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हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड संख्या 15 से एक युवक द्वारा अपने घर से कथित तौर पर गांजा बेचते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में युवक 'मस्त और कलीदार गांजे' को हाथ में लेकर उसकी तारीफ करते हुए दिख रहा है, साथ ही एक बड़ी पॉलीथिन बैग में गांजा भरा रखा हुआ है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुमेरपुर कस्बे में गांजे की अवैध बिक्री एक आम चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, 'आपका अपना अखबार' इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। मामले पर प्रभारी थानाध्यक्ष दुर्गेश राय ने जानकारी दी कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो को संज्ञान में लेकर इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार चक्रवर्ती
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड संख्या 15 से एक युवक द्वारा अपने घर से कथित तौर पर गांजा बेचते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में युवक 'मस्त और कलीदार गांजे' को हाथ में लेकर उसकी तारीफ करते हुए दिख रहा है, साथ ही एक बड़ी पॉलीथिन बैग में गांजा भरा रखा हुआ है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सुमेरपुर कस्बे में गांजे की अवैध बिक्री एक आम चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, 'आपका अपना अखबार' इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। मामले पर प्रभारी थानाध्यक्ष दुर्गेश राय ने जानकारी दी कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो को संज्ञान में लेकर इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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- हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र का उपरी गांव आजादी के 79 वर्ष बाद भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में अधिकांश हैंडपंपों का पानी खारा है, जबकि पीने योग्य पानी केवल दो कुओं से ही मिल पाता है। इस वजह से ग्रामीणों को रोजाना दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन वर्ष पहले नमामि गंगे योजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई थी और घर-घर नल कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन इन नलों में पानी नहीं पहुंचता, बल्कि कई स्थानों पर सिर्फ हवा निकलती है। पेयजल की यह समस्या अब इतनी विकट हो चुकी है कि इसका असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है, जिसके चलते कई परिवार विवाह संबंध बनाने से भी कतरा रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उपरी और शायर गांव के ग्रामीण उप जिलाधिकारी के पास पहुँचकर गुहार लगाई है। इस संबंध में, एडीएम नमामि गंगे ने स्वीकार किया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति की समस्या मौजूद है और उन्होंने इसकी जांच कर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है।1
- जालौन के कदौरा स्थित महंत भगवत विशाल इंटर कॉलेज ने ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुलने पर बच्चों का भव्य स्वागत कर शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल कायम की है। जहाँ अक्सर सरकारी स्कूलों में बच्चों की कमी की खबरें आती हैं, वहीं इस कॉलेज का परिसर उत्सव में तब्दील हो गया। प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह और समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का रोली-चंदन का टीका लगाकर, पुष्प वर्षा कर और मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उनमें पढ़ाई के प्रति नया जोश देखने को मिला। पहले ही दिन कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाएं पूरी व्यवस्थित तरीके से संचालित की गईं, जिसमें छात्र-छात्राएं अनुशासन और उत्साह के साथ पढ़ाई में जुटे नजर आए। विद्यालय प्रशासन ने न केवल शैक्षिक गतिविधियों पर ध्यान दिया, बल्कि बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए फल, मिष्ठान और चॉकलेट भी वितरित किए। कॉलेज की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि पहले ही दिन लगभग 25 नए छात्रों ने प्रवेश लिया, जो अभिभावकों के मजबूत होते भरोसे को दर्शाता है। प्रधानाचार्य विकास कुमार सिंह ने बताया कि शासन और विभागीय निर्देशों के तहत विद्यालय परिसर, कार्यालय, शिक्षक कक्ष और प्रार्थना स्थल की विशेष साफ-सफाई सुनिश्चित की गई है, ताकि बच्चों को स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण मिल सके। इस खास अवसर पर प्रधानाचार्य की पत्नी लीलामणि सिंह, पुत्र आरुष विकास सिंह और तनमय विकास सिंह सहित अनीश वेग, मनीष कुमार, अंजली गुप्ता, जगदीश प्रसाद, कैलाश कुमार, सेवा प्रसाद, गया प्रसाद एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। पहले ही दिन का यह उत्साह साफ संकेत देता है कि यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो यह विद्यालय आने वाले समय में क्षेत्र में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।1
- कानपुर देहात के सिकन्दरा तहसील क्षेत्र स्थित तुतुआपुर गांव निवासी नाथूराम ने जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कुछ दबंगों ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है। नाथूराम का आरोप है कि वे पिछले दो सालों से लगातार इस संबंध में प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित व्यक्ति ने अपने प्रार्थना पत्र में महोदय से निवेदन किया है कि उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमीन 21 जून, 2026 तक कब्जा मुक्त नहीं की जाती है, तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- थाना रुरा परिसर में थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों, विशेषकर मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए सभ्रांत व्यक्तियों से अपील करना था। थाना प्रभारी ने सभी उपस्थित लोगों से त्योहार के दौरान आपसी सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर पूर्व संदीप कश्यप रिंकू, सैनूर अहमद, शानू, बउआ त्रिवेदी, प्रमोद शुक्ला, पंकज यादव और मोना गुप्ता सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के पंधरी गांव में अपनी पत्नी के मायके से वापस न आने से परेशान एक भट्ठा मजदूर ने मंगलवार तड़के घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 24 वर्षीय साधू प्रसाद अनुरागी के रूप में हुई है, जो दुलीचंद अनुरागी का पुत्र था और ईंट भट्ठे में मजदूरी करता था। साधू की शादी पिछले वर्ष ही हुई थी और वह कुछ दिन पहले ही भट्ठे से घर लौटा था, जबकि उसकी पत्नी मायके में थी। परिजनों के अनुसार, सोमवार रात साधू ने खाना खाकर सोने के बाद सुबह जब परिवार वाले जगे, तो वह फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। इस बीच, पति की मौत की खबर पाकर उसकी पत्नी भी गांव आ गई और ससुराल पहुंचकर रो-रोकर बेसुध हो गई।1
- हमीरपुर के मौदहा में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को कोतवाली परिसर में ताजियादारों और विभिन्न आयोजकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान मोहर्रम के लिए निर्धारित अलग-अलग तिथियों में निकलने वाले जुलूसों, कार्यक्रमों और उनकी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने जुलूस मार्गों पर जगह-जगह लटके इंटरनेट और केबल तारों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। इसके अतिरिक्त, ताजियों की ऊंचाई, मार्ग में पेड़ों की निकली डालियों तथा अन्य संभावित अवरोधों को लेकर भी कई सुझाव दिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने और शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया। बैठक में इंस्पेक्टर क्राइम चंद्रशेखर गौतम सहित नगर और कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ताजियादार और आयोजन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।1
- जालौन जनपद में जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही अपनी संवेदनशील, तत्पर और जनसुनवाई की प्रभावी शैली के कारण इन दिनों आम जनता और बच्चों के बीच भी खूब चर्चा में हैं। उनकी कार्यशैली ने प्रशासन की छवि को एक नई पहचान दी है, जिसकी सराहना हर ओर हो रही है। इसी कड़ी में तहसील जालौन में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब 14 वर्षीय काव्या विश्वकर्मा अपने छोटे भाई के साथ करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर अपने पसंदीदा अधिकारी, SDM रिंकू सिंह राही को अपने हाथों से बनाया हुआ स्केच भेंट करने पहुंचीं। काव्या ने बातचीत में बताया कि वह SDM रिंकू सिंह राही के कार्यों और जनता के प्रति उनके व्यवहार से बहुत प्रभावित है, जिसके कारण ही उसने उनका स्केच बनाने और उन्हें देने का फैसला किया। काव्या ने यह भी बताया कि उसका सपना आगे चलकर एक सफल आर्टिस्ट बनने का है और वह अपनी कला के माध्यम से पहचान बनाना चाहती है। काव्या की मासूमियत और सम्मान की भावना ने सभी का दिल जीत लिया। वहीं, तहसील परिसर में फरियादियों की लंबी कतार SDM रिंकू सिंह राही की जनसुनवाई व्यवस्था की लोकप्रियता को दर्शाती है। दूर-दराज से आने वाले लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं और मौके पर ही गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होने से संतुष्ट दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंकू सिंह राही न केवल एक सख्त प्रशासक हैं, बल्कि उनका व्यवहार आम जनता के प्रति बेहद सरल, सहज और मानवीय है। यही वजह है कि बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक उनके कार्यों की सराहना करते हैं। यह घटनाक्रम एक बार फिर यह संदेश देता है कि जब कोई अधिकारी ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम करता है, तो वह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियां ही नहीं निभाता, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन जाता है।1
- घाटमपुर-सजेती थाना क्षेत्र के मकरंदपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुए विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान ईंट-पत्थर चलने के साथ-साथ गोलियां भी चलाई गईं, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मकरंदपुर निवासी विक्रम सिंह पुत्र गजराज ने पुलिस को जानकारी दी कि जीत कुमार पुत्र बाबूलाल और राम गीता पत्नी जीत कुमार, जो कि मकरंदपुर के ही निवासी हैं, ने जमीनी विवाद के चलते गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। जब इसका विरोध किया गया, तो आरोपियों ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। विरोध करने पर इन आरोपियों ने तमंचे से कई राउंड फायर भी किए। हालांकि, गनीमत यह रही कि गोलियां किसी को नहीं लगीं और सभी बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस मारपीट के दौरान विक्रम के पिता गजराज सिंह को चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल गजराज सिंह को एंबुलेंस से घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि यह घटना जमीनी विवाद के कारण हुई मारपीट और फायरिंग का नतीजा है। घायल का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1