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बाबा की नगरी अब सजने लगी है। बैजनाथ धाम को रंग-बिरंगी रोशनी से नहलाया जाएगा और यहाँ की सड़कें भी चकाचक की जा रही हैं।
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बाबा की नगरी अब सजने लगी है। बैजनाथ धाम को रंग-बिरंगी रोशनी से नहलाया जाएगा और यहाँ की सड़कें भी चकाचक की जा रही हैं।
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- जमुई के कचहरी चौक पर सोमवार को भाकपा (माले), छात्र संगठन आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) को वापस लेने की पुरजोर मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन सभा की अध्यक्षता राहुल यादव ने की। इस दौरान भाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह और राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह समेत कई नेताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाकपा माले, आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।1
- जमुई में सोमवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी है। लगातार हुई बारिश के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर करीब तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे कई वार्डों और मोहल्लों में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति के बीच नगर परिषद की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई और लोगों को घरों से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का सबसे ज्यादा असर जमुई सदर अस्पताल में देखने को मिला, जहां अस्पताल परिसर में पानी भर जाने से मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, मलयपुर स्टेशन रोड के सतगामा के पास एक विशाल बरगद का पेड़ सड़क पर गिर जाने से करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिसे बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से हटाकर आवागमन बहाल कराया गया। इसके अलावा, बिहारी मोहल्ला स्थित विद्यालय सहित शहर के कई सरकारी स्कूल भी जलजमाव की चपेट में आ गए, जहां छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और बच्चे गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर दिखे। इसी खराब मौसम के दौरान खैरमा निवासी बिटू कुमार तिलकपुर बहियार में खेत से मोटर पाइप समेटने के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आ गए। वज्रपात से घायल हुए बिटू कुमार का फिलहाल इलाज जारी है।1
- बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा में वर्षों पुराने सिंचाई नाले से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में हाईकोर्ट का आदेश होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने पूरे मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की गूंज जंतर-मंतर से लेकर जमुई तक पहुंच गई है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए लगातार शिक्षा मंत्री से पद छोड़ने की मांग की जा रही है, जिससे इस आंदोलन का असर साफ दिखाई दे रहा है।1
- बिहार के जमुई जिले की गढ़ी पंचायत के डुमरोजोर गांव की यह रचना सड़क है।1
- जमुई जिले के अलीगंज में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) अलीगंज लोकल कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में जन समस्याओं को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 20 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए पूर्व जिला सचिव नोखेलाल सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं से आम जनता पूरी तरह परेशान है और सरकार जनहित के मुद्दों की लगातार उपेक्षा कर रही है। वहीं लोकल कमेटी सचिव राजेंद्र यादव और डॉक्टर दिनेश प्रसाद ने अपनी 20 सूत्री मांगों में आवश्यक वस्तुओं की महंगाई पर नियंत्रण लगाने, बेरोजगारों को रोजगार देने, भूमि सुधार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने, किसानों की समस्याओं का समाधान करने, मनरेगा को सशक्त बनाने, सभी पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ देने, गंगा और अन्य नदियों की सफाई करने, जन वितरण प्रणाली में सुधार करने, गरीब और भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन देने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने, ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने, किसानों के लिए डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा सभी पंचायतों को बाढ़ व जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद पार्टी कार्यकर्ता अलीगंज अस्पताल चौक पर पहुंचे, जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द ही सकारात्मक पहल नहीं की, तो CPI(M) चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेगी तथा सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर राजेंद्र यादव, विनोद प्रसाद, मानो देवी, अंगद राम, नोखेलाल सिंह, दिनेश प्रसाद सहित पार्टी के जिला व लोकल कमेटी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में सावन महीने में बाबा के ज्योतिर्लिंग पर जलार्पण करने के लिए करीब 50 से 55 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान जताया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुगम जलार्पण सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस पावन अवसर को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है और पूरा माहौल पूरी तरह से शिवमय हो गया है।1
- बिहार में "विकसित भारत-समृद्ध बिहार" विजन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का वर्चुअल उद्घाटन किया है। इस पहल के तहत जमुई जिले के भी 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस कर मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर जमुई प्रखंड के सरस्वती विद्या निकेतन (पूर्व +2 जनता उच्च विद्यालय, सतायन) में एक जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा केशरी और लोजपा जिलाध्यक्ष जीवन जी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इन हाईटेक आदर्श विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, ई-लाइब्रेरी, डिजिटल लर्निंग और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, यहाँ बच्चों को साप्ताहिक मूल्यांकन, करियर काउंसलिंग, रिमेडियल क्लासेस के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग और ओलंपियाड जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी की उत्कृष्ट सुविधा भी मिलेगी। इस पूरी पहल को ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1