAKASH SOLANKI CHITTOR
    पत्रकार Bhadesar, Chittorgarh•
    1 hr ago
  • चित्तौड़गढ़ में पुलिस सम्मान, पंचायत चुनाव लॉटरी, सुरक्षा मांग और साइबर जागरूकता की बड़ी खबरें चित्तौड़गढ़ में आज की 4 बड़ी खबरें—इनामी अपराधी की गिरफ्तारी में पुलिसकर्मियों को 50 हजार का इनाम, पंचायत राज संस्थाओं की आरक्षण/लॉटरी की तारीख तय, चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन और पेंशनर्स के लिए साइबर जागरूकता सेमिनार
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    चित्तौड़गढ़ में पुलिस सम्मान, पंचायत चुनाव लॉटरी, सुरक्षा मांग और साइबर जागरूकता की बड़ी खबरें
चित्तौड़गढ़ में आज की 4 बड़ी खबरें—इनामी अपराधी की गिरफ्तारी में पुलिसकर्मियों को 50 हजार का इनाम, पंचायत राज संस्थाओं की आरक्षण/लॉटरी की तारीख तय, चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन और पेंशनर्स के लिए साइबर जागरूकता सेमिनार
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
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    user_आम आदमी पार्टी कपासन
    आम आदमी पार्टी कपासन
    Local Politician कपासन, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामला: 'मेरी जान जा सकती थी' - बाइकर सिया ने बैंसला के 'गलती' के दावे पर पलटवार किया, पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित कीं गुरुग्राम में एक महिला बाइकर का पीछा करने और उसे टक्कर मारने के आरोपी कार ड्राइवर कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह हिट-एंड-रन मामले में एक बड़ी कामयाबी है, जिसने देश भर में लोगों का ध्यान खींचा और भारी आक्रोश पैदा किया। रविवार सुबह हुई इस घटना के बाद से ही बैंसला फ़रार था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। अब उस पर हत्या की कोशिश समेत कई अन्य अपराधों के आरोप लग सकते हैं। यह घटना रविवार को गुरुग्राम के गोल्फ़ कोर्स रोड पर हुई, जहाँ महिला बाइकर शिवानी चौहान (जिन्हें सिया के नाम से भी जाना जाता है) दूसरे बाइकर्स के एक ग्रुप के साथ बाइक चला रही थीं। उनके अनुसार, बैंसला की कार उनका पीछा करने लगी और कार में बैठे लोग नशे में लग रहे थे। जब उन्होंने उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा, तो कार उनकी बाइक की ओर तेज़ी से बढ़ी और साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक से गिर गईं और सड़क पर कई मीटर तक घिसटती चली गईं।
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    गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामला: 'मेरी जान जा सकती थी' - बाइकर सिया ने बैंसला के 'गलती' के दावे पर पलटवार किया, पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित कीं


गुरुग्राम में एक महिला बाइकर का पीछा करने और उसे टक्कर मारने के आरोपी कार ड्राइवर कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ़्तार कर लिया गया है। यह हिट-एंड-रन मामले में एक बड़ी कामयाबी है, जिसने देश भर में लोगों का ध्यान खींचा और भारी आक्रोश पैदा किया। रविवार सुबह हुई इस घटना के बाद से ही बैंसला फ़रार था, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। अब उस पर हत्या की कोशिश समेत कई अन्य अपराधों के आरोप लग सकते हैं। यह घटना रविवार को गुरुग्राम के गोल्फ़ कोर्स रोड पर हुई, जहाँ महिला बाइकर शिवानी चौहान (जिन्हें सिया के नाम से भी जाना जाता है) दूसरे बाइकर्स के एक ग्रुप के साथ बाइक चला रही थीं। उनके अनुसार, बैंसला की कार उनका पीछा करने लगी और कार में बैठे लोग नशे में लग रहे थे। जब उन्होंने उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा, तो कार उनकी बाइक की ओर तेज़ी से बढ़ी और साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक से गिर गईं और सड़क पर कई मीटर तक घिसटती चली गईं।
    user_राठौड़ न्यूज एजेंसी
    राठौड़ न्यूज एजेंसी
    Jawad, Neemuch•
    1 hr ago
  • पुलिस ने सेमरथली-हड़मतिया कुंडाल मार्ग पर जीवनपुरा मोड़ के समीप एक मारुति सुजुकी कार की तलाशी ली। #छोटी_सादड़ी #ऑपरेशन_त्रिनेत्र #पुलिस_कार्रवाई #डोडा_चूरा #मादक_पदार्थ #तस्करी #भावेश_उर्फ_सोनू_आचार्य #प्रतापगढ़ #राजस्थान #BreakingNews #DesiNews247 #LatestNews
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    पुलिस ने सेमरथली-हड़मतिया कुंडाल मार्ग पर जीवनपुरा मोड़ के समीप एक मारुति सुजुकी कार की तलाशी ली।
#छोटी_सादड़ी #ऑपरेशन_त्रिनेत्र #पुलिस_कार्रवाई #डोडा_चूरा #मादक_पदार्थ #तस्करी #भावेश_उर्फ_सोनू_आचार्य #प्रतापगढ़ #राजस्थान #BreakingNews #DesiNews247 #LatestNews
    user_Mukesh Nai
    Mukesh Nai
    Local News Reporter छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
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