धीरेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में 17 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से पहले गाजियाबाद नगर निगम की भारी हड़बड़ी और अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश साफ नजर आ रही है। हापुड़ मोड़ क्षेत्र में चोक नालों की सफाई करने के बजाय नगर निगम के कर्मचारियों ने उन पर बोर्ड और बैरिकेड लगाकर उन्हें केवल ढकने का काम किया है। इन नालों में भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा और गाद जमा है, जिसकी वजह से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके बावजूद कागजों में "सफाई हो गई" दिखाने के लिए ऊपर से यह लीपापोती की गई है। इस दिखावे को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को साल भर सफाई की याद नहीं आती और अब जब मुख्यमंत्री आ रहे हैं, तो सिर्फ बोर्ड लगा दिए गए हैं जबकि अंदर पूरी गंदगी वैसी ही बनी हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि बरसात में यही नाले ओवरफ्लो होकर गंभीर बीमारियां फैलाएंगे। नागरिकों ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि वे अपने दौरे के दौरान अधिकारियों द्वारा पेश की गई कागजी रिपोर्ट पर ध्यान न देकर सीधे जमीनी हकीकत का जायजा लें और बोर्ड हटवाकर नालों की असल स्थिति देखें।
धीरेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में 17 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से पहले गाजियाबाद नगर निगम की भारी हड़बड़ी और अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश साफ नजर आ रही है। हापुड़ मोड़ क्षेत्र में चोक नालों की सफाई करने के बजाय नगर निगम के कर्मचारियों ने
उन पर बोर्ड और बैरिकेड लगाकर उन्हें केवल ढकने का काम किया है। इन नालों में भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा और गाद जमा है, जिसकी वजह से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके बावजूद कागजों में "सफाई हो गई" दिखाने के लिए ऊपर से यह लीपापोती की गई है। इस
दिखावे को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को साल भर सफाई की याद नहीं आती और अब जब मुख्यमंत्री आ रहे हैं, तो सिर्फ बोर्ड लगा दिए गए हैं जबकि अंदर पूरी गंदगी वैसी ही बनी हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है
कि बरसात में यही नाले ओवरफ्लो होकर गंभीर बीमारियां फैलाएंगे। नागरिकों ने मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की है कि वे अपने दौरे के दौरान अधिकारियों द्वारा पेश की गई कागजी रिपोर्ट पर ध्यान न देकर सीधे जमीनी हकीकत का जायजा लें और बोर्ड हटवाकर नालों की असल स्थिति देखें।
- गाजियाबाद जिले के मुरादनगर अंतर्गत गोपालपुरम क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 17 जुलाई के प्रस्तावित आगमन से पहले ही विद्युत विभाग की कार्यशैली की पोल खुल गई है। रावली रोड स्थित गोपालपुरम कॉलोनी में पिछले करीब तीन-चार दिनों से गहराए बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि विद्युत वितरण खंड 33/11 मुरादनगर के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। कॉलोनी वासियों का कहना है कि यहां लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों से लगातार खराब हो रहा है। आरोप है कि विभाग द्वारा बार-बार केवल रिपेयर किए गए ट्रांसफार्मर ही लगाए जा रहे हैं, जो बिजली आपूर्ति शुरू होने के महज एक से डेढ़ घंटे बाद ही दोबारा फुंक जाते हैं। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही इस बिजली कटौती से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल हैं। समस्या के समाधान के लिए लोग विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार फोन कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है और अधिकारी केवल खानापूर्ति में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले विभाग की इस लापरवाही पर सवाल उठाते हुए गोपालपुरम के लोगों ने आला अधिकारियों से मांग की है कि यहां तत्काल नया और अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाया जाए।4
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में नगर निगम द्वारा प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ पॉलीथिन का उपयोग खुलेआम जारी है। सोसायटी परिसर में स्थित राजू किराना एंड वेजिटेबल्स शॉप पर ग्राहकों को धड़ल्ले से प्रतिबंधित पॉलीथिन में सामान दिया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर निगम की टीम इस दुकान पर पहले भी छापेमारी कर ₹1000 का चालान काट चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग नहीं रुका। इससे नगर निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में सोसायटी निवासी गौरव बंसल ने प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, नगर आयुक्त गाजियाबाद तथा नगर निगम की 311 ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन कराने और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, एक अन्य निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि चालान के बाद भी उल्लंघन जारी रहना प्रशासनिक कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने मांग उठाई है कि पर्यावरण के नियमों का सभी दुकानदारों से पालन कराया जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निरंतर व सख्त कार्रवाई की जाए।2
- उत्तर प्रदेश के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने एक सनसनीखेज दावा किया है। विधायक का कहना है कि मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर धर्म परिवर्तन कर लिया है। विधायक नंदकिशोर गुर्जर के मुताबिक, भगवत गीता के श्लोक पढ़ने के कारण जर्जिस अब एक्स मुस्लिम हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि जर्जिस ने पहले भगवान कृष्ण पर टिप्पणी की थी।1
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में नगर निगम द्वारा प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ पॉलीथिन का खुलेआम इस्तेमाल जारी है। सोसायटी परिसर में मौजूद राजू किराना एंड वेजिटेबल्स शॉप पर ग्राहकों को धड़ल्ले से प्रतिबंधित पॉलीथिन में सामान दिया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम की टीम पहले भी इस दुकान पर छापेमारी कर ₹1000 का चालान काट चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन नहीं रुक रहा है। इससे नगर निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर सोसायटी निवासी गौरव बंसल ने प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, नगर आयुक्त गाजियाबाद तथा नगर निगम की 311 ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में पर्यावरण संरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन कराने और उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। वहीं, सोसायटी के एक अन्य निवासी दिनेश सिंह का कहना है कि चालान के बाद भी उल्लंघन जारी रहना प्रशासनिक कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निरंतर और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि प्रतिबंध का वास्तविक असर जमीन पर दिखाई दे।1
- गाजियाबाद में महाकाली की पूजा-अर्चना और इससे जुड़े नियमों को जानने के लिए लोगों से कमेंट करने की अपील की गई है। यदि आप महाकाली के पूजा संबंधी नियम जानना चाहते हैं, तो कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।1
- गाजियाबाद के मुरादनगर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की आहट मिलते ही महीनों से सुस्त पड़ा विकास अचानक रफ्तार पकड़ने लगा है। जिन सड़कों पर पिछले कई महीनों से बड़े-बड़े गड्ढे थे और जहां चलना लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं था, वही सड़कें अब मुख्यमंत्री के आने से ठीक पहले रातों-रात रिपेयर की जा रही हैं। रात के अंधेरे में सड़क निर्माण का काम पूरी तेजी से चल रहा है, मशीनें दौड़ रही हैं और मजदूर सड़कों को चमकाने में जुटे हैं। इस अचानक आई तेजी पर पत्रकार वीरेंद्र कुमार ने प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या विकास कार्य कराने के लिए हमेशा मुख्यमंत्री का आगमन ही जरूरी होता है? जनता महीनों से इन टूटी सड़कों की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचा रही थी, लेकिन उनकी शिकायतों की कोई कीमत नहीं समझी गई और लोग गड्ढों में चलने को मजबूर रहे। अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या उनकी नजर में विकास सिर्फ वीआईपी दौरे के समय ही जरूरी होता है। अब मुरादनगर के लोग और तस्वीरें यह सवाल पूछ रही हैं कि क्या मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी यह चमक बरकरार रहेगी या फिर शहर दोबारा गड्ढों और बदहाल सड़कों के अंधेरे में चला जाएगा।3
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी 17 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर गाजियाबाद का मुरादनगर शहर हाई अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित आगमन के मद्देनजर मुरादनगर शहर में अलर्ट घोषित किया गया है।1
- हापुड़ जिले के ग्राम पीपलेड़ा में अभी-अभी एक ट्रक ने दो बाइक सवारों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का शिकार हुए दोनों व्यक्ति गाजियाबाद जिले के डासना स्थित मयूर विहार के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल दुर्घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है।4